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बॉम्बे हाईकोर्ट ने 25 हफ्ते की गर्भपात की दी अनुमति, अलग रह रहे साथी की सहमति के बाद फैसला
'सामाजिक कलंक' के डर से अपने 25 सप्ताह के भ्रूण के गर्भपात की मांग को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख करने वाली एक अविवाहित महिला की साथी तब तक उसकी देखभाल करने के लिए सहमत हो गई है जब तक कि वह गर्भपात कराने के लिए मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (MTP) अधिनियम के तहत प्रक्रिया से नहीं गुजर जाती।जस्टिस रेवती मोहिते-डेरे और जस्टिस डॉ. नीला गोखले की खंडपीठ ने कहा कि 31 वर्षीय महिला को उसकी परिस्थितियों ने 'मझधार में छोड़ दिया'। "हम पाते हैं कि याचिकाकर्ता, एक 31 वर्षीय महिला को उसकी परिस्थितियों के...
ट्रांसजेंडर पत्नी 498A IPC के तहत कर सकती है शिकायत: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा है कि विषमलैंगिक विवाह में एक ट्रांसजेंडर महिला अपने पति और ससुराल वालों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 498A के तहत शिकायत दर्ज कर सकती है।जस्टिस वेंकट ज्योतिर्मई प्रताप ने जोर देकर कहा कि एक ट्रांसजेंडर महिला, जो एक महिला के रूप में पहचान रखती है और एक पुरुष के साथ वैवाहिक संबंध में रहती है, को दहेज से संबंधित उत्पीड़न और क्रूरता से महिलाओं की रक्षा के लिए बने कानूनों के संरक्षण से बाहर नहीं रखा जा सकता है। पीठ ने कहा, 'विषमलैंगिक संबंध में एक ट्रांसवुमन को...
'ट्रायल में देरी और बदली परिस्थितियों के कारण जमानत बढ़ाई जानी चाहिए': प्रज्वल रेवन्ना ने हाईकोर्ट से कहा
पूर्व जेडी(एस) नेता और सांसद प्रज्वल रेवन्ना ने कथित यौन उत्पीड़न और बलात्कार के मामले में जमानत की मांग करते हुए एक बार फिर कर्नाटक हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। रेवन्ना की पिछली जमानत याचिका को हाईकोर्ट ने गवाहों से छेड़छाड़ की संभावनाओं और उनके खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों को देखते हुए खारिज कर दिया था।इस अवसर पर रेवन्ना के लिए सीनियर वकील प्रभुलिंग नेवादगी ने अदालत से कहा कि परिस्थितियों में बदलाव के कारण रेवन्ना को जमानत दी जानी चाहिए, क्योंकि जमानत से इनकार करने वाला पिछला आदेश पारित हो चुका...
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 88, 89 और 90 : साइबर नियमन सलाहकार समिति का गठन
सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 भारत में डिजिटल लेन-देन, साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन सेवाओं को नियंत्रित करने वाला प्रमुख कानून है। यह अधिनियम न केवल कंप्यूटर संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए कानूनी ढांचा प्रदान करता है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करता है कि डिजिटल दुनिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुरक्षा बनी रहे।पिछले खंडों में हमने देखा कि किस प्रकार केंद्र सरकार और नियंत्रक (Controller) को नियम और विनियम बनाने की शक्ति दी गई है। अब हम जिन धाराओं पर चर्चा करने जा रहे हैं, वे हैं धारा 88, 89 और...
राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 की धारा 234 से 236: डिफॉल्टर की भूमि का स्वामित्वांतरण और बिक्री की प्रक्रिया
राजस्व वसूली के सुसंगठित ढांचे के अंतर्गत, राजस्थान भू-राजस्व अधिनियम, 1956 की धाराएँ 234, 235 और 236 उन विशेष परिस्थितियों की व्याख्या करती हैं जब डिफॉल्टर (बकाया राजस्व देने में असफल भू-स्वामी) की भूमि या उसका हिस्सा राज्य सरकार द्वारा किसी अन्य सह-स्वामी को सौंपा जा सकता है या नीलामी द्वारा बेचा जा सकता है।धारा 234 – डिफॉल्टर के हिस्से का स्वामित्वांतरण (Transfer of Defaulter's Share) इस धारा के अनुसार यदि किसी सम्पत्ति के हिस्से, पट्टी (Patti) या सम्पूर्ण एस्टेट (Estate) पर राजस्व बकाया है,...
क्या राष्ट्रीयकृत बैंक का अधिकारी सरकारी मंज़ूरी के बिना Section 197 CrPC की सुरक्षा का हकदार हो सकता है?
सुप्रीम कोर्ट ने ए. श्रीनिवास रेड्डी बनाम राकेश शर्मा व अन्य (Criminal Appeal No. 2339 of 2023, निर्णय दिनांक 8 अगस्त 2023) में यह स्पष्ट किया कि क्या राष्ट्रीयकृत (Nationalised) बैंक के एक अधिकारी को दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (Code of Criminal Procedure, 1973 - CrPC) की धारा 197 के तहत सरकारी मंज़ूरी के बिना अभियोजन (Prosecution) से सुरक्षा प्राप्त हो सकती है।इस फैसले में कोर्ट ने यह साफ किया कि सभी पब्लिक सर्वेंट (Public Servant) को इस धारा के तहत सुरक्षा नहीं मिलती, विशेष रूप से जब वे ऐसे...
शर्तें और वारंटी: Sales of Goods Act, 1930 की धारा 11, 12, 13 और 14
समय संबंधी शर्त (Stipulations as to Time)माल विक्रय अधिनियम (Sales of Goods Act), 1930 का अध्याय III शर्तों (Conditions) और वारंटियों (Warranties) से संबंधित महत्वपूर्ण अवधारणाओं (Important Concepts) की पड़ताल करता है। इन अवधारणाओं को समझना महत्वपूर्ण है क्योंकि वे उल्लंघन (Breach) की स्थिति में खरीदार (Buyer) और विक्रेता (Seller) दोनों के अधिकारों और उपायों (Rights and Remedies) को निर्धारित करती हैं। धारा 11 अनुबंध में समय (Time) के महत्व से संबंधित है। यह स्पष्ट करती है कि, जब तक अनुबंध की...
'ऑपरेशन सिंदूर में सेवा करने से छूट नहीं मिलेगी': सुप्रीम कोर्ट ने दहेज हत्या मामले में ब्लैक कैट कमांडो से आत्मसमर्पण करने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 304बी (दहेज हत्या) के तहत 20 साल पहले अपनी पत्नी की हत्या के लिए दोषी ठहराए गए व्यक्ति को आत्मसमर्पण से छूट देने से इनकार किया। साथ ही उसकी इस दलील को खारिज कर दिया कि उसने ऑपरेशन सिंदूर में सेवा की थी और पिछले 20 सालों से ब्लैक कैट कमांडो के रूप में काम किया था।जस्टिस उज्जल भुइयां और जस्टिस विनोद चंद्रन की खंडपीठ पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ दायर विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें दोषी की अपील खारिज कर दी...
दिल्ली हाईकोर्ट ने CLAT-PG में अत्यधिक काउंसलिंग फीस के खिलाफ याचिका पर नोटिस जारी किया, अंतरिम राहत से किया इनकार
दिल्ली हाईकोर्ट ने कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट पोस्ट-ग्रेजुएट (CLAT-PG) कोर्स में प्रवेश के लिए निर्धारित 'अत्यधिक' काउंसलिंग फीस को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया है। हालांकि कोर्ट ने फिलहाल याचिकाकर्ता को कोई अंतरिम राहत देने से इनकार किया।जस्टिस रजनीश कुमार गुप्ता की एकल पीठ ने नेशनल लॉ यूनिवर्सिटीज (NLUs) के कंसोर्टियम, बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) और यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमिशन (UGC) से जवाब मांगा।यह याचिका CLAT-PG के अभ्यर्थी जतिन श्रीवास्तव द्वारा दायर की गई, जिन्होंने कहा कि अत्यधिक...
ओडिशा हाईकोर्ट ने समलैंगिकता के आरोप में ASI के खिलाफ विभागीय कार्रवाई रद्द की, समझौते और सुप्रीम कोर्ट के फैसले का लिया संज्ञान
ओडिशा हाईकोर्ट ने सहकर्मी होम गार्ड के साथ कथित जबरन अप्राकृतिक यौन संबंध के मामले में आरोपी सहायक उप निरीक्षक (ASI) के खिलाफ की गई विभागीय कार्रवाई रद्द की।जस्टिस वी. नरसिंह की एकल पीठ ने यह आदेश सुनाते हुए कहा कि चूंकि इस मामले में दोनों पक्षों के बीच स्वेच्छा से समझौता हो गया है और सुप्रीम कोर्ट के Navtej Singh Johar बनाम भारत संघ फैसले के अनुसार सहमति से बने समलैंगिक संबंध अब अपराध नहीं हैं, इसलिए विभागीय दंड उचित नहीं ठहराया जा सकता।मामले की पृष्ठभूमि4 अगस्त 2016 को ASI ने एक होम गार्ड को...
जमानत आदेश के बावजूद कैदी को रिहा न करने पर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी जेलर को किया तलब
सुप्रीम कोर्ट ने गाजियाबाद जेल से आरोपी व्यक्ति को जमानत आदेश पारित होने के बावजूद रिहा न करने पर गंभीर आपत्ति जताई। साथ ही कोर्ट ने इस बात का भी उल्लेख किया कि कथित तौर पर इस आधार पर कि जिस प्रावधान के तहत उसे बुक किया गया था, उसकी एक उपधारा का उल्लेख जमानत आदेश में नहीं किया गया।संबंधित जेलर अधीक्षक को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश देते हुए जस्टिस केवी विश्वनाथन और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की खंडपीठ ने मामले को बुधवार को पहली सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया। इसने आगे निर्देश दिया कि डीजी (जेल),...
दिल्ली हाईकोर्ट ने ग्रीन पार्क एक्सटेंशन और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव रोकने के लिए AIIMS परिसर से होकर नई सीवर लाइन बिछाने के दिए निर्देश
दिल्ली हाईकोर्ट ने राजधानी के ग्रीन पार्क एक्सटेंशन और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की समस्या को नियंत्रित करने के लिए एम्स (AIIMS) परिसर से होकर एक नई सीवर लाइन बिछाने के निर्देश दिए।जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की खंडपीठ ने यह आदेश दिया कि प्रस्तावित सीवर लाइन AIIMS रिहायशी परिसर से होकर गुज़रे, क्योंकि इसके लिए आवश्यक भूमि और इसमें व्यापक सार्वजनिक हित जुड़ा हुआ है।मामले की पृष्ठभूमियह याचिका शैलेन्द्र भटनागर द्वारा दायर की गई थी, जिसमें ग्रीन पार्क एक्सटेंशन और...
चुनाव हलफनामे में दूसरी पत्नी के बारे में जानकारी देना उम्मीदवार को पद से हटाने का आधार नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को फैसला सुनाया कि अगर किसी उम्मीदवार का धर्म या संस्कृति बहुविवाह की अनुमति देती है तो वह फॉर्म 26 हलफनामे में अतिरिक्त कॉलम जोड़ सकता है और दूसरी पत्नी के बारे में जानकारी दे सकता है। ऐसा करने से उसे चुनाव लड़ने से अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता और न ही बाद में चुनाव याचिका के आधार पर उसे पद से हटाया जा सकता है।एकल जज जस्टिस संदीप मार्ने ने पालघर निर्वाचन क्षेत्र से शिवसेना उम्मीदवार राजेंद्र गावित के महाराष्ट्र राज्य विधानसभा के लिए निर्वाचन को बरकरार रखा, जिसके चुनाव...
National Security Act में निरोध का आर्डर
इस एक्ट में धारा 3 निरोध में रखे जाने का आदेश दिए जाने की शक्ति स्टेट को देती है। इस धारा के अनुसार-(1) केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार(क) यदि किसी व्यक्ति के संबंध में संतुष्ट है, कि भारत की प्रतिरक्षा की किसी हानिकारक कार्य को रोकने के दृष्टि से जो कि भारत की सुरक्षा वैदेशिक शक्तियों से भारत के संबंध में, या(ख) यदि किसी भी विदेशी के बारे में इस बात से संतुष्ट हैं कि वह अपनी लगातार उपस्थिति भारत में विनियमित करने की दृष्टि से या भारत से स्वयं को भगाने की व्यवस्था करने की दृष्टि से प्रयत्न कर रहा...
National Security Act क्राइम रोकने का कानून
कानूनों में कुछ क़ानून ऐसे होते हैं जो रोकथाम का काम करते हैं। NSA भी ऐसा ही क़ानून है जो अपराध रोकने के उद्देश्य से बनाया गया है। भारत के संविधान का अनुच्छेद 21 व्यक्तियों को प्राण और दैहिक स्वतंत्रता प्रदान करता है परंतु अनुच्छेद 22(3) में प्रावधान निवारक निरोध के संबंध में उल्लेख करते हैं। किसी भी राज्य का यह कर्तव्य है कि राज्य सामूहिक हितों की रक्षा करें और ऐसी रक्षा करते समय उसे इस प्रकार के अधिनियम की आवश्यकता है।यदि कोई व्यक्ति बार-बार अपराधों में संलिप्त है तथा वह आए दिन कोई न कोई अपराध...
सिर्फ जन्मचिह्न के आधार पर मेडिकल रूप से अयोग्य नहीं ठहराया जा सकता, जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने CAPF अभ्यर्थी की अस्वीकृति रद्द की
जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट (जम्मू पीठ) ने एक CAPF अभ्यर्थी को जन्म से मौजूद जन्मचिह्न (Port Wine Stain) के कारण मेडिकल रूप से अयोग्य घोषित करने का निर्णय रद्द कर दिया।जस्टिस एम. ए. चौधरी की एकल पीठ ने स्पष्ट किया कि “Port Wine Stain” जैसे जन्मजात चिह्न केवल तभी अयोग्यता का कारण बन सकते हैं, जब कोई ठोस मेडिकल तर्क यह साबित करे कि वह कार्य या ट्रेनिंग में बाधा उत्पन्न करता है।अदालत ने अपने निर्णय में कहा,“यह न्यायालय इस मत पर है कि याचिकाकर्ता की उम्मीदवारी को गलत और मनमाने ढंग से खारिज किया...
एक्टर राजपाल यादव को फिल्म 'मेरा काले रंग दा यार' के प्रचार के लिए विदेश जाने की मिली अनुमति
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार (24 जून) को बॉलीवुड एक्टर राजपाल नौरंग यादव को फिल्म "मेरा काले रंग दा यार" के प्रचार कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए 27 जून से 5 जुलाई के बीच मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया की यात्रा करने की अनुमति दी।जस्टिस रजनीश कुमार गुप्ता ने यादव को 27 जून से 05 जुलाई तक विदेश यात्रा करने की अनुमति दी, बशर्ते कि वह 1 लाख रुपये की FDRए प्रस्तुत करें, जिसे न्यायालय की रजिस्ट्री में जमा किया जाएगा।न्यायालय ने कहा,"आवेदक/याचिकाकर्ता नंबर 1 को FDR प्रस्तुत करते समय अपना मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी...
आरजी कर पीड़िता के माता-पिता ने की वकील को अपराध स्थल पर जाने की अनुमति देने की मांग
कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में क्रूरतापूर्वक बलात्कार और हत्या का शिकार हुई ट्रेनी डॉक्टर के माता-पिता ने कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। इस याचिका में हाईकोर्ट के समक्ष चल रहे मामले में तत्काल सुनवाई और उनके वकील को अस्पताल परिसर में घटनास्थल पर जाने की अनुमति देने की मांग की गई।याचिकाकर्ता के वकील फिरोज एडुल्जी ने जस्टिस तीर्थंकर घोष की पीठ से अनुरोध किया कि मामले को तत्काल सूचीबद्ध किया जाए और उन्हें पीड़िता के माता-पिता की ओर से अपराध स्थल पर जाने की अनुमति दी जाए।मामले को तत्काल...
बलात्कार मामले में अस्थाई जमानत बढ़ाने की आसाराम बापू की याचिका पर नोटिस जारी
गुजरात हाईकोर्ट ने मंगलवार (24 जून) को आसाराम बापू द्वारा दायर अस्थाई जमानत बढ़ाने की याचिका पर नोटिस जारी किया। आसाराम को 2013 में गांधीनगर सेशन कोर्ट ने बलात्कार के मामले में दोषी ठहराया है और वे आजीवन कारावास की सजा काट रहे हैं।इस साल जनवरी में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें चिकित्सा आधार पर 31 मार्च तक अंतरिम जमानत दी थी। इसके बाद आसाराम ने अस्थाई जमानत बढ़ाने की मांग करते हुए हाईकोर्ट का रुख किया। 28 मार्च को हाईकोर्ट की खंडपीठ ने खंडित फैसला सुनाया; उसके बाद आसाराम की याचिका पर सुनवाई करने वाले...
दिल्ली हाईकोर्ट ने घड़ी डिटर्जेंट के विज्ञापनों से Surf Excel के लिए 'अपमानजनक' वाक्यांशों को हटाने का आदेश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश में घड़ी डिटर्जेंट पाउडर द्वारा जारी विज्ञापनों से सर्फ एक्सेल डिटर्जेंट के लिए "अपमानजनक" वाक्यांशों को हटाने का आदेश दिया।जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने कहा कि हालांकि तुलनात्मक विज्ञापन अपने आप में स्वस्थ हो सकते हैं, लेकिन अपमानजनक और मानहानिकारक टिप्पणियां स्वीकार्य नहीं होंगी।न्यायालय ने कहा,"इसलिए अंतरिम व्यवस्था के रूप में यह न्यायालय प्रथम दृष्टया प्रतिवादी को निम्नलिखित वाक्यांशों को हटाने का निर्देश देने के लिए इच्छुक है, जो स्पष्ट रूप से अपमानजनक हैं और वादी...




















