ताज़ा खबरे

राजस्थान हाईकोर्ट ने सजा अवधि की गलती धारणा के बावजूद हत्या की दोषी महिला को दी राहत
राजस्थान हाईकोर्ट ने सजा अवधि की गलती धारणा के बावजूद हत्या की दोषी महिला को दी राहत

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक महिला को जेल वापस भेजने से इनकार किया, जिसकी सज़ा 15 साल पहले डिवीज़न कोर्ट ने इस गलत धारणा के आधार पर कम कर दी थी कि उसने जेल में लगभग 8 साल बिता लिए हैं, जबकि असल में वह सिर्फ़ 2 साल ही जेल में रही है।जस्टिस फरजंद अली और जस्टिस आनंद शर्मा की डिवीज़न बेंच ने सभी परिस्थितियों पर विचार किया। इन्हें कम करने वाले कारकों के रूप में देखते हुए बेंच ने यह राय दी कि ऐसी परिस्थितियों में कानूनी रूप से अनुमत सीमा के भीतर सज़ा में बदलाव करना ज़रूरी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके...

Apple के वैश्विक टर्नओवर पर जुर्माना लगाने के नियम को चुनौती देने वाली याचिका पर टली सुनवाई, अब 27 जनवरी को होगी
Apple के वैश्विक टर्नओवर पर जुर्माना लगाने के नियम को चुनौती देने वाली याचिका पर टली सुनवाई, अब 27 जनवरी को होगी

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को Apple इंक द्वारा दायर उस याचिका पर सुनवाई स्थगित की, जिसमें कंपनी ने प्रतिस्पर्धा अधिनियम 2002 में किए गए संशोधन को चुनौती दी। इस संशोधन के तहत भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) को किसी कंपनी के वैश्विक टर्नओवर के आधार पर जुर्माना लगाने का अधिकार दिया गया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 27 जनवरी 2026 को होगी।चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तुषार राव गेडेला की खंडपीठ ने यह आदेश तब पारित किया, जब Apple की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने केंद्र...

अवैध निर्माण गिराने का आश्वासन देने के बाद कंपाउंडिंग की उम्मीद नहीं कर सकता दोषी पक्ष: इलाहाबाद हाईकोर्ट
अवैध निर्माण गिराने का आश्वासन देने के बाद कंपाउंडिंग की उम्मीद नहीं कर सकता दोषी पक्ष: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अवैध निर्माण के मामले में सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि जब किसी पक्ष ने स्वयं यह स्वीकार करते हुए शपथपत्र दिया हो कि वह स्वीकृत मानचित्र से हटकर किए गए निर्माण को गिरा देगा तो बाद में वह यह अपेक्षा नहीं कर सकता कि विकास प्राधिकरण उससे मानचित्र कंपाउंड कराने के लिए संपर्क करे। अदालत ने स्पष्ट किया कि कानून का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को इस तरह की राहत का कोई अधिकार नहीं है।जस्टिस सरल श्रीवास्तव और जस्टिस सुधांशु चौहान की खंडपीठ प्रयागराज के न्यू कटरा क्षेत्र में किए गए अवैध...

दिव्यांग अधिवक्ताओं को बार काउंसिल चुनावों में आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का जोर, BCI से परामर्श कर प्रस्ताव लाने को कहा
दिव्यांग अधिवक्ताओं को बार काउंसिल चुनावों में आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट का जोर, BCI से परामर्श कर प्रस्ताव लाने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि संस्थागत निर्णय-निर्माण में समावेशिता और मानवीय दृष्टिकोण को मार्गदर्शक सिद्धांत होना चाहिए। अदालत ने राज्य बार काउंसिल चुनावों में दिव्यांग अधिवक्ताओं के लिए आरक्षण की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी करते हुए बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) को निर्देश दिया कि वह इस मुद्दे पर परामर्श कर एक ठोस प्रस्ताव अदालत के समक्ष पेश करे।चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिसॉ यमाल्या बागची की खंडपीठ तमिलनाडु बार काउंसिल के चुनावों में दिव्यांग अधिवक्ताओं के लिए 4 प्रतिशत आरक्षण की मांग...

वकीलों की हड़ताल के बीच सांसद अमृतपाल सिंह ने संसद में शामिल होने के लिए हाईकोर्ट में खुद पैरोल याचिका पर बहस की
वकीलों की हड़ताल के बीच सांसद अमृतपाल सिंह ने संसद में शामिल होने के लिए हाईकोर्ट में खुद पैरोल याचिका पर बहस की

जेल में बंद सांसद अमृतपाल सिंह वकीलों की हड़ताल के कारण वकीलों के काम में रुकावट के चलते संसद के शीतकालीन सत्र में शामिल होने के लिए पैरोल मांगने वाली अपनी याचिका पर बहस करने के लिए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में वीसी के ज़रिए व्यक्तिगत रूप से पेश हुए।मौजूदा सांसद अमृतपाल सिंह ने संसद के शीतकालीन सत्र में शामिल होने के लिए उन्हें पैरोल देने से राज्य के इनकार को चुनौती देते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट का रुख किया।राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत में लिए गए और डिब्रूगढ़ सेंट्रल...

BREAKING | जस्टिस यशवंत वर्मा ने महाभियोग कार्यवाही में लोकसभा की जांच समिति को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती
BREAKING | जस्टिस यशवंत वर्मा ने महाभियोग कार्यवाही में लोकसभा की जांच समिति को सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती

सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग कार्यवाही में उनके आधिकारिक आवास पर बिना हिसाब-किताब वाली नकदी मिलने के मामले में जजों (जांच) अधिनियम, 1968 के तहत संसदीय समिति की वैधता को चुनौती दी गई है।जस्टिस यशवंत वर्मा (जिन्होंने X के नाम से गुमनाम रूप से याचिका दायर की थी) की ओर से सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एजी मसीह की बेंच के सामने पेश हुए।अपनाई गई प्रक्रिया को चुनौती देते हुए, वर्मा ने तर्क दिया कि लोकसभा और...

एमजे अकबर की अपील पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई की तारीख आगे बढ़ाई, प्रियंका रामानी की बरी होने के फैसले को दी गई है चुनौती
एमजे अकबर की अपील पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई की तारीख आगे बढ़ाई, प्रियंका रामानी की बरी होने के फैसले को दी गई है चुनौती

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर द्वारा दायर उस अपील की सुनवाई की तारीख आगे बढ़ा दी, जिसमें उन्होंने पत्रकार प्रिया रामानी को आपराधिक मानहानि मामले में बरी किए जाने के ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती दी है।यह मामला रामानी द्वारा #MeToo आंदोलन के दौरान लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़ा है।जस्टिस रविंदर दुडेजा ने एमजे अकबर की ओर से दाखिल उस आवेदन को स्वीकार कर लिया जिसमें मई 2027 में तय सुनवाई को पहले कराने का अनुरोध किया गया था।अदालत ने अब इस मामले को सुनवाई के...

केरल क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट्स एक्ट को चुनौती देने वाली निजी अस्पतालों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, अंतरिम संरक्षण प्रदान
केरल क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट्स एक्ट को चुनौती देने वाली निजी अस्पतालों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का नोटिस, अंतरिम संरक्षण प्रदान

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार 16 दिसंबर को केरल प्राइवेट हॉस्पिटल्स एसोसिएशन द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें केरल क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट्स (रजिस्ट्रेशन एंड रेगुलेशन) एक्ट 2018 और उसके तहत बनाए गए नियमों की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई।सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई तक याचिकाकर्ताओं के खिलाफ किसी भी प्रकार की दमनात्मक कार्रवाई न करने का निर्देश देते हुए अंतरिम संरक्षण भी प्रदान किया।यह मामला जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ के समक्ष आया।याचिकाकर्ताओं की ओर से सीनियर...

लंबे समय तक मुकदमेबाजी के कारण कागज़ों पर ही बची शादी को बनाए रखना उचित नहीं : सुप्रीम कोर्ट
लंबे समय तक मुकदमेबाजी के कारण कागज़ों पर ही बची शादी को बनाए रखना उचित नहीं : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार 15 दिसंबर को महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि ऐसी शादी को बनाए रखने का कोई औचित्य नहीं है, जो केवल कागज़ों पर अस्तित्व में हो और वर्षों से चली आ रही मुकदमेबाजी के कारण वास्तविक रूप से समाप्त हो चुकी हो।इसके साथ ही कोर्ट ने 24 वर्षों से अलग रह रहे एक दंपति की शादी को भंग करते हुए कहा कि लंबे समय तक अलगाव और एक-दूसरे को स्वीकार न करने की जिद, दोनों पक्षों के लिए क्रूरता के समान है और यह विवाह के अपूरणीय रूप से टूटने का स्पष्ट उदाहरण है।जस्टिस मनमोहन और जस्टिस जॉयमलया बागची की...

दहेज मुस्लिम शादियों में भी फैल चुका है, महर  की सुरक्षा को कर रहा खोखला: सुप्रीम कोर्ट
दहेज मुस्लिम शादियों में भी फैल चुका है, महर की सुरक्षा को कर रहा खोखला: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने दहेज प्रथा को समाज की एक गंभीर बुराई बताते हुए इसके खिलाफ व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अदालत ने इस दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को भी रद्द कर दिया, जिसमें एक पति और उसकी मां को बरी कर दिया गया, जबकि ट्रायल कोर्ट ने उन्हें दहेज की मांग पूरी न होने पर 20 वर्षीय महिला को जिंदा जलाने का दोषी ठहराया था।जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन.के. सिंह की पीठ द्वारा दिए गए इस फैसले में जस्टिस करोल ने दहेज प्रथा के ऐतिहासिक और सामाजिक विकास का विस्तार से विश्लेषण किया।उन्होंने कहा कि...

सोशल मीडिया से जम्मू-कश्मीर के डिप्टी सीएम के खिलाफ आपत्तिजनक कंटेंट हटाने का आदेश
सोशल मीडिया से जम्मू-कश्मीर के डिप्टी सीएम के खिलाफ आपत्तिजनक कंटेंट हटाने का आदेश

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के उप मुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी के खिलाफ सोशल मीडिया पर मौजूद आपत्तिजनक कंटेंट को हटाने का आदेश दिया।जस्टिस अमित बंसल ने कहा कि चौधरी द्वारा दायर मानहानि के मुकदमे में पहली नज़र में मामला उनके पक्ष में बनता है।जज ने कहा,"पहली नज़र में मामला बनता है।"कोर्ट ने कहा कि मुकदमे के अनुसार चौधरी अपने पूरे करियर में एक ईमानदार नेता रहे हैं और उन्होंने अपने प्रयासों से यह पद हासिल किया है।चौधरी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक वीडियो से परेशान है, जिसमें एक...

तकनीकी खामी से मिले अतिरिक्त मुनाफे को अनुचित लाभ नहीं माना जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट
तकनीकी खामी से मिले अतिरिक्त मुनाफे को अनुचित लाभ नहीं माना जा सकता: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा कि ब्रोकर की प्रणाली में आई तकनीकी खामी के कारण यदि किसी ग्राहक को अधिक ट्रेडिंग मार्जिन दिखाई देता है। वह उसके आधार पर ट्रेड कर मुनाफा कमाता है तो उसे अनुचित लाभ नहीं कहा जा सकता।अदालत ने स्पष्ट किया कि मार्जिन की उपलब्धता केवल ट्रेडिंग का अवसर देती है, जबकि वास्तविक लाभ ग्राहक की जोखिम उठाने की क्षमता और ट्रेडिंग कौशल से उत्पन्न होता है।जस्टिस संदीप वी. मार्ने कोटक सिक्योरिटीज लिमिटेड द्वारा दायर उस याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें राष्ट्रीय स्टॉक...

नेशनल हेराल्ड केस: दिल्ली कोर्ट ने राहुल गांधी, सोनिया गांधी के खिलाफ ED की शिकायत पर संज्ञान लेने से इनकार किया
नेशनल हेराल्ड केस: दिल्ली कोर्ट ने राहुल गांधी, सोनिया गांधी के खिलाफ ED की शिकायत पर संज्ञान लेने से इनकार किया

दिल्ली कोर्ट ने मंगलवार को नेशनल हेराल्ड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की मनी लॉन्ड्रिंग की शिकायत पर संज्ञान लेने से इनकार किया, जिसमें कथित तौर पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी शामिल हैं।राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज विशाल गोगने ने यह आदेश सुनाया।ED ने राहुल गांधी और सोनिया गांधी के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) 2002 की धारा 44 और 45 के तहत एक नई अभियोजन शिकायत दायर की थी, जिसमें धारा 3 के साथ धारा 70 के तहत परिभाषित मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध के लिए और PMLA, 2002...

केंद्र सरकार की अपनी कोई लिमिटेशन पीरियड नहीं हो सकती: सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी अपीलों में देरी पर सवाल उठाया
'केंद्र सरकार की अपनी कोई लिमिटेशन पीरियड नहीं हो सकती': सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी अपीलों में देरी पर सवाल उठाया

सुप्रीम कोर्ट ने एक साथ तीन मामले खारिज कर दिए और देरी को माफ करने से इनकार किया। कोर्ट ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि केंद्र सरकार के अधिकारी तय समय के अंदर फाइल करने में उतने मेहनती नहीं हैं।जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस उज्ज्वल भुयान की बेंच इन मामलों की सुनवाई कर रही थी, जिसमें एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अर्चना दवे पाठक केंद्र सरकार की ओर से पेश हुईं। ये ऐसे मामले थे, जिनमें केंद्र सरकार ने हाई कोर्ट के आदेशों को चुनौती देते हुए स्पेशल लीव याचिकाएं दायर की थीं।मामले की मेरिट में जाए बिना जस्टिस...

कानूनी तौर पर पहली शादी खत्म न होने पर महिला CrPC की धारा 125 के तहत अपने पार्टनर से भरण-पोषण का दावा नहीं कर सकती: इलाहाबाद हाईकोर्ट
कानूनी तौर पर पहली शादी खत्म न होने पर महिला CrPC की धारा 125 के तहत अपने पार्टनर से भरण-पोषण का दावा नहीं कर सकती: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि अगर किसी महिला की पहली शादी अभी भी कानूनी तौर पर वैलिड है तो वह अपने साथ रहने वाले पार्टनर से CrPC की धारा 125 के तहत भरण-पोषण का दावा नहीं कर सकती। कोर्ट ने कहा कि शादी जैसा लंबा रिश्ता भी उसे 'पत्नी' का कानूनी दर्जा नहीं देता, अगर उसने अपने पहले पति से तलाक नहीं लिया है।जस्टिस मदन पाल सिंह की बेंच ने कहा कि ऐसे दावों की इजाज़त देने से "हिंदू परिवार कानून की नैतिक और सांस्कृतिक नींव" कमजोर होगी।बेंच ने टिप्पणी की,"अगर समाज में ऐसी प्रथा की इजाज़त दी जाती है,...

सिर्फ़ शिकायतें दर्ज करना, भले ही बाद में वे झूठी पाई जाएं, मानहानि नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
सिर्फ़ शिकायतें दर्ज करना, भले ही बाद में वे झूठी पाई जाएं, मानहानि नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि सिर्फ़ शिकायतें दर्ज करना, भले ही बाद में वे झूठी पाई जाएं, अपने आप मानहानि का अपराध नहीं बन जाता।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा कि मानहानि साबित करने के लिए यह दिखाना होगा कि आरोप प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के इरादे से लगाए गए या इस जानकारी या विश्वास के साथ लगाए गए थे कि ऐसे आरोपों से प्रतिष्ठा को नुकसान होगा।कोर्ट ने कहा,"सिर्फ़ शिकायतें दर्ज करना, भले ही बाद में वे झूठी पाई जाएं, अपने आप मानहानि नहीं है, खासकर जब ऐसी शिकायतें कानून के तहत अधिकारियों से की जाती...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी पुलिस को क्रिमिनल मामलों में ईमेल से निर्देश भेजने का निर्देश दिया, ICJS इंटीग्रेशन को तुरंत लागू करने को कहा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी पुलिस को क्रिमिनल मामलों में ईमेल से निर्देश भेजने का निर्देश दिया, ICJS इंटीग्रेशन को तुरंत लागू करने को कहा

एक महत्वपूर्ण आदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस महानिदेशक (DGP) को यह सुनिश्चित करने के लिए ज़रूरी निर्देश जारी करने का निर्देश दिया कि जमानत और अन्य आपराधिक मामलों में निर्देश सामान्य मैनुअल तरीके के बजाय इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से खासकर ईमेल के ज़रिए, हाईकोर्ट के सरकारी वकील को भेजे जाएं।जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की बेंच ने यह निर्देश देते हुए कहा कि मौजूदा मैनुअल सिस्टम के तहत आपराधिक मामलों में पुलिस स्टेशनों से निर्देश मिलने में काफी देरी होती है।बता दें, बेंच को बताया गया कि मौजूदा चलन...