संपादकीय
प्रवासी मजदूरों के मामले में सुप्रीम कोर्ट के रवैये पर वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे ने कहा-जज आंखो पर पट्टी बांधकर हाथी दांत के महलों में नहीं बैठे रह सकते
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे ने शनिवार को कहा कि सुप्रीम कोर्ट COVID-19 लॉकडाउन के दौरान देश के नागरिकों के मूल अधिकारों की रक्षा करने की अपनी संवैधानिक भूमिका के अनुसार काम करने में विफल रहा है। दवे ने प्रवासी मजदूर संकट पर सुप्रीम कोर्ट के रुख की विशेष रूप से आलोचना की है, उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कार्यकारी के दावों पर विश्वास किया और प्रवासी मजदूरों के मामले में किसी भी प्रकार का सार्थक हस्तक्षेप करने से परहेज किया। उन्होंने...
"यह कहने के पीछे कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है कि दफनाने से कोरोना वायरस फैलता है", बॉम्बे हाईकोर्ट ने बांद्रा कब्रिस्तान में शव दफनाने के खिलाफ याचिका खारिज की
बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को मुंबई के कुछ निवासियों द्वारा दायर रिट याचिका को खारिज कर दिया है, जिन्होंने ग्रेटर मुंबई नगर निगम द्वारा COVID -19 पीड़ितों को दफनाने के लिए बांद्रा में तीन कब्रिस्तानों का इस्तेमाल करने की अनुमति को चुनौती दी थी, क्योंकि इससे एक समुदाय में भय फैल गया था। मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति एसएस शिंदे की खंडपीठ ने पाया कि याचिकाकर्ता के दावे का समर्थन करने के लिए कोई वैज्ञानिक डेटा नहीं है कि वायरस शव दफनाने से फैलता है और यह माना जाता है कि निगम को इस...
सुप्रीम कोर्ट ने ED को आम्रपाली होमबॉयर्स के पैसे निकालने की सीमा तक जेपी मॉर्गन और उसके निदेशकों की संपत्तियों को अटैच करने की अनुमति दी
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) और एफडीआई मानदंड के उल्लंघन में कथित तौर पर आम्रपाली समूह द्वारा होमबॉयर्स के रुपये निकालने के मामले में यूएस-आधारित जेपी मॉर्गन और उसके निदेशकों की संपत्तियों को संलग्न करने की अनुमति दे दी। ईडी द्वारा प्रस्तुत दलील के आधार पर कि मामले में जेपी मॉर्गन के खातों में 187 करोड़ रुपये की पहचान की गई है, सुप्रीम कोर्ट ने 2 दिसंबर 2019 को लगाई उस रोक को हटा लिया जिसमें कहा गया था कि प्रिवेंशन ऑफ मनी...
रास्ते में जान गंवाने वाले या घायल प्रवासियों को मुआवजा देने के निर्देश के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका
सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है जिसमें राष्ट्रीय लॉकडाउन के दौरान अपने मूल स्थानों पर जा रहे प्रवासी मजदूरों की मौत होने या घायल होने पर सभी के परिवारों को मुआवजा देने के लिए भारत संघ और अन्य संबंधित अधिकारियों को उचित आदेश और निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।सुप्रीम कोर्ट में वकील रीपक कंसल ने ये याचिका दायर की है और शीर्ष अदालत से एक निर्देश मांगा है कि उत्तरदाताओं - संबंधित अधिकारियों / विभाग / सरकारों को निर्देश दिया जाए कि वे समन्वय स्थापित करें और अपने स्थान पर घायल प्रवासियों...
प्रधानमंत्री मोदी के चुनाव को रद्द करने की याचिका : सुप्रीम कोर्ट दो हफ्ते बाद करेगा सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर सुनवाई दो सप्ताह के लिए टाल दी है जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनाव को रद्द करने की याचिका को खारिज करने के इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है।मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे, जस्टिस ए एस बोपन्ना और जस्टिस हृषिकेश राय की पीठ ने शुक्रवार को कहा कि उन्हें याचिकाकर्ता की ओर से सुनवाई को चार हफ्ते टालने का अनुरोध किया है। कोर्ट इस मामले की सुनवाई दो हफ्ते बाद करेगा।गौरतलब है कि 6 दिसंबर 2019 को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी...
SC परिसर में वकीलों के चैम्बर ब्लॉक खोलने के संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट ने दिशा निर्देश जारी किए
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) और सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन (SCAORA) से प्राप्त सुझावों के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट परिसर में वकीलों के चैंबर ब्लॉक में आने वाले सभी लोगों के लिए कुछ दिशानिर्देश जारी किए।इसमें यह कहा गया है कि भीड़भाड़ से बचने के लिए प्रत्येक ब्लॉक के 'ऑड-ईवन' चैंबर नंबर की योजना SCBA और SCAORA संयुक्त रूप से तैयार कर सकते हैं, जो सप्ताहांत में वैकल्पिक रूप से खुलेेंगे। इसके अलावा, केवल सदस्यों और उनके कर्मचारियों के लिए सप्ताह के...
आरबीआई गवर्नर ने लोन की किश्त चुकाने की मोहलत 1 जून से अगले 3 महीने के लिए आगे बढ़ाने की घोषणा की
अर्थव्यवस्था पर COVID-19 के प्रभाव को कम करने के लिए गए निर्णयों के रूप में भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को टर्म लोन की किश्तों के भुगतान पर दी गई मोहलत को 1 जून 2020 से अगले तीन महीने के लिए आगे बढ़ा दिया। इससे पहले लॉकडाउन की घोषणा के बाद 27 मार्च 2020 को यह मोहलत 1 मार्च 2020 से 3 महीने के लिए दी गई थी, जिसे आज आरबीआई ने 1 जून से 3 महीनों के लिए और बढ़ा दिया। साथ ही 31 मार्च, 2021 तक वर्किग कैपिटल को मूल स्तर तक मार्जिन को बहाल करने की अनुमति दी जा रही है। 27...
प्रवासी मजदूर : सुप्रीम कोर्ट में देश भर में ऐसे लोगों की पहचान कर बुनियादी सुविधाएं देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका
सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल कर मांग की गई है कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया जाए कि वे विस्थापित प्रवासी कामगारों की पहचान करें और उन्हें राष्ट्रीयलॉकडाउन के दौरान बुनियादी सुविधाओं से लैस करें।यह याचिका वकील नचिकेता वाजपेयी की ओर से वकील दीपक प्रकाश ने दायर की है। इसमें उन प्रवासी श्रमिकों के सामने आने वाली कठिनाइयों को ध्यान दिलाया गया है, देश भर में जिनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किया जा रहा है।इसके प्रकाश में, याचिकाकर्ता ने शीर्ष अदालत द्वारा...
राज्य को मानहानि के मामलों में साधारण नागरिक की तरह आवेगात्मक नहीं होना चाहिएः मद्रास हाईकोर्ट ने रद्द किए एन राम और अन्य के खिलाफ दायर मानहानि के मामले
प्रेस की स्वतंत्रता के महत्व को रेखांकित करते हुए एक महत्वपूर्ण फैसले में मद्रास हाईकोर्ट ने बुधवार को संपादक-पत्रकार एन राम,एडिटर-इन-चीफ, दि हिंदू, सिद्धार्थ वरदराजन, नक्कीरन गोपाल आदि के खिलाफ दायर आपराधिक शिकायतों को खारिज कर दिया। इन सभी के खिलाफ 2012 में तमिलनाडु के तत्कालीन मुख्यमंत्री जे जयललिता के खिलाफ कुछ रिपोर्टों के मामले में "राज्य के खिलाफ आपराधिक मानहानि" का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज की गई थी। शिकायत में कहा गया था कि रिपोर्ट राज्य सरकार के एक पदाधिकारी की मानहानि के बराबर है।...
दिल्ली हाईकोर्ट की न्यायाधीश जस्टिस संगीता ढींगरा सहगल ने इस्तीफा दिया
केंद्र सरकार ने गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट की न्यायाधीश जस्टिस संगीता ढींगरा सहगल द्वारा दिए गए इस्तीफे को स्वीकार कर लिया। यह इस्तीफा 30 मई से प्रभावी होगा। न्याय विभाग ने गुरुवार को एक अधिसूचना जारी की कि"श्रीमती न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा सहगल ने 30 मई, 2020 के प्रभाव से, संविधान के अनुच्छेद 217 के खंड (1) से (1) के प्रावधान के अनुसार, न्यायाधीश, दिल्ली उच्च न्यायालय के कार्यालय से अपना इस्तीफा दे दिया है।" न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा सहगल 15 दिसंबर, 2014 को अतिरिक्त न्यायाधीश के रूप में दिल्ली...
CAA को चुनौती : सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाओं के ताज़ा बैच पर नोटिस जारी किया, इस मुद्दे पर पहले से दायर 160 याचिकाओं के साथ उन्हें टैग किया
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 (सीएए) की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं के एक बैच पर नोटिस जारी किया। मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे और जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस हृषिकेश रॉय की पीठ ने याचिकाओं के बैच को नोटिस जारी करते हुए शीर्ष अदालत के समक्ष विचाराधीन अन्य 160 याचिकाओं के साथ उन्हें टैग किया। ऑल असम लॉ स्टूडेंट यूनियन और मुस्लिम स्टूडेंट फेडरेशन की ओर से पेश अधिवक्ता ने अंतरिम आदेश की प्रार्थना की ताकि सीएए और असम समझौते के 1956 के प्रावधानों के बीच...
मस्जिदों में मुस्लिम महिलाओं के प्रवेश की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्र को निर्देश दिया कि वह मुस्लिम महिलाओं को मस्जिद में प्रवेश करने की अनुमति देने की मांग करने वाली उस याचिका पर जवाब दाखिल करे जिसमें इसे समानता और लैंगिक न्याय के अधिकार के प्रति असंवैधानिक" और उल्लंघन बताया गया है। मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे, जस्टिस ए एस बोपन्ना और जस्टिस हृषिकेश रॉय की पीठ ने वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मामले की सुनवाई की और उस याचिका पर सुनवाई करने के लिए सहमत हुई जिसमें मुस्लिम महिलाओं को मस्जिदों में प्रवेश पर रोक लगाने या ऐसे...
' सरकार पर विज्ञापन के करोड़ों रुपये बकाया, मीडिया के लिए कोई राहत पैकेज नहीं ' : पत्रकारों का वेतन कटौती के खिलाफ याचिका पर INS और NBA का SC में जवाब
सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी किए गए नोटिस का जवाब देते हुए, इंडियन न्यूजपेपर सोसाइटी (INS) और न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन (NBA) दोनों ने मीडिया संगठनों के कर्मचारियों के प्रति कथित दुर्व्यवहार के खिलाफ 3 पत्रकार निकायों द्वारा दायर जनहित याचिका को खारिज करने की मांग की है।आईएनएस और एनबीए दोनों का तर्क है कि उनके खिलाफ एक रिट जारी नहीं की जा सकती क्योंकि वे निजी निकाय हैं जो 'राज्य' के दायरे में नहीं आते हैं। कथित मौलिक अधिकारों के प्रवर्तन के लिए निजी निकायों के खिलाफ बनाए रखने योग्य नहीं है।...
ट्विटर पर कंटेंट की जांच और फेक न्यूज़ चेक करने की मैकेनिज़्म बनाने के निर्देश देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका
"ट्विटर और सोशल मीडिया कंपनियां लाभ कमाने वाली कंपनियां हैं और इनसे अपेक्षा की जाती है कि सोशल मीडिया को सुरक्षित बनाने के लिए उनके पास सुरक्षा के महत्वपूर्ण साधन हैं। लॉजिक और एल्गोरिदम जो ट्विटर उपयोग करता है, उसे भारत सरकार के अधिकारियों या सक्षम प्राधिकारी के समक्ष स्क्रीनिंग के लिए साझा किया जाना चाहिए।"
लोकतांत्रिक समाज में नागरिक समाज की अनदेखी नहीं की जा सकती हैः पटना हाईकोर्ट ने बिहार सरकार से कहा, COVID 19 राहत कार्यों में गैर-सरकारी संगठनों की मदद नहीं लेने की नीति पर पुनर्विचार करें
पटना हाईकोर्ट ने बिहार सरकार से आग्रह किया है कि सरकार COVID-19 संकट के निस्तारण में सिविल सोसायटी के सदस्यों की मदद नहीं लेने की नीति पर पुनर्विचार करे। चीफ जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एस कुमार की खंडपीठ ने कहा कि "लोकतांत्रिक समाज में, सिविल सोसायटी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है, विशेष कर आपदा के समय में"। पीठ एओआर पारुल प्रसाद की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्हें अनुसंधान सहयोगी अक्षत अग्रवाल (अंतिम वर्ष, जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल) ने सहायता की थी। याचिका में जिला...
"हाईकोर्ट जाएं" : प्रवासी मज़दूरों के लिए पश्चिम बंगाल मुख्यमंत्री राहत कोष का उपयोग करने की मांग करने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पश्चिम बंगाल राज्य के सीएम राहत कोष के एक हिस्से का उपयोग फंसे हुए प्रवासी श्रमिकों की भलाई के लिए करने के लिए शीर्ष अदालत के हस्तक्षेप की मांग करने वाली याचिका खारिज कर दी। मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे, न्यायमूर्ति ए.एस. बोपन्ना और न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय की बेंच ने याचिकाकर्ता से कहा कि वह याचिका के उद्देश्यों के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाए। इस याचिका में पश्चिम बंगाल राज्य के लोगों को भी लॉकडाउन की अवधि के दौरान दिल्ली के निवासियों की तरह गुणवत्ता...
धारा 156 (3) सीआरपीसी: क्या मजिस्ट्रेट दे सकता है CBI अन्वेषण (Investigation) का आदेश?
सुप्रीम कोर्ट ने 19-मई-2020 (मंगलवार) को रिपब्लिक टीवी के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी द्वारा दाखिल याचिका, जिसमे उन्होंने अपने केस को महाराष्ट्र पुलिस से सीबीआई को हस्तांतरित करने की मांग की थी, उसे खारिज कर दिया।जांच के तरीके से आरोपी का नाराजगी जांच CBI को ट्रांसफर करने का आधार नहीं बन सकती : सुप्रीम कोर्टदरअसल, गोस्वामी ने मुंबई पुलिस की निष्पक्षता पर संदेह जताते हुए सीबीआई को अपने मामले का अन्वेषण स्थानांतरित करने की मांग इस याचिका में की थी।जस्टिस डी. वाई. चंद्रचूड़ और जस्टिस एम. आर. शाह की...
भारत की आज़ादी तब तक सुरक्षित रहेगी जब तक पत्रकार बदले के खतरे के बिना सत्ता से सीधे बात करेंगे : सुप्रीम कोर्ट
भारत की आज़ादी तब तक सुरक्षित रहेगी जब तक कि पत्रकार बदले के खतरे के बिना सत्ता से सीधे बात कर सकते हैं, सुप्रीम कोर्ट ने अर्नब गोस्वामी द्वारा दायर रिट याचिका में दिए गए अपने फैसले में अहम टिप्पणी की।अर्नब ने अपनी रिट याचिका में याचिकाकर्ता के खिलाफ कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दर्ज सभी शिकायतों और एफआईआर को रद्द करने की मांग की थी।न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, जिन्होंने निर्णय सुनाया, ने कहा कि, एक पत्रकार को पीछे हटाने के लिए उपायों की खोज कर कई शिकायतों के अधीन करने के लिए और कई...
SCAORA ने जरूरतमंद वकीलों की वित्तीय सहायता के लिए तैयार की योजना, 10,000 रुपये की मदद देगी
सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड एसोसिएशन (SCAORA)ने 18 मई से 31 मई तक की अवधि के लिए एक नई COVID-19 वित्तीय सहायता योजना शुरू करने का संकल्प लिया है। योजना के जरिए वकीलों की ओर से उन लोगों को 10,000 रुपए की मुआवाजा राशि दी जाएगी, जिन्हें संकल्प में रखी गई शर्तों के अनुसार पात्र पाया जाएगा। 18 मई को कार्यकारी समिति (ईसी) की एक वर्चुअल मीटिंग में यह फैसला लिया गया कि योजना का लाभ AOR के साथ-साथ उन वकीलों को भी दिया जाएगा, जिनका नाम सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) की 2019 की मतदाता सूची में...




















