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मंदिर की संपत्ति को व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए पट्टे पर देना विरासत मूल्यों का ह्रास है: मद्रास हाईकोर्ट
मंदिर की संपत्ति को व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए पट्टे पर देना विरासत मूल्यों का ह्रास है: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में मंदिर की संपत्तियों को व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए पट्टे पर देने की बढ़ती प्रथा को लेकर फटकार लगाई जो कि पूजा के उद्देश्य से असंबंधित हैं, जिससे मंदिरों के विरासत मूल्य का ह्रास हो रहा है।न्यायमूर्ति टीएस शिवगनम और न्यायमूर्ति एस. अनाथी की खंडपीठ ने दु:ख के साथ कहा कि,"विभिन्न मंदिरों के विरासत मूल्य से बेखबर अधिकारियों ने मंदिर की संपत्ति के साथ-साथ मंदिरों के प्रागराम और बरामदे को पट्टे पर दिया है और व्यापारियों ने व्यापारिक गतिविधि करने के लिए उन वस्तुओं को बेचा...

विकास कार्यों के लिए अस्थायी परमिट जारी करते समय टीका लगने और नहीं लगने के आधार पर लोगों का वर्गीकरण करना आर्टिकल 14, 19 और 21 का उल्लंघनः  गुवाहाटी हाईकोर्ट
विकास कार्यों के लिए अस्थायी परमिट जारी करते समय टीका लगने और नहीं लगने के आधार पर लोगों का वर्गीकरण करना आर्टिकल 14, 19 और 21 का उल्लंघनः गुवाहाटी हाईकोर्ट

गुवाहाटी हाईकोर्ट की ईटानगर बेंच ने सोमवार को कहा है कि अरुणाचल प्रदेश राज्य में सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए अस्थायी परमिट जारी करने के लिए टीका लगने और नहीं लगने के आधार पर व्यक्तियों के बीच वर्गीकरण करना आर्टिकल 14, 19 (1) (डी) और 21 का उल्लंघन करता है।न्यायमूर्ति नानी तगिया की एकल न्यायाधीश की पीठ ने अरुणाचल प्रदेश सरकार द्वारा जारी उस आदेश के संचालन पर रोक लगा दी है, जिसमें कहा गया था कि राज्य में सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए...

पटना हाईकोर्ट ने 16 अधिवक्ताओं को सीनियर डेसिग्नेशन दिया, सूची में केवल एक महिला का नाम
पटना हाईकोर्ट ने 16 अधिवक्ताओं को सीनियर डेसिग्नेशन दिया, सूची में केवल एक महिला का नाम

पटना हाईकोर्ट ने सोमवार को हुई फुल कोर्ट की बैठक में 16 अधिवक्ताओं को सीनियर डेसिग्नेशन (वरिष्ठ पदनाम) से नवाजा है। एडवोकेट निवेदिता निर्विकार एकमात्र महिला हैं, जिन्हें सूची में वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नामित किया गया है।पदनाम "पटना हाईकोर्ट (सीनियर डेसिग्नेशन) नियम, 2019" के मद्देनजर किया गया है।हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी नोटिस में निम्नलिखित अधिवक्ताओं के नाम सूचीबद्ध हैं, जिन्हें "सीनियर डेसिग्नेशन" के रूप में नामित किया गया है:1. एडवोकेट मृगंक मौलि2. एडवोकेट अमित श्रीवास्तव3....

कलकत्ता हाईकोर्ट
'मास्टर ऑफ रोस्टर' की अवधारणा 'रोस्टर पर पूरी तरह से नियंत्रण' के समान नहीं: कलकत्ता हाईकोर्ट के जज ने मामले को एक अन्य खंडपीठ को सौंपने पर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश से सवाल किया

कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सब्यसाची भट्टाचार्य ने सोमवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल द्वारा मामले को उनसे लेकर एक अन्य खंडपीठ को सौंपने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए आदेश जारी किया।न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि अगले कार्य दिवस यानी 19 जुलाई को तत्काल मामले को प्राथमिकता के रूप में सूचीबद्ध करने के लिए 16 जुलाई के पहले के आदेश के विशेष निर्देश जारी करने के बावजूद, ऐसे निर्देशों का पालन नहीं किया गया। इसके बजाय, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर तत्काल...

मद्रास हाईकोर्ट ने POCSO मामले में पादरी की सजा को बरकरार रखते हुए स्कूलों को कम्पलेंट बॉक्स रखने का निर्देश दिया
मद्रास हाईकोर्ट ने POCSO मामले में पादरी की सजा को बरकरार रखते हुए स्कूलों को कम्पलेंट बॉक्स रखने का निर्देश दिया

मद्रास हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते सीएसआई हॉबर्ट गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल की 12 वर्षीय छात्रा के यौन उत्पीड़न के लिए यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम के तहत एक पादरी को सुनाई गई सजा के फैसले को बरकरार रखा।आरोपी पादरी स्कूल परिसर में स्थित सीएसआई चर्च द्वारा मुहैया कराए गए मकान में रह रहा था।न्यायमूर्ति पी वेलमुरुगन ने स्कूलों को छात्रों के लिए एक सुरक्षित स्थान सुनिश्चित करने और ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए कई सिफारिशें भी जारी कीं। कोर्ट ने कहा कि...

हाईकोर्ट ऑफ कर्नाटक
कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में बेहतर बुनियादी ढांचा प्रदान करने के लिए रोड मैप तैयार करने में सहायता करने के लिए एनएलएसआईयू को नोटिस जारी किया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने सोमवार को नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया यूनिवर्सिटी (एनएलएसआईयू) को उसके सामने पेश होने और एक रोड मैप तैयार करने के लिए अदालत की सहायता करने के लिए नोटिस जारी किया। दरअसल, कोर्ट राज्य सरकार के राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए आवंटित 100 करोड़ के बजट के उपयोग करने के तरीके से असंतुष्ट है।न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति हंचते संजीव कुमार की खंडपीठ ने कहा कि,"प्रथम दृष्टया हम राज्य द्वारा प्रस्तुत कार्य योजना से संतुष्ट नहीं हैं और इसलिए इस...

गुजरात एचसी लाइव स्ट्रीमिंग नियम: लाइव-फीड को कोर्ट रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं माना जाएगा
गुजरात एचसी लाइव स्ट्रीमिंग नियम: लाइव-फीड को कोर्ट रिकॉर्ड का हिस्सा नहीं माना जाएगा

गुजरात हाईकोर्ट शनिवार को लगभग नौ महीने पहले अपनी अदालती कार्यवाही को लाइव-स्ट्रीम करने वाला पहला हाईकोर्ट बनने के बाद अपने स्वयं के लाइव स्ट्रीमिंग नियमों को जारी करने वाला पहला हाईकोर्ट बन गया [गुजरात उच्च न्यायालय (कोर्ट कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग) नियम , 2021]। भारत के मुख्य न्यायाधीश, एन वी रमाना ने शनिवार को गुजरात हाईकोर्ट की कार्यवाही की लाइव स्ट्रीमिंग शुरू की और हाईकोर्ट के लाइव स्ट्रीमिंग के नियम भी जारी किए।सोमवार से सभी न्यायालयों का सीधा प्रसारण किया जाएगा और आम जनता अदालती...

बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
'प्राचीन स्मारकों की रक्षा के लिए देश में कानून हैं, लेकिन क्रियान्वयन उचित तरीके से नहीं किया जाता': बॉम्बे हाईकोर्ट ने 'एस्प्लेनेड हवेली' को बचाने की मांग वाली याचिका का निपटारा किया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कोर्ट से 400 मीटर दूर यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल, भारत की सबसे पुरानी जीवित कास्ट आयरन की एस्प्लेनेड हवेली को बचाने के लिए सात साल पुरानी याचिका का निपटारा करते हुए इस तरह की संरचनाओं को प्रभावी ढंग से बचाने के लिए एक तंत्र की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जीएस कुलकर्णी की खंडपीठ ने कहा कि निजी स्वामित्व वाली विरासत संरचनाओं की रक्षा के लिए कानूनों का उचित तरीके से कार्यान्वयन नहीं किया गया, जिसने मुंबई की "महिमा" और "प्रसिद्धि" में...

आरोपी से शादी करने का दावा करने वाले नाबालिग बलात्कार पीड़िता द्वारा दायर हलफनामे की प्रामाणिकता निर्धारित करने के लिए उड़ीसा हाईकोर्ट ने सीआईडी को जांच का आदेश दिया
आरोपी से शादी करने का दावा करने वाले नाबालिग बलात्कार पीड़िता द्वारा दायर हलफनामे की प्रामाणिकता निर्धारित करने के लिए उड़ीसा हाईकोर्ट ने सीआईडी को जांच का आदेश दिया

उड़ीसा हाईकोर्ट ने शुक्रवार को सीआईडी-अपराध शाखा को एक नाबालिग बलात्कार पीड़िता द्वारा दायर उस हलफनामे की प्रामाणिकता का निर्धारण करने के लिए जांच शुरू करने का आदेश दिया है, जिसमें नाबालिग ने जमानत देने के लिए आरोपी की पत्नी होने का दावा किया है। यह विवाद उस समय सामने आया जब संबंधित जांच अधिकारी (आईओ) ने अदालत के समक्ष एक रिपोर्ट पेश की और दावा किया कि पीड़िता द्वारा हलफनामा दायर नहीं किया गया था। इस मामले में, नाबालिग पीड़िता ने कथित तौर पर 6 अप्रैल, 2021 को एक नोटरीकृत हलफनामा दायर किया था,...

दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति 2021-22: हाईकोर्ट निविदा शर्तों को चुनौती देने वाली याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करेगा
दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति 2021-22: हाईकोर्ट निविदा शर्तों को चुनौती देने वाली याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करेगा

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को निर्देश दिया कि दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति 2021-22 की निविदा शर्तों को चुनौती देने वाली याचिका को मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष पेश किया जाए, जो पहले से ही उक्त नीति को चुनौती देने वाली अन्य याचिकाओं पर विचार कर रही है।न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की खंडपीठ ने कहा कि चूंकि सीजे की अगुवाई वाली पीठ नई आबकारी नीति के संबंध में विवाद के दायरे से अवगत है, इसलिए यह उचित है कि निविदा शर्तों को अनुचित होने के लिए चुनौती देने वाली...

क्या मैरिज रजिस्ट्रार विवाह के लिए किए गए आवेदन को विवाह के विघटन के बाद भी  अपनी वेबसाइट पर अनिश्चित काल तक प्रदर्शित कर सकता है?: दिल्ली हाईकोर्ट विचार करेगा
क्या मैरिज रजिस्ट्रार विवाह के लिए किए गए आवेदन को विवाह के विघटन के बाद भी अपनी वेबसाइट पर अनिश्चित काल तक प्रदर्शित कर सकता है?: दिल्ली हाईकोर्ट विचार करेगा

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को मैरिज रजिस्ट्रार के कार्यालय की वेबसाइट से विशेष विवाह अधिनियम (Special Marriage Act), 1954 के तहत शादी के पंजीकरण के लिए याचिकाकर्ता द्वारा किए गए आवेदन को हटाने की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया।न्यायमूर्ति रेखा पल्ली के समक्ष यह प्रश्न उठाया गया कि क्या मैरिज रजिस्ट्रार संबंधित विवाह के विघटन के बाद भी इस तरह के आवेदन को अपनी वेबसाइट पर अनिश्चित काल तक बनाए रखने का हकदार है।विशेष विवाह अधिनियम विभिन्न धर्मों के लोगों को किसी अन्य धर्म में परिवर्तित हुए बिना...

दिल्ली हाईकोर्ट ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से विवाह के पंजीकरण की मांग करने वाली एनआरआई कपल की याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से विवाह के पंजीकरण की मांग करने वाली एनआरआई कपल की याचिका पर नोटिस जारी किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से विवाह के पंजीकरण की मांग करने वाली एनआरआई कपल की याचिका पर नोटिस जारी किया है।न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने दिल्ली सरकार की ओर से पेश सरकारी वकील (सिविल) को नोटिस जारी किया और मामले को 20 अगस्त के लिए सूचीबद्ध किया है। प्रतिवादी को एक सप्ताह के भीतर स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया गया है।याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता प्रवीण गौड़ पेश हुए। शादी के पंजीकरण के लिए संबंधित सब- डिविजल मजिस्ट्रेट के समक्ष वर्चुअल मोड में पेश होने की अनुमति...

COVID-19: तेलंगाना हाईकोर्ट ने अपने, जिला और अधीनस्थ न्यायालयों द्वारा पारित अंतरिम आदेशों की अवधि को 31 जुलाई तक बढ़ाया
COVID-19: तेलंगाना हाईकोर्ट ने अपने, जिला और अधीनस्थ न्यायालयों द्वारा पारित अंतरिम आदेशों की अवधि को 31 जुलाई तक बढ़ाया

तेलंगाना हाईकोर्ट ने अपने, सभी जिला और अन्य अधीनस्थ न्यायालयों द्वारा पारित अंतरिम आदेशों की अवधि 31 जुलाई, 2021 तक बढ़ा दी है।हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल द्वारा दिनांक 16 जुलाई 2021 को जारी अधिसूचना में कहा गया:"माननीय फुल बेंच ने अपने आदेश दिनांक 28.06.2021 में स्वत: संज्ञान डब्ल्यूपीअर्जेंट नंबर तीन में दिनांक 30.04.2021 को पारित अपने आदेश को 16.07.2021 तक बढ़ा दिया था। अब, यह सूचित किया जाता है कि माननीय फुल बेंच ने अपने आदेश दिनांक 15.07.2021 में स्वत: संज्ञान डब्ल्यूपीअर्जेंट नंबर तीन में ...

मध्य प्रदेश सभी अधीनस्थ न्यायालयों में वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बना
मध्य प्रदेश सभी अधीनस्थ न्यायालयों में वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बना

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर और जिला न्यायालय में दोनों स्तरों पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा और अन्य ऑडियो-विजुअल इलेक्ट्रॉनिक्स लिंकेज शुरू करने वाला पहला राज्य बन गया है। इसे मामलों की सुनवाई और अदालत में उपस्थित होने में असमर्थ गवाहों के साक्ष्य की रिकॉर्डिंग के लिए पेश किया गया है। इस प्रक्रिया को और अधिक उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाने के लिए पहल शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य न्यायिक कार्यवाही में देरी से बचने के लिए पक्षकारों, वकीलों, गवाहों और अभियुक्तों की अदालत में फिजिकल रूप से उपस्थित...

कीमती दवा की आपराधिक बर्बादी: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिना इस्तेमाल हुए COVID 19 वैक्सीन को कचरे में फेंकने की आरोपी नर्स को जमानत देने से इनकार किया
"कीमती दवा की आपराधिक बर्बादी": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिना इस्तेमाल हुए COVID 19 वैक्सीन को कचरे में फेंकने की आरोपी नर्स को जमानत देने से इनकार किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले हफ्ते COVID-19 वैक्सीन की 29 खुराकों को जरूरतमंदों को दिए बिना कचरे में फेंककर उनकी आपराधिक बर्बादी में शामिल आरोपी नर्स को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया। जमानत से इनकार करते हुए अदालत ने टिप्पणी की कि जिस अपराध के लिए उसे आरोपी बनाया गया है, वह वास्तव में गंभीर प्रकृति का है। साथ ही यह बड़े पैमाने पर समाज पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है।न्यायमूर्ति राहुल चतुर्वेदी की खंडपीठ ने टिप्पणी की कि,"न्यायालय उन 29 व्यक्तियों के बारे में अपनी गहरी चिंता दर्ज करता है, जो बिना...

पुलिस पीड़ित महिला की मदद करने के बजाय उसके निजी जीवन में झांक रही है: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वैवाहिक क्रूरता मामले में कहा
'पुलिस पीड़ित महिला की मदद करने के बजाय उसके निजी जीवन में झांक रही है': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वैवाहिक क्रूरता मामले में कहा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महिला को उसके पति द्वारा उसके ससुराल के घर से बाहर निकाल दिए जाने के मामले से निपटने के लिए पुलिस द्वारा कथित उत्पीड़न करने के मामले में कहा कि प्रथम दृष्टया पुलिस का आचरण एक असंवेदनशील दृष्टिकोण का प्रदर्शन करता है।न्यायमूर्ति जे जे मुनीर की खंडपीठ ने टिप्पणी की कि,"प्रथम दृष्टया परिस्थितियों से संकेत मिलता है कि पुलिस इस मामले में पहले याचिकाकर्ता के निजी जीवन में झांक रही है, बजाय इसके कि उसकी कुछ मदद करे।"कोर्ट ने पिछली सुनवाई के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, अलीगढ़ और...

साधारण देशी बम मामलों को आतंकवादी अपराध मानने से एनआईए अधिनियम का उद्देश्य विफल हो जाएगा: मद्रास हाईकोर्ट
साधारण देशी बम मामलों को आतंकवादी अपराध मानने से एनआईए अधिनियम का उद्देश्य विफल हो जाएगा: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी अधिनियम के तहत अधिसूचित अपराधों से जुड़े सभी मामलों को एनआईए अधिनियम के अंतर्गत अधिसूचित 'विशेष न्यायालयों' में भेजने से होने वाली कठिनाइयों के बारे में चिंता व्यक्त की है।चूंकि विस्फोटक पदार्थ अधिनियम भी एनआईए अधिनियम के तहत एक अधिसूचित अपराध है, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत अपराधों से जुड़े हर मामले के लिए एनआईए अधिनियम के तहत विशेष अदालतों में जाना होगा। इस संदर्भ में, हाईकोर्ट ने कहा कि विस्फोटक पदार्थ अधिनियम को तमिलनाडु में गैंगस्टर अपराधों में...

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने POCSO मामलों से निपटने के लिए राज्य में जल्द-से-जल्द बाल हितैषी अदालतें शुरू करने के आदेश दिए
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने POCSO मामलों से निपटने के लिए राज्य में जल्द-से-जल्द बाल हितैषी अदालतें शुरू करने के आदेश दिए

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने शुक्रवार को महाधिवक्ता को राज्य सरकार के साथ इस मुद्दे को उठाने के लिए कहा कि यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) मामलों से निपटने के लिए राज्य में बाल हितैषी अदालतें (Child Friendly Court) जल्द से जल्द शुरू की जाएं। दरअसल, अरुणाचल प्रदेश राज्य में कोई बाल हितैषी अदालतें नहीं हैं।मुख्य न्यायाधीश सुधांशु धूलिया और न्यायमूर्ति मनश रंजन पाठक की खंडपीठ एक नाबालिग बलात्कार पीड़िता की दुर्दशा से संबंधित एक मामले की सुनवाई कर रही थी, जब एक कलुंग द्वारा लापता रिपोर्ट दर्ज कराई...