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प्रतिभा एम सिंह कैम्ब्रिज एलएलएम स्कॉलरशिप 2021- अवार्ड सेरेमनी: अभी रजिस्ट्रेशन करें
प्रतिभा एम सिंह कैम्ब्रिज एलएलएम स्कॉलरशिप 2021- अवार्ड सेरेमनी: अभी रजिस्ट्रेशन करें

एनएलयू ओडिशा के आशीर्वाद नायक और एनएलएसआईयू बैंगलोर के निखिल पुरोहित दो छात्रों को इस साल प्रतिभा एम सिंह कैम्ब्रिज एलएलएम स्कॉलरशिप 2021 के लिए चुना गया है। इन छात्रों को सम्मानित करने के लिए सोमवार, आठ नवंबर को रात 8.30 बजे (IST) ज़ूम के माध्यम से एक वर्चुअल अवार्ड सेरेमनी का आयोजन किया जा रहा है।2013 में स्थापित स्कॉलरशिप "सरदार मनमोहन सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट" के तहत यह पहला प्रयास है, जो उच्च शिक्षा हासिल करने के इच्छुक मेधावी छात्रों का समर्थन करने के लिए स्थापित किया गया। स्कॉलरशिप का...

Writ Of Habeas Corpus Will Not Lie When Adoptive Mother Seeks Child
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मोटर वाहन कानूनों के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए जनहित याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य में मोटर वाहन कानूनों के प्रभावी कार्यान्वयन की मांग करने वाली एक जनहित याचिका में राज्य सरकार से जवाब मांगा।न्यायमूर्ति सुजॉय पॉल और न्यायमूर्ति प्रणय वर्मा ने कानून के छात्र हृषिकेश जायसवाल द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया। कोर्ट ने प्रतिवादी अधिकारियों को छह सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।मोटर वाहन कानूनों के कार्यान्वयन से संबंधित मुद्दों के संबंध में याचिका तीन प्रश्न उठाती है। पहला, वाहनों पर बोर्ड और नंबर प्लेट लगाना कानून के प्रावधानों...

दिल्ली हाईकोर्ट
"दिल्ली पुलिस में पत्नी की नौकरी लगने के बाद पति ने उसे कमाऊ गाय के रूप में देखा" : दिल्ली हाईकोर्ट ने क्रूरता के आधार पर विवाह भंग किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने क्रूरता के आधार पर तलाक के डिक्री पारित करके एक जोड़े के बीच विवाह भंग कर दिया। कोर्ट ने यह देखा कि पति ने दिल्ली पुलिस में नौकरी पाने वाली अपनी पत्नी को बिना किसी भावनात्मक संबंधों के एक कमाऊ गाय (कैश काऊ) के रूप में इस्तेमाल करने की कोशिश की।न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह एक महिला द्वारा दायर एक अपील पर विचार कर रहे थे, जिसमें परिवार न्यायालय के आदेश को चुनौती दी गई थी, क्योंकि फैमेली कोर्ट द्वारा क्रूरता या परित्याग के किसी भी आधार को स्थापित नहीं किया...

आर्यन खान ड्रग मामले की जांच नहीं करेंगे समीर वानखेड़े, एनसीबी ने एसआईटी को छह मामले ट्रांसफर किए
आर्यन खान ड्रग मामले की जांच नहीं करेंगे समीर वानखेड़े, एनसीबी ने एसआईटी को छह मामले ट्रांसफर किए

नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने क्रूज शिप ड्रग्स मामले की जांच को एनसीबी की मुंबई इकाई से विशेष जांच दल (एसआईटी) को स्थानांतरित कर दिए। क्रूज शिप मामले में शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को एक आरोपी के रूप में नामित किया गया है।एनसीबी के महानिदेशक (डीजी) एस एन प्रधान द्वारा मामलों के हस्तांतरण का आदेश जारी किया गया।आदेश में कहा गया,"नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) मुख्यालय की संचालन शाखा के अधिकारियों के शामिल वाला एक विशेष जांच दल (एसआईटी) एनसीबी के मुंबई क्षेत्रीय इकाई से कुल छह मामलों...

आधार लिंकेज की कमी खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाभ से इनकार करने का कोई कारण नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट
आधार लिंकेज की कमी खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाभ से इनकार करने का कोई कारण नहीं: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने दीवाली का बेसब्री से इंतजार कर रहे कई आदिवासियों को उनके आधार कार्ड के लिंक न होने के कारण सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत आपूर्ति से वंचित करने का दुखद बताते हुए मुरबाद के तहसीलदार को चार नवंबर तक लगभग 90 आदिवासियों को राशन की आपूर्ति वितरित करने का आदेश दिया।जस्टिस प्रसन्ना वराले और जस्टिस माधव जामदार ने एक अंतरिम आदेश में कहा कि कुछ तकनीकी आधारों पर आदिवासियों को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 (एनएफएसए) के तहत खाद्यान्न वितरण के लाभों से इनकार नहीं किया जा सकता।अदालत...

50 वर्षीय विवाहिता 30 वर्षीय युवक के साथ लिव-इन रिलेशन में: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने दोनों के खतरे के आकलन का आदेश दिया
50 वर्षीय विवाहिता 30 वर्षीय युवक के साथ लिव-इन रिलेशन में: पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने दोनों के खतरे के आकलन का आदेश दिया

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में एक 50 वर्षीय विवाहित महिला और उसके 30 वर्षीय लिव-इन पार्टनर की सुरक्षा का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि हर व्यक्ति को, व‌िशेषकर एक वयस्क को, किसी भी ‌स्‍थ‌िति में अपनी पसंद के व्यक्ति के साथ रहने का अधिकार है।जस्टिस विकास बहल की खंडपीठ ने जोर देकर कहा कि जीवन और स्वतंत्रता की सुरक्षा भारत के संविधान की बुनियादी विशेषता है।उन्होंने कहा, "प्रत्येक व्यक्ति विशेष रूप से एक वयस्क को किसी भी स्‍थ‌िति में अपनी पसंद के व्यक्ति के साथ अपना जीवन जीने का अधिकार...

14 साल की कैद के बाद छूट के मामलों का पुनर्मूल्यांकन करें, भले ही अपील हाईकोर्ट में लंबित हो: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से कहा
14 साल की कैद के बाद छूट के मामलों का पुनर्मूल्यांकन करें, भले ही अपील हाईकोर्ट में लंबित हो: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी सरकार से कहा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को सभी जिलाधिकारियों को यह निर्देश देने के लिए कहा है कि वे 14 साल की कैद के बाद छूट के मामलों का पुनर्मूल्यांकन करें, भले ही ऐसे मामलों में अपील हाईकोर्ट में लंबित हों। जस्टिस डॉ कौशल जयेंद्र ठाकर और जस्टिस अजय त्यागी की खंडपीठ बलात्कार के एक दोषी की अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, विशेष न्यायालय (डकैती प्रभावित क्षेत्र), जिला कानपुर देहात द्वारा सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा को चुनौती दी थी।अदालत ने बलात्कार के दोषी की अपील को...

सेवा मामलों में जनहित याचिका सुनवाई योग्य नहीं : केरल उच्च न्यायालय ने दोहराया
सेवा मामलों में जनहित याचिका सुनवाई योग्य नहीं : केरल उच्च न्यायालय ने दोहराया

केरल हाईकोर्ट ने एक रिट याचिका को खारिज करते हुए हाल ही में दोहराया कि सेवा मामलों में जनहित याचिका (PIL) सुनवाई करने योग्य नहीं हैं।मुख्य न्यायाधीश एस. मणिकुमार और न्यायमूर्ति शाजी पी. शैली की खंडपीठ ने जिला चिकित्सा अधिकारी (स्वास्थ्य) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक को निर्देश देने की मांग करने वाली याचिका पर फैसला सुनाते यह टिप्पणी की।याचिकाकर्ता ने यह दिखाने के लिए कुछ दस्तावेज पेश किए कि उक्त स्वास्थ्य निरीक्षक द्वारा कर्तव्य की उपेक्षा के कारण एक नवजात की मृत्यु...

एनडीपीएस एक्ट की धारा 50 के तहत नोटिस में यह निर्दिष्ट होना चाहिए कि आरोपी के पास कौन-से अधिकार हैं; केवल आरोपी को यह बताना कि उसके पास अधिकार हैं, पर्याप्त नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
एनडीपीएस एक्ट की धारा 50 के तहत नोटिस में यह निर्दिष्ट होना चाहिए कि आरोपी के पास कौन-से अधिकार हैं; केवल आरोपी को यह बताना कि उसके पास अधिकार हैं, पर्याप्त नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 की धारा 50 के तहत एक नोटिस में यह निर्दिष्ट होना चाहिए कि एनडीपीएस अधिनियम के तहत आरोपी के पास कौन-से अधिकार हैं।न्यायमूर्ति बी.एस. वालिया ने कहा कि यह निर्दिष्ट किए बिना कि एनडीपीएस अधिनियम के तहत आरोपी के पास कौन से अधिकार हैं, केवल आरोपी को यह बताना कि उसके पास एनडीपीएस अधिनियम के तहत अधिकार हैं, अनिवार्य आवश्यकता का अनुपालन नहीं है।जमानत याचिका में आरोपी ने तर्क दिया कि यदि वह चाहे तो उसे राजपत्रित...

त्रिपुरा पुलिस ने ‌दिल्ली के दो वकीलों के खिलाफ यूएपीए के तहत केस दर्ज किया, दोनों सांप्रदायिक हिंसा पर फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट जारी करने वाली टीम का हिस्‍सा थे
त्रिपुरा पुलिस ने ‌दिल्ली के दो वकीलों के खिलाफ यूएपीए के तहत केस दर्ज किया, दोनों सांप्रदायिक हिंसा पर फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट जारी करने वाली टीम का हिस्‍सा थे

त्रिपुरा पुलिस ने दो वकीलों के खिलाफ यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया है। दोनों वकील त्रिपुरा में हाल ही में हुई में सांप्रदायिक हिंसा पर एक फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट प्रकाशित करने वाली टीम का हिस्‍सा थे। पश्चिम अगरतला पुलिस ने पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज के मुकेश और नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स के अंसार इंदौरी को नोटिस भेजा है। ये दोनों वकील दिल्ले में रहते हैं। नोटिस में बताया गया है कि उनकी सोशल मीडिया पोस्ट और बयानों पर उनके खिलाफ यूएपीए की धारा 13 (गैरकानूनी गतिविधियों के लिए...

गुजरात हाईकोर्ट में कंपनी अधिनियम, 2013 में एनसीएलटी नियुक्तियों के लिए न्यूनतम आयु मानदंड को चुनौती देते हुए याचिका दायर
गुजरात हाईकोर्ट में कंपनी अधिनियम, 2013 में एनसीएलटी नियुक्तियों के लिए न्यूनतम आयु मानदंड को चुनौती देते हुए याचिका दायर

गुजरात हाईकोर्ट में कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 413(2) के अधिकार को चुनौती देते हुए एक जनहित याचिका दायर की गई है। कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 413(2) राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरणों में न्यायिक सदस्यों के रूप में नियुक्ति के लिए न्यूनतम आयु सीमा '50 वर्ष से कम नहीं' निर्धारित करती है।गुजरात हाईकोर्ट द्वारा सुनी जाने वाली याचिका में विज्ञापन संख्या: ए-12023/1/2021-विज्ञापन IV, दिनांक 13.10.2021, कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय द्वारा अन्य अनियमितताओं का भी आरोप लगाया गया है।आरटीआई एक्टिविस्ट...

पटाखों की बिक्री के लिए सुरक्षित क्षेत्रों की पहचान करना प्रशासन की जिम्मेदारी: इलाहाबाद हाईकोर्ट
पटाखों की बिक्री के लिए सुरक्षित क्षेत्रों की पहचान करना प्रशासन की जिम्मेदारी: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि यह प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह सुरक्षित क्षेत्रों की पहचान करे जहां पटाखों की बिक्री की अनुमति होगी।न्यायमूर्ति अजय भनोट की खंडपीठ मनोज मित्तल की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता के पटाखों के भंडारण और बिक्री के संबंध में लाइसेंस के नवीनीकरण के आवेदन को सहारनपुर जिला प्रशासन ने इस साल की शुरुआत में खारिज कर दिया था।याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में कहा कि आवेदन को खारिज करते समय विस्फोटक नियम, 2008 की धारा 118 के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं...

बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
बॉम्बे हाईकोर्ट ने रेमंड के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया की आत्मकथा की बिक्री पर रोक लगाई

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन एमेरिटस डॉ विजयपत सिंघानिया की आत्मकथा की बिक्री या वितरण पर रोक लगा दी। जस्टिस सुरेंद्र तावड़े ने रेमंड लिमिटेड की अवमानना ​​याचिका में अंतरिम आदेश पारित किया। उल्‍लेखनीय है कि विजयपत सिंघानिया के बेटे गौतक सिंघानियां रेमंड ग्रुप में वर्तमान अध्यक्ष हैं। फरवरी 2015 में गौतम को होल्डिंग कंपनी में 1000 करोड़ रुपये के शेयर हस्तांतरित करने के बाद पिता-पुत्र की जोड़ी एक कड़वी लड़ाई के वर्षों में उलझी हुई है।संविधान के अनुच्छेद 226, 227 के...

मद्रास हाईकोर्ट
बिना विवाह के लंबे समय तक साथ रहने से वैवाहिक अधिकारों का कोई कानूनी अधिकार नहीं मिलेगा: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि जब तक कि शादी कानून के अनुसार नहीं हुई हो तब तक लंबे समय तक साथ रहने से पक्षकारों को वैवाहिक अधिकार पैदा करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं मिलेगा।न्यायमूर्ति एस. वैद्यनाथन और न्यायमूर्ति आर. विजयकुमार की पीठ एक महिला की अपील पर फैसला सुना रही थी। इसमें एक ऐसे पुरुष के साथ वैवाहिक अधिकारों की बहाली की मांग की गई थी। इस पुरुष से उसने कानूनी रूप से शादी नहीं की थी। तदनुसार, कोर्ट ने कोयंबटूर में एक फैमिली कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा।कोर्ट ने कहा,"यह मानते हुए कि...

वकीलों के हड़ताल पर होने से वादियों को नुकसान से बचाने के लिए मामलों की सुनवाई के लिए एक सिस्टम विकसित करने की आवश्यकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
वकीलों के हड़ताल पर होने से वादियों को नुकसान से बचाने के लिए मामलों की सुनवाई के लिए एक सिस्टम विकसित करने की आवश्यकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि वकीलों के हड़ताल पर होने पर वादियों को नुकसान से बचाने के लिए मामलों की सुनवाई के लिए अदालती कार्यवाही के संबंध में एक सिस्टम विकसित करने की आवश्यकता है।न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की पीठ ने यह टिप्पणी वकीलों की हड़ताल के 'गंभीर' मुद्दे को ध्यान में रखते हुए दी। पीठ ने कहा कि वकीलों की हड़ताल के कारण वादियों और पूरे समाज को नुकसान होता है।न्यायालय गायत्री द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था। इसमें निर्धारित प्राधिकारी/उप-मंडल अधिकारी को यूपी पंचायत...

बच्चे को पालने का दायित्व पिता की सर्वोपरि इच्छा है; इसे निराधार आधारों पर सीमित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती: दिल्ली कोर्ट
बच्चे को पालने का दायित्व पिता की सर्वोपरि इच्छा है; इसे निराधार आधारों पर सीमित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती: दिल्ली कोर्ट

दिल्ली की एक अदालत ने हाल ही में कहा कि एक बच्चे को पालने का वैधानिक दायित्व एक पिता की सर्वोपरि इच्छा है और उसे तुच्छ या आधारहीन आधार पर इसे सीमित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।विशेष न्यायाधीश दीपक वासन ने यह भी कहा कि अपनी पत्नी और नाबालिग बच्चे का भरण-पोषण करना पति का वैधानिक कर्तव्य है, लेकिन वह पत्नी को गरिमा के साथ जीने के लाभ से वंचित करने के लिए छल नहीं कर सकता। साथ यही यह सुनिश्चित करना उसकी जिम्मेदारी है कि पत्नी और बच्चे बेसहारा न हो जाए।अदालत अपीलकर्ता पति द्वारा घरेलू हिंसा से...

बछड़ों के साथ दुधारू गायों की नीलामी जानवरों के साथ क्रूरता के समान नहीं : उड़ीसा हाईकोर्ट
बछड़ों के साथ दुधारू गायों की नीलामी जानवरों के साथ क्रूरता के समान नहीं : उड़ीसा हाईकोर्ट

उड़ीसा हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि बछड़ों के साथ दुधारू गायों की नीलामी क्रूरता के समान नहीं है।न्यायमूर्ति जसवंत सिंह और न्यायमूर्ति एस के पाणिग्रही की खंडपीठ ध्यान फाउंडेशन द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी।ध्यान फाउंडेशन जानवरों के प्रति क्रूरता की रोकथाम अधिनियम, 1960 के प्रावधानों के तहत बचाव, देखभाल, उपचार और जानवरों के पुनर्वास की गतिविधि में लगे एक पंजीकृत ट्रस्ट है।वर्तमान याचिका में फाउंडेशन ने तीन नवंबर, 2021 को बीजू पटनायक ओपन एयर आश्रम, जमुझारी के परिसर में मवेशियों...

सीजेआई रमाना ने तेलंगाना गांव में बस सेवा बहाल करने के लिए स्कूल की छात्रा के पत्र पर कार्रवाई की
सीजेआई रमाना ने तेलंगाना गांव में बस सेवा बहाल करने के लिए स्कूल की छात्रा के पत्र पर कार्रवाई की

भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमाना की कक्षा 8 की लड़की द्वारा उन्हें भेजे गए एक पत्र पर कार्रवाई के परिणामस्वरूप तेलंगाना राज्य के एक गांव में बस सेवाओं की बहाली हुई।तेलंगाना में आठवीं कक्षा की छात्रा पी वैष्णवी ने सीजेआई रमाना को एक पत्र लिखा, जिसमें COVID महामारी के बाद रंगारेड्डी जिले में उनके गांव के लिए बस सेवाओं के बंद होने के बारे में बताया गया। इसके परिणामस्वरूप वह और उनके भाई-बहन, प्रीति और प्रणीत को स्कूल जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।इसलिए उन्होंने सीजेआई से बस सेवाओं को...

काली पूजा : कलकत्ता हाईकोर्ट ने पूरी तरह से वैक्सीनेट लोगों को पंडालों में प्रतिबंधित प्रवेश की अनुमति दी
काली पूजा : कलकत्ता हाईकोर्ट ने पूरी तरह से वैक्सीनेट लोगों को पंडालों में प्रतिबंधित प्रवेश की अनुमति दी

कलकत्ता हाईकोर्ट ने पिछले साल पांच नवंबर, 2020 के आदेश के तहत जारी निर्देशों को संशोधित करते हुए बुधवार को कहा कि सभी पूजा पंडाल नो-एंट्री जोन बने रहेंगे। इसमें सभी ओपन साइड पर पंडालों से परे पांच मीटर का क्षेत्र शामिल है। हाईकोर्ट ने यह भी निर्देश दिया गया कि पंडालों के आकार के आधार पर केवल सीमित लोगों को ही पंडालों में प्रवेश की अनुमति दी जा सकती है। इसके लिए उन्हें पूरी तरह वैक्सीनेट होना चाहिए और साथ ही मास्क पहने हों।न्यायमूर्ति राजशेखर मंथा और न्यायमूर्ति केसांग डोमा भूटिया की पीठ ने इस...