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अवैध कोक प्लांट: मेघालय हाईकोर्ट ने डीजीपी को कार्रवाई की रिपोर्ट दर्ज करने का निर्देश दिया
अवैध कोक प्लांट: मेघालय हाईकोर्ट ने डीजीपी को कार्रवाई की रिपोर्ट दर्ज करने का निर्देश दिया

मेघालय हाईकोर्ट ने राज्य पुलिस को क्षेत्र में चल रहे अवैध कोक संयंत्रों के खिलाफ तत्काल और निर्णायक कार्रवाई करने के लिए नए निर्देश जारी किए। अदालत का आदेश पुलिस डायरेक्टर जनरल द्वारा दायर हलफनामे के जवाब में आया, जिसमें मेघालय में अवैध कोक संयंत्रों और बेनामी लेनदेन की व्यापक उपस्थिति को उजागर किया गया था, जिनके वास्तविक मालिक मुख्य रूप से असम में स्थित हैं।अदालत ने याचिकाकर्ताओं के इस दावे पर ध्यान देते हुए कि इन अवैध गतिविधियों के सरगना गुवाहाटी में खुलेआम घूम रहे हैं, कानून प्रवर्तन...

दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश अत्यावश्यक मामलों की सुनवाई के लिए रात 9:47 बजे तक कोर्ट में बैठे
दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश अत्यावश्यक मामलों की सुनवाई के लिए रात 9:47 बजे तक कोर्ट में बैठे

दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस जसमीत सिंह और जस्टिस विकास महाजन सोमवार को गर्मी की छुट्टियों के दौरान अपने सामने सूचीबद्ध मामलों की सुनवाई के लिए सोमवार देर शाम तक बैठे रहे। जहां जस्टिस सिंह ने रात 9:47 बजे तक कोर्ट का संचालन किया, वहीं जस्टिस महाजन ने रात 9:25 बजे तक कोर्ट का संचालन किया। उठते समय जस्टिस महाजन ने कुछ जरूरी मामलों की सुनवाई अगली सुबह करने पर सहमति जताई, जिन पर सुनवाई नहीं हो सकी।दोनों जजों ने डिवीजन बेंच में एक साथ कुल 20 मामलों की सुनवाई की। उनके समक्ष एकल पीठ में 40 से...

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय में प्रतिनियुक्ति के लिए आईपीएस अधिकारी की याचिका खारिज की
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय में प्रतिनियुक्ति के लिए आईपीएस अधिकारी की याचिका खारिज की

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) में अतिरिक्त निदेशक के रूप में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए उनके नाम की सिफारिश नहीं करने के चयन समिति के फैसले के खिलाफ असम-मेघालय कैडर के 2005 बैच के आईपीएस अधिकारी द्वारा दायर याचिका खारिज कर दी।वर्तमान में किदवई नगर (पूर्व) में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के अतिरिक्त महानिदेशक डॉ. जीवी शिव प्रसाद ने आरोप लगाया कि चयन समिति ने भारत सरकार के 2009 के नीतिगत निर्णय को ध्यान में नहीं रखा, जिसमें कुछ विशेष प्रावधान अधिसूचित किए गए। पूर्वोत्तर...

ज़मीन को स्लम के रूप में घोषित करने से मालिकों और कब्जाधारियों के अधिकारों पर व्यापक प्रभाव पड़ता है, व्यक्तिगत नोटिस दिया जाना चाहिए : बॉम्बे हाईकोर्ट
ज़मीन को 'स्लम' के रूप में घोषित करने से मालिकों और कब्जाधारियों के अधिकारों पर व्यापक प्रभाव पड़ता है, व्यक्तिगत नोटिस दिया जाना चाहिए : बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि झुग्गी के रूप में भूमि की घोषणा से भूस्वामी के अधिकारों पर व्यापक प्रभाव पड़ता है, हाल ही में कहा कि इस तरह की घोषणा के लिए नोटिस अनिवार्य रूप से भूमि के प्रत्येक मालिक और कब्जा करने वाले को दिया जाना चाहिए।जस्टिस आरिफ एस डॉक्टर ने कहा कि यदि महाराष्ट्र स्लम क्षेत्र (सुधार, निकासी और पुनर्विकास) नियम, 1971 के नियम 3 के तहत प्रत्येक मालिक और रहने वाले को नोटिस देना अव्यावहारिक है तो सक्षम प्राधिकारी द्वारा सम्मोहक कारणों को दर्ज करने के बाद ही इसे दूर किया जा...

JEE रिजल्ट को लेकर क्रेडिट वॉर: दिल्ली हाईकोर्ट ने एलन कोचिंग सेंटर के खिलाफ मुकदमे में FIITJEE को अंतरिम राहत देने से इनकार किया
JEE रिजल्ट को लेकर क्रेडिट वॉर: दिल्ली हाईकोर्ट ने एलन कोचिंग सेंटर के खिलाफ मुकदमे में FIITJEE को अंतरिम राहत देने से इनकार किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को एलन करियर इंस्टीट्यूट के खिलाफ अपने मुकदमे में कोचिंग संस्थान FIITJEE को अंतरिम राहत देने से इंकार कर दिया, जिसमें आरोप लगाया गया कि बाद वाले ने अपने स्टूडेंट के परिणाम के लिए क्रेडिट का दावा किया, जिसने JEE (Mains) 2023 परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की।FIITJEE का मामला यह था कि स्टूडेंट मलय केडिया ने "IIT-JEE (एडवांस्ड)-वीकेंड कॉन्टैक्ट क्लासेस के लिए चार साल के क्लासरूम प्रोग्राम" को चुना और 2018 में इसके कोचिंग सेंटर में खुद को नामांकित किया। मामले में कहा गया कि...

अभियुक्त की मनोवैज्ञानिक स्थिति, सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि पर विचार करें: कर्नाटक हाईकोर्ट ने मृत्युदंड की मांग के लिए अभियोजन के लिए दिशानिर्देश जारी किए
अभियुक्त की मनोवैज्ञानिक स्थिति, सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि पर विचार करें: कर्नाटक हाईकोर्ट ने मृत्युदंड की मांग के लिए अभियोजन के लिए दिशानिर्देश जारी किए

कर्नाटक हाईकोर्ट ने निचली अदालत के समक्ष मौत की सजा की मांग करते समय और अपीलीय अदालत में सजा की पुष्टि के दौरान अभियोजन पक्ष के लिए दिशानिर्देश जारी किए।जस्टिस सूरज गोविंदराज और जस्टिस जी बसवराज की खंडपीठ ने अपनी पत्नी, भाभी और 10 साल से कम उम्र के तीन बच्चों की हत्या के आरोपी बाइलुरु थिप्पैया (43) की दोषसिद्धि और मौत की सजा को बरकरार रखते हुए दिशा-निर्देश जारी किए।अपील की सुनवाई के दौरान कमजोर करने वाले कारकों का विश्लेषण करने के लिए सजा के मुद्दे पर विचार करते हुए आरोपी को दोषी ठहराने पर पीठ...

आबकारी नीति मामला : दिल्ली हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कारोबारी समीर महेंद्रू को अंतरिम जमानत दी
आबकारी नीति मामला : दिल्ली हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कारोबारी समीर महेंद्रू को अंतरिम जमानत दी

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में पिछली आबकारी नीति को लागू करने से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में व्यवसायी समीर महेंद्रू को चिकित्सा आधार पर छह सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत दे दी। जस्टिस चंद्र धारी सिंह की अवकाशकालीन पीठ 07 जून को फैसला सुरक्षित रख लिया था। पीठ ने निर्देश दिया कि महेंद्रू को तुरंत जेल से रिहा किया जाए और अंतरिम जमानत की अवधि समाप्त होने पर वह 25 जुलाई को संबंधित ट्रायल कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण करेगा।अदालत ने कहा कि यह दिखाने के लिए रिकॉर्ड में कुछ भी नहीं है...

एनडीपीएस एक्ट की धारा 36A(4) - 180 दिनों की वैधानिक अवधि के बाद अभियुक्त की हिरासत के लिए लोक अभियोजक की रिपोर्ट अनिवार्य : पी एंड एच हाईकोर्ट
एनडीपीएस एक्ट की धारा 36A(4) - 180 दिनों की वैधानिक अवधि के बाद अभियुक्त की हिरासत के लिए लोक अभियोजक की रिपोर्ट अनिवार्य : पी एंड एच हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में माना कि नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सबस्टेंस एक्ट, 1985 की धारा 36-ए (4) के अनुसार जांच की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए 180 दिनों की वैधानिक अवधि बढ़ाने के लिए इस संबंध में लोक अभियोजक की रिपोर्ट द्वारा अनिवार्य रूप से दायर की जानी चाहिए। जस्टिस मंजरी नेहरू कौल की बेंच ने यह टिप्पणी की" ...यह ध्यान में रखा जाना चाहिए कि एनडीपीएस अधिनियम की धारा 36-ए के तहत जांच की समय अवधि को यांत्रिक रूप से नहीं बढ़ाया जा सकता। जहां तक ​​जांच एजेंसी के लिए समय...

दिल्ली हाईकोर्ट ने 13 वर्षीय बलात्कार पीड़िता को गर्भावस्था के चिकित्सकीय समापन की अनुमति दी, डीएसएलएसए को मुआवजे देने की की जांच करने का निर्देश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने 13 वर्षीय बलात्कार पीड़िता को गर्भावस्था के चिकित्सकीय समापन की अनुमति दी, डीएसएलएसए को मुआवजे देने की की जांच करने का निर्देश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को 13 वर्षीय नाबालिग बलात्कार पीड़िता को 24 से 26 सप्ताह के भ्रूण के साथ गर्भपात कराने की अनुमति दे दी। जस्टिस जसमीत सिंह की अवकाशकालीन पीठ ने दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को नाबालिग को दिए जाने वाले मुआवजे पर गौर करने का भी निर्देश दिया।09 जून को अदालत ने गुरु तेग बहादुर अस्पताल में कम से कम दो डॉक्टरों वाले मेडिकल बोर्ड को निर्देश दिया था कि वह नाबालिग के गर्भपात के मामले की समीक्षा करे।बोर्ड द्वारा प्रस्तुत चिकित्सा रिपोर्ट का अवलोकन करते हुए जस्टिस सिंह ने आदेश...

केरल हाईकोर्ट ने त्रावणकोर देवास्वोम बोर्ड को मंदिर की गायों की स्वास्थ्य स्थितियों में सुधार के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया
केरल हाईकोर्ट ने त्रावणकोर देवास्वोम बोर्ड को मंदिर की गायों की स्वास्थ्य स्थितियों में सुधार के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया

केरल हाईकोर्ट ने गुरुवार को त्रावणकोर देवास्वोम बोर्ड को वैकोम श्री महादेव मंदिर की 'गोशाला' में गायों और बैलों की स्वास्थ्य स्थिति में सुधार के लिए तत्काल उपाय करने का निर्देश दिया।खंडपीठ में शामिल जस्टिस अनिल के नरेंद्रन और जस्टिस पीजी अजित कुमार ने मंदिर की गोशाला में गायों की उचित देखभाल की कमी को उजागर करने वाली एक समाचार रिपोर्ट के आधार पर शुरू की गई स्वत: संज्ञान कार्यवाही पर विचार करते हुए निर्देश जारी किया।वरिष्ठ पशु चिकित्सा सर्जन द्वारा रिपोर्ट के माध्यम से अदालत को सूचित किया गया कि...

पुनरीक्षण न्यायालय सीआरपीसी की धारा 125 के तहत अंतरिम भरणपोषण आदेश पर रोक लगाने के लिए बकाया राशि जमा करने की शर्त नहीं रख सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
पुनरीक्षण न्यायालय सीआरपीसी की धारा 125 के तहत अंतरिम भरणपोषण आदेश पर रोक लगाने के लिए बकाया राशि जमा करने की शर्त नहीं रख सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि एक पुनरीक्षण अदालत सीआरपीसी की धारा 125 के तहत पारित अंतरिम भरणपोषण आदेश पर रोक लगाने पर विचार करते हुए, मामले की परिस्थितियों के तथ्यों की अनदेखी करके पूरी भरणपोषण राशि जमा करने का सामान्य निर्देश नहीं दे सकती है।जस्टिस गिरीश कठपालिया की अवकाश पीठ ने कहा,"सीआरपीसी की धारा 125 के तहत कार्यवाही में पारित एक अंतरिम भरणपोषण आदेश की पुनरीक्षण जांच करते समय, पुनरीक्षण न्यायालय एक अन्य कारण से, आक्षेपित अंतरिम भरणपोषण आदेश के संचालन पर रोक लगाने के लिए मामले की समग्र...

बॉम्बे हाईकोर्ट ने भीमा कोरेगांव मामले में जमानत के लिए दायर गौतम नवलखा की याचिका पर एनआईए को नोटिस जारी किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने भीमा कोरेगांव मामले में जमानत के लिए दायर गौतम नवलखा की याचिका पर एनआईए को नोटिस जारी किया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को भीमा कोरेगांव - एल्गार परिषद मामले में गिरफ्तार सीनियर जर्नालिस्ट गौतम नवलखा द्वारा दायर ताजा जमानत याचिका पर एनआईए को नोटिस जारी किया। उल्लेखनीय है, नवलखा पर सीपीआई से संबंध रखने का आरोप है।जस्टिस एएस गडकरी की अध्यक्षता वाली खंडपीठ अब 28 जून, 2023 को मामले की सुनवाई करेगी।यह देखते हुए कि ट्रायल कोर्ट ने नवलखा की जमानत याचिका को खारिज करते हुए गूढ़ तर्क दिए, बॉम्बे हाईकोर्ट ने 2 मार्च, 2023 को विशेष एनआईए कोर्ट को मामले की नए सिरे से सुनवाई और फैसला करने का निर्देश...

किसी विशेष जाति से जुड़े पूर्वाग्रहों से बचने के लिए उपनाम बदलने की अनुमति, जीवन के अधिकार में पहचान का अधिकार शामिल: दिल्ली हाईकोर्ट
किसी विशेष जाति से जुड़े पूर्वाग्रहों से बचने के लिए उपनाम बदलने की अनुमति, जीवन के अधिकार में 'पहचान का अधिकार' शामिल: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्‍ली हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में कहा कि पहचान का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 का एक स्वाभाविक हिस्सा है। कोर्ट ने कहा कि एक व्यक्ति को यह अनुमति है कि वह अपने सरनेम को बदल ले ताकि वह किस विशेष जाति के साथ न पहचाना जा सके, जो उसके लिए पूर्वाग्रह का कारण हो सकती है। कोर्ट ने कहा इस बदलाव से आरक्षण या अन्‍य कोई कोई लाभ प्राप्त नहीं होगा, जो अपनाई गई जाति/उपनाम के लिए उपलब्ध हो सकता है। जस्टिस मिनी पुष्करणा ने कहा,“पहचान का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का एक...

हमारी अंतरात्मा को झकझोर दिया : कर्नाटक हाईकोर्ट ने पति की मृत्युदंड की पुष्टि की, जिसने पत्नी, नाबालिग बच्चों को चॉपर से मार डाला
'हमारी अंतरात्मा को झकझोर दिया ': कर्नाटक हाईकोर्ट ने पति की मृत्युदंड की पुष्टि की, जिसने पत्नी, नाबालिग बच्चों को चॉपर से मार डाला

कर्नाटक हाईकोर्ट ने अपनी पत्नी की वफादारी पर संदेह करते हुए अपनी पत्नी, भाभी और 10 साल से कम उम्र के तीन बच्चों की हत्या के लिए दोषी एक व्यक्ति को निचली अदालत द्वारा दी गई मौत की सजा की पुष्टि की है। जस्टिस सूरज गोविंदराज और जस्टिस जी बसवराज की एक खंडपीठ ने कहा कि यह मामला दुर्लभ से दुर्लभतम मामलों के टेस्ट को पास करता है, जिसके लिए मृत्युदंड की आवश्यकता होती है।"अपराध की क्रूरता जिसके परिणामस्वरूप 10 साल से कम उम्र के 3 बच्चों सहित पांच की मौत हो गई और जिस क्रूरता के साथ ऐसा किया गया है, हमारे...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने अपनी मां के पूर्व लिव-इन-पार्टनर को अपना पिता साबित करने के लिए डीएनए टेस्ट की 26 वर्षीय लड़की की याचिका खारिज की
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने अपनी मां के पूर्व लिव-इन-पार्टनर को अपना पिता साबित करने के लिए डीएनए टेस्ट की 26 वर्षीय लड़की की याचिका खारिज की

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि एक डीएनए परीक्षण का आदेश इस तरह से नहीं दिया जा सकता है, जिससे एक रोविंग इन्‍क्वायरी हो, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एक फैमिली कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया है जिसमें उसने एक 26 वर्षीय महिला के डीएनए परीक्षण के लिए आवेदन को अनुमति यह साबित करने के लिए दी थी कि उसकी मां का पूर्व लिव-इन पार्टनर उसका वास्तविक पिता है।जस्टिस अलका सरीन ने कहा।"डीएनए के संबंध में कानून अच्छी तरह से स्थापित है। भारत में न्यायालय सामान्य रूप से रक्त परीक्षण का आदेश नहीं...

राजस्थान हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले के 21 साल बाद डकैती के मामले में छह की सजा रद्द की
राजस्थान हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले के 21 साल बाद डकैती के मामले में छह की सजा रद्द की

राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में मामले के दर्ज होने के लगभग 23 साल बाद मृत व्यक्ति सहित छह अभियुक्तों की भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 395 के तहत दोषसिद्धि को इस आधार पर खारिज कर दिया कि रिकॉर्ड पर अभियोजन पक्ष के सबूत पर्याप्त नहीं थे, जो आरोपी व्यक्तियों पर लगाए गए आरोप को साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं थे।जस्टिस फरजंद अली की एकल न्यायाधीश पीठ ने कहा कि न तो अभियोजन पक्ष इस तथ्य को स्थापित करने में सफल रहा कि अपीलकर्ता वही व्यक्ति थे, जिन्होंने कार को रोका या उसमें से करेंसी नोटों के बैग...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर की बर्खास्तगी को बरकरार रखा, कहा- मुस्लिम के रूप में अनुसूचित जाति वर्ग के लाभ के हकदार नहीं
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर की बर्खास्तगी को बरकरार रखा, कहा- मुस्लिम के रूप में अनुसूचित जाति वर्ग के लाभ के हकदार नहीं

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के एक सहायक प्रोफेसर की सेवा समाप्ति को बरकरार रखा है। कोर्ट ने कहा कि चूंकि वह मुस्लिम समुदाय से संबंधित था, इसलिए वह अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र पाने का हकदार नहीं था।जस्टिस जयश्री ठाकुर ने कहा,"इस न्यायालय की राय है कि भले ही याचिकाकर्ता ने एससी प्रमाण पत्र प्राप्त करने के समय गलत तरीके से प्रस्तुत नहीं किया हो या धोखाधड़ी से प्राप्त किया हो, लेकिन चूंकि उसने दावा किया था और उसे उक्त प्रमाण पत्र के तहत लाभ दिया गया था, जिसके लिए वह निश्चित...

धारा 70 के तहत विवाद निवारण तंत्र लागू करने के लिए सहकारी समिति के साथ पूर्व न्यायिक संबंध आवश्यक: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट
धारा 70 के तहत विवाद निवारण तंत्र लागू करने के लिए सहकारी समिति के साथ 'पूर्व न्यायिक संबंध' आवश्यक: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जम्मू-कश्मीर सहकारी समिति पंजीकरण अधिनियम की धारा 70 उन पक्षों के बीच विवादों को हल करने के लिए एक आंतरिक तंत्र के रूप में कार्य करती है, जिनके बीच विवाद उत्पन्न होने से पहले ही एक दूसरे के साथ कानूनी संबंध हैं। यह उन व्यक्तियों पर लागू नहीं किया जा सकता है, जिनका समाज के मामलों में शामिल व्यक्तियों के साथ कोई 'पूर्व कानूनी संबंध' नहीं है। चीफ जस्टिस कोटेश्वर सिंह ने मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 8 सहपठित धारा 11 के तहत एक...

अग्रिम जमानत आवेदन दायर करने के लिए हाईकोर्ट या सेशन कोर्ट चुनने के विवेक को प्रावधानों की संकीर्ण व्याख्या द्वारा प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
अग्रिम जमानत आवेदन दायर करने के लिए हाईकोर्ट या सेशन कोर्ट चुनने के विवेक को प्रावधानों की संकीर्ण व्याख्या द्वारा प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि अग्रिम जमानत याचिका दायर करने के लिए हाईकोर्ट या निचली अदालत में से किसी एक को चुनने के आवेदक के विवेक को सीआरपीसी की धारा 438 को संकीर्ण रूप से परिभाषित करके प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता।जस्टिस चंद्र धारी सिंह की एक अवकाश पीठ ने प्रावधान का विश्लेषण करते हुए कहा कि अग्रिम जमानत मांगने के लिए सीधे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने पर कोई रोक नहीं है और ऐसे मामलों से निपटने के लिए दोनों अदालतों का समवर्ती अधिकार क्षेत्र है।अदालत ने कहा,"यह आवेदक के लिए विवेकाधीन है कि वह या तो...

यूएपीए अपराधों में जमानत नियम है का मंत्र की तरह उच्चारण नहीं किया जा सकता: कर्नाटक हाईकोर्ट ने 2020 बेंगलुरु दंगों के आरोपी को जमानत देने से इनकार किया
यूएपीए अपराधों में 'जमानत नियम है' का मंत्र की तरह उच्चारण नहीं किया जा सकता: कर्नाटक हाईकोर्ट ने 2020 बेंगलुरु दंगों के आरोपी को जमानत देने से इनकार किया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने 2020 के बेंगलुरु दंगों में आरोपी अभियुक्त को सार्वजनिक सुरक्षा की प्रधानता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर समाज के सामूहिक हित का हवाला देते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया, क्योंकि संविधान के तहत संवैधानिक रूप से गारंटी दी गई है।जस्टिस कृष्णा एस दीक्षित की एकल न्यायाधीश पीठ ने भी सुप्रीम कोर्ट के 'जमानत नियम है और जेल अपवाद' के आदेश को लागू करने से इनकार करते हुए कहा,"सबसे पहले, इस तरह के तानाशाही को मीलों दूर रहना पड़ता है, जब अपराधों की श्रेणी, जिसके लिए अभियुक्त का आरोप लगाया...