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कलकत्ता हाईकोर्ट ने नो एंट्री जोन से गुजरने वाले ट्रक पर 'ऑन ड्यूटी विद फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट' का स्टीकर लगाने के मामले में ड्राइवर के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द की
कलकत्ता हाईकोर्ट ने हाल ही में एक ट्रक चालक के खिलाफ आईपीसी की धारा 419, 420, 467, 471 और 478 के तहत कार्यवाही को रद्द कर दिया। उसने कथित रूप से एक नो एंट्री जोन को पार करने के लिए अपने ट्रक पर 'ऑन ड्यूटी पीडीएस फूड एंड सप्लाई डिपार्टमेंट, पश्चिम बंगाल सरकार' चिपका दिया था। कोर्ट ने फैसले में कहा कि उसका कृत्य अपराधों की परिभाषा में नहीं आता है।जस्टिस अनन्या बंद्योपाध्याय की सिंगल जज बेंच ने कहा कि यातायात पुलिस के पास 'नो एंट्री जोन' क्षेत्र में ऐसे ऐसे स्टिकर वाले वाहनों को चलने से रोकने के...
प्लास्टिक कोटेड पेपर सिंगल यूज प्लास्टिक की वस्तुओं पर प्रतिबंध लगाने के लिए जारी की गई अधिसूचना के दायरे में आता है: राजस्थान हाईकोर्ट
राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में माना कि 'प्लास्टिक लेमिनेटेड पेपर' प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2016 तहत सिंगल यूज प्लास्टिक पर बैन लगाने के लिए जारी की गई अधिसूचना के दायरे में आएगा। प्लास्टिक लैमिनेटेड पेपर का उपयोग लैमिनेटेड पेपर कप के लिए कच्चे माल के रूप में किया जाता है।जस्टिस समीर जैन की पीठ मैनेजमेंट रूल्स, 2016 में 2021 में किए गए संशोधन, वायु (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम 1981 की धारा 31ए, और जल (प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण) अधिनियम, 1974 की धारा 33ए के...
राज्य के भीतर केवल गाय रखना और परिवहन करना यूपी गौहत्या अधिनियम के तहत अपराध नहीं होगा: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि उत्तर प्रदेश की सीमा के भीतर जीवित गाय/बैल रखना या गाय का परिवहन करना उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम 1955 के तहत अपराध करने, अपराध के लिए उकसाने या अपराध करने का प्रयास करने के बराबर नहीं होगा। जस्टिस विक्रम डी चौहान की पीठ ने इस साल मार्च में एक वाहन से 6 गायों की कथित बरामदगी के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए कुंदन यादव नामक व्यक्ति को जमानत देते हुए यह टिप्पणी की। उस पर यूपी गोवध निवारण अधिनियम, 1964 की धारा 3/5ए/5बी/8 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (29 मई, 2023 से 02 जून, 2023) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।रेप के आरोपी ने पीड़िता को मांगलिक बता शादी करने से किया इनकार, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लखनऊ विश्वविद्यालय को पीड़िता की कुंडली की जांच करने को कहाइलाहाबाद हाईकोर्ट में रेप से जुड़ा एक मामला आया। हाईकोर्ट ने लखनऊ विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभाग के हेड ऑफ डिपार्टमेंट को निर्देश दिया कि वो कथित बलात्कार पीड़िता...
जब पीड़िता गवाह के कठघरे में जाने से बच रही हो तो ऐसा आचरण अभियुक्त को जमानत दिलाने के लिए पर्याप्त: पोक्सो मामले में जेएंडके एंड एल हाईकोर्ट ने कहा
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने पोक्सो मामले में एक अभियुक्त को जमानत देते हुए कहा कि सिर्फ इसलिए कि अभियोजिका खुद को अदालत में पेश होने से दूर रखती है, जमानत की याचिका को अनिश्चित काल के लिए नहीं टाला जा सकता है। जस्टिस संजय धर ने कहा,"अभियोजन पक्ष का यह मामला नहीं है कि अभियुक्तों के आचरण के कारण मुकदमे में देरी हो रही है, लेकिन यह एक ऐसा मामला है जहां पीड़िता गवाह के कटघरे में आने से बच रही है। पीड़िता का यह आचरण याचिकाकर्ता को जमानत का अधिकार देने के लिए पर्याप्त है।"अदालत अपहरण और...
दिल्ली हाईकोर्ट ने इंडियन कानून पोर्टल को बलात्कार के मामले में बरी हुए व्यक्ति का नाम छुपाने का निर्देश दिया, किसी व्यक्ति की निजी जानकारी इंटरनेट से हटाने के अधिकार पर नीति का खुलासा करने के लिए कहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में इंडियन कानून नामक एक वेबसाइटी को 29 वर्षीय एक व्यक्ति के नाम, जिसे 2018 में बलात्कार के एक मामले में बरी कर दिया गया था, को छुपाने का निर्देश दिया। जस्टिस प्रतिभा एम सिंह भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 376 और 506 के तहत दायर एफआईआर में बरी एक व्यक्ति की ओर से दायर व्यक्ति की याचिका पर सुनवाई कर रही थीं, जिसने वेबसाइट पर अपने मामले से जुड़े निर्णय में अपना नाम छुपाने की मांग की थी।जुलाई 2018 में ट्रायल कोर्ट ने उसे सभी आरोपों से बरी किया था।कोर्ट ने 5 अक्टूबर को...
लॉक-इन पीरियड में 'शेष किराया' नुकसान का वास्तविक पूर्व-अनुमान, वास्तविक नुकसान की और आवश्यकता नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने एक मध्यस्थता अवार्ड को बरकरार रखा है, जिसमें मध्यस्थ ने माना था कि लॉक-इन पीरियड में 'शेष किराया' नुकसान का एक वास्तविक पूर्व-अनुमान है, जिसके लिए नुकसान का कोई और प्रमाण आवश्यक नहीं है। जस्टिस वी कामेश्वर राव की पीठ ने कहा कि जब अनुबंध में लॉक-इन पीरियड के लिए पूरे शेष किराए के भुगतान का प्रावधान किया गया है, यदि लॉक-इन पीरियड समाप्त होने से पहले डीड समाप्त हो जाती है, तो यह एक अनुबंध/डीड की शीघ्र समाप्ति के लिए पट्टेदार की ओर से वहन किए जाने वाले नुकसान के बारे में वास्तविक...
परीक्षकों और नियंत्रकों के बेहतर मार्गदर्शन के लिए पेटेंट नियमावली को तुरंत अपडेट करने की आवश्यकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने माना कि "पेटेंट ऑफिस प्रैक्टिस और प्रोसिज़र मैनुअल को" अपडेट करने की तत्काल आवश्यकता है ताकि एग्जामिनर्स और कंट्रोलर्स को जटिल आविष्कारों से संबंधित जटिल मामलों से डील करने के लिए बेहतर मार्गदर्शन मिल सके।जस्टिस अमित बंसल ने कहा,"चूंकि भारत में पेटेंट फाइलिंग की संख्या तेजी से बढ़ रही है और पेटेंट ऑफिस प्रैक्टिस और प्रोसिजर मैनुअल को अपडेट करने की आसन्न आवश्यकता है ताकि एग्जामिनर्स और कंट्रोलर्स को स्पष्टता और संक्षिप्तता की कमी की आपत्तियों जैसे जटिल मामलों से डील करने के...
आबकारी नीति: दिल्ली हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में मनीष सिसोदिया की अंतरिम जमानत याचिका पर आदेश सुरक्षित रखा
दिल्ली हाईकोर्ट ने शनिवार की विशेष सुनवाई में राष्ट्रीय राजधानी में पिछली आबकारी नीति के कार्यान्वयन से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आम आदमी पार्टी (आप) के नेता और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया द्वारा दायर अंतरिम जमानत याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया।सिसोदिया ने अपनी पत्नी की खराब स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए छह सप्ताह की अंतरिम जमानत मांगी है।जस्टिस दिनेश कुमार शर्मा ने आज (शनिवार) शाम तक एलएनजेपी अस्पताल से सिसोदिया की पत्नी की मेडिकल रिपोर्ट मांगी, जहां वह वर्तमान में...
‘अंतिम आकलन के बाद अगर खतरे की आशंका सही पाई जाती है तो नवजोत सिंह सिद्धू की सुरक्षा बढ़ाई जाए’: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य को दिया निर्देश
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के अधिकारियों को कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू द्वारा उनकी सुरक्षा के संबंध में व्यक्त की गई आशंकाओं पर ध्यान देने और उपयुक्त सुरक्षा के प्रावधान सहित सभी सुधारात्मक उपाय करने का निर्देश दिया है।अदालत ने राज्य को एक महीने की अवधि के भीतर एक उचित आदेश पारित करने का निर्देश दिया।अदालत ने कहा,"अगर पैरा संख्या 9 और 11 (गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई से जीवन के खतरे के संबंध में) में किए गए पूर्वोक्त दलीलों के आधार पर खतरे की धारणा वास्तविक नोट पर पाई जाती है, तो सक्षम...
शिक्षा निदेशालय द्वारा आवंटन के बाद अनुचित आधार पर ईडब्ल्यूएस/डीजी कैटेगरी के तहत स्टूडेंट को एडमिशन देने से स्कूल इनकार नहीं कर सकते: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि शिक्षा निदेशालय द्वारा वैध आवंटन होने के बाद राष्ट्रीय राजधानी में स्कूल आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग या वंचित समूह कैटेगरी के तहत स्टूडेंट को एडमिशन देने से इनकार नहीं कर सकते।जस्टिस मिनी पुष्करणा ने कहा कि कोर्ट इस बात को नजरअंदाज नहीं कर सकता कि समाज के वंचित समूहों को जीवन में आगे आने के समान अवसर दिए जाने चाहिए।अदालत ने कहा,"इसमें वंचित समूहों और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों से संबंधित स्टूडेंट को अन्य बच्चों के साथ स्कूलों में पढ़ने का अवसर देना शामिल है,...
आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल के "किसी भी" सदस्य की अभिव्यक्ति को "सभी सदस्य" के रूप में नहीं पढ़ा जा सकता: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि आर्बिट्रेटर के रूप में नियुक्त होने के लिए अनिवार्य योग्यता निर्धारित करने वाले क्लॉज में निहित अभिव्यक्ति "किसी भी सदस्य" को आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल के "सभी सदस्य" के रूप में नहीं पढ़ा जा सकता। अदालत ने कहा कि वाक्यांश "किसी भी सदस्य" की व्याख्या उस संदर्भ में की जानी चाहिए, जिसमें इसका उपयोग किया जाता है।जस्टिस यशवंत वर्मा की पीठ आर्बिट्रेशन क्लॉज से निपट रही थी, जिसके लिए आवश्यक था कि आर्बिट्रल ट्रिब्यूनल का "कोई भी सदस्य" "ग्रेजुएट इंजीनियर हो, जिसे सार्वजनिक...
कोयले के अवैध खनन और इसके परिवहन में सक्रिय माफिया के साथ राज्य की स्पष्ट मिलीभगत है: मेघालय हाईकोर्ट ने सरकार को फटकार लगाई
मेघालय हाईकोर्ट ने कोयले के स्रोत या उत्पत्ति को सत्यापित किए बिना लैंड कस्टम स्टेशनों के माध्यम से निर्यात के लिए दसियों हज़ार मीट्रिक टन कोयले की निकासी की अनुमति देने में राज्य की ढिलाई पर गहरी चिंता व्यक्त की।चीफ जस्टिस संजीब बनर्जी और जस्टिस डब्ल्यू डेंगदोह की खंडपीठ ने कहा,"अवैध कोयला-खनन और इस न्यायालय में अवैध रूप से खनन किए गए कोयले के अवैध परिवहन से संबंधित स्वत: संज्ञान कार्यवाही से बहुत पहले केंद्रीय एजेंसियों और केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा राज्य को जारी किए गए कई पत्र, बल्कि एक...
अप्राकृतिक अपराधों से जुड़े मामलों में नरमी न केवल अवांछनीय है, बल्कि जनहित के खिलाफ भी है: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 377, 506 और पॉक्सो एक्ट अधिनियम की धारा 4 और 5 के तहत मामले में दायर जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि अप्राकृतिक अपराधों से जुड़े मामलों में नरमी न केवल अवांछनीय है, बल्कि सार्वजनिक हित के खिलाफ भी है।अदालत ने कहा कि इस तरह के अपराधों से सख्ती से निपटा जाना चाहिए और ऐसे मामलों में नरमी बरतना वास्तव में गलत सहानुभूति का मामला होगा।जस्टिस मोहन लाल की पीठ जमानत के लिए दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, इस आधार पर याचिकाकर्ता...
रेप के आरोपी ने पीड़िता को मांगलिक बता शादी करने से किया इनकार, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने लखनऊ विश्वविद्यालय को पीड़िता की कुंडली की जांच करने को कहा
इलाहाबाद हाईकोर्ट में रेप से जुड़ा एक मामला आया। हाईकोर्ट ने लखनऊ विश्वविद्यालय के ज्योतिष विभाग के हेड ऑफ डिपार्टमेंट को निर्देश दिया कि वो कथित बलात्कार पीड़िता की कुंडली की जांच करके बताएं कि वो मांगलिक है या नहीं। जांच तीन सप्ताह के भीतर पूरी कर बताने का निर्देश दिया गया है।जस्टिस बृज राज सिंह की बेंच आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। मामले में आरोपी ने कथित तौर पर यौन संबंध बनाने के बाद पीड़िता से इस आधार पर शादी करने से इनकार कर दिया कि लड़की की कुंडली में मंगल दोष है। यानी वो...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने म्यूजिक वीडियो में धार्मिक भावनाओं को कथित रूप से ठेस पहुंचाने के आरोप में पंजाबी सिंगर मिस पूजा और अन्य के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द की
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने प्रसिद्ध पंजाबी सिंगर मिस पूजा, एक्टर हरीश वर्मा और अन्य के खिलाफ उनके 2018 के म्यूजिक वीडियो 'जीजू' में यमराज को नशे में पति के रूप में चित्रित करके कथित रूप से धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए दर्ज एफआईआर रद्द कर दी।वकील की शिकायत पर सीआरपीसी की धारा 156 (3) के तहत मजिस्ट्रेट के निर्देश पर रूपनगर के पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 295-ए, 499 और 500 के तहत एफआईआर दर्ज की गई।जस्टिस अमन चौधरी की पीठ ने कहा,“वर्तमान मामलों में शामिल दो जर्मन...
दिल्ली हाईकोर्ट ने रेलिगेयर फिनवेस्ट घोटाला मामले में मलविंदर मोहन सिंह को जमानत दी
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को रेलिगेयर एंटरप्राइजेज लिमिटेड के पूर्व प्रमोटर मलविंदर मोहन सिंह को रेलिगेयर फिनवेस्ट के कथित 2397 करोड़ रुपये के घोटाले के मामले में जमानत दी।जस्टिस अमित शर्मा ने कहा कि अगर सिंह को आवश्यक शर्तों के साथ जमानत पर रिहा किया जाता है, खासकर जब अन्य सह-आरोपी व्यक्तियों को जमानत दी गई हो तो ट्रायल कोर्ट के समक्ष अभियोजन पक्ष के मामले में कोई संभावित पूर्वाग्रह नहीं हो सकता।अदालत ने कहा,"बेशक, वर्तमान मामले की जांच पूरी तरह से और मुख्य चार्जशीट के साथ-साथ पूरक आरोप पत्र...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने 75 साल की बूढ़ी मां से मिलने के लिए दोषी को पैरोल दी, रामायण के श्लोक "जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी" का उल्लेख किया
कर्नाटक हाईकोर्ट ने ओपन एयर जेल के अधीक्षक को एक दोषी को उसकी बीमार मां से मिलने के लिए तीन सप्ताह की आपातकालीन पैरोल देने का निर्देश दिया है।जस्टिस कृष्ण एस दीक्षित की एकल पीठ ने दोषी शिवप्पा बेलाड द्वारा दायर याचिका को स्वीकार कर लिया।बेंच ने कहा,"यह न्यायालय, मानव जीवन की कमी और मां और बच्चों के बीच अपूरणीय स्थिति और बंधन के प्रति सचेत होने के कारण याचिकाकर्ता की मां श्रीमती गंगव्वा, जिनकी उम्र लगभग 75 वर्ष है और वह अस्पताल कुश्तगी में भर्ती हैं, उनके बारे में कहा जाता है कि वे प्राकृतिक से...
आबकारी नीति : दिल्ली हाईकोर्ट ने मनीष सिसोदिया को एक दिन के लिए अपनी पत्नी से मिलने की अनुमति दी, मीडिया से बातचीत करने या फोन का उपयोग पर रोक लगाई
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को शनिवार को एक दिन के लिए अपनी पत्नी से मिलने की अनुमति दी और आदेश दिया कि वह मीडिया से बातचीत नहीं करेंगे या अपने मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करेंगे। जस्टिस दिनेश कुमार शर्मा की बेंच ने राष्ट्रीय राजधानी में पिछली आबकारी नीति के कार्यान्वयन में भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में अंतरिम जमानत की मांग करने वाले सिसोदिया के आवेदनों पर आदेश पारित किया। सिसोदिया की पत्नी की खराब स्वास्थ्य...
याचिकाकर्ता को भारतीय नागरिकता का संकेत देने वाली किसी भी प्रासंगिक सामग्री पेश करने के सभी अवसर दिए जाने चाहिए : गुवाहाटी हाईकोर्ट ने महिला को राहत दी
गुवाहाटी हाईकोर्ट ने हाल ही में एक महिला की नागरिकता के मामले में विदेशी ट्रिब्यूनल को एक तर्कपूर्ण आदेश पारित करते हुए महिला को ट्रिब्यूनल के समक्ष बयान देने के लिए ऐसे किसी भी व्यक्ति को पेश करने की अनुमति दी, जिसे यह पता हो कि वह उस व्यक्ति की बेटी है जिसका नाम गांव पंचायत सचिव द्वारा जारी प्रमाण पत्र के अनुसार 1966 की मतदाता सूची में उल्लेखित है। जस्टिस अचिंत्य मल्ला बुजोर बरुआ और जस्टिस रॉबिन फुकन की खंडपीठ ने कहा कि जब याचिकाकर्ता को विदेशी अधिनियम, 1946 की धारा 9 के तहत अपने बोझ का...




















