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पत्नी की मामूली सैलरी स्टेटस के अंतर को नहीं भर पाती, बेरोज़गार पति की कमाई की अच्छी-खासी क्षमता: हाईकोर्ट ने गुज़ारा भत्ता बरकरार रखा
पत्नी की मामूली सैलरी स्टेटस के अंतर को नहीं भर पाती, बेरोज़गार पति की 'कमाई की अच्छी-खासी क्षमता': हाईकोर्ट ने गुज़ारा भत्ता बरकरार रखा

कर्नाटक हाईकोर्ट ने सॉफ्टवेयर इंजीनियर की दायर रिट याचिका खारिज की, जिसमें उसने अपनी अलग रह रही पत्नी के लिए हर महीने ₹20,000 के अंतरिम गुज़ारा भत्ते के आदेश को चुनौती दी थी। कोर्ट ने कहा कि एक स्वस्थ शरीर वाला, अच्छी तरह से पढ़ा-लिखा पति बेरोज़गारी का बहाना बनाकर गुज़ारा भत्ता देने की अपनी कानूनी ज़िम्मेदारी से बच नहीं सकता।जस्टिस डॉ. के. मनमधा राव की सिंगल जज बेंच ने 17 अप्रैल के अपने आदेश में कहा कि सिर्फ़ इस बात से कि अलग रह रही पत्नी हर महीने ₹40,000 की सैलरी कमा रही है, उसे गुज़ारा भत्ता...

दिल्ली हाईकोर्ट का Rapido को निर्देश: दृष्टिबाधित यूज़र्स के लिए पहुंच सुनिश्चित करें
दिल्ली हाईकोर्ट का Rapido को निर्देश: दृष्टिबाधित यूज़र्स के लिए पहुंच सुनिश्चित करें

दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय राइड-हेलिंग सर्विस Rapido को निर्देश दिया कि वह यह सुनिश्चित करे कि उसका एप्लिकेशन, जब तक भी वह चालू रहता है, अपने यूज़र्स के लिए हर तरह से 'दिव्यांग-अनुकूल' बना रहे।जस्टिस पुरुशेंद्र कुमार कौरव ने इस बात पर ज़ोर दिया कि सर्विस देने वालों का यह सकारात्मक कर्तव्य है कि वे यह सुनिश्चित करें कि डिजिटल इंटरफ़ेस स्वाभाविक रूप से सुलभ हों। साथ ही सहायक तकनीकों के साथ संगत हों; इनमें स्क्रीन रीडर और दृष्टिबाधित व्यक्तियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले अन्य पहुंच उपकरण शामिल...

सिर्फ़ FIR के आधार पर हथियार का लाइसेंस रद्द नहीं किया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट
सिर्फ़ FIR के आधार पर हथियार का लाइसेंस रद्द नहीं किया जा सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फ़ैसला दिया कि हथियार का लाइसेंस सिर्फ़ FIR के आधार पर रद्द नहीं किया जा सकता, जब तक कि उसमें हथियार के गलत इस्तेमाल या उसे चलाने का कोई ज़िक्र न हो।इलाहाबाद हाईकोर्ट के पिछले फ़ैसले राजीव कुमार @ मोनू शुक्ला बनाम उत्तर प्रदेश राज्य (प्रधान सचिव, गृह और अन्य के ज़रिए) पर भरोसा करते हुए जस्टिस इरशाद अली ने कहा:“यह बिल्कुल साफ़ है कि सिर्फ़ FIR के आधार पर—जहां साफ़ तौर पर हथियार का कभी इस्तेमाल नहीं हुआ और हथियार के गलत इस्तेमाल के कोई आरोप नहीं हैं—लाइसेंस रद्द नहीं किया जा...

नाबालिग के तौर पर छोटे-मोटे अपराध के लिए सज़ा, डिफेंस सर्विसेज़ में नौकरी में रुकावट नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
नाबालिग के तौर पर छोटे-मोटे अपराध के लिए सज़ा, डिफेंस सर्विसेज़ में नौकरी में रुकावट नहीं: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जुवेनाइल जस्टिस एक्ट (JJ Act) के फ़ायदेमंद स्वभाव पर ज़ोर देते हुए फ़ैसला दिया कि नाबालिगों द्वारा किए गए छोटे-मोटे अपराध किसी उम्मीदवार को मिलिट्री फ़ोर्स में नौकरी पाने से नहीं रोकेंगे।चीफ़ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सर्राफ़ की डिवीज़न बेंच ने यह टिप्पणी की:"हम माननीय सिंगल जज के इस विचार से पूरी तरह सहमत हैं कि ये अपराध छोटे-मोटे हैं और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के प्रावधानों के अपवादों के दायरे में नहीं आते। प्रतिवादी को सिर्फ़ सज़ा मिलना उसके नौकरी पाने में रुकावट...

अभिजीत मित्रा के खिलाफ FIR का आदेश, न्यूज़लॉन्ड्री की मनीषा पांडे के खिलाफ की थी अपमानजनक पोस्ट
अभिजीत मित्रा के खिलाफ FIR का आदेश, न्यूज़लॉन्ड्री की मनीषा पांडे के खिलाफ की थी अपमानजनक पोस्ट

दिल्ली कोर्ट ने बुधवार (22 अप्रैल) को टिप्पणीकार अभिजीत अय्यर मित्रा के खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया। यह निर्देश डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म न्यूज़लॉन्ड्री की संपादकीय निदेशक मनीषा पांडे द्वारा दायर शिकायत मामले पर दिया गया, जिसमें उन्होंने मित्रा पर सोशल मीडिया पर उनके और अन्य महिला कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया था।साकेत कोर्ट के प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट भानु प्रताप सिंह ने पांडे द्वारा दायर उस याचिका पर यह आदेश पारित किया, जिसमें उन्होंने मित्रा के खिलाफ FIR...

सोशल मीडिया पोस्ट पर विवाद: दिल्ली हाईकोर्ट ने BJP नेता गौरव भाटिया की याचिका पर X यूज़र से मांगा जवाब
सोशल मीडिया पोस्ट पर विवाद: दिल्ली हाईकोर्ट ने BJP नेता गौरव भाटिया की याचिका पर X यूज़र से मांगा जवाब

दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता और सीनियर एडवोकेट गौरव भाटिया की याचिका पर सुनवाई करते हुए X (पूर्व में ट्विटर) यूज़र को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। यह मामला भाटिया के टीवी डिबेट से जुड़े एक कथित अश्लील वीडियो पोस्ट को लेकर है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।जस्टिस मिनी पुष्कर्णा ने रैंटिंग गोला नाम के यूज़र को दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।भाटिया का आरोप है कि उक्त यूज़र ने 19 दिसंबर को वीडियो पोस्ट किया जो उनके द्वारा दायर मानहानि मामले में 25 सितंबर, 2025 को...

जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की रिक्यूज़ल सुनवाई के वीडियो हटाने का आदेश, केजरीवाल को नोटिस: दिल्ली हाईकोर्ट
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की रिक्यूज़ल सुनवाई के वीडियो हटाने का आदेश, केजरीवाल को नोटिस: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने 23 अप्रैल को एक महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए सोशल मीडिया से अदालत की कार्यवाही के वीडियो हटाने का निर्देश दिया, जो जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की रिक्यूज़ल (मामले से अलग होने) की सुनवाई से संबंधित थे। यह आदेश एक जनहित याचिका पर दिया गया, जिसमें अरविंद केजरीवाल समेत अन्य नेताओं और पत्रकार रवीश कुमार के खिलाफ अदालत की कार्यवाही को कथित रूप से “बिना अनुमति रिकॉर्ड और प्रसारित” करने पर अवमानना कार्रवाई की मांग की गई थी। जस्टिस वी. कामेश्वर राव और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की...

लॉरेंस ऑफ पंजाब वेब सीरीज पर रोक की मांग, हाईकोर्ट पहुंचे कांग्रेस सांसद राजा वारिंग
'लॉरेंस ऑफ पंजाब' वेब सीरीज पर रोक की मांग, हाईकोर्ट पहुंचे कांग्रेस सांसद राजा वारिंग

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के जीवन पर आधारित वेब सीरीज 'लॉरेंस ऑफ पंजाब' की रिलीज पर रोक लगाने की मांग को लेकर जनहित याचिका दायर की गई।यह याचिका कांग्रेस सांसद राजा वारिंग की ओर से दायर की गई। याचिकाकर्ता ने अदालत से आग्रह किया कि 27 अप्रैल को ओटीटी मंच जी5 पर प्रस्तावित इस वेब सीरीज के प्रसारण पर तत्काल रोक लगाई जाए।याचिका में कहा गया कि यह सीरीज गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के जीवन और उसके अपराधी नेटवर्क के उदय को दर्शाती है जिससे अपराध को महिमामंडित करने का खतरा...

दिल्ली की जमीन बेहद सीमित संसाधन: हाईकोर्ट ने 1063 करोड़ की मांग बहाल की, टैक्सदाताओं पर बोझ नहीं डाल सकते
दिल्ली की जमीन बेहद सीमित संसाधन: हाईकोर्ट ने 1063 करोड़ की मांग बहाल की, टैक्सदाताओं पर बोझ नहीं डाल सकते

दिल्ली हाईकोर्ट ने नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) को बड़ी राहत देते हुए भारत होटल्स लिमिटेड के खिलाफ 1063 करोड़ से अधिक की लाइसेंस फीस मांग को बहाल किया। अदालत ने कहा कि राजधानी की जमीन बेहद सीमित सार्वजनिक संसाधन है और उससे होने वाले नुकसान का बोझ आम करदाताओं पर नहीं डाला जा सकता।चीफ जस्टिस डी.के. उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की खंडपीठ ने सिंगल जज के उस फैसले को पलट दिया, जिसमें 13 फरवरी 2020 की मांग नोटिस और 1982 में किए गए लाइसेंस समझौते की समाप्ति रद्द की गई थी।यह विवाद NDMC द्वारा भारत होटल्स...

फीस में मनमानी बढ़ोतरी और किताबों की सप्लाई में गड़बड़ी: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्राइवेट स्कूल अधिकारियों के खिलाफ FIR रद्द करने से किया इनकार
फीस में मनमानी बढ़ोतरी और किताबों की सप्लाई में गड़बड़ी: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्राइवेट स्कूल अधिकारियों के खिलाफ FIR रद्द करने से किया इनकार

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जबलपुर के उन प्राइवेट स्कूलों के अधिकारियों के खिलाफ FIR रद्द करने से इनकार किया, जिन पर फीस में भारी बढ़ोतरी करने और अभिभावकों को चुनिंदा विक्रेताओं से नकली या डुप्लीकेट ISBN वाली किताबें ज़्यादा कीमतों पर खरीदने के लिए मजबूर करने का आरोप है।जस्टिस बीपी शर्मा की बेंच ने यह टिप्पणी की:"इस तरह का बर्ताव, जब किताबों और स्टेशनरी पर मिलने वाले भारी मुनाफे और सप्लाई के खास तरीके के साथ मिलाकर देखा जाता है तो यह एक सोची-समझी साज़िश की ओर इशारा करता है। इसका मकसद अभिभावकों को...

रुकावट दूर करने के लिए प्रमोशन देने वाली सरकारी नीति को समान रूप से लागू किया जाना चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट
रुकावट दूर करने के लिए प्रमोशन देने वाली सरकारी नीति को समान रूप से लागू किया जाना चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट

रेवेन्यू बोर्ड में काम करने वाले टेलीफ़ोन ऑपरेटरों को सिविल सेक्रेटेरिएट में लोअर डिवीज़न असिस्टेंट के पद पर प्रमोट करने के मामले की सुनवाई करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फ़ैसला दिया कि रुकावट दूर करने के लिए प्रमोशन देने वाली सरकारी नीति को एक समान रूप से लागू किया जाना चाहिए।यूपी रेवेन्यू बोर्ड मिनिस्टीरियल सर्विस रूल्स, 1983 रेवेन्यू बोर्ड में काम करने वाले कर्मचारियों की सेवा शर्तों को नियंत्रित करते हैं। हालांकि, इनमें टेलीफ़ोन ऑपरेटरों का पद शामिल नहीं है, जिसे 1986 में मंज़ूरी दी गई। चूंकि...

माँ की मृत्यु के बाद पिता ही स्वाभाविक अभिभावक होता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका स्वीकार की
माँ की मृत्यु के बाद पिता ही स्वाभाविक अभिभावक होता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका स्वीकार की

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी की कि माँ की मृत्यु के बाद पिता ही स्वाभाविक अभिभावक होता है और आमतौर पर नाबालिग के कल्याण की देखभाल करने के लिए सबसे उपयुक्त व्यक्ति होता है।जस्टिस संदीप जैन की पीठ ने इस प्रकार एक पिता द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas corpus) याचिका स्वीकार की और 13 महीने के बच्चे के ननिहाल पक्ष के रिश्तेदारों को निर्देश दिया कि वे बच्चे की कस्टडी याचिकाकर्ता को सौंप दें।याचिकाकर्ता-पिता का पक्ष यह था कि उसकी पत्नी (बच्चे की माँ) की मृत्यु पिछले साल फरवरी में हो गई, और तब...

पहली मैटरनिटी लीव के 2 साल के अंदर दूसरी मैटरनिटी लीव पर कोई रोक नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
पहली मैटरनिटी लीव के 2 साल के अंदर दूसरी मैटरनिटी लीव पर कोई रोक नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि पहली मैटरनिटी लीव के 2 साल के अंदर किसी महिला द्वारा दूसरी मैटरनिटी लीव मांगने पर कोई रोक नहीं है।इलाहाबाद हाईकोर्ट के पिछले फैसले, 'अनुपम यादव और अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य और अन्य' पर भरोसा करते हुए जस्टिस करुणेश सिंह पवार ने कहा,"अनुपम यादव (उपर्युक्त) मामले में जैसा कि फैसले को पढ़ने से साफ पता चलता है, किसी कर्मचारी के लिए पहली मैटरनिटी लीव मिलने के दो साल के अंदर दूसरी मैटरनिटी लीव का लाभ मांगने पर कोई रोक नहीं है।"याचिकाकर्ता ने अपनी दूसरी मैटरनिटी लीव...

सर्विस रिकॉर्ड निजी जानकारी, RTI Act के तहत इसका खुलासा करने से छूट: बॉम्बे हाईकोर्ट
सर्विस रिकॉर्ड निजी जानकारी, RTI Act के तहत इसका खुलासा करने से छूट: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने फैसला दिया कि सर्विस रिकॉर्ड निजी जानकारी होती है, जिसे सूचना का अधिकार (RTI Act) के तहत सार्वजनिक करने से छूट मिली हुई। कोर्ट ने कहा कि ऐसी जानकारी को सार्वजनिक करने का आदेश तब तक नहीं दिया जा सकता, जब तक कि संबंधित अथॉरिटी इस बात से संतुष्ट न हो जाए कि व्यापक जनहित के लिए ऐसा करना ज़रूरी है।जस्टिस आबासाहेब डी. शिंदे एक रिट याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। इस याचिका में राज्य सूचना आयोग के उस आदेश को चुनौती दी गई, जिसमें डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस के सर्विस रिकॉर्ड को सार्वजनिक...