मुख्य सुर्खियां

जिनके नाम चुनाव मतदाता सूची में हैं पर एनआरसी की अंतिम सूची में नहीं है उनका क्या हुआ, सुप्रीम कोर्ट जानना चाहता है [आर्डर पढ़े]
जिनके नाम चुनाव मतदाता सूची में हैं पर एनआरसी की अंतिम सूची में नहीं है उनका क्या हुआ, सुप्रीम कोर्ट जानना चाहता है [आर्डर पढ़े]

उन लोगों का क्या हुआ जिनके नाम मतदाता सूची में हैं पर जिन्हें एनआरसी की अंतिम सूची में नहीं है? यह प्रश्न सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से पूछा। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई,न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने कहा कि 'भविष्य के लिए यह प्रश्न बहुत ही महत्त्वपूर्ण है'। "वर्तमान याचिका की बातों के अलावा, बड़ा प्रश्न यह है, और इसके बारे में कोर्ट को बताया जाना चाहिए कि एनआरसी की अंतिम सूची (जिसे 31.7.2019 में प्रकाशित किया जाना है) और...

दूसरी अपील पर ग़ौर करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर हाईकोर्ट के सीमित अधिकार की याद दिलाई [निर्णय पढ़े]
दूसरी अपील पर ग़ौर करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर हाईकोर्ट के सीमित अधिकार की याद दिलाई [निर्णय पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अपने एक फ़ैसले में हाईकोर्टों को एक बार फिर याद दिलाया कि सीपीसी की धारा 100 के तहत किसी मामले पर ग़ौर करते हुए उसकी सीमा क्याहै।पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के एक फ़ैसले को निरस्त करते हुए न्यायमूर्ति एल नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति एमआर शाह की पीठ ने कहा :"इस अदालत के कई फ़ैसलों के बावजूद …हाईकोर्ट सीपीसी की धारा 100 के तहत समवर्ती फ़ैसलों के निचोड़ को बिगाड़ रहा है…"वर्तमान मामले में हाईकोर्ट ने जो बड़े प्रश्न सामने रखे हैं वे हैं : निचली अदालत की किसी विशेष निचोड़ को...

मौत की सज़ा तभी दी जाए जब आजीवन कारावास की सज़ा पूरी तरह अपर्याप्त लगे: सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]
मौत की सज़ा तभी दी जाए जब आजीवन कारावास की सज़ा पूरी तरह अपर्याप्त लगे: सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]

आरोपी का कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं होने और उसके व्यवहारों पर ग़ौर करने के बाद में हम इस बात से संतुष्ट नहीं हैं कि उसमें सुधार की कोई संभावना नहीं है। पाँच साल की एक लड़की से बलात्कार और उसकी हत्या के दोषी एक व्यक्ति की मौत की सज़ा को बदलते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मौत की सज़ा अवश्य ही तभी दी जाए जब आजीवन कारावास की सज़ा निहायत ही अपर्याप्त लगे। न्यायमूर्ति एनवी रमना,न्यायमूर्ति एमएम शांतनागौदर और न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी की पीठ ने सचिन कुमार सिंघराहा को बिना छूट के 25 साल की कारावास की...

सुप्रीम कोर्ट ने मुक़दमादरों से कहा, अगर आपका वक़ील आपकी मदद नहीं कर पा रहा है तो दूसरा वक़ील रखिए [निर्णय पढ़े]
सुप्रीम कोर्ट ने मुक़दमादरों से कहा, अगर आपका वक़ील आपकी मदद नहीं कर पा रहा है तो दूसरा वक़ील रखिए [निर्णय पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने एक फ़ैसले में ऐसे मुक़दमादारों को एक साधारण सुझाव दिया जो मुक़दमे में देरी या ग़लत फ़ैसले के लिए अपने वकीलों को दोष देते हैं। सुप्रीम कोर्ट हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की याचिका पर ग़ौर कर रहा था। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने दूसरी अपील रद्द कर दी थी और 1942 दिनों की देरी कोई नज़रंदाज़ करने से मना कर दिया था। हाईकोर्ट के विचारों से सहमति जताते हुए न्यायमूर्ति एएम सप्रे और न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी की पीठ ने कहा कि इस आधार पर उनके वक़ील ने समय पर उचित क़दम उठाया, 1942...

हाईकोर्ट निचली अदालतों या अधिकरणों के फ़ैसलों में सिर्फ़ ग़लतियों को सुधार के लिए हस्तक्षेप नहीं कर सकता : झारखंड हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]
हाईकोर्ट निचली अदालतों या अधिकरणों के फ़ैसलों में सिर्फ़ ग़लतियों को सुधार के लिए हस्तक्षेप नहीं कर सकता : झारखंड हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]

झारखंड हाईकोर्ट की एक एकलपीठ ने अनुच्छेद 227 के तहत एक रिट याचिका पर ग़ौर करते हुए कहा कि हाईकोर्ट अनुच्छेद 227 के तहत निचली अदालतों या अधिकरणों के फ़ैसले में सिर्फ़ कुछ ग़लतियों को ठीक करने के लिए हस्तक्षेप नहीं कर सकता। Panpati Devi v. Ram Barat Ram मामले में याचिकाकर्ता ने अपीली अदालत के फ़ैसले को चुनौती दी। याचिकाकर्ता ने निचली अदालत के फ़ैसले के ख़िलाफ़ ज़िला अदालत में एक टाइटिल सूट दायर किया कि बिक्री का क़रार फ़र्ज़ी तरीक़े से किया गया। इसके बाद याचिकाकर्ता ने सीपीसी के आदेश VI...

गवाहों से पूछताछ के वैध नहीं होने पर क्या मामले के दुबारा सुनवाई का आदेश दिया जा सकता है या नहीं, सुप्रीम कोर्ट करेगा जाँच
गवाहों से पूछताछ के वैध नहीं होने पर क्या मामले के दुबारा सुनवाई का आदेश दिया जा सकता है या नहीं, सुप्रीम कोर्ट करेगा जाँच

अगर किसी मामले में गवाहियों के बयान आरोपियों की अनुपस्थिति में दर्ज किए गए हैं तो क्या दुबारा नए सिरे से पूरी सुनवाई का आदेश दिया जा सकता है?सुप्रीम कोर्ट आत्मा राम बनाम राजस्थान राज्य मामले में इस मुद्दे पर ग़ौर कर रही है। कोर्ट ने निचली अदालत द्वारा दुबारा सुनवाई के बाद फ़ैसला सुनाने पर रोक लगा दिया है। वरिष्ठ वक़ील रंजीत कुमार को पीठ ने अमिकस क्यूरी नियुक्त किया है। इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति यूयू ललित और न्यायमूर्ति इन्दु मल्होत्रा की पीठ कररही है।कोर्ट इस मामले पर अगली सुनवाई अब 13...

Writ Of Habeas Corpus Will Not Lie When Adoptive Mother Seeks Child
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ऑटिज़म से ग्रस्त बच्चों का सरकारी ख़र्चे पर इलाज कराने का आदेश दिया [आर्डर पढ़े]

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा है कि वह ऑटिस्टिक बच्चों को राज्य के ख़र्चे पर इलाज कराए। न्यायमूर्ति एससी शर्मा और न्यायमूर्ति वीरेंदर सिंह ने एनजीओ से सामने आने और प्रत्येक ऑटिस्टिक बच्चों की मदद करने को कहा है। कोर्ट ने तलाक़ के एक मामले की सुनवाई करते हुए यह बात कही। 'इस मासूम बच्चे की मुस्कान सच्चे रूप में स्वर्गिक थी जो कि किसी भी व्यक्ति के हृदय को पिघला सकती है," पीठ ने कहा। इस दृश्य से विचलित कोर्ट ने राज्य के स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव और खरगोन के ज़िला अधिकारी को...

Writ Of Habeas Corpus Will Not Lie When Adoptive Mother Seeks Child
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 'सपेरों' पर प्रतिबंध लगाने वाले वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम के प्रावधानों को समाप्त करने की याचिका ख़ारिज की [आर्डर पढ़े]

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 'सपेरा' समुदाय के एक व्यक्ति की उस याचिका को ख़ारिज कर दिया जिसमें उसने वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 9 और 11 की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी थी। महावीर नाथ ने हाईकोर्ट के ग्वालियर पीठ में अर्ज़ी देकर यह कहा कि उसे सपेरों के परंपरागत कार्य करने से रोका जा रहा है जो कि उसकी आजीविका का साधन रहा है। उसने कहा कि नाथ/सपेरा समुदाय के परम्परागत पेशे पर अचानक ही पाबंदी लगा दी गई है और उन्हें सांपों को रखने से रोक दिया गया है। उसने या भी कहा कि उनका समुदाय ग्वालियर...

चिकित्सा पेशेवरों को सभी मरीज़ों के साथ समान आदर और संवेदनशीलता के साथ पेश आना चाहिए : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]
चिकित्सा पेशेवरों को सभी मरीज़ों के साथ समान आदर और संवेदनशीलता के साथ पेश आना चाहिए : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़े]

चिकित्सा में लापरवाही के एक मामले में एक महिला को ऊँची मुआवज़ा राशि चुकाए जाने का आदेश देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मेडिकल पेशे से जुड़े लोगों को अपने सभी उपभोक्ताओं के साथ समान व्यवहार करना चाहिए। यह मामला 45 साल की जिस महिला से संबंधित है वह बहुत ही ग़रीब घर और ग्रामीण परिवेश की है और इलाज में लापरवाही के कारण उसकी दाहिनी बाँह काटनी पड़ी। राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने पाया कि यह मामला चिकित्सा में लापरवाही का है और इसके लिए सिर्फ़ दो लाख रुपए का मुआवज़ा ही देने का आदेश दिया।...

एनजीटी ने फ़ॉक्सवैगन पर उत्सर्जन की मात्रा को छिपाने वाला यंत्र लगाने के आरोप में लगाया ₹500 करोड़ का जुर्माना
एनजीटी ने फ़ॉक्सवैगन पर उत्सर्जन की मात्रा को छिपाने वाला यंत्र लगाने के आरोप में लगाया ₹500 करोड़ का जुर्माना

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) जर्मनी की कार कंपनी फ़ॉक्सवैगन पर उत्सर्जन के नियम का उल्लंघन करने और इसको छिपाने के लिए कारों में यंत्र लगाने का दोषी पाते हुए उस पर ₹500 करोड़ का जुर्माना लगाया है। एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति एके गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कंपनी पर इस जुर्माने की घोषणा की।पीठ ने दिल्ली के एक शिक्षक सलोनी ऐलवादी की याचिका पर यह फ़ैसला सुनाया। ऐलवादी ने यह याचिका तब दायर की जब उसको पता चला कि उसके पिता को चौथे चरण का कैंसर है। उसके वक़ील संजीव ऐलवादी ने कहा कि मानवों में...

ट्रान्स्फ़र ऑफ़ प्रॉपर्टी ऐक्ट,1882 के तहत किरायेदार और मकान मालिक के बीच सम्पत्ति विवाद का फ़ैसला मध्यस्थता से हो सकता है या नहीं, बड़ी पीठ करेगी निर्णय [निर्णय पढ़े]
ट्रान्स्फ़र ऑफ़ प्रॉपर्टी ऐक्ट,1882 के तहत किरायेदार और मकान मालिक के बीच सम्पत्ति विवाद का फ़ैसला मध्यस्थता से हो सकता है या नहीं, बड़ी पीठ करेगी निर्णय [निर्णय पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने हिमाँगनी एंटरप्राइज़ बनाम कमलजीत सिंह अहलूवालिया मामले में उसका फ़ैसला सही है कि नहीं यह जानने के लिए इस मामले को एक बड़ी बेंच को सौंप दिया है। इस फ़ैसले में कोर्ट ने कहा था कि मकान मालिक और किरायेदार के बीच जहाँ ट्रान्स्फ़र ऑफ़ प्रॉपर्टी ऐक्ट, 1882 लागू होगा उस मामले में मध्यस्थता नहीं हो सकती। न्यायमूर्ति रोहिंटन फली नरीमन और न्यायमूर्ति विनीत सरन की पीठ ने कलकत्ता हाईकोर्ट के एक फ़ैसले के ख़िलाफ़ याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। इस फ़ैसले में एक मकान मालिक और उसके किरायेदार के...

12 साल से कम उम्र की किसी लड़की ज़बरन चूमना और गले लगाना पोकसो अधिनियम के तहत गंभीर यौन उत्पीड़न हो सकता है : सिक्किम हाईकोर्ट [निर्णय पढ़े]
12 साल से कम उम्र की किसी लड़की ज़बरन चूमना और गले लगाना पोकसो अधिनियम के तहत 'गंभीर यौन उत्पीड़न' हो सकता है : सिक्किम हाईकोर्ट [निर्णय पढ़े]

सिक्किम हाई कोर्ट ने कहा है कि 11 साल की किसी लड़की को ज़बरन चूमना और उसे गले से लगाना पोकसो अधिनियम, 2012 की धारा 9m के तहत 'गंभीर यौन अपराध' हो सकता है। न्यायमूर्ति भास्कर राज प्रधान ने पोकसो अधिनियम की धारा 9m के तहत एक व्यक्ति को दोषी ठहराने के विशेष अदालत के फ़ैसले को जायज़ ठहराया। इस व्यक्ति ने 11 साल की एक लड्डकि को ज़बरन चूमा था और उसे गले लगाया था। विशेष अदालत ने नाबालिग़ के बयान पर ग़ौर किया जिसे उसकी एक सहेली ने भी सही ठहराया जो कि उस समय वहाँ मौजूद थी जब यह वाक़या हुआ। कोर्ट के...

उम्मीदवार का ग़लत हलफ़नामा देना धाँधली नहीं बशर्ते वह चुनाव अधिकारी की जाँच से पहले इसमें सुधार कर लेता है : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]
उम्मीदवार का ग़लत हलफ़नामा देना धाँधली नहीं बशर्ते वह चुनाव अधिकारी की जाँच से पहले इसमें सुधार कर लेता है : सुप्रीम कोर्ट [आर्डर पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अगर कोई उम्मीदवार नामांकन पत्र में दिए गए किसी ग़लत सूचना को चुनाव अधिकारी की जाँच से पहले ठीक कर लेता है तो उसे 'धाँधली' नहीं कहा जाएगा। जिबोनतारा घटोवर के ख़िलाफ़ शिकायत यह थी कि उसने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 33A के तहत जो फ़ॉर्म भरा था उसमें इस बात का ज़िक्र नहीं किया था कि उसके ख़िलाफ़ एक आपराधिक मामला लंबित था। इस प्रावधान के अनुसार, उम्मीदवारों से उम्मीद की जाती है कि वह इसमें अपने ख़िलाफ़ ऐसे लंबित मामलों का ज़िक्र करेंगे जिसमें दो वर्ष या इससे अधिक की...

हत्या के अभियुक्त बरी : सुप्रीम कोर्ट ने उन चार लोगों के ख़िलाफ़ जाँच का आदेश दिया जिनकी पहचान घायल गवाह ने की थी [निर्णय पढ़े]
हत्या के अभियुक्त बरी : सुप्रीम कोर्ट ने उन चार लोगों के ख़िलाफ़ जाँच का आदेश दिया जिनकी पहचान घायल गवाह ने की थी [निर्णय पढ़े]

सुप्रीम कोर्ट ने न केवल हत्या के छह आरोपियों को मौत की सज़ा से बरी कर दिया है बल्कि 15 साल पहले हुए इस हत्याकांड की आगे जाँच का आदेश भी दिया। जस्टिस सिकरी ,जस्टिस अब्दुल नज़ीर और जस्टिस म आर शाह की पीठ ने ये निर्णय दिया |अंकुश मारुति शिंदे और पाँच अन्य लोगों पर यह आरोप है कि उन्होंने पाँच हत्याओं को अंजाम देने और एक महिला के साथ बलात्कार का आरोप है। यह महिला बच गई और पर 15 साल के एक बच्चे की मौत हो गई। सुप्रीम कोर्ट ने 2009 में इस मामले में सभी लोगों को मौत की सज़ा को सही ठहराया था। पर मंगलवार को...