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जम्मू- कश्मीर में क्या बच्चों को अवैध हिरासत में रखा जा रहा है, सुप्रीम कोर्ट ने जुवेनाइल जस्टिस कमेटी से मांगी रिपोर्ट

LiveLaw News Network
20 Sep 2019 7:06 AM GMT
जम्मू- कश्मीर में क्या बच्चों को अवैध हिरासत में रखा जा रहा है, सुप्रीम कोर्ट ने जुवेनाइल जस्टिस कमेटी से मांगी रिपोर्ट
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सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू- कश्मीर जुवेनाइल जस्टिस कमेटी से रिपोर्ट मांगी है कि क्या राज्य में बच्चों को अवैध रूप से हिरासत में रखा जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने एक सप्ताह में ये रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है। शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, जस्टिस एस. ए. बोबडे और जस्टिस एस. अब्दुल नजीर की पीठ ने बाल अधिकार विशेषज्ञ एनाक्षी गांगुली और राष्ट्रीय बाल अधिकार आयोग (एनसीपीसीआर) की पहली अध्यक्षा प्रोफेसर शांता सिन्हा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि उन्हें हाईकोर्ट चीफ जस्टिस की रिपोर्ट मिली है, जो याचिकाकर्ता के दावों का समर्थन नहीं करती। पीठ ने आगे कहा कि फिलहाल इस मुद्दे पर वह कोई टिप्पणी नहीं करना चाहती।

बच्चों की अवैध हिरासत पर कोर्ट से की गई थी दखल देने की मांग

दरअसल याचिका में जम्मू और कश्मीर में बच्चों की अवैध हिरासत पर कोर्ट से दखल देने की मांग की गई है। वहीं अदालत में पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि एक बच्चे को सुरक्षा बलों ने हिरासत में लिया था, लेकिन जैसे ही यह पता चला कि वह नाबालिग है तो उसे जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के पास भेज दिया गया।

CJI ने मांगी थी J&K HC के चीफ जस्टिस से रिपोर्ट

गौरतलब है कि बीते 16 सितंबर को देश के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने जम्मू और कश्मीर हाईकोर्ट की मुख्य न्यायाधीश से इस मुद्दे पर रिपोर्ट मांगी थी कि क्या हाईकोर्ट में लोगों को अपने केस ले जाने में परेशानी हो रही है। CJI रंजन गोगोई ने कहा था कि जरूरत पड़ी तो वो खुद हाईकोर्ट जाकर जायजा भी लेंगे। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को यह कहा था कि वो जम्मू-कश्मीर में जल्द से जल्द हालात सामान्य करने के लिए राष्ट्रहित को ध्यान में रखते हुए हर संभव प्रयास करे।

अदालत ने याचिका को HC ले जाने को कहा; वकील ने जताई असमर्थता

पीठ ने वकील से कहा था कि वो इस याचिका को लेकर हाईकोर्ट जाएं। इस पर वकील ने कहा कि वहां दिक्कत है। ये सुनने पर CJI रंजन गोगोई ने हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश से इस पर रिपोर्ट मांगी थी। उन्होंने कहा कि इसके बाद वो खुद भी वहां जाएंगे। ये गंभीर मसला है और यदि ऐसा नहीं पाया गया तो याचिकाकर्ता तैयार रहें।

केंद्र सरकार ने बताई कश्मीर की स्थिति

वहीं केंद्र सरकार कश्मीर की स्थिति पर SG तुषार मेहता ने कहा था कि हम एक अभूतपूर्व स्थिति का सामना कर रहे हैं। 5 अगस्त से एक भी गोली नहीं चली है। कोई जनहानि नहीं हुई। 93 पुलिस थानों से प्रतिबंध हटा दिए गए हैं।

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