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सुप्रीम कोर्ट ने शेख अली गुमटी के पास पार्क में बैडमिंटन/बास्केटबॉल कोर्ट के निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों पर लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट ने शेख अली गुमटी के पास पार्क में बैडमिंटन/बास्केटबॉल कोर्ट के निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों पर लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने 31 जुलाई को लोधी काल के शेख अली 'गुमटी' के जीर्णोद्धार के लिए और आदेश पारित किए। यह पुरातात्विक महत्व का 500 साल पुराना मकबरा है। इस पर डिफेंस कॉलोनी वेलफेयर एसोसिएशन (DCWA), दिल्ली ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा था। साथ ही यहां दिल्ली नगर निगम (MCD) एक अनधिकृत कार्यालय और पार्किंग संचालित करता था।जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की खंडपीठ ने निर्देश दिया कि गुमटी स्थित पार्क का उपयोग बैडमिंटन/बास्केटबॉल कोर्ट के निर्माण के लिए नहीं किया जाना चाहिए। इस क्षेत्र...

न्याय का हृदय मानवीय ही रहना चाहिए, ऑटोमैटिड सिस्टम मानवीय स्पर्श का स्थान नहीं ले सकतीं: जस्टिस सूर्यकांत
न्याय का हृदय मानवीय ही रहना चाहिए, ऑटोमैटिड सिस्टम मानवीय स्पर्श का स्थान नहीं ले सकतीं: जस्टिस सूर्यकांत

सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि न्याय प्रदान करने की प्रणाली में तकनीक कभी भी मानवीय तत्व का स्थान नहीं ले सकती, क्योंकि न्याय का हृदय हमेशा मानवीय ही रहेगा।मानव रचना विश्वविद्यालय के लॉ कॉलेज द्वारा आयोजित आरसी लाहोटी स्मृति व्याख्यान में जस्टिस सूर्यकांत ने कहा,"जब हम तकनीक के माध्यम से कानूनी सहायता की पुनर्कल्पना करते है, तो हमें यह नहीं भूलना चाहिए: तकनीक केवल एक साधन है। न्याय का हृदय मानवीय ही रहना चाहिए।"जस्टिस कांत ने 'अंतर को पाटना: भारत में समावेशी न्याय के लिए डिजिटल युग...

सुप्रीम कोर्ट ने पत्नी के साथ वैवाहिक जीवन फिर से शुरू करने की शर्त पर मिली अग्रिम जमानत को बताया गलत, हाईकोर्ट का आदेश किया रद्द
सुप्रीम कोर्ट ने पत्नी के साथ वैवाहिक जीवन फिर से शुरू करने की शर्त पर मिली अग्रिम जमानत को बताया गलत, हाईकोर्ट का आदेश किया रद्द

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में झारखंड हाईकोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत देते समय पति पर यह शर्त थोपने को अनुचित ठहराया कि वह अपनी पत्नी के साथ वैवाहिक संबंध फिर से बहाल करे और उसे सम्मानपूर्वक और गरिमा के साथ रखे।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ए.जी. मसीह की खंडपीठ ने कहा कि CrPC की धारा 438(2) के तहत इस तरह की शर्त का कोई आधार नहीं है।कोर्ट ने टिप्पणी की,“पति-पत्नी के बीच पहले से ही दूरी है और वे कुछ समय से अलग रह रहे हैं। ऐसी स्थिति में ऐसी शर्त लगाना आगे चलकर और अधिक मुकदमेबाज़ी को जन्म दे सकता...

क्या अस्थायी विकलांगता प्रमाणपत्र दिव्यांगजनों को दिव्यांगजन आरक्षण से वंचित करता है? सुप्रीम कोर्ट करेगा विचार
क्या अस्थायी विकलांगता प्रमाणपत्र दिव्यांगजनों को दिव्यांगजन आरक्षण से वंचित करता है? सुप्रीम कोर्ट करेगा विचार

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में दृष्टिबाधित दो छात्रों द्वारा दायर एक याचिका पर प्रतिवादियों को MBBS कोर्स के प्रथम वर्ष के लिए दृष्टिबाधित कोटे के तहत दो सीटें रिक्त रखने का निर्देश दिया। 40% दृष्टिबाधित इन दोनों छात्रों को जिनकी आंखो में 40% दृष्टिबाधितता है, NEET-UG उत्तीर्ण करने के बावजूद जम्मू-कश्मीर के मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन देने से इस आधार पर मना कर दिया गया था कि उनकी विकलांगता अस्थायी है और वे बेंचमार्क दिव्यांगजन (PwBD) कोटे के तहत आरक्षण के लिए योग्य नहीं हैं।जस्टिस बीवी नागरत्ना और...

सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस यूयू ललित की अध्यक्षता वाली समिति को पश्चिम बंगाल के 15 सहायता प्राप्त विश्वविद्यालयों के कुलपतियों का स्वतंत्र रूप से चयन करने का निर्देश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस यूयू ललित की अध्यक्षता वाली समिति को पश्चिम बंगाल के 15 सहायता प्राप्त विश्वविद्यालयों के कुलपतियों का स्वतंत्र रूप से चयन करने का निर्देश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में कुलपतियों की नियुक्ति के संबंध में अपने पिछले निर्देशों में संशोधन करते हुए पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) यूयू ललित और उनकी अध्यक्षता वाली चयन समिति को 15 विश्वविद्यालयों में नियुक्ति के लिए सबसे उपयुक्त उम्मीदवारों का स्वतंत्र रूप से चयन करने की ज़िम्मेदारी सौंपी।न्यायालय ने कहा,"जस्टिस ललित और उनकी चयन समिति के सदस्य इस मुद्दे को सुलझाने के लिए सबसे उपयुक्त व्यक्ति हैं, क्योंकि उन्होंने न केवल उम्मीदवारों से बातचीत की है, बल्कि उनकी...

सुप्रीम कोर्ट ने विद्युत मंत्रालय और नियामकों को विद्युत क्षेत्र में उत्सर्जन कम करने के लिए संयुक्त कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने विद्युत मंत्रालय और नियामकों को विद्युत क्षेत्र में उत्सर्जन कम करने के लिए संयुक्त कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में (22 जुलाई) विद्युत मंत्रालय को केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) और केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (CERC) के साथ संयुक्त बैठक आयोजित करने का निर्देश दिया ताकि विद्युत उत्पादन क्षेत्र से कार्बन उत्सर्जन कम करने हेतु एक समन्वित कार्य योजना तैयार की जा सके।न्यायालय ने तीनों निकायों को चार सप्ताह के भीतर संयुक्त हलफनामा दायर करने का आदेश दिया, जिसमें लागू कानूनी ढाँचे और उत्सर्जन से निपटने के लिए प्रस्तावित कदमों का विवरण दिया गया हो।जस्टिस पमिदिघंतम श्री नरसिम्हा और जस्टिस...

सुप्रीम कोर्ट ने स्कूल रिकॉर्ड स्वीकार करने से किया इनकार, हत्या के आरोपी की किशोर होने की याचिका खारिज करने के लिए वैधानिक दस्तावेजों का लिया सहारा
सुप्रीम कोर्ट ने स्कूल रिकॉर्ड स्वीकार करने से किया इनकार, हत्या के आरोपी की किशोर होने की याचिका खारिज करने के लिए वैधानिक दस्तावेजों का लिया सहारा

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (1 अगस्त) को यह पाते हुए एक आरोपी के किशोर होने का दावा खारिज कर दिया कि अपराध के समय वह किशोर नहीं था।जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की खंडपीठ ने शिकायतकर्ता द्वारा दायर अपील पर सुनवाई की, जिसमें निचली अदालत और हाईकोर्ट दोनों ने प्रतिवादी नंबर 2 (आरोपी) को 2012 में किए गए एक अपराध के लिए केवल प्राइवेट स्कूल के रिकॉर्ड के आधार पर किशोर माना था, जिसमें उसका जन्म वर्ष 1995 दर्शाया गया। अदालत ने कहा कि ये रिकॉर्ड केवल प्रवेश के समय आरोपी के पिता की...

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश में 2025 में मान्यता प्राप्त संस्थानों को 2023-24 और 2024-25 सत्रों के लिए पैरामेडिकल कोर्स संचालित करने से रोकने वाले आदेश पर लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश में 2025 में मान्यता प्राप्त संस्थानों को 2023-24 और 2024-25 सत्रों के लिए पैरामेडिकल कोर्स संचालित करने से रोकने वाले आदेश पर लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (1 अगस्त) को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा पारित उस अंतरिम आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें राज्य पैरामेडिकल परिषद द्वारा 2025 में मान्यता प्राप्त पैरामेडिकल कोर्स संचालित करने वाले संस्थानों को 2023-2024 और 2024-2025 के शैक्षणिक सत्र संचालित करने से रोक दिया गया था।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने मध्य प्रदेश पैरामेडिकल परिषद के रजिस्ट्रार द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका पर नोटिस जारी करते हुए यह अंतरिम आदेश पारित किया।मध्य प्रदेश...

सुप्रीम कोर्ट ने सट्टेबाजी ऐप्स और सेलिब्रिटी विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाने की याचिका पर राज्यों, ED और TRAI को नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने सट्टेबाजी ऐप्स और सेलिब्रिटी विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाने की याचिका पर राज्यों, ED और TRAI को नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टेबाजी ऐप्स और उन्हें बढ़ावा देने वाले सेलिब्रिटी विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाने की मांग करने वाली प्रचारक डॉ. केए पॉल की याचिका पर नोटिस जारी किया।कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED), भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI), गूगल इंडिया (Google India) और एप्पल इंडिया (Apple India), जिनके ऐप स्टोर पर ऐसे ऐप्स हैं, उसके साथ-साथ ड्रीम 11 फैंटेसी प्राइवेट लिमिटेड, मोबाइल प्रीमियर लीग (MPL) और ए23 गेम्स (ऐस2थ्री) जैसे प्रमुख सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म को भी...

पूरा हिमाचल प्रदेश गायब हो सकता है; राजस्व प्राप्ति पर्यावरण की कीमत पर नहीं हो सकती: सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई
'पूरा हिमाचल प्रदेश गायब हो सकता है; राजस्व प्राप्ति पर्यावरण की कीमत पर नहीं हो सकती': सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई

हिमाचल प्रदेश में पारिस्थितिक असंतुलन पर चिंता जताते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने चेतावनी दी कि यदि अनियंत्रित विकास जारी रहा, तो "पूरा राज्य देश के मानचित्र से गायब हो सकता है।" सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी करते हुए कि हरित कर निधियों का असंबंधित उद्देश्यों के लिए दुरुपयोग रोकने के लिए उचित निगरानी आवश्यक है, यह भी कहा कि पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में पर्यावरणीय क्षरण की कीमत पर राजस्व अर्जित करना सरकारों का प्राथमिक उद्देश्य नहीं होना चाहिए।न्यायालय ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर...

दिल्ली पुलिस की लापरवाही से रूसी महिला बच्चा लेकर भारत से भागी: सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराज़गी
दिल्ली पुलिस की लापरवाही से रूसी महिला बच्चा लेकर भारत से भागी: सुप्रीम कोर्ट ने जताई नाराज़गी

सुप्रीम कोर्ट ने रूसी महिला को उसके पांच साल के बच्चे के साथ देश से भागने की अनुमति देकर 'घोर लापरवाही' के लिए दिल्ली पुलिस की कड़ी आलोचना की. सुप्रीम कोर्ट ने बच्चे के भारतीय पिता के साथ चल रहे हिरासत विवाद में उसके आदेशों का उल्लंघन करते हुए दिल्ली पुलिस की कड़ी आलोचना की.जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की खंडपीठ ने दिल्ली पुलिस द्वारा दायर स्थिति रिपोर्ट और गृह मंत्रालय द्वारा दायर एक हलफनामे की समीक्षा करने के बाद एक विस्तृत आदेश पारित किया। न्यायालय ने कहा कि यह घटना दिल्ली...

MSME फ्रेमवर्क SARFAESI प्रोसीडिंग के खिलाफ ढाल नहीं, जब तक कि इसे सक्रिय रूप से लागू न किया जाए: सुप्रीम कोर्ट ने Pro Knits फैसले को स्पष्ट किया
MSME फ्रेमवर्क SARFAESI प्रोसीडिंग के खिलाफ ढाल नहीं, जब तक कि इसे सक्रिय रूप से लागू न किया जाए: सुप्रीम कोर्ट ने 'Pro Knits' फैसले को स्पष्ट किया

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा कि सुरक्षित ऋणदाता और बैंक MSME के खातों को गैर-निष्पादित आस्तियों (NPA) के रूप में वर्गीकृत करने से पहले उनके खातों में "प्रारंभिक तनाव" की पहचान करने के लिए बाध्य नहीं हैं, जब तक कि MSME उधारकर्ता ने पुनरुद्धार और पुनर्वास के लिए 2015 के RBI फ्रेमवर्क का स्पष्ट रूप से आह्वान न किया हो। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि MSME, चूक के बाद ऋणदाताओं द्वारा शुरू की गई SRFAESI कार्यवाही के दौरान फ्रेमवर्क पर देर से भरोसा नहीं कर सकते। इसके बजाय, यदि MSME को व्यावसायिक संकट...

MBBS Internship: सुप्रीम कोर्ट ने आर्मी कॉलेज से 2022 बैच का बकाया चुकाने का निर्दश दिया, कहा- आप उन्हें 18-19 घंटे काम करवाते हैं और कोई स्टाइपेंड नहीं देते?
MBBS Internship: सुप्रीम कोर्ट ने आर्मी कॉलेज से 2022 बैच का बकाया चुकाने का निर्दश दिया, कहा- आप उन्हें 18-19 घंटे काम करवाते हैं और कोई स्टाइपेंड नहीं देते?'

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (एक अगस्त) आर्मी मेडिकल कॉलेज साइंसेज को 2022 के एमबीबीएस इंटर्न को 25,000 रुपये प्रति माह के हिसाब से बकाया वजीफा देने का निर्देश दिया। सितंबर 2023 में एक आदेश पारित किया गया था जिसमें अक्टूबर 2023 से बैचों के मेडिकल छात्रों को 25,000 रुपये मासिक वजीफा देने का निर्देश दिया गया था।शुरुआत में, जस्टिस सुधांशु धूलिया और जस्टिस अरविंद कुमार की पीठ ने आर्मी कॉलेज की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आर. बालासुब्रमण्यम से पूछा कि तीन साल बीत जाने के बाद भी वे वजीफा क्यों नहीं दे...

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को सुरक्षित और सुलभ फुटपाथों के लिए दिशानिर्देश बनाने का आखिरी मौका दिया
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को सुरक्षित और सुलभ फुटपाथों के लिए दिशानिर्देश बनाने का आखिरी मौका दिया

14 मई के आदेश के अनुसरण में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और राज्य सरकार को पैदल चलने वालों के अधिकारों की रक्षा के लिए नियम बनाने का "एक आखिरी मौका" दिया, जिसमें दिव्यांगजनों के लिए फुटपाथों को सुलभ बनाना भी शामिल है।जस्टिस अभय एस. ओक और जस्टिस उज्ज्वल भुयान की खंडपीठ ने मई में कहा था कि फुटपाथ का उपयोग करने का अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का एक अनिवार्य पहलू है।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की खंडपीठ के समक्ष सीनियर एडवोकेट और एमिक्स क्यूरी गौरव...

दिल्ली हाईकोर्ट में सीनियर एडवोकेट डेजिग्नेशन नहीं पा सकें अन्य राज्यों के रिटायर जज, सुप्रीम कोर्ट ने नियम को चुनौती देने वाली याचिका की खारिज
दिल्ली हाईकोर्ट में सीनियर एडवोकेट डेजिग्नेशन नहीं पा सकें अन्य राज्यों के रिटायर जज, सुप्रीम कोर्ट ने नियम को चुनौती देने वाली याचिका की खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के नियम को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी, जिसमें अन्य राज्यों के रिटायर जजों को दिल्ली में सीनियर एडवोकेट डेजिग्नेशन के लिए आवेदन करने से रोका गया था।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली विजय प्रताप सिंह द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका खारिज की, जिसमें संबंधित नियम बरकरार रखा गया था।यह चुनौती दिल्ली हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट डेजिग्नेशन के नियम, 2024 के नियम 9बी को लेकर...

PM Modi पर शशि थरूर की बिच्छू वाली टिप्पणी का मानहानि मामला सुप्रीम कोर्ट ने किया बंद, कहा- इतना भावुक क्यों हो रहे हैं?
PM Modi पर शशि थरूर की 'बिच्छू' वाली टिप्पणी का मानहानि मामला सुप्रीम कोर्ट ने किया बंद, कहा- 'इतना भावुक क्यों हो रहे हैं?'

सुप्रीम कोर्ट ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में की गई "शिवलिंग पर बैठे बिच्छू" वाली टिप्पणी को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर के खिलाफ आपराधिक मानहानि की शिकायत की कार्यवाही बंद कर दी जानी चाहिए।जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस एनके सिंह की खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी। थरूर के वकील ने स्थगन की मांग की, जबकि शिकायतकर्ता (BJP नेता राजीव बब्बर) के वकील ने गैर-विविध दिन पर सुनवाई की मांग की।इस पर जस्टिस सुंदरेश ने मौखिक रूप से कहा:"कौन सा गैर-विविध दिन?...

जब भी कोई नई अदालत स्थापित होती है, वकील विरोध करते हैं, अदालतें सिर्फ़ वकीलों के लिए नहीं, मुक़दमों के लिए होती हैं: सुप्रीम कोर्ट
'जब भी कोई नई अदालत स्थापित होती है, वकील विरोध करते हैं, अदालतें सिर्फ़ वकीलों के लिए नहीं, मुक़दमों के लिए होती हैं': सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को आंध्र प्रदेश में कोर्ट शिफ्टिंग को चुनौती देने वालक याचिका खारिज करते हुए वकीलों द्वारा नई अदालतों की स्थापना का विरोध करने की प्रवृत्ति पर मौखिक टिप्पणी की।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई और जस्टिस के विनोद चंद्रन की खंडपीठ आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें मछलीपट्टनम बार एसोसिएशन द्वारा दायर उस याचिका को खारिज कर दिया गया, जिसमें मछलीपट्टनम के छठे एडिशनल ज़िला एवं सेशन कोर्ट को मछलीपट्टनम से अवनीगड्डा...