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व्हाट्सएप की अपडेटेड प्राइवेसी पॉलिसी अत्यधिक आक्रामक, इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन ने सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दायर किया
"व्हाट्सएप की अपडेटेड प्राइवेसी पॉलिसी अत्यधिक आक्रामक", इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन ने सुप्रीम कोर्ट में आवेदन दायर किया

इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन (IFF) ने व्हाट्सएप की अपडेटेड प्राइवेसी पॉलिसी और गाइडलाइंस के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। दायर आवेदन में पॉलिसी पर अंतरिम रोक लगाने की मांग की गई है।2017 में कर्मण्या सिंह सरीन और श्रेया सेठी द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका में हस्तक्षेप आवेदन दायर किया गया है, जिसमें कंपनी की 2016 की गोपनीयता नीति को चुनौती दी गई थी। इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ द्वारा सुनवाई की जा रही है।एडवोकेट टीवीएस राघवेंद्र श्रेयस द्वारा दायर त्वरित आवेदन में, IFF ने कहा...

जहां न्यूनतम सजा का प्रावधान नहीं है और अधिकतम सजा दस साल से अधिक है तो डिफ़ॉल्ट जमानत का अधिकार कहां होगा ? सुप्रीम कोर्ट करेगा परीक्षण
जहां न्यूनतम सजा का प्रावधान नहीं है और अधिकतम सजा दस साल से अधिक है तो डिफ़ॉल्ट जमानत का अधिकार कहां होगा ? सुप्रीम कोर्ट करेगा परीक्षण

सुप्रीम कोर्ट ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 167 (2) के तहत डिफ़ॉल्ट जमानत के प्रयोजनों के लिए चार्जशीट दाखिल करने के लिए आवश्यक अवधि के संबंध में कानूनी स्थिति की जांच करने का निर्णय लिया है, जब अपराध में न्यूनतम सजा का प्रावधान नहीं है लेकिन अधिकतम सजा के लिए निर्धारित कारावास की अवधि दस वर्ष से अधिक है। न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली पीठ ने मामले में कानून के इस सवाल पर नोटिस जारी किया (राज्य दिल्ली एनसीटी बनाम राजीव शर्मा)।यह एक विशेष अनुमति याचिका थी, जिसमें दिल्ली उच्च न्यायालय...

नियुक्ति को उचित समय में चुनौती नहीं दी गई : सुप्रीम कोर्ट ने सहायक प्रोफेसर की नियुक्ति को रद्द करने के आदेश को रद्द किया
नियुक्ति को उचित समय में चुनौती नहीं दी गई : सुप्रीम कोर्ट ने सहायक प्रोफेसर की नियुक्ति को रद्द करने के आदेश को रद्द किया

सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश को रद्द कर दिया जिसमें सहायक प्रोफेसर की नियुक्ति को यह देखते हुए रद्द कर दिया गया था कि नियुक्ति को लागू अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार उचित समय में चुनौती नहीं दी गई थी।इस मामले में, किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी की कार्यकारी परिषद ने 08.08.2005 को चयन समिति की सिफारिशों पर सहायक प्रोफेसर और डॉ जितेंद्र कुमार राव को लेक्चरर के रूप में नियुक्त करने की मंजूरी दी। 13.02.2009 को, राव ने कुलपति के सामने पूरन चंद की नियुक्ति को चुनौती देते हुए एक...

सुप्रीम कोर्ट ने हैदराबाद मुठभेड़ की जांच के लिए आयोग को 6 महीने का समय और दिया
सुप्रीम कोर्ट ने हैदराबाद मुठभेड़ की जांच के लिए आयोग को 6 महीने का समय और दिया

सुप्रीम कोर्ट की बेंच जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमण्यम ने हैदराबाद में 6 दिसंबर, 2019 को पशु चिकित्सक से बलात्कार करने के चार अभियुक्तों की कथित मुठभेड़ की जांच और अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए जांच आयोग को छह महीने का समय और दे दिया।यह दूसरा अवसर है जिसमें सर्वोच्च न्यायालय ने अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए आयोग को छह महीने का समय दिया है। इससे पहले जुलाई 2020 को सुप्रीम कोर्ट ने हैदराबाद में 6 दिसंबर, 2019 को चार अभियुक्तों की...

क्या किराए का गैर-भुगतान IBC कोड के अर्थ के भीतर एक परिचालन ऋण के रूप में योग्य होगा? सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया
क्या किराए का गैर-भुगतान IBC कोड के अर्थ के भीतर एक परिचालन ऋण के रूप में योग्य होगा? सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया

क्या किराए का गैर-भुगतान इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड 2016 की धारा 5 (21) के अर्थ के भीतर एक परिचालन ऋण के रूप में योग्य होगा? सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल द्वारा पारित एक आदेश के खिलाफ दायर अपील में नोटिस जारी किया।इस मामले में, मकान मालिक ने इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड, 2016 की धारा 9 के तहत अर्जी दाखिल की, जिसे इस आधार पर फैसला करने वाले प्राधिकरण द्वारा खारिज कर दिया गया था कि IBC की धारा 5 (21) के तहत अचल संपत्ति के किराए की प्रकृति में बकाया परिचालन ऋण के रूप में...

इन महिलाओं ने राष्ट्र की सेवा की, क्यों उन्हें फिर से मुकदमेबाजी के चक्र में धकेल दिया: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से परमानेंट कमीशन के मामले में मतभेदों को हल करने का आग्रह किया
"इन महिलाओं ने राष्ट्र की सेवा की, क्यों उन्हें फिर से मुकदमेबाजी के चक्र में धकेल दिया": सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से परमानेंट कमीशन के मामले में मतभेदों को हल करने का आग्रह किया

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि एक बार अंतिम निर्णय और आदेश के माध्यम से कार्यवाही का निपटारा कर दिया गया है, इसके कार्यान्वयन के लिए एक विविध आवेदन कायम नहीं है। न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ एनी नागराज के मामले में 17 मार्च, 2020 के फैसले के अनुसार, दिशा निर्देशों के लिए एक आवेदन पर सुनवाई कर रही थी। इसमें कहा गया था कि भारतीय नौसेना में शॉर्ट सर्विस कमीशन में सेवा दे रही महिला अधिकारी, उनके पुरुष समकक्षों के समान परमानेंट सर्विस कमीशन की हकदार थी।महिला उम्मीदवारों की...

UPSC परीक्षा में अतिरिक्त मौके की याचिका :  हम आपको आयु-सीमा बढ़ाने के लिए नहीं कह रहे, एक बार की रियायत देने को कह रहे हैं : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को कहा
UPSC परीक्षा में अतिरिक्त मौके की याचिका : ' हम आपको आयु-सीमा बढ़ाने के लिए नहीं कह रहे, एक बार की रियायत देने को कह रहे हैं' : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को कहा

"यह सिर्फ एक बार की छूट है। अगर यह पहले किया गया है, तो इस बार क्यों नहीं, "सुप्रीम कोर्ट ने एएसजी एसवी राजू से उस याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा जिसमें सिविल सेवा के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए एक अतिरिक्त मौके की मांग की थी जिन्होंने अक्टूबर 2020 यूपीएससी परीक्षा में अपना आखिरी प्रयास किया था।न्यायमूर्ति एएम खानविलकर की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने एएसजी को दो प्रश्न दिए और आने वाले सोमवार तक उसी के जवाब की मांग की। पहला, अगर एक बार रियायत दी गई, तो कितने उम्मीदवार मैदान में आएंगे, और दूसरा, जबसे...

अदालत की नींव बहुत मजबूत, आलोचना करना अवमानना नहीं है  : मुकुल रोहतगी ने रचिता तनेजा के लिए कहा
'अदालत की नींव बहुत मजबूत, आलोचना करना अवमानना नहीं है ' : मुकुल रोहतगी ने रचिता तनेजा के लिए कहा

न्यायपालिका के खिलाफ अपने ट्वीट के लिए कार्टूनिस्ट रचिता तनेजा के खिलाफ शुरू की गई अवमानना ​​कार्यवाही में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि ' अदालत की आलोचना करना अवमानना ​​नहीं है।'रोहतगी ने तनेजा की ओर से शुक्रवार को कहा, "मुझे नहीं पता कि कोर्ट ने नोटिस क्यों जारी किया है। कोर्ट की नींव काफी मजबूत है।"उनके जवाबों पर प्रतिक्रिया देते हुए, न्यायमूर्ति अशोक भूषण ने टिप्पणी की, "हम सहमत हैं। लेकिन इन दिनों हर किसी के साथ चीजें बहुत दूर जा रही हैं."उन्होंने कहा, "यहां 25...

सुप्रीम कोर्ट ने कॉमेडियन कुणाल कामरा के खिलाफ अवमानना मामले की सुनवाई टाली
सुप्रीम कोर्ट ने कॉमेडियन कुणाल कामरा के खिलाफ अवमानना मामले की सुनवाई टाली

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कॉमेडियन कुणाल कामरा के खिलाफ न्यायपालिका की आलोचना करने वाले उनके ट्वीट पर शुरू किए गए आपराधिक अवमानना ​​मामले को दो सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया।जस्टिस अशोक भूषण के नेतृत्व वाली पीठ ने याचिकाकर्ता के अनुरोध पर मामले को स्थगित करने की अनुमति दी, ताकि उसे कामरा के जवाबी हलफनामे का जवाब देने में सक्षम बनाया जा सके।याचिकाकर्ता की ओर से पेश एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उन्हें शुक्रवार सुबह ही कामरा का हलफनामा मिला था। इसलिए उन्होंने जवाब देने के लिए...

हाईकोर्ट द्वारा फिजिकल सुनवाई को फिर से शुरू किया जाना उनका आह्वान है, सुप्रीम कोर्ट के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफॉर्म को जल्द ही स्थिर किया जाएगा : न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़
हाईकोर्ट द्वारा फिजिकल सुनवाई को फिर से शुरू किया जाना उनका आह्वान है, सुप्रीम कोर्ट के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफॉर्म को जल्द ही स्थिर किया जाएगा ': न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़

सुप्रीम कोर्ट में जल्द ही फिर से शुरू होने वाली फिजिकल सुनावई की प्रक्रिया किसी भी समय ट्रांसपैरिंग नहीं हो सकती है!शुक्रवार को वरिष्ठ अधिवक्ता ध्रुव मेहता ने न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष पेश होकर कहा कि देश भर के कई उच्च न्यायालयों में फिजिकल सुनवाई शुरू हो चुकी है।न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा, "यह उनका (उच्च न्यायालयों का) आह्वान है।"एडवोकट मेहता ने कहा,"हमें उम्मीद है कि टीकाकरण प्रभावी होगा, ताकि हम सुप्रीम कोर्ट में भी फिजिकल सुनवाई फिर से शुरू कर सकें।"जवाब...

फैसले पर पुनर्विचार करने की शक्ति के पीछे निहित बुनियादी दर्शनशास्त्र मानव पतन की सार्वभौमिक स्वीकृति : सुप्रीम कोर्ट
फैसले पर पुनर्विचार करने की शक्ति के पीछे निहित बुनियादी दर्शनशास्त्र मानव पतन की सार्वभौमिक स्वीकृति : सुप्रीम कोर्ट

अनुच्छेद 137 के तहत अपने फैसले पर पुनर्विचार करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय को शक्ति प्रदान करने में निहित बुनियादी दर्शनशास्त्र मानव पतन की सार्वभौमिक स्वीकृति है, सुप्रीम कोर्ट ने एक पुनर्विचार याचिका को अनुमति देने वाले आदेश में कहा।जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस इंदु मल्होत्रा ​​की पीठ ने कहा कि एक फैसले को वापस लेने की मांग करने वाले विविध आवेदन की अस्वीकृति बाद में एक पुनर्विचार याचिका को दायर करने से बाहर नहीं करती है।इस मामले में, सुप्रीम कोर्ट ने पहले नई दिल्ली में मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट...

PMLA अपीलीय ट्रिब्यूनल में रिक्त पदों को भरने के निर्देश वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को नोटिस जारी किया
PMLA अपीलीय ट्रिब्यूनल में रिक्त पदों को भरने के निर्देश वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने उस जनहित याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है, जिसमें धन शोधन निवारण अपीलीय न्यायाधिकरण अधिनियम (एटीपीएमएलए ) में लंबे समय से रिक्त पदों को भरने के लिए निर्देश मांगे गए हैं।जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र को चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। दरअसल अधिवक्ता प्रीति सिंह के माध्यम से वकील-एक्टिविस्ट अमित साहनी ने याचिका दायर की है, जिसमें कहा गया है कि एटीपीएमएलए , जो पीएमएलए, एनडीपीएस एक्ट, फेमा, एसएएफईएमए, आदि से संबंधित संवेदनशील और...

National Uniform Public Holiday Policy
देशभर में पर्यावरण नियमों के उल्लंघन की निगरानी के लिए राष्ट्रीय नियामक के गठन की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है जिसमें किसी भी परियोजना की निगरानी और पर्यावरणीय मंज़ूरी संबंधित दिशा निर्देश देने के लिए राष्ट्रीय पर्यावरण नियामक की स्थापना की मांग की गई है।भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली बेंच के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता कॉलिन गोंजाल्विस, एडवोकेट अनूपराधा सिंह की सहायता से याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए।एओआर सत्या मित्र द्वारा दायर जनहित याचिका में सुप्रीम कोर्ट द्वारा 6 जुलाई, 2011 को पारित आदेश के अनुपालन में एक स्वतंत्र...

व्हाट्सएप पे द्वारा निजता दिशा- निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया
व्हाट्सएप पे' द्वारा निजता दिशा- निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) प्लेटफॉर्म पर डेटा सुरक्षा से संबंधित एक याचिका में एक हस्तक्षेप आवेदन पर नोटिस जारी किया, जिसमें कहा गया है कि व्हाट्सएप पे मामले के न्यायालय के समक्ष लंबित होने के बावजूद भारत में पूर्ण पैमाने पर परिचालन शुरू करने के लिए तैयार है।भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह की दलीलें सुनीं, जो आवेदक की ओर से पेश हुए और आईए में नोटिस जारी करने के लिए आगे बढ़ीं।मामला अब सोमवार, 1 फरवरी तक के...

UPI प्लेटफॉर्म नियमों का पालन करें, ये सुनिश्चित करने का काम NPCI का है: रिजर्व बैंक ने सुप्रीम कोर्ट में कहा
UPI प्लेटफॉर्म नियमों का पालन करें, ये सुनिश्चित करने का काम NPCI का है: रिजर्व बैंक ने सुप्रीम कोर्ट में कहा

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्यसभा सांसद बिनॉय विश्वम की याचिका पर दायर एक हलफनामे में, आरबीआई ने प्रस्तुत किया है कि अमेजन, गूगल और व्हाट्सएप जैसी कंपनियों ने यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) को नियंत्रित करने वाले कानूनों के अनुपालन में काम किया है, ये यह सुनिश्चित करने की ज़िम्मेदारी नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) की है,आरबीआई की नहीं।तत्काल मामले में याचिका में आरबीआई और एनपीसीआई को निर्देश देने की मांग की गई है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि व्हाट्सएप, गूगल, अमेजन और...

भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 1894 : एक बार राज्य ने कब्जा ले लिया तो भूस्वामी का टाइटल समाप्त हो जाता है : सुप्रीम कोर्ट
भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 1894 : एक बार राज्य ने कब्जा ले लिया तो भूस्वामी का टाइटल समाप्त हो जाता है : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया है कि एक बार राज्य द्वारा कब्जा कर लिए जाने के बाद, भूमि राज्य के साथ पूरी तरह से निहित हो जाती है और भूस्वामी का टाइटल समाप्त हो जाता है।जस्टिस एस अब्दुल नज़ीर और जस्टिस संजीव खन्ना ने गुवाहाटी हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ असम औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड द्वारा दायर याचिका को अनुमति दी जिसमें भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 1894 के तहत पारित किए गए फैसले को शून्य करार दिया गया था।यह अवार्ड गिलापुकरी चाय कंपनी लिमिटेड से संबंधित भूमि के संबंध में जारी किए गए भूमि अधिग्रहण अधिसूचना...

National Uniform Public Holiday Policy
सुप्रीम कोर्ट ने अपनी 71 वीं वर्षगांठ पर कहा, 'यह सुनिश्चित किया है कि न्याय तक सभी की पहुंच बनी रहे'

सुप्रीम कोर्ट ने अपनी 71 वीं वर्षगांठ पर जारी एक विज्ञप्ति में कहा है कि स्‍थापना के बाद से उसने यह सुनिश्चित किया है कि न्याय तक सभी की पहुंच बनी रहे।28 जनवरी 1950 को सुप्रीम कोर्ट ने संसद भवन के चैंबर ऑफ प्रिंसेस में अपनी पहली बैठक की थी। चीफ जस्टिस हरिलाल जे.कानिया, जस्टिस सैय्यद फ़ज़ल अली, जस्टिस एम पतंजलि शास्त्री, जस्टिस मेहर चंद महाजन, जस्टिस बिजन कुमार मुखर्जी और जस्टिस एसआर दास उस बेंच के सदस्य थे, जिसने पहली बैठक की थी। उद्घाटन समारोह में विभिन्न उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों,...

कानून की व्याख्या सर्वोच्च, उचित और समझदार तरीके से की जानी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
कानून की व्याख्या सर्वोच्च, उचित और समझदार तरीके से की जानी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर विशेष अवकाश याचिका को खारिज करते हुए कहा कि सर्वोच्च, उचित और समझदार तरीके से क़ानून की व्याख्या की जानी चाहिए।इस मामले में एसएलपी याचिकाकर्ता [वाणिज्यिक कर अधिकारी] का तर्क यह था कि मोटर वाहन की खरीद का एक लेन-देन किसी व्यक्ति को स्थानीय क्षेत्र अधिनियम 1988 में मोटर वाहन के प्रवेश पर राजस्थान कर के तहत "कैजुअल ट्रेडर" की परिभाषा में नहीं लाता है। इसके अनुसार, "कैजुअल ट्रेडर" व्यापार की सामयिक लेन-देन की परिकल्पना करता है, जिसमें...