ताज़ा खबरें

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
2006 मेरठ आग त्रासदी : सुप्रीम कोर्ट ने पीड़ितों को मुआवजे के लिए राज्य और आयोजकों पर 40:60 की देयता तय की

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को दो सप्ताह के भीतर एक जिला न्यायाधीश या अतिरिक्त जिला न्यायाधीश को दिन-प्रतिदिन के आधार पर काम करने के लिए नामित करने के लिए कहा ताकि 2006 में मेरठ में एक उपभोक्ता मेले में अग्निकांड के पीड़ितों के परिवारों को देय मुआवजे का निर्धारण किया जा सके।जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस वी रामासुब्रमण्यम की पीठ ने यह भी नोट किया कि चूंकि मृतक के परिवारों सहित प्रत्येक पीड़ित को देय मुआवजे की राशि की गणना नहीं की गई थी, इसलिए मामले में उचित...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने खनिजों की याचिका पर राज्य के वकीलों के अलग-अलग रुख के बाद ओडिशा राज्य के एडवोकेट जनरल को पेश होने के लिए कहा

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को ओडिशा राज्य में खनन को फिर से शुरू करने की अनुमति देने के लिए खनिजों की याचिका के संबंध में अलग-अलग रुख अपनाने के लिए ओडिशा राज्य और उसके अधिवक्ताओं को फटकार लगाई।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमाना, जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस हिमा कोहली की खंडपीठ ने ओडिशा राज्य के एडवोकेट जनरल को अदालत के सामने पेश होने और राज्य के रुख की व्याख्या करने का निर्देश दिया।सीजेआई ने कहा,"एडवोकेट जनरल को आने दें और राज्य का रुख स्पष्ट करें। हम इन प्रक्रियाओं की निगरानी नहीं कर सकते। हमारे...

माफी मिलने के इंतज़ार में 75 वर्षीय कैदी की मौत : सुप्रीम कोर्ट ने क्षमा आवेदन पर तुरंत विचार करने के लिए यूपी सरकार को निर्देश दिए
माफी मिलने के इंतज़ार में 75 वर्षीय कैदी की मौत : सुप्रीम कोर्ट ने क्षमा आवेदन पर तुरंत विचार करने के लिए यूपी सरकार को निर्देश दिए

सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक आदेश में उत्तर प्रदेश सरकार को कैदियों के क्षमा आवेदन पर जल्द निर्णय लेने का निर्देश दिया। एक मामले में 75 वर्षीय कैदी की मौत हो गई, जबकि उसका क्षमा आवेदन राज्य के समक्ष लंबित था, जिसे देखते हुए इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि राज्य उचित उपचारात्मक कदम उठाए।कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाएं कि समय से पहले रिलीज/माफी के आवेदनों का निपटारा शीघ्रता से किया जाए।कोर्ट ने आदेश दिया कि इस संबंध में आठ सप्ताह की अवधि के भीतर एक स्टेटस...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
उचित शैक्षणिक मानकों, वातावरण, बुनियादी ढांचे व कुप्रशासन की रोकथाम सुनिश्चित करने के लिए शैक्षणिक संस्थान स्थापित करने के अधिकार को विनियमित किया जा सकता है : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि उचित शैक्षणिक मानकों, वातावरण व बुनियादी ढांचे के रखरखाव और कुप्रशासन की रोकथाम सुनिश्चित करने के लिए एक शैक्षणिक संस्थान स्थापित करने के अधिकार को विनियमित किया जा सकता है।जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस बी आर गवई की पीठ ने डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया (नए डेंटल कॉलेजों की स्थापना, अध्ययन या प्रशिक्षण के नए या उच्च पाठ्यक्रम की शुरूआत और डेंटल कॉलेजों में प्रवेश क्षमता में वृद्धि) विनियम, 2006 के नियम 6(2)(एच) को बरकरार रखते हुए इस प्रकार कहा।न्यायालय ने हाईकोर्ट के उस...

आईबीसी के तहत डिक्री-धारकों को वित्तीय लेनदारों के समान नहीं माना जा सकता है : सुप्रीम कोर्ट ने त्रिपुरा हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा
आईबीसी के तहत डिक्री-धारकों" को "वित्तीय लेनदारों" के समान नहीं माना जा सकता है : सुप्रीम कोर्ट ने त्रिपुरा हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को त्रिपुरा हाईकोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा जिसमें कहा गया था कि दिवाला और दिवालियापन संहिता के तहत "डिक्री-धारकों" को "वित्तीय लेनदारों" के समान नहीं माना जा सकता है।जस्टिस एस के कौल और जस्टिस एम एम सुंदरेश की पीठ ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर एक विशेष अनुमति याचिका को खारिज करते हुए कहा:"हम आक्षेपित फैसले में हस्तक्षेप करने के इच्छुक नहीं हैं। विशेष अनुमति याचिका खारिज की जाती है। लंबित आवेदनों का निपटारा किया जाता है।"हाईकोर्ट के समक्ष याचिका में, याचिकाकर्ता...

सुप्रीम कोर्ट ने पाटीदार आरक्षण के दौरान हिंसा मामले में कांग्रेस नेता हार्दिक पटेल की सजा पर रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने पाटीदार आरक्षण के दौरान हिंसा मामले में कांग्रेस नेता हार्दिक पटेल की सजा पर रोक लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष हार्दिक पटेल की 2015 में पाटीदार आरक्षण आंदोलन के दौरान कथित हिंसा को लेकर दर्ज एक मामले में दोषसिद्धि पर रोक लगा दी।जस्टिस एस अब्दुल नज़ीर और जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ गुजरात हाईकोर्ट के दिनांक 29.03.2019 के आदेश की आलोचना करने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसमें हार्दिक की 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए दोषसिद्धि को निलंबित करने की याचिका खारिज कर दी गई थी।उल्लेखनीय है कि हालांकि इस मामले में सजा को निलंबित कर दिया गया, क्योंकि सजा पर...

यदि कैट के न्यायिक सदस्य और प्रशासनिक सदस्य के बीच अंतर है, तो तीसरे सदस्य को रेफर करें; पूर्ण पीठ को रेफर करने की आवश्यकता नहीं: सुप्रीम कोर्ट
यदि कैट के न्यायिक सदस्य और प्रशासनिक सदस्य के बीच अंतर है, तो तीसरे सदस्य को रेफर करें; पूर्ण पीठ को रेफर करने की आवश्यकता नहीं: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) के न्यायिक सदस्य और प्रशासनिक सदस्य के बीच मतांतर की स्थिति में कैट की पूर्ण पीठ के रेफरेंस की आवश्यकता नहीं है।न्यायमूर्ति एमआर शाह और न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना की पीठ ने कहा कि ऐसी स्थिति में, मामले को तीसरे सदस्य/अध्यक्ष को संदर्भित करने की आवश्यकता होती है, जिसे इस तरह के संदर्भ पर अपना निर्णय देना होता है।इस मामले में, जम्मू-कश्मीर पुलिस में इंस्पेक्टर (सशस्त्र) के रूप में कुछ व्यक्तियों की पदोन्नति को चुनौती देने वाली याचिकाओं...

बाद के वर्ष के लिए मेडिकल प्रवेश के लिए दी गई अनुमति को पिछले वर्ष के लिए दी गई अनुमति नहीं माना जा सकता : सुप्रीम कोर्ट
बाद के वर्ष के लिए मेडिकल प्रवेश के लिए दी गई अनुमति को पिछले वर्ष के लिए दी गई अनुमति नहीं माना जा सकता : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि बाद के शैक्षणिक वर्ष के लिए छात्रों के प्रवेश के लिए दी गई अनुमति को पिछले शैक्षणिक वर्ष के लिए दी गई अनुमति नहीं माना जा सकता है, जब आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद (स्नातकोत्तर आयुर्वेद शिक्षा) विनियम, 2016 के अनुसार न्यूनतम मानक के मानदंडों को पूरा नहीं कर रहा था।उक्त शर्तों में इसने आयुर्वेद शास्त्र सेवा मंडल और अन्य बनाम भारत संघ और अन्य (2013) 16 SCC 696 में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के प्रभाव को स्पष्ट किया।जस्टिस एल नागेश्वर राव और...

तीन करोड़ बच्चे अनाथ हैं, हर साल गोद केवल 4000 लिए जाते हैं: सुप्रीम कोर्ट में गोद लेने की प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग को लेकर याचिका दायर
'तीन करोड़ बच्चे अनाथ हैं, हर साल गोद केवल 4000 लिए जाते हैं': सुप्रीम कोर्ट में गोद लेने की प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग को लेकर याचिका दायर

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को भारत में गोद लेने की प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग वाली एक याचिका पर नोटिस जारी किया।जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस सूर्यकांत की बेंच के समक्ष इस मामले को सूचीबद्ध किया गया। जनहित याचिका चैरिटेबल ट्रस्ट "द टेंपल ऑफ हीलिंग" के सचिव डॉ. पीयूष सक्सेना ने दायर की।मामले को जब सुनवाई के लिए बुलाया गया तो डॉ पीयूष सक्सेना ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया कि उन्होंने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय को गोद लेने के मानदंडों में ढील देने के लिए एक आवेदन प्रस्तुत किया, जिस...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
बाद के शैक्षणिक वर्ष के लिए छात्रों को मेडिकल में एडमिशन के लिए दी गई अनुमति को पिछले शैक्षणिक वर्ष की अनुमति नहीं माना जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सोमवार को कहा कि बाद के शैक्षणिक वर्ष के लिए छात्रों को मेडिकल में एडमिशन के लिए दी गई अनुमति को पिछले शैक्षणिक वर्ष के लिए दी गई अनुमति नहीं माना जा सकता है, जब आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज भारतीय चिकित्सा केंद्रीय परिषद (स्नातकोत्तर आयुर्वेद शिक्षा) विनियम, 2016 के अनुसार न्यूनतम मानक के मानदंडों को पूरा नहीं कर रहा था। उक्त शर्तों में इसने आयुर्वेद शास्त्र सेवा मंडल एंड अन्य बनाम भारत संघ एंड अन्य (2013) 16 एससीसी 696 में सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के प्रभाव को...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने रेप आरोपी को मिली जमानत पर 'भैया इज बैक' का बैनर लहराने को गंभीरता से लिया

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बलात्कार के आरोपी की जमानत पर रिहाई का स्वागत करने के लिए लगाए जा रहे बैनरों को गंभीरता से लिया।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमना, जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ को सूचित किया गया कि आरोपी को जमानत पर रिहा होने के बाद "भैया इज बैक" बयान वाले बैनर लगाए गए।पीठ आरोपी की जमानत रद्द करने की पीड़िता की याचिका पर विचार कर रही है।जस्टिस हिमा कोहली ने पूछा,"जमानत के बाद आप क्या जश्न मना रहे हैं? इसमें लिखा है कि एक होर्डिंग है, जिस पर लिखा है- 'भैया इज बैक'। यह...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
2015 से हिरासत कैंप में 62 साल का बुजुर्ग : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने को कहा

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दोहराया है कि केंद्र सरकार को 62 वर्षीय उस व्यक्ति के संबंध में मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए जिसे 7 साल से अधिक समय से विदेशी हिरासत कैंप में रखा गया है क्योंकि अपना नागरिक मानने से इनकार करने के चलते उसे पाकिस्तान नहीं भेजा जा सकता।जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज से कहा, "वह 7 साल से हिरासत में है। आखिरकार आप क्या करेंगे? आपको भी मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।"पिछली सुनवाई में जस्टिस चंद्रचूड़ ने पूछा था, 'सवाल...

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़
ऐप-आधारित श्रमिकों की स्थिति में सुधार के लिए तत्काल कानूनी उपायों की आवश्यकता; निजता संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए कानून विकसित होने चाहिए : जस्टिस चंद्रचूड़

सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि ऐप आधारित कर्मचारियों की स्थिति में सुधार के लिए कानूनी उपायों की तत्काल आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के नए युग में गोपनीयता संबंधी चिंताओं को दूर करने के लिए हमारे कानूनों को विकसित होना चाहिए।शनिवार को जस्टिस पीएम मुखी मेमोरियल लेक्चर में "रिकॉन्सिलिंग राइट्स एंड इनोवेशन: एक्जामिनिंग द रिलेशनशिप बिटवीन लॉ एंड टेक्नोलॉजी" विषय पर बोलते हुए जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि हमारे लिए प्लेटफॉर्म अर्थव्यवस्था पर विचार करना महत्वपूर्ण...

जस्टिस धनंजय वाई चंद्रचूड़
वर्चुअल सुनवाई ने महिलाओं को लैंगिक मांगों से जूझना सिखाया है, नई माताओं को घर से बहस करने की अनुमति दी है: जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़

इस बात पर जोर देते हुए कि न्याय तक पहुंच बढ़ाने में प्रौद्योगिकी एक बड़ी शक्ति है, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा है कि वर्चुअल सुनवाई ने महिला वकीलों, विशेष रूप से नई माताओं को अपने सुरक्षित घरों से ही बहस करने की अनुमति दी है, जिन्हें गलत तरीके से अक्सर लैंगिक मांगों के कारण अपने करियर में कदम वापस खींचने के लिए मजबूर किया जाता था।शनिवार को जस्टिस पीएम मुखी मेमोरियल लेक्चर "रिकॉन्सिलिंग राइट्स एंड इनोवेशन: एक्जामिनिंग द रिलेशनशिप बिटवीन लॉ एंड टेक्नोलॉजी" विषय पर...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने अवैध प्रवासियों का पता लगाने के बहाने असम में अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न को रोकने की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कथित विदेशियों का पता लगाने और निर्वासन के नाम पर असम के धार्मिक और भाषाई अल्पसंख्यक समुदायों के लोगों के उत्पीड़न को रोकने की मांग वाली एक रिट याचिका में नोटिस जारी किया।जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने असम संमिलिता महासंघ और अन्य बनाम भारत संघ और अन्य 2015 3 एससीसी 1 में किए गए संदर्भ के निपटान के बाद मामले को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया। यह मामला नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 6ए की संवैधानिकता से संबंधित है। साथ ही यह असम-एनआरसी के लिए वैधानिक...

मीडिया में पहुंचने से पहले अदालत में हलफनामा दाखिल करें: सीजेआई रमाना ने केंद्र सरकार से कहा
मीडिया में पहुंचने से पहले अदालत में हलफनामा दाखिल करें: सीजेआई रमाना ने केंद्र सरकार से कहा

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमाना ने सोमवार को न्यायालय में दायर किए जाने से पहले हलफमानों के मीडिया में पहुंच जाने को लेकर अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल से यह सुनिश्चित करने के लिए कहा कि हलफनामा मीडिया को प्रसारित करने से पहले अदालत में पहले दायर किया जाए।सीजेआई रमाना ने कहा कि उनके पीआरओ सुबह के कागजात में हलफनामों के बारे में रिपोर्ट दिखाते हैं। हालांकि तब तक उन्हें अदालत में दायर नहीं किया जाता है।सीजेआई ने एएसजी केएम नटराज को संबोधित करते हुए कहा,"कृपया हलफनामा प्रसारित न करें। हम केवल मीडिया में...