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सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ जहांगीरपुरी विध्वंस स्थगन आदेश पर सोशल मीडिया पर आलोचनात्मक टिप्पणियां: एडवोकेट ने सीजेआई रमाना को पत्र लिख कर मीडिया, सोशल मीडिया पर नियंत्रण, दिशानिर्देश जारी करने की मांग की

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) एडवोकेट ने चीफ जस्टिस एन वी रमाना (CJI Ramana) को पत्र लिख कर जहांगीरपुरी विध्वंस स्थगन आदेश के बाद मीडिया और सोशल मीडिया पर नियंत्रण और दिशानिर्देश जारी करने की मांग की क्योंकि इन प्लेफॉर्म पर कोर्ट के खिलाफ आलोचनात्मक टिप्पणियां की जा रही हैं।याचिकाकर्ता-एडवोकेट ईलन सारस्वत ने पत्र याचिका में लिखा है, "मीडिया और सोशल मीडिया पर लोगों द्वारा सुप्रीम कोर्ट की आलोचना की जा रही है। तरह-तरह की अनुचित टिप्पणियां की जा रहा हैं। जबकि जहांगीरपुरी मामला माननीय सर्वोच्च...

समाज की सच्ची समानता और न्याय इस पर निर्भर है कि वह अपने बच्चों के साथ कितना उचित व्यवहार करता है : जस्टिस एस रवींद्र भट्ट
समाज की सच्ची समानता और न्याय इस पर निर्भर है कि वह अपने बच्चों के साथ कितना उचित व्यवहार करता है : जस्टिस एस रवींद्र भट्ट

उड़ीसा हाईकोर्ट ने महिला एवं बाल विकास विभाग, ओडिशा सरकार और यूनिसेफ के सहयोग से शनिवार को किशोर न्याय (देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के प्रभावी कार्यान्वयन पर एक क्षेत्रीय परामर्श कार्यक्रम आयोजित किया।सुप्रीम कोर्ट के जज और और अध्यक्ष, किशोर न्याय समिति, सुप्रीम कोर्ट जस्टिस एस रवींद्र भट ने इस कार्यक्रम में भाग लिया और भाषण दिया। इसमें सुप्रीम कोर्ट के के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस मदन बी लोकुर भी शामिल थे।प्रारंभ में जस्टिस भट ने परामर्श कार्यक्रम आयोजित करने के लिए उड़ीसा हाईकोर्ट को बधाई...

तब्लीगी जमात के सदस्यों को ब्लैक लिस्ट करने की याचिका : केंद्र ने समाधान के लिए सुप्रीम कोर्ट से समय मांगा
तब्लीगी जमात के सदस्यों को ब्लैक लिस्ट करने की याचिका : केंद्र ने समाधान के लिए सुप्रीम कोर्ट से समय मांगा

तब्लीगी जमात के संबंध में लगभग 3500 व्यक्तियों को ब्लैक लिस्ट में डालने के संबंध में बुधवार को एएसजी केएम नटराज ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि संबंधित प्राधिकरण अभी भी उस प्रस्ताव पर काम कर रहा है जिसके लिए एक और सप्ताह का समय आवश्यक है।21 अप्रैल को, न्यायालय ने मौखिक रूप से सुझाव दिया था कि चूंकि भारत संघ के हलफनामे में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वे निकास के संबंधित पोर्ट पर ब्लैकलिस्टिंग आदेश को भेजेंगे, लेकिन याचिकाकर्ता इस बात पर जोर दे रहे हैं कि ऐसा कोई आदेश नहीं दिया गया है, अदालत यह...

एक निश्चित सीमा से कम राशि वाले चेक मामलों को बंद क्यों नहीं करते? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, राज्यों और बैंकों से पूछा
एक निश्चित सीमा से कम राशि वाले चेक मामलों को बंद क्यों नहीं करते? सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, राज्यों और बैंकों से पूछा

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने अदालतों की व्यवस्था को बाधित करने वाले नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट (NIA Act) की धारा 138 के तहत चेक के अनादर से संबंधित बड़ी मात्रा में मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए बैंकों और वित्तीय संस्थानों के मामलों को बंद करने के लिए एक नीति बनाने का सुझाव दिया, जिसमें एक निश्चित सीमा से कम राशि वाले मामले शामिल हैं।कोर्ट ने सुझाव दिया कि ऐसी नीति निजी पक्षों द्वारा दायर शिकायतों को छूट दे सकती है।न्यायमूर्ति नागेश्वर राव, न्यायमूर्ति बीआर गवई और न्यायमूर्ति रवींद्र भट...

आप वेरिफिकेशन से पहले रद्द नहीं कर सकते  : सुप्रीम कोर्ट तेलंगाना में 19 लाख राशन कार्ड रद्द करने पर कहा, फील्ड वेरिफिकेशन का निर्देश दिया
"आप वेरिफिकेशन से पहले रद्द नहीं कर सकते " : सुप्रीम कोर्ट तेलंगाना में 19 लाख राशन कार्ड रद्द करने पर कहा, फील्ड वेरिफिकेशन का निर्देश दिया

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को तेलंगाना राज्य में बिना वेरिफिकेशन के 19 लाख से अधिक राशन कार्ड रद्द करने का आरोप लगाने वाली एक याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को उन सभी राशन कार्डों का फील्ड वेरिफिकेशन करने का निर्देश दिया, जिन्हें 2016 में केंद्र सरकार द्वारा जारी अधिसूचना ( " अधिसूचना") के अनुसार रद्द कर दिया गया था।"हम तेलंगाना राज्य को केंद्र सरकार द्वारा 2016 में जारी निर्देश के अनुसार रद्द किए गए सभी राशन कार्डों का वेरिफिकेशन करने का निर्देश देते हैं, हमें सूचित किया गया है कि राशन...

सरकार की आलोचना करना अपराध नहीं: सीनियर एडवोकेट त्रिदीप पेस  ने उमर खालिद को जमानत नहीं देने के खिलाफ की गई अपील में कहा
"सरकार की आलोचना करना अपराध नहीं": सीनियर एडवोकेट त्रिदीप पेस ने उमर खालिद को जमानत नहीं देने के खिलाफ की गई अपील में कहा

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने बुधवार को छात्र कार्यकर्ता उमर खालिद द्वारा दायर अपील पर सुनवाई जारी रखी, जिसमें ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई है।ट्रायल कोर्ट ने दिल्ली दंगों के बड़े साजिश मामले में खालिद को जमानत देने से इनकार कर दिया गया था।आज न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल की अध्यक्षता वाली पीठ साझा कर रहे न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर ने वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिदीप पेस से पूछा कि क्या भारत के प्रधानमंत्री के खिलाफ 'जुमला' शब्द का इस्तेमाल करना उचित है।न्यायमूर्ति भटनागर ने मौखिक रूप से...

क्या पीएम के खिलाफ जुमला शब्द का इस्तेमाल सही है? आलोचना की भी एक सीमा होनी चाहिए। एक लक्ष्मण रेखा होनी चाहिए: दिल्ली हाईकोर्ट ने उमर खालिद के भाषण पर यह टिप्पणी की
"क्या पीएम के खिलाफ 'जुमला' शब्द का इस्तेमाल सही है? आलोचना की भी एक सीमा होनी चाहिए। एक लक्ष्मण रेखा होनी चाहिए": दिल्ली हाईकोर्ट ने उमर खालिद के भाषण पर यह टिप्पणी की

दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने बुधवार को छात्र कार्यकर्ता उमर खालिद द्वारा दायर अपील पर सुनवाई जारी रखी, जिसमें ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई है।ट्रायल कोर्ट ने दिल्ली दंगों के बड़े साजिश मामले में खालिद को जमानत देने से इनकार कर दिया गया था।सुनवाई के दौरान खालिद द्वारा फरवरी 2021 में अमरावती में दिए गए भाषण का वीडियो कोर्ट में चलाया गया। पिछले अवसर पर, पीठ ने भाषण के प्रतिलेख को पढ़ने के बाद पाया था कि भाषण प्रथम दृष्टया "अप्रिय" और "आक्रामक" है।खालिद की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता...

सुप्रीम कोर्ट ने आईपीसी की धारा 124 ए के तहत राजद्रोह के अपराध को चुनौती देने वाली याचिका को फाइनल हियरिंग के लिए 5 मई को पोस्ट किया
सुप्रीम कोर्ट ने आईपीसी की धारा 124 ए के तहत राजद्रोह के अपराध को चुनौती देने वाली याचिका को फाइनल हियरिंग के लिए 5 मई को पोस्ट किया

सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता की धारा 124ए के तहत राजद्रोह के अपराध की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अंतिम सुनवाई (Final Hearing) के लिए बुधवार को 5 मई की तारीख तय की।भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस हेमा कोहल की एक पीठ सेना के मेजर-जनरल एसजी वोम्बतकेरे (सेवानिवृत्त) और एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया द्वारा दायर दो रिट याचिकाओं पर विचार कर रही थी।भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने प्रस्तुत किया कि केंद्र सरकार का जवाबी हलफनामा तैयार है और दो दिनों...

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय विद्यालयों में पहली कक्षा में प्रवेश के लिए छह साल की न्यूनतम आयु मानदंड बरकरार रखा
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय विद्यालयों में पहली कक्षा में प्रवेश के लिए छह साल की न्यूनतम आयु मानदंड बरकरार रखा

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा है , जिसमें केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया गया था। इन याचिकाओं में शैक्षणिक वर्ष 2022-2023 से कक्षा 1 में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु 5 वर्ष से बढ़ाकर 6 वर्ष करने के निर्णय को चुनौती दी गई थी।जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस एमएम सुंदरेश की पीठ ने दिल्ली हाईकोर्ट की एकल पीठ के 11 अप्रैल के फैसले को चुनौती देने वाली कुछ अभिभावकों की विशेष अनुमति याचिका खारिज कर दी।पीठ ने कहा कि कुछ अन्य...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
"इतनी जल्दी की कोई आवश्यकता नही, आसमान नहीं गिर जाएगा": सुप्रीम कोर्ट ने ईसाईयों के खिलाफ हमलों को रोकने की मांग वाली याचिका के लिए निश्चित तिथि के अनुरोध पर कहा

देश भर के विभिन्न राज्यों में ईसाई समुदाय के सदस्यों के खिलाफ हिंसा और भीड़ द्वारा हमलों को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में एक रिट याचिका दायर की गई है।बंगलौर डायोसीज के आर्कबिशप डॉ. पीटर मचाडो के साथ नेशनल सॉलिडेरिटी फोरम, द इवेंजेलिकल फेलोशिप ऑफ इंडिया याचिकाकर्ता हैं।भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमाना की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मंगलवार को मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया गया था।याचिकाकर्ता की ओर से पेश अधिवक्ता संभा रुमनॉन्ग द्वारा मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने...

आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को डीवी एक्ट के तहत संरक्षण सहायक के रूप में शामिल किया जा सकता है, सुप्रीम कोर्ट का सुझाव
आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को डीवी एक्ट के तहत संरक्षण सहायक के रूप में शामिल किया जा सकता है, सुप्रीम कोर्ट का सुझाव

देश भर में घरेलू हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा अधिनियम 2005 के तहत संरक्षण अधिकारियों (पीओ) की नियुक्ति के संबंध में एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि केवल पीओ नियुक्त करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें सहायता भी प्रदान करनी है। यह कहा गया कि इस संबंध में, राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण (नालसा) हर जिले में संरक्षण सहायकों की नियुक्ति के लिए कदम उठा रहा है।कोर्ट ने कहा, "कानून संरक्षण अधिकारियों के लिए बाध्य है। लेकिन आपके पास साज़ो- सामान भी होना चाहिए। इसलिए,...

हाईकोर्ट को ट्रायल से पहले के चरण में एन आई एक्ट धारा 138 के तहत शिकायत को खारिज करने की राहत देने में धीमा होना चाहिए : सुप्रीम कोर्ट
हाईकोर्ट को ट्रायल से पहले के चरण में एन आई एक्ट धारा 138 के तहत शिकायत को खारिज करने की राहत देने में धीमा होना चाहिए : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी हाईकोर्ट को ट्रायल से पहले के चरण में नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत एक शिकायत को खारिज करने की राहत देने में धीमा होना चाहिए।जस्टिस केएम जोसेफ और जस्टिस हृषिकेश रॉय की पीठ ने कहा, ऐसी स्थिति में जहां आरोपी ट्रायल शुरू होने से पहले ही रद्द करने के लिए अदालत का रुख करता है, अदालत का रुख इतना सतर्क होना चाहिए कि शिकायत का समर्थन करने वाले कानूनी अनुमान की अवहेलना करके मामले को समय से पहले समाप्त ना किया जाए।अदालत ने कहा कि यह साबित करने का बोझ कि कोई...

मिजो प्रथागत कानून के तहत विरासत परिवार में बड़ों की देखभाल के लिए कानूनी उत्तराधिकारी द्वारा निभाई गई जिम्मेदारी पर निर्भर करती है : सुप्रीम कोर्ट
मिजो प्रथागत कानून के तहत विरासत परिवार में बड़ों की देखभाल के लिए कानूनी उत्तराधिकारी द्वारा निभाई गई जिम्मेदारी पर निर्भर करती है : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मिजो प्रथागत कानून के तहत विरासत परिवार में बड़ों की देखभाल के लिए कानूनी उत्तराधिकारी द्वारा निभाई गई जिम्मेदारी पर निर्भर करती है।जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस बी आर गवई की पीठ ने गुवाहाटी हाईकोर्ट के 2012 के एक फैसले में लिए गए विचार से सहमति व्यक्त की कि मिजो प्रथागत कानून के तहत "भले ही एक प्राकृतिक उत्तराधिकारी अपने माता-पिता का सहयोग नहीं करता है, वह विरासत का हकदार नहीं होगा और वह "भले ही कोई प्राकृतिक वारिस हो, जो व्यक्ति मृत्यु तक उनका साथ देता है, वह...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
असामाजिक गतिविधियों के लिए एक भी प्राथमिकी/चार्जशीट के मामले में भी यूपी गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा चलाने की अनुमति: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उत्तर प्रदेश गैंगस्टर्स असामाजिक गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UP Gangster Act), 1986 के तहत एक व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा चलाया जा सकता है, यहां तक कि एक भी अपराध / प्राथमिकी / आरोप पत्र में अधिनियम की धारा 2(बी) के तहत उल्लिखित किसी भी असामाजिक गतिविधियों के लिए।इस मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश गैंगस्टर्स और असामाजिक गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम, 1986 के तहत आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही रद्द करने से इनकार कर दिया था।शीर्ष अदालत के समक्ष अपील में,...

फिज़िकल लिटरेसी को मौलिक अधिकार के रूप में मान्यता दी जाए? सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर केंद्र और राज्यों से मांगा जवाब
फिज़िकल लिटरेसी को मौलिक अधिकार के रूप में मान्यता दी जाए? सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर केंद्र और राज्यों से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (25 अप्रैल) को केंद्र और राज्य सरकारों से एमिकस क्यूरी, गोपाल शंकरनारायणन के इस सबमिशन पर अपनी अपनी राय देने के लिए कहा, जिसमें उन्होंने कहा कि शारीरिक साक्षरता (Physical Literacy) को भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार के रूप में मान्यता दी जानी चाहिए।सुप्रीम कोर्ट ने एमिकस क्यूरी द्वारा अपने सारांश नोट्स में दिए गए अन्य अंतरिम सुझावों पर भी सरकार से जवाब मांगा।जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस बीआर गवई की पीठ एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें अन्य...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
'केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट परिसर में भीड़भाड़ से संबंधित समस्याओं को देखेगी': सॉलिसिटर जनरल ने न्यायिक विस्टा की मांग वाली याचिका में कहा

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मंगलवार को एक वकील द्वारा दायर याचिका पर विचार करते हुए कहा,"कुछ करना होगा, यह रातोंरात नहीं किया जा सकता है। योजना बनानी होगी और केवल सरकार ही कर सकती है।"दरअसल, याचिका में बेहतर काम करने की स्थिति के लिए सुप्रीम कोर्ट के पास एक "ज्यूडिशियल विस्टा" बनाने के लिए निर्देश देने की मांग की गई है।जस्टिस विनीत सरन और जस्टिस जेके माहेश्वरी की बेंच ने भारत सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता का बयान दर्ज किया कि केंद्र सरकार द्वारा रजिस्ट्री और याचिकाकर्ता के...

समाज के लिए महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान करने की उम्मीद, लेकिन उन्हें बहुत कम मेहनताना दिया जा रहा है: आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं / सहायिकाओं की दुर्दशा पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा
"समाज के लिए महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान करने की उम्मीद, लेकिन उन्हें बहुत कम मेहनताना दिया जा रहा है": आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं / सहायिकाओं की दुर्दशा पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह माना कि ग्रेच्युटी का भुगतान अधिनियम, 1972, आंगनवाड़ी केंद्रों पर आंगनवाड़ी एडब्लूडब्लूएस (आंगनवाड़ी कार्यकर्ता) और आंगनवाड़ी एडब्लूएचएस (आंगनवाड़ी सहायक) पर लागू होगा।शीर्ष अदालत ने कहा कि हालांकि उनसे समाज को महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान करने की उम्मीद की जाती है, लेकिन आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आंगनवाड़ी सहायिकाओं को बहुत कम पारिश्रमिक का भुगतान किया जा रहा है।अदालत ने कहा कि अब समय आ गया है कि केंद्र सरकार और राज्य सरकारें आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और आंगनबाड़ी...

हम मुख्य सचिव को जिम्मेदार ठहराएंगे : सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार को रुड़की धर्म संसद में हेट स्पीच को रोकने के निर्देश दिए
'हम मुख्य सचिव को जिम्मेदार ठहराएंगे' : सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार को रुड़की धर्म संसद में हेट स्पीच को रोकने के निर्देश दिए

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उत्तराखंड सरकार से धर्म संसद में हेट स्पीच को रोकने के लिए उपाय करने को कहा है जिसे बुधवार को रुड़की में आयोजित करने की योजना है।जस्टिस खानविलकर ने उत्तराखंड राज्य के एडवोकेट जनरल से कहा, "आपको तत्काल कार्रवाई करनी होगी। हमें कुछ कहने के लिए मत कहो। निवारक कार्रवाई के अन्य तरीके हैं। आप जानते हैं कि यह कैसे करना है!"जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस अभय श्रीनिवास ओक और जस्टिस सीटी रविकुमार की पीठ पत्रकार कुरबान अली और वरिष्ठ अधिवक्ता अंजना प्रकाश (पटना उच्च न्यायालय की...

सड़क पर आ चुके बच्चों की पहचान के लिए एनजीओ और लोगों के लिए एक अलग पोर्टल विकसित किया है : एनसीपीसीआर ने सुप्रीम कोर्ट को बताया
सड़क पर आ चुके बच्चों की पहचान के लिए एनजीओ और लोगों के लिए एक अलग पोर्टल विकसित किया है : एनसीपीसीआर ने सुप्रीम कोर्ट को बताया

राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ("एनसीपीसीआर") ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को अवगत कराया कि उसने गैर-सरकारी संगठनों ("एनजीओ") और सड़क पर आ चुके बच्चों की पहचान की प्रक्रिया ("सीआईएसएसएस") में सहायता करने के इच्छुक व्यक्तियों के लिए एक अलग पोर्टल विकसित किया है।पिछली सुनवाई में जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस बी आर गवई ने एनसीपीसीआर को पहचान की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए गैर सरकारी संगठनों और बाल अधिकार कार्यकर्ताओं को शामिल करने के लिए कहा था।पहचान प्रक्रिया में धीमी प्रगति से परेशान होकर...