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हेट स्पीच केस : सुप्रीम कोर्ट ने जितेंद्र त्यागी को आत्मसमर्पण करने को कहा, अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने से इनकार किया
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को हरिद्वार धर्म संसद में कथित रूप से मुस्लिम विरोधी भड़काऊ भाषण देने के मामले में जितेंद्र त्यागी उर्फ वसीम रिजवी को मेडिकल आधार पर दी गई अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने से इनकार कर दिया। जस्टिस अजय रस्तोगी और जस्टिस बीवी नागरत्ना की पीठ ने त्यागी को 2 सितंबर तक आत्मसमर्पण करने को कहा और नियमित आवेदन को 9 सितंबर को सुनवाई के लिए पोस्ट किया।कोर्ट ने 17 मई को त्यागी को तीन महीने की अंतरिम जमानत दी थी।आज सुनवाई के दौरान पीठ ने त्यागी के वकील से कहा,"आप मेडिकल आधार पर अंतरिम...
जस्टिस रवींद्र भट ने गौतम नवलखा की जेल से हाउस अरेस्ट करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग किया
सुप्रीम कोर्ट को सोमवार को भीमा कोरेगांव मामले के आरोपी गौतम नवलखा की याचिका पर सुनवाई करनी थी, जिन्होंने तलोजा सेंट्रल जेल से स्थानांतरित करने और बुनियादी मेडिकल आवश्यकताओं के कथित इनकार के कारण घर में नजरबंद रखने की मांग की है। नवलखा की याचिका पर सुनवाई के दौरान जस्टिस एस. रवींद्र भट ने खुद को सुनवाई से अलग कर लिया। इस बेंच में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) यू.यू. ललित भी शामिल थे।सीजेआई ललित ने यह नोट करते हुए कहा कि जस्टिस भट मामले की सुनवाई नहीं कर सकते, उन्होंने जस्टिस के.एम. जोसेफ के लिए...
कर्नाटक वक्फ बोर्ड ने बेंगलुरु के ईदगाह मैदान में गणेश चतुर्थी अनुष्ठान की अनुमति देने के हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया
कर्नाटक राज्य वक्फ बोर्ड ने बेंगलुरू के ईदगाह मैदान में गणेश चतुर्थी अनुष्ठान की अनुमति देने के हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का दरवाजा खटखटाया है।इस मामले का उल्लेख सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने एक अत्यावश्यक के रूप में किया, जिन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि 1964 में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि बैंगलोर के नगर निगम का इस पर कोई अधिकार नहीं है।उन्होंने कहा,"सिंगल जज ने यथास्थिति बरकरार रखा, खंडपीठ ने अगले दिन कहा कि कोई भी कुछ भी कर सकता है। अनावश्यक तनाव पैदा...
"यह एक पत्रकार के साथ व्यवहार करने का कोई तरीका नहीं है, यह पूरी तरह से अराजकता है": सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार को न्यूज 11 भारत रिपोर्टर की गिरफ्तारी के लिए फटकार लगाई
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने न्यूज 11 भारत के पत्रकार अरूप चटर्जी को अंतरिम जमानत देने वाले झारखंड हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश में दखल देने से इनकार किया।जमानत देते समय हाईकोर्ट ने कहा था कि उन्हें सीआरपीसी की धारा 41-ए के तहत प्रक्रिया का पालन किए बिना और सीआरपीसी की धारा 80 और 81 के तहत मजिस्ट्रेट के समक्ष आरोपी को पेश करने से संबंधित प्रक्रिया का पालन किए बिना गिरफ्तार किया गया था।जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की एकल न्यायाधीश खंडपीठ ने राज्य से अपने अधिकारियों के कृत्यों की व्याख्या करने वाला...
हाथरस साजिश मामला: सुप्रीम कोर्ट ने सिद्दीकी कप्पन की जमानत याचिका पर नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने केरल के पत्रकार सिद्दीकी कप्पन (Siddique Kappan) द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया। याचिका में इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा हाथरस साजिश मामले (Hathras Conspiracy Case) में कप्पन की जमानत याचिका को खारिज करने को चुनौती दी गई है।भारत के चीफ जस्टिस यू.यू. ललित और जस्टिस एस. रवींद्र भट ने मामले को निपटाने के लिए 9 सितंबर की तिथि निर्धारित की है।कप्पन करीब दो साल सलाखों के पीछे बिता चुका है। कप्पन को अन्य आरोपियों के साथ यूपी पुलिस ने अक्टूबर, 2020 में गिरफ्तार किया...
सुप्रीम कोर्ट ने फ्रांसीसी एजेंसी की रिपोर्ट के आधार पर राफेल सौदे की जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार किया
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने एक फ्रांसीसी न्यूज पोर्टल में एक भारतीय बिचौलिए को डसॉल्ट एविएशन द्वारा रिश्वत के भुगतान का आरोप लगाने वाली कुछ रिपोर्टों के आलोक में राफेल सौदे (Rafale Deal) की जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया।भारत के चीफ जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस एस रवींद्र भट की पीठ ने एडवोकेट एमएल शर्मा द्वारा दायर जनहित याचिका पर विचार किया, जिसने व्यक्तिगत क्षमता में नरेंद्र मोदी को पहला प्रतिवादी बनाया।पीठ ने शुरू में याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि...
1 सितंबर तक मामलों के उल्लेख के लिए एक नया सिस्टम तैयार करेंगे: सीजेआई यूयू ललित
भारत के मुख्य न्यायाधीश यूयू ललित ने सोमवार को स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट मामलों को सूचीबद्ध करने के लिए एक नया सिस्टम तैयार कर रहा है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पूछा कि क्या एडवोकेट पीठ के समक्ष मामलों का उल्लेख कर सकते हैं, इस पर सीजेआई ललित ने कहा कि गुरुवार तक लिस्टिंग के लिए एक सिस्टम तैयार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि-" तब तक हम मामलों को चैंबर में देखेंगे और अगर यह जरूरी है, तो हम इसे सूचीबद्ध करेंगे ...। हम जो कर रहे हैं वह तैयार हो रहा है ...। सूचीबद्ध करने के लिए हम मूल पर वापस...
'फोरम शॉपिंग की अनुमति नहीं देंगे': सुप्रीम कोर्ट ने हिजाब मामले में कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया, 5 सितंबर को सुनवाई होगी
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कर्नाटक में धार्मिक संस्थानों में हेडस्कार्फ़ पहनने पर प्रतिबंध (Hijab Ban) की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं में नोटिस जारी करते हुए कहा,"फोरम शॉपिंग की अनुमति नहीं देंगे।"सुनवाई के दौरान जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस सुधांशु धूलिया की बेंच को सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि याचिकाकर्ताओं द्वारा स्थगन का एक पत्र प्रसारित किया गया है।इस पर सुनवाई करते हुए जस्टिस गुप्ता ने कहा,"यह हमें मंजूर नहीं है। पहले आप तत्काल लिस्टिंग चाहते थे और जब मामला सूचीबद्ध...
NEET-PG 2022- 'काउंसलिंग में हस्तक्षेप नहीं करेंगे, छात्रों को संकट में नहीं डाल सकते': सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सोमवार को कहा कि वह नीट-पीजी 2022 (NEET PG) की काउंसलिंग में हस्तक्षेप नहीं करेगा, जो 1 सितंबर से शुरू होने वाली है।जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस हेमा कोहली की पीठ ने यह मौखिक टिप्पणी तब की जब एक वकील ने एनईईटी पीजी से संबंधित एक मामले का उल्लेख करते हुए कुछ स्पष्टीकरण मांगा।वकील ने प्रस्तुत किया,"काउंसलिंग 1 सितंबर से शुरू होनी है। कृपया इसे उससे पहले सूचीबद्ध करें।"जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा,"हम हस्तक्षेप नहीं करेंगे। NEET PG काउंसलिंग को चलने दें। इसे और न...
पारिवारिक संबंध अविवाहित भागीदारी या समलैंगिक संबंधों का रूप ले सकते हैं, असामान्य पारिवारिक इकाइयां भी कानून के समान संरक्षण की हकदार: सुप्रीम कोर्ट
हाल ही में दिए एक आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने कुछ महत्वपूर्ण टिप्पणियां की हैं जो परिवार के पारंपरिक अर्थ का विस्तार करती हैं।कोर्ट ने असामान्य पारिवारिक इकाइयों को भी कानून के समान संरक्षण के हकदार ठहराते हुए कहा, "पारिवारिक संबंध घरेलू, अविवाहित भागीदारी या समलैंगिक संबंधों का रूप ले सकते हैं। "जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एएस बोपन्ना की पीठ ने 16 अगस्त को दिए एक फैसले में (लेकिन जो कुछ दिन पहले अपलोड किया गया) ये टिप्पणियां केंद्र सरकार की एक कर्मचारी को मातृत्व अवकाश की राहत देते हुए की,...
''प्रजनन अधिकारों का उल्लंघन'': आईवीएफ विशेषज्ञ ने सरोगेसी (रेगुलेशन) एक्ट और एआरटी एक्ट के प्रावधानों को चुनौती देते सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की
सुप्रीम कोर्ट में चेन्नई के एक प्रमुख आईवीएफ विशेषज्ञ अरुण मुथुवेल की ओर से असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (रेगुलेशन) एक्ट, 2021, एआरटी (रेगुलेशन) रूल्स, 2022, सरोगेसी (रेगुलेशन) एक्ट, 2021 और सरोगेसी (रेगुलेशन) रूल्स, 2022 के विभिन्न प्रावधानों को चुनौती देने वाली एक याचिका दायर की गई है। याचिका के माध्यम से निम्नलिखित प्रावधानों को चुनौती दी गई हैः ए) असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (रेगुलेशन) एक्ट, 2021 की धारा 2(1)(ई), 14(2), 21, 22(4) और 27(3) बी)एआरटी (रेगुलेशन) रूल्स, 2022 के नियम...
POCSO एक्ट: सुप्रीम कोर्ट ने मुआवजा योजना की अधिसूचना, पुलिस स्टेशनों में पैरा-लीगल वालंटियर की नियुक्ति की मांग वाली याचिका पर सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों को एक्शन लेने का निर्देश दिया
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने और संबंधित अधिकारियों को बाल संरक्षण कानूनों में उपलब्ध सुरक्षा उपायों को तत्काल लागू करने के लिए निर्देश देने की मांग वाली एक गैर सरकारी संगठन, बचपन बचाओ आंदोलन (बीबीए) द्वारा दायर याचिका पर सभी राज्य सरकारों / केंद्रशासित प्रदेशों को एक्शन लेने को कहा।जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस वी. रामसुब्रमण्यम की पीठ ने निर्देश दिया कि राज्य सरकारों/ केंद्रशासित प्रदेशों को उनके सरकारी वकीलों के माध्यम से सेवा प्रदान की जाए।याचिका में आरोप...
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
सुप्रीम कोर्ट में पिछले सप्ताह (22 अगस्त, 2022 से 26 अगस्त, 2022) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।मकान मालिक की 'वास्तविक आवश्यकता' निर्धारित करने के लिए किराए में वृद्धि की मांग पूरी तरह से अप्रासंगिक: सुप्रीम कोर्ट सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मकान मालिक के परिसर की वास्तविक आवश्यकता को निर्धारित करने के लिए किराए में वृद्धि की मांग पूरी तरह से अप्रासंगिक है। इस मामले में, सुरिंदर सिंह (मकान मालिक)...
"भयानक गलत निर्णय": 134 पूर्व सिविल सर्वेंट ने सीजेआई को पत्र लिखकर बिलकिस बानो केस के दोषियों को रिहा करने के गुजरात सरकार के आदेश को रद्द करने की मांग की
2002 के गुजरात दंगों में बिलकिस बानो के सामूहिक बलात्कार और उसके परिवार के सदस्यों की हत्या के मामले में 11 आजीवन दोषियों की समय से पहले रिहाई के खिलाफ पूर्व सिविल सर्वेंट ने भारत के मुख्य न्यायाधीश को एक खुला पत्र लिखा है। पत्र में सुप्रीम कोर्ट से गुजरात सरकार के माफी के आदेश को रद्द करने और आजीवन कारावास की सजा काटने के लिए दोषियों को वापस जेल भेजने का अनुरोध किया गया है। अखिल भारतीय और केंद्रीय सेवाओं के पूर्व सदस्य जिन्होंने खुद को एक ग्रुप (Constitutional Conduct Group) में गठित किया है,...
केंद्र ने सीजेआई और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों को रिटायरमेंट के बाद आजीवन घरेलू सहायक, ड्रायवर और अन्य लाभ देने के लिए नियमों में संशोधन किया
केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के नियम, 1959 (नियम) में और संशोधनों को अधिसूचित किया। अन्य बातों के साथ-साथ, भारत के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीशों को उनके जीवनकाल में सेवा देने के लिए एक घरेलू सहायक, एक ड्रायवर और एक सचिव सहायक तैनात किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश सेवानिवृत्ति के बाद आजीवन घरेलू सहायक और ड्रायवर के हकदार होंगे । सेवानिवृत्ति के बाद एक वर्ष की अवधि के लिए पूर्व सीजेआई और सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों को ड्रायवर और सचिव सहायक प्रदान करने के...
मकान मालिक की 'वास्तविक आवश्यकता' निर्धारित करने के लिए किराए में वृद्धि की मांग पूरी तरह से अप्रासंगिक: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मकान मालिक के परिसर की वास्तविक आवश्यकता को निर्धारित करने के लिए किराए में वृद्धि की मांग पूरी तरह से अप्रासंगिक है।इस मामले में, सुरिंदर सिंह (मकान मालिक) ने विमल जिंदल को 10 साल की अवधि के लिए दो अलग-अलग परिसर पट्टे पर दिए थे। चूंकि पट्टे की अवधि 30 अप्रैल, 2010 को समाप्त होनी थी, सुरिंदर सिंह (किरायेदार) ने उन्हें किराए के परिसर को खाली करने के अनुरोध के साथ एक नोटिस भेजा।लैंडलॉर्ड्स में से एक ने 19 फरवरी, 2010 को एक और नोटिस भेजा जिसमें किरायेदार को अपने सहयोगियों के...
विशिष्ट राहत अधिनियम में संशोधन, 2018 प्रत्याशित; एक अक्टूबर 2018 से पहले हुए लेनदेन पर लागू नहीं हो सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने माना कि विशेष राहत अधिनियम में 2018 का संशोधन प्रत्याशित है और यह उन लेनदेन पर लागू नहीं हो सकता है, जो इसके लागू होने [1.10.2018] से पहले हुए थे।सीजेआई एनवी रमना, जस्टिस कृष्ण मुरारी और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ ने विशेष अदायगी के एक मुकदमे से पैदा हुई अपील की अनुमति देते हुए उक्त टिप्पणी की। मामले में ट्रायल कोर्ट ने यह कहते हुए वाद को खारिज कर दिया कि वादी विशेष अदायगी की राहत का हकदार नहीं है। अपील की अनुमति देते हुए तेलंगाना हाईकोर्ट ने माना कि विशेष राहत प्रक्रिया मुख्यतः...
मकोका- प्रत्येक अभियुक्त के संबंध में एक से अधिक आरोप-पत्र दाखिल करने की आवश्यकता नहीं है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि मकोका मामलों में प्रत्येक आरोपी के संबंध में एक से अधिक चार्जशीट दाखिल करने की आवश्यकता नहीं है।जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने कहा, संगठित अपराध सिंडिकेट के संबंध में आरोप पत्र महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम की धारा 2(1)(डी) की शर्त को पूरा करने के लिए पर्याप्त हैं।अदालत ने यह भी कहा कि धारा 23(1)(ए) मकोका के तहत मंजूरी के आदेश के लिए हर आरोपी का नाम शुरू में ही देना जरूरी नहीं है। इस मामले में, विभिन्न व्यक्तियों के खिलाफ मकोका लगाया...
जस्टिस यूयू ललित ने भारत के 49वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 27 अगस्त, 2022 से जस्टिस यूयू ललित को भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में पद की शपथ दिलाई।जस्टिस ललित ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में भगवान के नाम पर शपथ ली, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़, केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू, भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस एस अब्दुल नज़ीर और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थिति रहे।जस्टिस ललित को भारत के...
गोद लेने के लिए युवा जोड़ों को 3-4 साल तक इंतजार नहीं कराया जा सकता': सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से गोद लेने की प्रक्रिया को सरल बनाने को कहा
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने कहा कि युवा जोड़ों को बच्चा गोद लेने के लिए 3-4 साल तक इंतजार करने के लिए कहना सही नहीं है और भारत में गोद लेने की प्रक्रिया (Adoption Process) पर पुनर्विचार की आवश्यकता है।भारत में गोद लेने की प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग करते हुए एक समाज द्वारा दायर याचिका पर विचार करते हुए जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस जेबी पारदीवाला ने मौखिक रूप से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज से कहा,"यह एक वास्तविक याचिका है। लोग गोद लेने के लिए 3 और 4 साल...


















