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पहले हमें वनीकरण के निर्देशों का पालन दिखाएं: दिल्ली रिज में पेड़ काटने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने DDA से कहा
'पहले हमें वनीकरण के निर्देशों का पालन दिखाएं': दिल्ली रिज में पेड़ काटने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने DDA से कहा

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) को रिज इलाके में और पेड़ काटने की इजाज़त तभी देगा, जब वह इस बात से संतुष्ट हो जाएगा कि वनीकरण और बहाली पर पिछले निर्देशों का पालन किया गया।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच DDA द्वारा दायर आवेदन पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें CAPFIMS अस्पताल को जोड़ने वाली सड़क चौड़ीकरण परियोजना को पूरा करने के लिए 473 पेड़ काटने की अनुमति मांगी गई। DDA ने 2519 पेड़ों और झाड़ियों के पौधों को दूसरी जगह लगाने और सड़क निर्माण...

कथित साज़िश के वैचारिक संचालक: सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम को ज़मानत क्यों नहीं दी?
'कथित साज़िश के वैचारिक संचालक': सुप्रीम कोर्ट ने उमर खालिद और शरजील इमाम को ज़मानत क्यों नहीं दी?

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (5 जनवरी) को दिल्ली दंगों की बड़ी साज़िश के मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम को ज़मानत देने से इनकार करते हुए कहा कि उनकी भूमिकाएं सिर्फ़ छोटी-मोटी नहीं थीं, बल्कि "मुख्य" थीं, जो उन्हें कथित साज़िश की कमान श्रृंखला में सबसे ऊपर रखती हैं।जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने उन्हें और अन्य सह-आरोपियों को सौंपी गई भूमिकाओं के बीच अंतर बताया। इसमें कहा गया कि खालिद और इमाम के खिलाफ़ आरोप फरवरी, 2020 के दिल्ली दंगों के पीछे की कथित बड़ी साज़िश को "सोचने,...

अनुशासनात्मक कार्रवाई के भय से जमानत देने में हिचक रहे हैं ट्रायल कोर्ट जज: सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता
अनुशासनात्मक कार्रवाई के भय से जमानत देने में हिचक रहे हैं ट्रायल कोर्ट जज: सुप्रीम कोर्ट ने जताई चिंता

सुप्रीम कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के जजों द्वारा जमानत देने में बढ़ती हिचक पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि अनुशासनात्मक कार्रवाई के भय के कारण वे अपने विवेकाधिकार का प्रयोग करने से कतराते हैं। कोर्ट ने चेतावनी दी कि ऐसा माहौल न्यायिक स्वतंत्रता को कमजोर करता है। इसी कारण हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट जमानत याचिकाओं से भरे पड़े हैं।जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की खंडपीठ ने कहा कि केवल संदेह के आधार पर या विवेकाधिकार के कथित गलत प्रयोग को लेकर न्यायिक अधिकारियों के खिलाफ विभागीय...

अजमेर शरीफ दरगाह पर प्रधानमंत्री द्वारा चादर चढ़ाने की परंपरा को चुनौती देने वाली याचिका खारिज
अजमेर शरीफ दरगाह पर प्रधानमंत्री द्वारा चादर चढ़ाने की परंपरा को चुनौती देने वाली याचिका खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें अजमेर शरीफ दरगाह पर प्रधानमंत्री द्वारा चादर चढ़ाने की परंपरा को चुनौती दी गई थी। याचिका में केंद्र सरकार और उसकी संस्थाओं द्वारा सूफी संत हज़रत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती और अजमेर दरगाह को दिए जा रहे राज्य-प्रायोजित सम्मान और प्रतीकात्मक मान्यता पर भी आपत्ति जताई गई।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की खंडपीठ ने यह कहते हुए याचिका खारिज की कि इसमें मांगी गई राहत न्यायिक विचार योग्य (जस्टिसिएबल) नहीं...

गुजरात SEZ से ली गई बिजली पर कस्टम ड्यूटी छूट — सुप्रीम कोर्ट ने अडाणी पावर के पक्ष में फैसला दिया
गुजरात SEZ से ली गई बिजली पर कस्टम ड्यूटी छूट — सुप्रीम कोर्ट ने अडाणी पावर के पक्ष में फैसला दिया

सुप्रीम कोर्ट ने आज (5 जनवरी) अडाणी पावर लिमिटेड द्वारा गुजरात हाईकोर्ट के वर्ष 2019 के आदेश के खिलाफ दायर अपील स्वीकार करते हुए कंपनी को राहत दी। गुजरात हाईकोर्ट ने 2019 में यह कहते हुए राहत देने से इनकार कर दिया था कि कंपनी ने कस्टम ड्यूटी लगाने वाली बाद की अधिसूचनाओं को चुनौती नहीं दी है। सुप्रीम कोर्ट ने इस निर्णय को गलत ठहराते हुए कहा कि 2015 का निर्णय सिद्धांत रूप से बाद की अवधि पर भी लागू होता है।अडाणी पावर लिमिटेड मुंद्रा पोर्ट स्थित अपने कोयला-आधारित थर्मल पावर प्लांट से विशेष आर्थिक...

हत्या के शिकार BSP नेता आर्मस्ट्रांग की पत्नी ने CBI जांच याचिका को मद्रास हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरित करने की मांग की
हत्या के शिकार BSP नेता आर्मस्ट्रांग की पत्नी ने CBI जांच याचिका को मद्रास हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरित करने की मांग की

बहुजन समाज पार्टी (BSP) नेता व प्रमुख दलित कार्यकर्ता के. आर्मस्ट्रांग की पत्नी पोरकोडी ने अपने पति की हत्या की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को हस्तांतरित कराने संबंधी अपनी याचिका को मद्रास हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरित करने की मांग करते हुए शीर्ष न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।याचिका में कहा गया है कि इसी मामले से संबंधित एक समान मुद्दा — अर्थात जांच को CBI को सौंपने का प्रश्न — पहले से ही सुप्रीम कोर्ट के समक्ष लंबित है, जहां राज्य सरकार ने हाईकोर्ट के CBI जांच के आदेश को...

Bar Council Elections : सुप्रीम कोर्ट ने दिव्यांग वकीलों के लिए नॉमिनेशन फीस कम की, BCI से उनके प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने को कहा
Bar Council Elections : सुप्रीम कोर्ट ने दिव्यांग वकीलों के लिए नॉमिनेशन फीस कम की, BCI से उनके प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने को कहा

इस बात पर ध्यान देते हुए कि विभिन्न स्टेट बार काउंसिलों के लिए चुनाव प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है, सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इस स्तर पर बार काउंसिलों में दिव्यांग वकीलों के लिए आरक्षण अनिवार्य करने वाले निर्देश जारी करने से परहेज किया। हालांकि, कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) को संबंधित प्रावधानों में संशोधन करने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य के चुनावों में दिव्यांग वकीलों का पर्याप्त प्रतिनिधित्व हो।कोर्ट ने दिव्यांग वकीलों के लिए नॉमिनेशन...

केवल निर्णय में त्रुटि पर जज के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं हो सकती: सुप्रीम कोर्ट
केवल निर्णय में त्रुटि पर जज के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं हो सकती: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल कथित रूप से गलत या त्रुटिपूर्ण न्यायिक आदेश पारित करने के आधार पर जिला न्यायपालिका के किसी न्यायिक अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की जा सकती।अदालत ने मध्य प्रदेश के एक न्यायिक अधिकारी की बर्खास्तगी रद्द करते हुए हाईकोर्ट को इस तरह की यांत्रिक कार्रवाई से सावधान रहने को कहा है।जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने निर्भय सिंह सुलिया की अपील स्वीकार की। सुलिया को वर्ष 2014 में अतिरिक्त जिला एवं सत्र जज के पद पर रहते हुए सेवा...

ओपन कट-ऑफ से अधिक अंक पाने वाले आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार ओपन श्रेणी की नियुक्ति के हकदार: सुप्रीम कोर्ट
ओपन कट-ऑफ से अधिक अंक पाने वाले आरक्षित वर्ग के उम्मीदवार ओपन श्रेणी की नियुक्ति के हकदार: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि आरक्षित श्रेणी से संबंधित वे अभ्यर्थी, जो जनरल/ओपन कैटेगरी की कट-ऑफ से अधिक अंक प्राप्त करते हैं और किसी विशेष रियायत का लाभ नहीं लेते, उन्हें उनकी आरक्षित श्रेणी तक सीमित नहीं किया जा सकता। ऐसे उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्टिंग के चरण पर भी ओपन कैटेगरी में शामिल किया जाना अनिवार्य है।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टिन जॉर्ज मसीह की खंडपीठ ने राजस्थान हाई कोर्ट प्रशासन और रजिस्ट्रार की अपीलों को खारिज करते हुए 18 सितंबर 2023 के डिवीजन बेंच के निर्णय को कायम...

सुप्रीम कोर्ट ने नाइटक्लब की कर्मचारी पर हमला करने और उसका गर्भपात कराने के आरोपी व्यक्ति की जमानत रद्द करने का फैसला बरकरार रखा
सुप्रीम कोर्ट ने नाइटक्लब की कर्मचारी पर हमला करने और उसका गर्भपात कराने के आरोपी व्यक्ति की जमानत रद्द करने का फैसला बरकरार रखा

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में बॉम्बे हाईकोर्ट का आदेश चुनौती देने वाली याचिका खारिज की, जिसमें एक नाइटक्लब की महिला कर्मचारी पर लिफ्ट में हमला करने और उसका गर्भपात कराने के आरोपी व्यक्ति की जमानत रद्द कर दी गई।कोर्ट ने कहा कि आरोपी को जमानत तकनीकी आधार पर दी गई, जबकि उसने इसके लिए मेरिट के आधार पर आवेदन किया। कोर्ट ने आरोपी को 1 हफ्ते के अंदर सरेंडर करने और अगर सलाह दी जाए तो ट्रायल कोर्ट में मेरिट के आधार पर जमानत के लिए आवेदन करने को कहा।चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस एजी...

त्रिपुरा स्टूडेंट की दुखद मौत: सुप्रीम कोर्ट से नस्लीय टिप्पणी को हेट क्राइम के रूप में मान्यता देने के लिए गाइडलाइंस की मांग
त्रिपुरा स्टूडेंट की दुखद मौत: सुप्रीम कोर्ट से 'नस्लीय टिप्पणी' को हेट क्राइम के रूप में मान्यता देने के लिए गाइडलाइंस की मांग

देहरादून में उत्तर-पूर्वी लुक के कारण नस्लीय हमले का शिकार हुए 24 साल के स्टूडेंट की दुखद मौत के बाद उत्तर-पूर्वी राज्यों और भारत के अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों के भारतीय नागरिकों के खिलाफ नस्लीय भेदभाव और हिंसा को रोकने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई।एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड अनूप प्रकाश अवस्थी द्वारा दायर याचिका में जब तक कोई कानून नहीं बन जाता, तब तक अंतरिम, व्यापक गाइडलाइंस बनाने की मांग की गई, ताकि "नस्लीय टिप्पणी" को हेट क्राइम का हिस्सा माना जाए और इसे दंडनीय बनाया जाए। इसमें...