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निचली अदालत को आदेश की तारीख से गुजारा भत्ता देने पर रोक नहीं है, अगर ऐसा करने के लिए कारण मौजूद हैं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
निचली अदालत को आदेश की तारीख से गुजारा भत्ता देने पर रोक नहीं है, अगर ऐसा करने के लिए कारण मौजूद हैं: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि रजनेश बनाम नेहा और अन्य, (2021) 2 एससीसी 324 के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने मामले में आदेश की तारीख से भरणपोषण देने में ट्रायल कोर्ट की विवेकाधीन शक्ति को पूरी तरह से अवरुद्ध नहीं किया है, अगर ऐसा करने के लिए परिस्थितियां और कारण दिए गए हैं।उल्लेखनीय है कि रजनेश बनाम नेहा (सुप्रा) में कोर्ट ने 2020 में वैवाहिक मामलों में भरणपोषण के भुगतान पर दिशानिर्देश जारी किए थे। उस मामले में, यह कहा गया था कि सभी मामलों में भरणपोषण के लिए आवेदन दाखिल करने की तारीख से...

सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस सूर्यकांत ने ओडिशा के पांच अलग-अलग जिलों में क्षेत्रीय न्यायिक अकादमियों का उद्घाटन किया
सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस सूर्यकांत ने ओडिशा के पांच अलग-अलग जिलों में क्षेत्रीय न्यायिक अकादमियों का उद्घाटन किया

सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस सूर्यकांत ने डॉ. जस्टिस एस. मुरलीधर, चीफ जस्टिस, उड़ीसा हाईकोर्ट की उपस्थिति में पांच नव स्थापित क्षेत्रीय न्यायिक अकादमियों (आरजेए) अंगुल, बालासोर, संबलपुर, गंजम में बेरहामपुर और जयपुर में कोरापुट में शनिवार को का उद्घाटन किया।चीफ जस्टिस मुरलीधर ने क्रांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि पांच स्थानों को उनके भौगोलिक स्थानों को ध्यान में रखते हुए सावधानीपूर्वक चुना गया, जिससे आस-पास के जिलों के लाभ के लिए समूह बनाए जा सकें।उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में हाईकोर्ट...

सेबी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया, 2016 से अडानी कंपनियों की जांच नहीं की जा रही
सेबी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया, '2016 से अडानी कंपनियों की जांच नहीं की जा रही'

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने सुप्रीम कोर्ट में आज एक रिजॉइन्डर ऐफिडेविट डाला, जिसमें उसने अडानी-हिंडनबर्ग मामले की जांच के लिए और समय मांगने के लिए अतिरिक्त कारण बताए।सेबी ने जांच पूरी करने के लिए छह महीने का विस्तार देने के लिए एक आवेदन दायर किया है, जिस पर पिछले हफ्ते सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस जेबी पारदीवाला की पीठ ने संकेत दिया कि जांच पूरी करने के लिए वे तीन महीने से अधिक की अनुमति नहीं दे सकते।सुप्रीम कोर्ट ने दो मार्च को दिए...

राष्ट्र सुरक्षा हित में नौकरशाहों के खिलाफ जांच कार्यवाही खत्म की जा सकती है: सुप्रीम कोर्ट
राष्ट्र सुरक्षा हित में नौकरशाहों के खिलाफ जांच कार्यवाही खत्म की जा सकती है: सुप्रीम कोर्ट

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया कि राज्य सरकार की केंद्र सरकार के अधीन हमारे देश में सिविल हैसियत में कार्यरत व्यक्तियों की जांच की कार्यवाही समाप्त की जा सकती है यदि राष्ट्रपति या राज्यपाल संतुष्ट हों कि राज्य की सुरक्षा के हित में ऐसी जांच कराना उचित नहीं है ।[भारत के संविधान के अनुच्छेद 311(2) के दूसरे प्रोविज़ो का खंड (सी)]जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस सीटी रविकुमार की पीठ ने कहा कि एक बार जब यह स्पष्ट हो जाता है कि संतुष्टि पर पहुंचने में सक्षम सामग्री के आधार पर परिस्थितियां हैं कि "राज्य...

सुप्रीम कोर्ट ने अरुणाचल प्रदेश की बीजेपी विधायक दासंगलू पुल को अंतरिम राहत दी, हाईकोर्ट ने उनका चुनाव रद्द कर दिया था
सुप्रीम कोर्ट ने अरुणाचल प्रदेश की बीजेपी विधायक दासंगलू पुल को अंतरिम राहत दी, हाईकोर्ट ने उनका चुनाव रद्द कर दिया था

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार (12 मई) को अरुणाचल प्रदेश के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक दासंगलू पुल को अंतरिम राहत दी, जिनका विधानसभा चुनाव 25 अप्रैल को हाईकोर्ट द्वारा शून्य घोषित कर दिया गया था।सुप्रीम कोर्ट ने 6 सितंबर, 2023 को पुल की अपील को सुनवाई के लिए पोस्ट करते हुए आदेश दिया कि इस बीच उनके द्वारा प्रतिनिधित्व किए गए निर्वाचन क्षेत्र में कोई उपचुनाव नहीं होना चाहिए।जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने यह भी कहा कि पुल विधानसभा के सदस्य के रूप में सभी विशेषाधिकारों के...

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने के लिए डीआरटी के पीठासीन अधिकारी चंडीगढ़ को फटकार लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने के लिए डीआरटी के पीठासीन अधिकारी चंडीगढ़ को फटकार लगाई

सुप्रीम कोर्ट ने 12 मई को डेब्ट रिकवरी ट्रिब्यूनल (डीआरटी) चंडीगढ़ के पीठासीन अधिकारी को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के एक आदेश के खिलाफ विशेष अनुमति याचिका दायर करने के लिए फटकार लगाई। डीआरटी के पीठासीन अधिकारी ने यह आरोप लगाते हुए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया कि हाईकोर्ट ने उनकी विश्वसनीयता और प्रतिष्ठा को प्रभावित करते हुए उनके खिलाफ प्रतिकूल टिप्पणी की।जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस सीटी रविकुमार की खंडपीठ ने कहा कि हाईकोर्ट डीआरटी के वकीलों द्वारा पीठासीन अधिकारी के खिलाफ उठाई गई शिकायतों पर गौर कर...

कल खेल में हम हो ना हो, गर्दिश में तारे रहेंगे...: जस्टिस एमआर शाह ने अपने लास्ट वर्किंग डे पर ये गाना कोट किया
'कल खेल में हम हो ना हो, गर्दिश में तारे रहेंगे..."': जस्टिस एमआर शाह ने अपने लास्ट वर्किंग डे पर ये गाना कोट किया

सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस एमआर शाह आज रिटार्यड हो रहे हैं। आज उनका लास्ट वर्किंग डे है। जस्टिस शाह के सम्मान में सुप्रीम कोर्ट में CJI डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता में एक औपचारिक पीठ का आयोजन किया गया है। सुप्रीम कोर्ट में एक सिटिंग जज के रूप में अपना अंतिम भाषण देते हुए जस्टिस एमआर शाह ने कहा कि वह जल्द ही अपनी "नई पारी" शुरू करेंगे।आगे कहा-"मैं रिटायर होने वाला व्यक्ति नहीं हूं। मैं नई पारी शुरू करूंगा। मैं प्रार्थना करता हूं कि सर्वशक्तिमान मुझे मेरी नई पारी के लिए शक्ति प्रदान करें।"जस्टिस...

पीएमएलए एक्ट | केवल विधेय अपराध में चार्जशीट दायर करने से अभियुक्त मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत का हकदार नहीं होगा: सुप्रीम कोर्ट
पीएमएलए एक्ट | केवल विधेय अपराध में चार्जशीट दायर करने से अभियुक्त मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत का हकदार नहीं होगा: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने माना कि केवल तथ्य यह है कि विधेय अपराधों के लिए चार्जशीट दायर की गई तो यह धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत अपराधों के संबंध में आरोपी को जमानत पर रिहा करने का आधार नहीं है।जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस सीटी रविकुमार की पीठ ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक आरोपी को जमानत देने के तेलंगाना हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली प्रवर्तन निदेशालय की अपील को स्वीकार कर लिया। मनी लॉन्ड्रिंग का मामला मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत एमपी जल निगम के टेंडर कार्यों को देने के...

सुप्रीम कोर्ट ने प्रिटिंग मशीनरी पर रियायत की उस सीमा शुल्क अधिसूचना को वापस लेने को सही ठहराया जिसमें स्वदेशी कोण को आधार बनाया गया था
सुप्रीम कोर्ट ने प्रिटिंग मशीनरी पर रियायत की उस सीमा शुल्क अधिसूचना को वापस लेने को सही ठहराया जिसमें स्वदेशी कोण को आधार बनाया गया था

सुप्रीम कोर्ट ने उस सीमा शुल्क अधिसूचना को वापस लेने को सही ठहराया है, जिसने 'एक चौड़ाई वाली दो प्लेट किस्म' की "रोटरी प्रिंटिंग मशीन" को स्वदेशी कोण, यानी भारत में उपकरण की उपलब्धता के आधार पर सीमा शुल्क रियायत प्रदान की थी। सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि इसे कर रियायत वापस लेने के लिए एक अप्रासंगिक कारक के रूप में वर्णित नहीं किया जा सकता है।दिनांक 11.02.2003 की एक संशोधित अधिसूचना के द्वारा, सीमा शुल्क की रियायती दर को 'डबल चौड़ाई वाली चार प्लेट किस्म' की रोटरी प्रिंटिंग मशीनों में...

संविधान की पांचवीं अनुसूची एक गैर-आदिवासी व्यक्ति को  अनुसूचित क्षेत्र में बसने और मतदान करने के अधिकार को नहीं छीनती : सुप्रीम कोर्ट
संविधान की पांचवीं अनुसूची एक गैर-आदिवासी व्यक्ति को अनुसूचित क्षेत्र में बसने और मतदान करने के अधिकार को नहीं छीनती : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने 10 मई को उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ यह तर्क दिया गया था कि भारत के संविधान की पांचवीं अनुसूची के खंड 5(1) के तहत राज्य के राज्यपाल द्वारा जारी अधिसूचना के अभाव में जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 और परिसीमन अधिनियम, 2002 अनुसूचित क्षेत्र पर लागू नहीं होते हैं ।न्यायालय ने इस तर्क को भी खारिज कर दिया कि संविधान की पांचवीं अनुसूची एक गैर-आदिवासी व्यक्ति अनुसूचित क्षेत्र में बसने और मतदान करने के अधिकार को छीन लेती है।अदालत ने आदिवासी फॉर सोशल एंड ह्यूमन...

सुप्रीम कोर्ट ने तुच्छ अपील दायर करने पर हुडा प्राधिकरण को फटकार लगाई, एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया
सुप्रीम कोर्ट ने तुच्छ अपील दायर करने पर हुडा प्राधिकरण को फटकार लगाई, एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया

सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (हुडा प्राधिकरण) को उन मुद्दों पर तुच्छ मुकदमे दायर करने के लिए फटकार लगाई है, जो पहले ही सुप्रीम कोर्ट द्वारा 2005 के निर्णयों में तय किए जा चुके हैं। जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस राजेश बिंदल की खंडपीठ ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और अन्य बनाम जगदीप सिंह में दायर एक अपील पर फैसला सुनाते हुए विभिन्न स्तरों पर न्यायालयों का समय बर्बाद करने के लिए हुडा प्राधिकरण पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा, हुडा प्राधिकरण के दोषी अधिकारियों,...

2008 जयपुर सीरियल बम ब्लास्ट: सुप्रीम कोर्ट 17 मई को चार अभियुक्तों को बरी करने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करेगा
2008 जयपुर सीरियल बम ब्लास्ट: सुप्रीम कोर्ट 17 मई को चार अभियुक्तों को बरी करने को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करेगा

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को 2008 के जयपुर सीरियल बम धमाकों के कुछ पीड़ितों द्वारा दायर एक विशेष अनुमति याचिका पर विचार किया, जिसमें राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई थी, जिसमें इस मामले में ट्रायल कोर्ट द्वारा मौत की सजा पाए चार लोगों को बरी कर दिया गया था।जस्टिस एएस ओका और जस्टिस राजेश बिंदल की पीठ ने याचिका दायर करने की अनुमति मांगने वाले पीड़ितों द्वारा दायर आवेदन को स्वीकार कर लिया और राज्य द्वारा दायर की गई विशेष अनुमति याचिका के साथ विचार करने के लिए इसे अगले सप्ताह पोस्ट कर...

क्या वैध अपेक्षा के सिद्धांत के आधार पर कर छूट का दावा किया जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने खं‌डित फैसला सुनाया
क्या वैध अपेक्षा के सिद्धांत के आधार पर कर छूट का दावा किया जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने खं‌डित फैसला सुनाया

सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ, जिसमें जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस कृष्ण मुरारी शामिल हैं, ने वैध अपेक्षा के सिद्धांत की प्रयोज्यता से संबंधित मुद्दे पर खंडित फैसला सुनाया है, जहां अपीलकर्ता-निर्माता को दी गई कर अवकाश/बिक्री कर छूट को पश्चिम बंगाल बिक्री कर अधिनियम, 1994 में किए गए संशोधनों के अनुसार रोक दिया गया था।पश्चिम बंगाल वित्त अधिनियम, 2001 द्वारा किए गए संशोधनों के अनुसरण में, 1994 के अधिनियम की धारा 2(17) को 01 अगस्त 2001 से प्रभावी रूप से संशोधित किया गया था, और "चाय का सम्मिश्रण" शब्द धारा...

पीओएसएच अधिनियम को लागू करने में गंभीर चूक: सुप्रीम कोर्ट ने कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से संरक्षण के कानून के कड़ाई से पालन के लिए दिशानिर्देश जारी किए
पीओएसएच अधिनियम को लागू करने में "गंभीर चूक": सुप्रीम कोर्ट ने कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से संरक्षण के कानून के कड़ाई से पालन के लिए दिशानिर्देश जारी किए

सुप्रीम कोर्ट ने कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 [पीओएसएच अधिनियम] के लागू होने एक दशक बाद भी इसे लागू करने में "गंभीर चूक" कहते हुए चिंता व्यक्त की है।इस संबंध में, न्यायालय ने एक राष्ट्रीय दैनिक की हालिया रिपोर्ट पर ध्यान दिया, जिसमें कहा गया था कि देश के 30 राष्ट्रीय खेल संघों में से 16 ने आज तक आंतरिक शिकायत समिति का गठन नहीं किया है और जहां आईसीसी है, वहां सदस्यों की निर्धारित संख्या नहीं है या अनिवार्य बाहरी सदस्य की कमी है।जस्टिस एएस बोपन्ना और...

सीनियर एडवोकेट डेजिग्नेशन: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामलों में वकीलों द्वारा निभाई जाने वाली भूमिका केवल पेशी की गिनती से अधिक आंकी जानी चाहिए
सीनियर एडवोकेट डेजिग्नेशन: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामलों में वकीलों द्वारा निभाई जाने वाली भूमिका केवल पेशी की गिनती से अधिक आंकी जानी चाहिए

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अपने 2017 के फैसले (इंदिरा जयसिंह बनाम सुप्रीम कोर्ट) में निर्धारित सीनियर एडवोकेट डेजिग्नेशन को विनियमित करने वाले दिशानिर्देशों में संशोधन की मांग करने वाली याचिकाओं में अपना फैसला सुनाते हुए विविध श्रेणी को दिए गए वेटेज को नि: स्वार्थ कार्य, रिपोर्टेड और अनरिपोर्टेड जजमेंट और डोमेन विशेषज्ञता सहित 10 अंक बढ़ा दिया।जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस अरविंद कुमार की खंडपीठ ने प्रकाशन को दिए गए वेटेज को 15 से घटाकर 5 अंक करने के बाद विविध...

रितु छाबरिया  फैसले पर भरोसा किए बिना स्वतंत्र रूप से डिफ़ॉल्ट जमानत आवेदनों पर विचार कर सकती हैं अदालतें : सुप्रीम कोर्ट
'रितु छाबरिया ' फैसले पर भरोसा किए बिना स्वतंत्र रूप से डिफ़ॉल्ट जमानत आवेदनों पर विचार कर सकती हैं अदालतें : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि उसका अंतरिम आदेश जिसमें यह निर्देश दिया गया था कि रितु छाबरिया बनाम भारत संघ और अन्य के आधार पर किसी भी अदालत के समक्ष दायर डिफ़ॉल्ट जमानत की मांग करने वाले किसी भी आवेदन की सुनवाई को टालना चाहिए, किसी भी ट्रायल कोर्ट या हाईकोर्ट को रितु छाबरिया के फैसले पर भरोसा किए बिना और स्वतंत्र रूप से डिफ़ॉल्ट जमानत देने के लिए आवेदनों पर विचार करने से नहीं रोका जाएगा।रितु छाबड़िया मामले में, सुप्रीम कोर्ट की दो-न्यायाधीशों की पीठ ने माना था कि अधूरी जांच के...

सीनियर एडवोकेट डेजिग्नेशन: सुप्रीम कोर्ट ने प्रकाशन के लिए निर्धारित अंकों को घटाया; टीचिंग असाइनमेंट्स और गेस्ट लेक्चर्स को शामिल करने के लिए अपने दायरे का विस्तार किया
सीनियर एडवोकेट डेजिग्नेशन: सुप्रीम कोर्ट ने प्रकाशन के लिए निर्धारित अंकों को घटाया; टीचिंग असाइनमेंट्स और गेस्ट लेक्चर्स को शामिल करने के लिए अपने दायरे का विस्तार किया

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अपने 2017 के फैसले (इंदिरा जयसिंह बनाम सुप्रीम कोर्ट) में निर्धारित सीनियर एडवोकेट डेजिग्नेशन को विनियमित करने वाले दिशानिर्देशों में संशोधन की मांग करने वाली दलीलों में अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि यह वेटेज को कम करेगा। मौजूदा दिशानिर्देशों में प्रकाशन के लिए दिया गया। यह देखते हुए कि 2017 के फैसले में प्रकाशन के लिए 15 अंक का आवंटन अधिक है, इसे घटाकर 5 अंक कर दिया गया।सुप्रीम कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि अंक आवंटित करने में लेखन की गुणवत्ता एक महत्वपूर्ण कारक...

सीनियर डेजिग्नेशन के लिए 45 वर्ष की कोई सख्त आयु सीमा नहीं, लेकिन केवल असाधारण वकीलों को इस आयु सीमा से कम नॉमिनेट किया जाना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
सीनियर डेजिग्नेशन के लिए 45 वर्ष की कोई सख्त आयु सीमा नहीं, लेकिन केवल असाधारण वकीलों को इस आयु सीमा से कम नॉमिनेट किया जाना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि वह केवल 45 वर्ष से अधिक आयु के वीकलों को सीनियर एडवोकेट डेजिग्नेशन से सम्मानित करने के पक्ष में नहीं है। उक्त आयु से कम के उम्मीदवारों पर विचार किया जाना चाहिए यदि वे निर्दिष्ट की जाने वाली अतिरिक्त क्षमता प्रदर्शित करते हैं।जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस अरविंद कुमार की पीठ ने कहा,"जबकि हम केवल 45 वर्ष से अधिक आयु के एडवोकेट के लिए आवेदनों को प्रतिबंधित नहीं करना चाहेंगे, केवल असाधारण वकीलों को इस आयु से कम नामित किया...