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केंद्र के खिलाफ फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंची दिल्ली सरकार; सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद सचिव का तबादला मंजूर नहीं
दिल्ली सरकार ने फिर से सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और शिकायत की है कि संविधान पीठ द्वारा एक दिन पहले सेवाओं को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार की शक्तियों (सार्वजनिक व्यवस्था, पुलिस और भूमि को छोड़कर) को बरकरार रखने के बावजूद केंद्र सरकार एक सचिव का ट्रांसफर करने के अपने फैसले को मंजूरी नहीं दे रही है।सीनियर एडवोकेट डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार की ओर से पेश एडवोकेट शादान फरासत की सहायता से शुक्रवार को चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) डी वाई चंद्रचूड़ के...
अर्हता परीक्षा के नतीजों में हो रहे विलंब के कारण विदेशी कानून डिग्री धारकों का प्रैक्टिस का अधिकार प्रभावित हो रहा: सीनियर एडवोकेट इंदिरा जयसिंह ने बीसीआई को पत्र लिखा
सनियर एडवोकेट इंदिरा जयसिंह ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया को एक खुला पत्र लिखा है, जिसमें विदेशी कानून डिग्री धारकों के लिए आयोजित की गई 18वीं योग्यता परीक्षा के परिणाम घोषित करने में देरी पर चिंता व्यक्त की गई है, जो उनके लिए भारत में कानून का अभ्यास शुरू करने के लिए एक शर्त है।इस देरी से लगभग 75 विधि स्नातक प्रभावित हैं। जयसिंह ने बीसीआई से से इन विदेशी कानून स्नातकों को अस्थायी रूप से ऐसी शर्तों के साथ अधिवक्ताओं के रूप में नामांकित करने पर विचार करने का आग्रह किया है, जो उन्हें उचित लगे।अपने पत्र...
कानूनी पेशा अब पारिवारिक पेशा नहीं रहा, प्रोफेशन में नए आने वाले लोगों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए ': सुप्रीम कोर्ट ने सीनियर एडवोकेट डेजिग्नेशन में विविधता को प्रोत्साहित किया
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अपने 2017 के फैसले (इंदिरा जयसिंह बनाम सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया) में निर्धारित सीनियर एडवोकेट डेजिग्नेशन को विनियमित करने वाले दिशानिर्देशों में संशोधन की मांग करने वाली याचिकाओं में अपना फैसला सुनाते हुए एडवोकेट डेजिग्नेशन की प्रक्रिया में विविधताओं के पहलुओं के महत्व पर जोर दिया।बेंच ने कहा,"कानूनी पेशे को अब पारिवारिक पेशा नहीं माना जाता है। इसके बजाय, देश के सभी हिस्सों से और अलग-अलग पृष्ठभूमि वाले नए लोग आए हैं। ऐसे नए आने वाले लोगों को प्रोत्साहित किया...
कभी नहीं कहा कि उधार लेने वालों के खातों को धोखाधड़ी के रूप में वर्गीकृत करने से पहले उन्हें व्यक्तिगत रूप से सुना जाना चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि उसकी ओर से दिए गए आदेश कि उधार लेने वालों के खातों को आरबीआई मास्टर सर्कूलर के संदर्भ में धोखाधड़ी के रूप मे वर्गीकृत करने से पहले बैंकों को उन उधार लेने वालों को सुन लेना चाहिए, का अर्थ यह नहीं था कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से सुना जाना चाहिए।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ ने कहा, सुनवाई के अवसर का मतलब व्यक्तिगत सुनवाई नहीं है।पीठ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया द्वारा दायर एक आवेदन पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें स्पष्टीकरण...
पश्चिम बंगाल को 'द केरला स्टोरी' फिल्म पर प्रतिबंध क्यों लगाना चाहिए, अगर यह देश के अन्य हिस्सों में चल रही है? सुप्रीम कोर्ट ने पूछा
सुप्रीम कोर्ट ने विवादित फिल्म 'द केरला स्टोरी' पर प्रतिबंध लगाने के पश्चिम बंगाल सरकार के फैसले के खिलाफ फिल्म के निर्माताओं की ओर से दायर याचिका पर शुक्रवार को पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु को नोटिस जारी किया। निर्माताओं ने आरोप लगाया कि फिल्म तमिलनाडु में 'शैडो' बैन का सामना कर रही थी और दक्षिणी राज्य में फिल्म की स्क्रीनिंग के लिए सुरक्षा की मांग की। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ ने मामले को अगले बुधवार तक के लिए स्थगित कर दिया।फिल्म सनशाइन प्रोडक्शंस के निर्माता की ओर...
जब पूरे देश में फिल्म ‘द केरला स्टोरी’ दिखाई जा रही है तो पश्चिम बंगाल में बैन क्यों? सुप्रीम कोर्ट ने पूछा
5 मई को फिल्म द करेला स्टोरी रिलीज हुई थी। रिलीज के तीन दिन बाद यानी 8 मई को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस फिल्म राज्य में बैन कर दिया था। कहा था कि घृणा और हिंसा की किसी भी घटना से बचने और राज्य में शांति बनाए रखने के लिए फिल्म के प्रदर्शन पर बैन लगाया गया है। इसके खिलाफ फिल्म निर्माताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की बेंच मामले पर...
सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ ने जस्टिस अहमदी की श्रद्धांजलि भाषण में खुलासा किया कि कैसे पूर्व सीजेआई ने उन्हें न्यायपालिका स्वीकार करने के लिए प्रोत्साहित किया
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) ने महत्वपूर्ण निर्णयों का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट में लाए गए परिवर्तनों को रेखांकित करने से लेकर गुरुवार (11 मई) को भारत के पूर्व चीफ जस्टिस अजीज मुशब्बर अहमदी को श्रद्धांजलि देते हुए संबोधन दिया, जिनका 2 मार्च, 2023 को निधन हो गया।सीजेआई चंद्रचूड़ 11 मई को पूर्व सीजेआई अहमदी को सम्मानित करने के लिए आयोजित फुल कोर्ट रेफरेंस में बोल रहे थे।सीजेआई चंद्रचूड़ ने पूर्व सीजेआई को "बेहतरीन विवेकवान में से एक और कानूनी बिरादरी का सच्चा दोस्त" करार देते हुए जस्टिस अहमदी...
एससी-एसटी एक्ट जैसे कड़े कानूनों को लागू करने से पहले सतर्क रहें: सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस अधिकारियों को 'याद दिलाया'
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में कहा कि एससी-एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम जैसे कड़े कानूनों के प्रावधानों को लागू करने से पहले पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहना होगा। जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की पीठ ने कहा कि अधिकारी को इस बात से संतुष्ट होना चाहिए कि जिन प्रावधानों को वह प्रथम दृष्टया लागू करना चाहता है, वे इस मामले में लागू होते हैं।अदालत ने स्पष्ट किया कि ये टिप्पणियां विशेष/कड़े कानूनों की प्रयोज्यता को कम करने के लिए नहीं की गई हैं, बल्कि केवल पुलिस को...
सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने ई-फाइलिंग में पक्षकारों की मदद के लिए सुप्रीम कोर्ट में 'ई-सेवा केंद्र' की शुरुआत की
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) डी वाई चंद्रचूड़ ने सुप्रीम कोर्ट में 'ई-फाइलिंग 2.0' और 'ई-सेवा केंद्र और सुविधा केंद्र' शुरू करने की घोषणा की। लॉन्च की घोषणा सीजेआई की अगुवाई वाली बेंच द्वारा दिन के लिए उल्लेखों की सुनवाई शुरू करने से पहले हुई।सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा,"हमने अब सुबह ई-फाइलिंग 2.0 का अनावरण किया। सुविधाएं सभी वकीलों के लिए 24/7 उपलब्ध होंगी। हमने दो सुविधा केंद्र शुरू किए हैं। सुविधा केंद्र इसलिए हैं कि जिन वकीलों के पास ये सुविधाएं नहीं हैं- हम उन्हें पकड़ लेंगे। मैं सभी...
सुप्रीम कोर्ट ने सीनियर एडवोकेट डेजिग्नेशन के लिए दिशानिर्देशों में संशोधन किया; कहा- प्रक्रिया साल में कम से कम एक बार तो होनी ही चाहिए
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अपने 2017 के फैसले (इंदिरा जयसिंह बनाम सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया) में निर्धारित सीनियर एडवोकेट डेजिग्नेशन को विनियमित करने वाले दिशानिर्देशों में संशोधन की मांग करने वाली याचिकाओं पर निर्देश पारित किया।जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस अरविंद कुमार की खंडपीठ ने निर्देश दिया कि फुल कोर्ट द्वारा "गुप्त मतदान" का तरीका अपवाद होना चाहिए न कि नियम। 'गुप्त मतदान' का सहारा लेने से हाईकोर्ट की स्थायी समिति द्वारा किए गए मूल्यांकन का उद्देश्य विफल हो...
सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात में जिला जज के रूप में न्यायिक अधिकारियों के प्रमोशन पर रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात की निचली अदालत के जजों के प्रमोशन पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा कि फिलहाल जिन जजों को प्रमोट किया गया है, उन्हें उनके ओरिजनल पोस्ट यानी मूल पद पर वापस भेजा जाए। ये फैसला जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस सीटी रविकुमार की बेंच ने सुनाया है।मालूम हो, जिला जजों के प्रमोशन के लिए गुजरात हाईकोर्ट ने सिफारिश की थी। इसे लागू करने के लिए गुजरात सरकार ने अधिसूचना जारी की थी। इसी पर बेंच ने रोक लगाई है।जस्टिस एमआर शाह ने आदेश में कहा,"राज्य सरकार ने याचिका के लंबित होने के दौरान...
वास्तविक' शिवसेना कौन, यह तय करने के लिए विधायी बहुमत का टेस्ट व्यर्थ होगा, ईसीआई की मान्यता प्रत्याशित रूप से लागू होगी: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिवसेना मामले (सुभाष देसाई बनाम महाराष्ट्र के राज्यपाल के प्रधान सचिव) में की गई टिप्पणी का भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को "वास्तविक" शिवसेना के रूप में मान्यता देने के निर्णय पर प्रभाव पड़ सकता है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) डी वाई चंद्रचूड़ द्वारा लिखे गए फैसले ने पैराग्राफ 150 में दिलचस्प टिप्पणी की कि कौन-सा गुट असली शिवसेना है, इसका आकलन करने में विधायी बहुमत का परीक्षण निरर्थक होगा। इस मुद्दे पर चर्चा करते हुए यह अवलोकन किया गया कि...
जाति आधारित सर्वेक्षण पर अंतरिम रोक लगाने के पटना हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची बिहार सरकार
बिहार सरकार ने गुरुवार सुप्रीम कोर्ट में एक विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर की है जिसमें राज्य में जाति आधारित सर्वेक्षण पर अंतरिम रोक लगाने के पटना हाईकोर्ट के 4 मई के आदेश को चुनौती दी गई है। अपने आदेश में, हाईकोर्ट ने इसे निजता के अधिकार से संबंधित मामला बताते हुए राजनीतिक दलों को एकत्र की गई जानकारी के प्रसार पर भी रोक लगा दी।राज्य सरकार ने एसएलपी में कहा है कि हाईकोर्ट ने जाति आधारित सर्वेक्षण पर तब रोक लगा दी जब वह पूरा होने की कगार पर था और इसलिए, इस स्तर पर रोक से राज्य को अपूरणीय...
सुप्रीम कोर्ट में केरल में 'वंदे भारत' ट्रेन के लिए अतिरिक्त स्टॉप की मांग वाली याचिका दायर
मलप्पुरम जिले के तिरूर रेलवे स्टेशन पर 'वंदे भारत ट्रेन सेवा' को रोकने के लिए दक्षिणी रेलवे को निर्देश जारी करने की मांग वाली याचिका केरल हाईकोर्ट द्वारा खारिज किए जाने के खिलाफ एक वकील ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।केरल हाईकोर्ट की जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस और जस्टिस सी. जयचंद्रन खंडपीठ ने याचिका खारिज करते हुए कहा था कि रिट याचिका में कोई जनहित का समर्थन नहीं किया गया। साथ ही यह कि ट्रेन के लिए स्टॉप प्रदान करना ऐसा मामला है जिसमें रेलवे द्वारा निर्धारित किया जाना चाहिए और किसी भी व्यक्ति को इसकी...
विवाह समानता | सिविल यूनियन विवाह के समान विकल्प नहीं: सुप्रीम कोर्ट में डॉ एएम सिंघवी का तर्क
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस एस रवींद्र भट, जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की संविधान खंडपीठ ने भारत में सेम-सेक्स व्यक्तियों के लिए विवाह समानता की मांग करने वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। यह लेख याचिकाओं के वकीलों द्वारा किए गए प्रत्युत्तर प्रस्तुतीकरण का विवरण देता है।अपने प्रत्युत्तर के माध्यम से सीनियर एडवोकेट डॉ एएम सिंघवी ने प्रस्तुत किया कि याचिकाकर्ता लिंग-तटस्थ तरीके से विशेष विवाह अधिनियम (एसएमए) में हर लिंग...
'महाराष्ट्र के राज्यपाल के पास उद्धव सरकार के विश्वासमत पर संदेह करने वाली कोई सामग्री नहीं थी': सुप्रीम कोर्ट ने फ्लोर टेस्ट के निर्देश की आलोचना की
सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र के राजनीतिक संकट के संबंध में आज कहा कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट के विद्रोह के आधार पर फ्लोर टेस्ट के लिए बुलाने और तत्कालीन सीएम उद्धव ठाकरे को फ्लोर पर बहुमत साबित करने का निर्देश देने के लिए राज्यपाल द्वारा लिया गया फैसला सदन गलत था।चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस एमआर शाह, जस्टिस कृष्ण मुरारी, जस्टिस हेमा कोहली और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की संविधान पीठ ने कहा,"राज्यपाल के पास कोई वस्तुनिष्ठ सामग्री नहीं थी, जिसके आधार पर वह मौजूदा सरकार के विश्वासमत पर...
शिवसेना मामला : सुप्रीम कोर्ट ने 'नबाम रेबिया' का फैसला बड़ी बेंच को भेजा कहा, यह 'किहोतो होलोहन' निर्णय के विरोध में है
सुप्रीम कोर्ट की एक संविधान पीठ ने गुरुवार को नबाम रेबिया और बामांग फेलिक्स बनाम डिप्टी स्पीकर, अरुणाचल प्रदेश विधान सभा में निर्धारित कानून की शुद्धता पर संदेह किया कि नोटिस मिलने पर स्पीकर को अयोग्यता कार्यवाही शुरू करने से अक्षम कर दिया जाएगा, जबकि उन्हें हटाने की मांग लंबित है।यह शिवसेना पार्टी (सुभाष देसाई बनाम महाराष्ट्र के राज्यपाल के प्रधान सचिव) के भीतर दरार से संबंधित मामले में हुआ था। चूंकि नबाम रेबिया को भी 5-न्यायाधीशों की समान शक्ति वाली पीठ द्वारा दिया गया था, इसे बड़ी पीठ के पास...
दिल्ली सरकार बनाम एलजी | लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित सरकार के पास जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए अपने अधिकारियों को नियंत्रित करने की शक्ति होनी चाहिए: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में यह पुष्टि की कि राष्ट्रीय राजधानी में सार्वजनिक व्यवस्था, पुलिस और भूमि संबंधित सेवाओं को छोड़कर - प्रशासनिक सेवाओं पर विधायी और कार्यकारी नियंत्रण राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की सरकार का है।सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के सर्वसम्मत फैसले में चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, और जस्टिस एमआर शाह, जस्टिस कृष्ण मुरारी, जस्टिस हेमा कोहली और जस्टिस पीएस नरसिम्हा ने संसदीय सरकार के वेस्टमिंस्टर-व्हाइटहॉल मॉडल में सिविल सेवाओं की भूमिका पर चर्चा की,...
समलैंगिक शादियों को कानूनी मान्यता दिलाने की मांग वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने दस दिनों की सुनवाई के बाद गुरुवार को समलैंगिक विवाहों को कानूनी मान्यता देने संबंधी याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रख लिया। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस एस रवींद्र भट, जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की खंडपीठ ने 18 अप्रैल को मामले की सुनवाई शुरू की थी। मौजूदा मुद्दे पर पीठ के समक्ष बीस याचिकाएं हैं, जिसे विभिन्न समलैंगिक जोड़ों, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों और LGBTQIA+ कार्यकर्ताओं ने दायर किया है।याचिकाओं में विशेष विवाह अधिनियम 1954,...
श्रीलंकाई सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर किया, भारतीय सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों का किया उल्लेख
भारत में समलैंगिक विवाह के मुद्दे पर हो रही सुनवाई के बीच पड़ोसी मुल्क श्रीलंका की सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से बाहर करने की मांग करने वाले विधेयक को हरी झंडी दे दी है। मंगलवार को श्रीलंकाई संसद के स्पीकर ने यह खुलासा किया। श्रीलंकाई सुप्रीम कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसले में पुट्टास्वामी (2017) और नवतेज जौहर (2018) के भारतीय सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए ऐतिहासिक फैसलों का हवाला दिया है।चीफ जस्टिस ऑफ श्रीलंका जयंता जयसूर्या, और जस्टिस विजिथ मललगोडारे और जस्टिस अर्जुन...


















