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केंद्र सरकार ने एक प्रत्याशी के दो सीटों से चुनाव लड़ने का सुप्रीम कोर्ट में समर्थन किया
16 July 2018 8:47 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने ‘ मुस्लिम लीग जैसे झंडे’ फहराने पर रोक लगाने की याचिका पर केंद्र से पक्ष पूछा
16 July 2018 5:47 PM IST
![पुलिस संदेह पर किसी नागरिक की अचल संपत्ति को सील नहीं कर सकती : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े] पुलिस संदेह पर किसी नागरिक की अचल संपत्ति को सील नहीं कर सकती : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/11/Chhattisgarh-HC-2.jpg)
पुलिस संदेह पर किसी नागरिक की अचल संपत्ति को सील नहीं कर सकती : छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]
14 July 2018 6:56 PM IST

NCPCR द्वारा सामाजिक आडिट का विरोध करने वाले राज्य "कुछ छिपा" रहे हैं : सुप्रीम कोर्ट
14 July 2018 10:30 AM IST

ब्रेकिंग : IPC 377 की संवैधानिकता पर केंद्र सरकार ने फैसला सुप्रीम कोर्ट के विवेक पर छोड़ा
11 July 2018 2:30 PM IST
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![पटना हाईकोर्ट ने कहा, बिहार को प्लास्टिक मुक्त करने के लिए कुछ साहसिक और प्रभावी कदम उठाने पड़ेंगे; राज्य से उसका विचार पूछा [आर्डर पढ़े] पटना हाईकोर्ट ने कहा, बिहार को प्लास्टिक मुक्त करने के लिए कुछ साहसिक और प्रभावी कदम उठाने पड़ेंगे; राज्य से उसका विचार पूछा [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/05/Patna-High-Court.jpg)

![वैवाहिक विवाद गर्भावस्था समाप्त करने की अनुमति देने का पर्याप्त कारण नहीं : बॉम्बे हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े] वैवाहिक विवाद गर्भावस्था समाप्त करने की अनुमति देने का पर्याप्त कारण नहीं : बॉम्बे हाईकोर्ट [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/03/bombay-hc.png)

![सामाजिक मूल्यों और नैतिकताओं की अपनी जगह है पर ये सब संविधान से ऊपर नहीं प्रेम प्रसंग में माँ-बाप की नजरबंदी से क़ानून स्नातक छात्रा को पटना हाईकोर्ट ने मुक्त कराया [निर्णय पढ़ें] सामाजिक मूल्यों और नैतिकताओं की अपनी जगह है पर ये सब संविधान से ऊपर नहीं प्रेम प्रसंग में माँ-बाप की नजरबंदी से क़ानून स्नातक छात्रा को पटना हाईकोर्ट ने मुक्त कराया [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/06/Patna-High-Court-min.jpg)

![टीम इंडिया या टीम BCCI? क्यों ना RTI अधिनियम के तहत निष्पक्ष क्रिकेट के हित में BCCI को सार्वजनिक प्राधिकरण घोषित किया जाए [आर्डर पढ़े] टीम इंडिया या टीम BCCI? क्यों ना RTI अधिनियम के तहत निष्पक्ष क्रिकेट के हित में BCCI को सार्वजनिक प्राधिकरण घोषित किया जाए [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/09/BCCI.jpg)
![पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई से पहले गुजारा भत्ता की संपूर्ण बकाया राशि खाते में जमा कराना जरूरी नहीं : दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें] पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई से पहले गुजारा भत्ता की संपूर्ण बकाया राशि खाते में जमा कराना जरूरी नहीं : दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/05/Delhi-High-Court-2.jpg)
![पहली शिकायत के निपटारे के बाद नए तथ्यों का खुलासा हुआ हो तो दूसरी शिकायत भी सुनवाई योग्य : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें] पहली शिकायत के निपटारे के बाद नए तथ्यों का खुलासा हुआ हो तो दूसरी शिकायत भी सुनवाई योग्य : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/07/NV-Ramanna-M-Shantanagoudar.jpg)

![किसी प्रत्यक्षदर्शी की गवाही पर सिर्फ इसलिए संदेह नहीं किया जा सकता कि उसने मृतक को बचाने की कोई कोशिश नहीं की : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें] किसी प्रत्यक्षदर्शी की गवाही पर सिर्फ इसलिए संदेह नहीं किया जा सकता कि उसने मृतक को बचाने की कोई कोशिश नहीं की : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2017/12/Ranjan-gogoi-Bhanumati.jpg)

![बिक्री के करार के तहत जारी किए गए चेक पर भी परक्राम्य लिखित अधिनियम की धारा 138 लागू होगी अगर इस चेक की चर्चा बिक्री करार में नहीं है : दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें] बिक्री के करार के तहत जारी किए गए चेक पर भी परक्राम्य लिखित अधिनियम की धारा 138 लागू होगी अगर इस चेक की चर्चा बिक्री करार में नहीं है : दिल्ली हाईकोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/01/Cheque-Bounce-Cases.jpg)
![महिला और बच्चों का वाणिज्यिक यौन शोषण : कलकत्ता हाईकोर्ट ने जांच और अभियोजन के लिए दिशानिर्देश जारी किया [आर्डर पढ़े] महिला और बच्चों का वाणिज्यिक यौन शोषण : कलकत्ता हाईकोर्ट ने जांच और अभियोजन के लिए दिशानिर्देश जारी किया [आर्डर पढ़े]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/04/Calcutta-High-Court.jpg)
![कई देशों द्वारा मौत की सजा को खत्म करने से कोई आधार नहीं बनता कि इसे अपने देश में भी कानूनी किताब से निकाल दिया जाए : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें] कई देशों द्वारा मौत की सजा को खत्म करने से कोई आधार नहीं बनता कि इसे अपने देश में भी कानूनी किताब से निकाल दिया जाए : सुप्रीम कोर्ट [निर्णय पढ़ें]](http://hindi.livelaw.in/wp-content/uploads/2018/01/Death-Penalty-1.jpg)