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सुप्रीम कोर्ट ने DHFL के लिए पीरामल की समाधान योजना को बरकरार रखा, NCLAT का आदेश खारिज किया
सुप्रीम कोर्ट ने DHFL के लिए पीरामल की समाधान योजना को बरकरार रखा, NCLAT का आदेश खारिज किया

सुप्रीम कोर्ट ने आज (1 अप्रैल) पिरामल कैपिटा एंड हाउसिंग फाइनेंस द्वारा पूर्ववर्ती दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (DHFL) के लिए प्रस्तावित समाधान योजना को मंजूरी दे दी। कोर्ट ने माना कि दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (DHFL) में धोखाधड़ी वाले लेन-देन से वसूले गए फंड पिरामल कैपिटल एंड हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड को जाएंगे।कोर्ट ने NCLAT के उस आदेश को खारिज कर दिया, जिसमें दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (DHFL) के लेनदारों को पिरामल कैपिटल एंड हाउसिंग फाइनेंस द्वारा प्रस्तावित...

किसी विशिष्ट स्थान पर दाह संस्कार या दफनाना मौलिक अधिकार नहीं है, अधिकारी तय करेंगे कि किसी नागरिक का दाह संस्कार या दफन कहां किया जाए: बॉम्बे हाईकोर्ट
किसी विशिष्ट स्थान पर दाह संस्कार या दफनाना मौलिक अधिकार नहीं है, अधिकारी तय करेंगे कि किसी नागरिक का दाह संस्कार या दफन कहां किया जाए: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में हाल ही में माना कि नागरिकों को किसी विशिष्ट स्थान पर दाह संस्कार या दफनाने का मौलिक अधिकार नहीं है। जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस कमल खता की खंडपीठ ने 26 मार्च को फैसला सुनाते हुए शहर और औद्योगिक विकास निगम (CIDCO) को नवी मुंबई के उल्वे क्षेत्र के सेक्टर 9 में कुछ भूखंडों पर आवासीय सोसाइटियों, दुकानों, एक स्कूल और एक खेल के मैदान के पास बने श्मशान को हटाने का आदेश दिया।पीठ ने कहा कि CIDCO ने पहले ही सेक्टर 14 में एक पूरी तरह कार्यात्मक श्मशान प्रदान किया...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने ढोलीदारों के भूमि अधिकारों में कटौती करने वाली हरियाणा सरकार की अधिसूचना को असंवैधानिक घोषित किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 'ढोलीदारों' के भूमि अधिकारों में कटौती करने वाली हरियाणा सरकार की अधिसूचना को असंवैधानिक घोषित किया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार की अधिसूचना को असंवैधानिक घोषित कर दिया है, जिसके तहत हरियाणा ढोलीदार, बूटीमार, भोंडेदार और मुकरारीदार (स्वामित्व अधिकारों का हनन) अधिनियम के तहत संशोधनों को पूर्वव्यापी रूप से लागू किया गया था। याचिकाकर्ताओं, जिन्हें अधिभोगी किरायेदार (ढोलीदार) के रूप में दर्ज किया गया था, उन्होंने अपने संपत्ति अधिकारों की सुरक्षा की मांग की, यह तर्क देते हुए कि संशोधनों ने उन्हें पिछले कानून द्वारा दिए गए स्वामित्व अधिकारों से मनमाने ढंग से वंचित कर दिया है,जस्टिस...

Section 25 HMA| आवेदन के अभाव में पति या पत्नी को स्थायी गुजारा भत्ता देने का निर्देश नहीं दिया जा सकता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दोहराया
Section 25 HMA| आवेदन के अभाव में पति या पत्नी को स्थायी गुजारा भत्ता देने का निर्देश नहीं दिया जा सकता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दोहराया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने दोहराया कि हिंदू विवाह अधिनियम (HMA) की धारा 25 के तहत औपचारिक आवेदन-चाहे लिखित हो या अलग-से-दायर किए बिना पति या पत्नी को स्थायी गुजारा भत्ता देने का निर्देश नहीं दिया जा सकता।HMA की धारा 25 स्थायी गुजारा भत्ता और भरण-पोषण से संबंधित है। इसमें कहा गया कि HMA के तहत अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करने वाला कोई भी न्यायालय, किसी भी डिक्री को पारित करने के समय या उसके बाद किसी भी समय पत्नी या पति द्वारा इस उद्देश्य के लिए किए गए आवेदन पर जैसा भी मामला हो आदेश दे सकता है कि...

फुटपाथ के प्रवेश द्वारों से सभी बोलार्ड हटा दिए गए हैं, BMC ने फुटपाथ तक दिव्यांग व्यक्तियों की पहुंच बाधित होने के मामले में Suo Motu PIL पर बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया
"फुटपाथ के प्रवेश द्वारों से सभी बोलार्ड हटा दिए गए हैं", BMC ने फुटपाथ तक दिव्यांग व्यक्तियों की पहुंच बाधित होने के मामले में Suo Motu PIL पर बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया

मुंबई में फुटपाथों पर बोलार्ड्स के कारण दिव्यांग व्यक्तियों की पहुंच बाधित होने के मुद्दे पर स्वप्रेरणा से दायर जनहित याचिका के संबंध में, बॉम्बे नगर निगम (बीएमसी) ने मंगलवार (1 अप्रैल) को हाईकोर्ट को सूचित किया कि उसने फुटपाथों के प्रवेश द्वार से सभी बोलार्ड्स हटा दिए हैं। न्यायालय ने 2023 में जन्म से व्हीलचेयर उपयोगकर्ता करण सुनील शाह की ओर से अधिवक्ता जमशेद मिस्त्री को भेजे गए एक ईमेल के आधार पर स्वप्रेरणा से संज्ञान लिया, जिन्होंने मुंबई भर में फुटपाथों के प्रवेश द्वारों पर बोलार्ड्स लगाए...

दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सीमा शुल्क विभाग ने सोने के आभूषण लेकर आने वाले वास्तविक हवाई यात्रियों को परेशान होने से बचाने के लिए कदम उठाए
दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश के बाद सीमा शुल्क विभाग ने सोने के आभूषण लेकर आने वाले वास्तविक हवाई यात्रियों को परेशान होने से बचाने के लिए कदम उठाए

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में हवाई यात्रियों के निजी आभूषणों को जब्त करने ओर कस्टडी के लिए अनिवार्य वैधानिक प्रक्रिया का पालन न करने के लिए सीमा शुल्क विभाग की आलोचना की थी। साथ ही इस संबंध में कई निर्णय दिए थे, जिसके बाद विभाग ने वास्तविक यात्रियों के उत्पीड़न को रोकने के लिए विभिन्न कदम उठाए हैं। केंद्र की ओर से दिल्ली हाईकोर्ट में दायर हलफनामे के अनुसार, विभाग ने निम्नलिखित कदम उठाए हैं:1. जिस व्यक्ति का माल कस्टडी में लिया जाता है, उसे कस्टडी रसीदें जारी की जाएंगी, जिसमें कस्टडी का समय और...

केवल गलत आदेश पारित करने के आधार पर अर्ध-न्यायिक अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू नहीं की जा सकती: सुप्रीम कोर्ट
केवल गलत आदेश पारित करने के आधार पर अर्ध-न्यायिक अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू नहीं की जा सकती: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व तहसीलदार के खिलाफ शुरू की गई अनुशासनात्मक कार्यवाही रद्द की। कोर्ट इस मामले में यह फैसला दिया कि दुर्भावना या बाहरी प्रभाव के आरोपों के बिना गलत अर्ध-न्यायिक आदेश अकेले अनुशासनात्मक कार्रवाई को उचित नहीं ठहरा सकते।कोर्ट ने कहा कि जब आदेश सद्भावनापूर्वक (हालांकि गलत) पारित किया गया तो यह अर्ध-न्यायिक अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने का औचित्य नहीं रखता, जब तक कि आदेश बाहरी कारकों या किसी भी तरह के रिश्वत से प्रभावित न हो।जस्टिस अभय एस. ओक और जस्टिस ए.जी....

S.319 CrPC | अतिरिक्त अभियुक्त को बिना क्रॉस एक्जामिनेशन के गवाह के बयान के आधार पर बुलाया जा सकता है: सुप्रीम कोर्ट
S.319 CrPC | अतिरिक्त अभियुक्त को बिना क्रॉस एक्जामिनेशन के गवाह के बयान के आधार पर बुलाया जा सकता है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने फिर से पुष्टि की कि अतिरिक्त अभियुक्त को बुलाने की याचिका एक्जामिनेशन समाप्त होने की प्रतीक्षा किए बिना गवाह की अप्रतिबंधित चीफ एक्जाम जैसे प्री-ट्रायल साक्ष्य पर निर्भर हो सकती है।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस मनमोहन की खंडपीठ ने उस मामले की सुनवाई की, जिसमें ट्रायल कोर्ट ने अपीलकर्ता-शिकायतकर्ता की अप्रतिबंधित गवाही (चीफ एक्जाम) के आधार पर प्रस्तावित अभियुक्तों की प्रथम दृष्टया संलिप्तता का हवाला देते हुए CrPC की धारा 319 के तहत अपीलकर्ता का आवेदन स्वीकार कर लिया था।ट्रायल...

जजों को कानून के प्रति सत्यनिष्ठ रहना चाहिए, दिल और दिमाग का संतुलन न्याय करने की कला है - जस्टिस चंद्रधारी सिंह, दिल्ली हाईकोर्ट
"जजों को कानून के प्रति सत्यनिष्ठ रहना चाहिए, दिल और दिमाग का संतुलन न्याय करने की कला है" - जस्टिस चंद्रधारी सिंह, दिल्ली हाईकोर्ट

जस्टिस चंद्र धारी सिंह ने मंगलवार को दिल्ली हाईकोर्ट से विदाई ली, क्योंकि केंद्र सरकार ने उनके मूल हाईकोर्ट, इलाहाबाद हाईकोर्ट में प्रत्यावर्तन को अधिसूचित किया। अपनी विदाई भाषण में, जस्टिस सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि न्याय करना केवल एक यांत्रिक कार्य नहीं है, बल्कि सिर और हृदय के बीच संतुलन बनाना न्याय करने की कला है।उन्होनें कहा, "मैं आज दिल्ली हाईकोर्ट को नॉस्टेल्जिया (स्मृतियों) के साथ नहीं, बल्कि आशा और प्रेरणा के साथ छोड़ रहा हूँ। आशा इसलिए क्योंकि मैं इस संस्था में संविधान को बनाए रखने...

महिला की तस्वीरों का अनधिकृत उपयोग | फोटोग्राफर प्रथम दृष्टया महिला की निजता भंग करने का दोषी, न कि विज्ञापन के लिए तस्वीरों का इस्तेमाल करने वाले पक्ष: बॉम्बे हाईकोर्ट
महिला की तस्वीरों का अनधिकृत उपयोग | फोटोग्राफर प्रथम दृष्टया महिला की निजता भंग करने का दोषी, न कि विज्ञापन के लिए तस्वीरों का इस्तेमाल करने वाले पक्ष: बॉम्बे हाईकोर्ट

बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर एक याचिका में एक महिला ने महाराष्ट्र ओर तेलंगाना सरकार, कांग्रेस पार्टी और अन्य राजनीतिक दलों पर अपनी विभिन्न योजनाओं के विज्ञापन में उसकी तस्वीरों के 'अनधिकृत' इस्तेमाल का आरोप लगाया था, जिस सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को प्रथम दृष्टया माना कि तस्वीर के इस्तेमाल में इन दलों या सरकारों की कोई गलती नहीं है, बल्कि यह 'गलती' उस फोटोग्राफर की है, जिसने महिला की तस्वीरें खींची और बिना उसकी पूर्व अनुमति के उसे अमेरिका स्थित प्लेटफॉर्म 'शटरस्टॉक' पर अपलोड कर...

सुप्रीम कोर्ट ने POCSO पीड़िता की पहचान उजागर करने के मामले में YouTuber के खिलाफ ट्रायल स्थगित किया
सुप्रीम कोर्ट ने POCSO पीड़िता की पहचान उजागर करने के मामले में YouTuber के खिलाफ ट्रायल स्थगित किया

सुप्रीम कोर्ट ने केरल के YouTuber सूरज पालकरन की याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) अधिनियम (POCSO Act) के तहत मामले में पीड़िता की पहचान उजागर करने के मामले में उसके खिलाफ शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही रद्द करने की मांग की गई।जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की और मामले में मुकदमे पर रोक लगा दी, क्योंकि उनका मानना ​​था कि पुलिस अधिकारी पालकरन पर "मुकदमा चलाने" के बजाय "सता रहे" हैं।सुनवाई की शुरुआत में जस्टिस कांत ने कहा...

24x7 कन्वीन्यंस शॉप्स की अवधारणा दुनिया भर में लोकप्रिय, बॉम्बे हाईकोर्ट ने पुणे में रिटेल स्टोर को 24 घंटे खोलने की अनुमति दी
'24x7 कन्वीन्यंस शॉप्स की अवधारणा दुनिया भर में लोकप्रिय', बॉम्बे हाईकोर्ट ने पुणे में रिटेल स्टोर को 24 घंटे खोलने की अनुमति दी

यह देखते हुए कि '24x7' दुकानों की अवधारणा दुनिया भर में लोकप्रिय हो गई है, बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को पुणे में एक कन्वीन्यंस रिटेल स्टोर को 24x7 संचालित करने की अनुमति दी।रिटेल स्टोर- 'द न्यू शॉप' के संचालनकर्ता- याचिकाकर्ता ने अदालत से अनुरोध किया था कि वह पुणे पुलिस को निर्देश दे कि वह याचिकाकर्ता को रात 10.00 - 11.00 बजे के बाद अपना स्टोर और संचालन बंद करने के लिए मजबूर न करे। उपर्युक्त प्रार्थना के संदर्भ में याचिका को स्वीकार करते हुए जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और अद्वैत सेठना की खंडपीठ...

क्या इंजीनियरिंग कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसरों को PhD के बिना एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में पुनः नामित किया जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया
क्या इंजीनियरिंग कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसरों को PhD के बिना एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में पुनः नामित किया जा सकता है? सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया

सुप्रीम कोर्ट ने माना कि इंजीनियरिंग संस्थानों में असिस्टेंट प्रोफेसर (15 मार्च, 2000 के बाद नियुक्त), जिनके पास नियुक्ति के समय PhD योग्यता नहीं है या जो अपनी नियुक्ति के सात साल के भीतर PhD हासिल करने में विफल रहे, वे अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) द्वारा जारी 2010 की अधिसूचना के अनुसार एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में पुनः नामित होने का दावा नहीं कर सकते।साथ ही कोर्ट ने यह भी माना कि 15 मार्च, 2000 से पहले विभिन्न इंजीनियरिंग संस्थानों में नियुक्त किए गए शिक्षक, जब PhD असिस्टेंट प्रोफेसर...

जस्टिस सूर्यकांत ने कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले कैदियों की पहचान करने के लिए अभियान की निगरानी की
जस्टिस सूर्यकांत ने कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले कैदियों की पहचान करने के लिए अभियान की निगरानी की

सुप्रीम कोर्ट जज और सुप्रीम कोर्ट विधिक सेवा समिति (SCLSC) के अध्यक्ष जस्टिस सूर्यकांत ने वर्चुअल बैठक में भारत भर के राज्य विधिक सेवा प्राधिकरणों (SLSA) और उच्च न्यायालय विधिक सेवा समितियों (HCLSC) के अध्यक्षों के साथ बातचीत की। यह चर्चा जनवरी, 2025 में शुरू किए गए विधिक सहायता अभियान का अनुवर्ती है, जिसका उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अपील या विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर करने के लिए कानूनी सहायता की आवश्यकता वाले कैदियों की पहचान करना था।सभी राज्यों में जेल महानिदेशकों/महानिरीक्षकों और...

सुप्रीम कोर्ट ने बैंक अधिकारी के खिलाफ दिव्यांगता आयुक्त के निर्देशों को खारिज करने के हाईकोर्ट के आदेश की पुष्टि की
सुप्रीम कोर्ट ने बैंक अधिकारी के खिलाफ दिव्यांगता आयुक्त के निर्देशों को खारिज करने के हाईकोर्ट के आदेश की पुष्टि की

सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली विशेष अनुमति याचिका खारिज की, जिसमें गोवा राज्य दिव्यांग व्यक्ति आयुक्त द्वारा केनरा बैंक के अधिकारी को बौद्धिक दिव्यांगता वाले व्यक्ति की देखभाल करने वाले के साथ असभ्य और भेदभावपूर्ण तरीके से व्यवहार करने के लिए फटकार लगाने के निर्देशों को खारिज कर दिया गया।आयुक्त ने संबंधित अधिकारी को आठ दिनों के लिए अनिवार्य दिव्यांगता प्रशिक्षण से गुजरने और सभी बैंक अधिकारियों को दिव्यांगता संवेदीकरण से गुजरने और देखभाल करने वाले को लिखित सार्वजनिक...

फुटपाथ के एंट्रेंस से सभी बोलार्ड हटाए गए: BMC ने दिव्यांग व्यक्तियों के लिए फुटपाथ तक पहुंच पर स्वतःसंज्ञान जनहित याचिका में बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया
फुटपाथ के एंट्रेंस से सभी बोलार्ड हटाए गए: BMC ने दिव्यांग व्यक्तियों के लिए फुटपाथ तक पहुंच पर स्वतःसंज्ञान जनहित याचिका में बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया

मुंबई में दिव्यांग व्यक्तियों के लिए बोलार्ड के कारण फुटपाथ तक पहुंच में असमर्थता से संबंधित स्वप्रेरणा जनहित याचिका के संबंध में बॉम्बे नगर निगम (BMC) ने मंगलवार (1 अप्रैल) को हाईकोर्ट को सूचित किया कि उसने फुटपाथ के एंट्रेंस द्वार से सभी बोलार्ड हटा दिए।2023 में कोर्ट ने जन्म से व्हीलचेयर उपयोगकर्ता करण सुनील शाह द्वारा वकील जमशेद मिस्त्री को भेजे गए ईमेल के आधार पर स्वतःसंज्ञान से संज्ञान लिया, जिन्होंने मुंबई भर में फुटपाथ के एंट्रेंसों द्वारों पर बोलार्ड लगाए जाने के बारे में चिंता जताई।...

अल्पसंख्यक संस्थानों के अधिकार खतरे में होने पर न्यायालय हस्तक्षेप करें: मद्रास हाईकोर्ट
अल्पसंख्यक संस्थानों के अधिकार खतरे में होने पर न्यायालय हस्तक्षेप करें: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में यह दोहराया कि अल्पसंख्यक संस्थानों पर सहायक प्रोफेसरों और प्राचार्य के चयन के लिए यूजीसी मानदंड लागू नहीं होते, उसने अल्पसंख्यक संस्थानों के अधिकारों की रक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया।जस्टिस आनंद वेंकटेश ने टिप्पणी की कि संविधान ने अल्पसंख्यक समुदायों की सांस्कृतिक और शैक्षिक पहचान की रक्षा के लिए अल्पसंख्यक संस्थानों के अधिकारों की सुरक्षा के प्रावधान किए हैं।उन्होंने आगे कहा कि जब इन अधिकारों को खतरा होता है, तो संवैधानिक न्यायालयों का कर्तव्य बनता है कि वे...

स्तन पकड़ना, कपड़े फाड़ना और पुलिया के नीचे घसीटना बलात्कार के प्रयास के लिए पर्याप्त नहीं है?
स्तन पकड़ना, कपड़े फाड़ना और पुलिया के नीचे घसीटना बलात्कार के प्रयास के लिए पर्याप्त नहीं है?

26 मार्च 2025 को, भारत के सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट ('हाईकोर्ट') के एक हालिया असंवेदनशील फैसले के खिलाफ स्वत: संज्ञान लिया [स्वत: संज्ञान रिट याचिका आपराधिक संख्या 01/2025], जो "वी ज वुमन" द्वारा लिखे गए एक पत्र के बाद उत्पन्न हुआ था।जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस एजी मसीह की पीठ ने फैसले के संबंधित पैराग्राफ पर रोक लगाते हुए कहा कि " ये टिप्पणियां कानून के सिद्धांतों से अनजान हैं और पूरी तरह से असंवेदनशील और अमानवीय दृष्टिकोण को दर्शाती हैं।"इससे पहले 17 मार्च 2025 को इलाहाबाद हाईकोर्ट...

विशेष कारणों का उल्लेख और न्यायालय द्वारा निर्णय में बदलाव पर रोक: भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 402 और 403
विशेष कारणों का उल्लेख और न्यायालय द्वारा निर्णय में बदलाव पर रोक: भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 402 और 403

न्यायिक प्रणाली का मुख्य उद्देश्य केवल अपराधियों को दंड देना नहीं बल्कि उन्हें सुधारने और पुनर्वास (Rehabilitation) का अवसर देना भी है। कई मामलों में, अपराध की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय आरोपी को सीधे सजा देने की बजाय प्रोबेशन (Probation) पर छोड़ सकता है या युवा अपराधियों (Juvenile Offenders) के लिए विशेष पुनर्वास कार्यक्रम लागू कर सकता है।हालांकि, कुछ मामलों में न्यायालय को यह उपयुक्त नहीं लगता और वह प्रोबेशन या पुनर्वास की सुविधा नहीं देता। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 (Bharatiya...