हाईकोर्ट
पुलिस को दिए गए बिना साबित बयान का इस्तेमाल अनुशासनात्मक कार्यवाही में नहीं किया जा सकता: राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकारी अधिकारी की पेंशन ज़ब्ती रद्द की
राजस्थान हाईकोर्ट ने एक सरकारी अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई रद्द कर दिया है, जिसमें उसकी ज़िंदगी भर की 100% पेंशन रोक दी गई। यह कार्रवाई पूरी तरह से एक ऐसे व्यक्ति के CrPC की धारा 161 के तहत पुलिस को दिए गए बयानों पर आधारित थी, जिसकी न तो विभागीय जांच के दौरान और न ही कोर्ट के सामने जांच की गई।जस्टिस अशोक कुमार जैन की बेंच ने कहा कि CrPC की धारा 161 के तहत दिए गए बयान का CrPC की धारा 162 के तहत कोई सबूत के तौर पर महत्व नहीं है। इसका इस्तेमाल सिर्फ विरोधाभास के लिए किया जा सकता है, न...
यूपी सरकार ने रिटायर्ड हाईकोर्ट जजों के फायदों के लिए 'आंध्र मॉडल' अपनाया: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अब सिक्योरिटी प्रोटोकॉल पर जवाब मांगा
उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट को बताया कि उसने एक सरकारी आदेश जारी किया, जिसमें रिटायर्ड जजों के रिटायरमेंट के बाद के फायदों के बारे में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का काफी हद तक पालन सुनिश्चित किया गया।इस बात पर ध्यान देते हुए जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस स्वरूपामा चतुर्वेदी की बेंच ने एडिशनल एडवोकेट जनरल से रिटायर्ड हाईकोर्ट जजों के लिए बनाए गए संबंधित सुरक्षा नियमों, यदि कोई हों, को रिकॉर्ड पर रखने को कहा।बता दें, याचिकाकर्ता (रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट जजों का...
'क्या महाराष्ट्र में यही कानून का राज है?' : हाईकोर्ट ने मंत्री के बेटे को एक महीने तक गिरफ्तार न करने पर पुलिस से पूछा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार को महाराष्ट्र सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि वह कैबिनेट मंत्री भरत गोगावले के बेटे विकास को गिरफ्तार करने में नाकाम रही है, जिसे पिछले महीने रायगढ़ जिले के महाड में नगर पालिका चुनावों से जुड़े दंगे के मामले में आरोपी बनाया गया था। कोर्ट ने टिप्पणी की कि क्या मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस 'इतने लाचार' हैं कि वह इस मामले में कुछ नहीं कर पा रहे हैं, जिसमें उनके अपने मौजूदा मंत्री का बेटा 'फरार' बताया जा रहा है, लेकिन वह अपने पिता के लगातार संपर्क में है।सिंगल-जज...
S. 126 Electricity Act | सिर्फ़ बोर्ड के रिकॉर्ड के आधार पर असेसमेंट गैर-कानूनी, साइट/उपभोक्ता रिकॉर्ड का इंस्पेक्शन ज़रूरी: हिमाचल हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि इलेक्ट्रिसिटी एक्ट, 2003 की धारा 126 के तहत बिजली के अनाधिकृत इस्तेमाल के लिए प्रोविज़नल असेसमेंट साइट इंस्पेक्शन किए बिना या उपभोक्ता द्वारा रखे गए रिकॉर्ड की जांच किए बिना नहीं किया जा सकता।जस्टिस अजय मोहन गोयल ने बोर्ड की इस दलील को खारिज कर दिया कि उसके अपने रिकॉर्ड धारा 126 के तहत असेसमेंट का आधार बन सकते हैं और साफ किया:"प्रोविज़नल असेसमेंट ऑर्डर बोर्ड द्वारा रखे गए रिकॉर्ड के आधार पर जारी नहीं किया जा सकता है। यह किसी भी व्यक्ति द्वारा रखे गए रिकॉर्ड के...
2023 Vikram Award: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पर्वतारोही मधुसूदन पाटीदार की अपील पर नोटिस जारी किया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गुरुवार (22 जनवरी) को पर्वतारोही मधुसूदन पाटीदार की अपील पर नोटिस जारी किया, जिसमें उन्होंने 2023 के विक्रम पुरस्कार (एडवेंचर स्पोर्ट्स कैटेगरी) से बाहर किए जाने को चुनौती दी।पाटीदार ने सिंगल बेंच के सामने आरोप लगाया कि राज्य ने पर्वतारोही भावना देहरिया (प्रतिवादी नंबर 3) को पुरस्कार के लिए चुनने में 'निष्क्रियता और भेदभाव' किया।हालांकि, सिंगल बेंच ने पाटीदार की याचिका खारिज की थी और उन्हें एमपी अवार्ड नियम, 2021 के तहत विचार के लिए अयोग्य ठहराया, क्योंकि माउंट एवरेस्ट पर...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने पीएम मोदी पर 'आपत्तिजनक पोस्ट' के खिलाफ FIR पर यूट्यूबर डॉ. संग्राम पाटिल की याचिका पर नोटिस जारी किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार (22 जनवरी) को यूट्यूबर और यूनाइटेड किंगडम (UK) में रहने वाले डॉक्टर संग्राम पाटिल की याचिका पर महाराष्ट्र सरकार को नोटिस जारी किया, जिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य बीजेपी नेताओं के खिलाफ कथित तौर पर 'आपत्तिजनक' सोशल मीडिया पोस्ट करने का मामला दर्ज किया गया।भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक पाटिल, जो हाल ही में मुंबई आए थे, उन्हें शहर के एनएम जोशी मार्ग पुलिस स्टेशन में अपने खिलाफ दर्ज FIR के बारे में तब पता चला, जब इमिग्रेशन अधिकारियों ने उनके खिलाफ पेंडिंग लुक आउट...
'यूपी पुनर्गठन अधिनियम' को चुनौती: हाईकोर्ट ने राष्ट्रपति को पक्षकार बनाने से किया इनकार, उत्तराखंड के पहले मुख्यमंत्री के खिलाफ़ याचिका खारिज
इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) ने पिछले हफ़्ते एक रिट याचिका (2000 में दायर की गई) में भारत के राष्ट्रपति को पक्षकार बनाने की याचिका खारिज की। यह याचिका उत्तर प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2000 के लागू होने/अधिसूचना को चुनौती देती थी।जस्टिस संगीता चंद्रा और जस्टिस अमिताभ कुमार राय की बेंच ने कहा कि अगर याचिकाकर्ता कानून से परेशान है तो राष्ट्रपति के बजाय उस विभाग के उचित प्रमुख को पक्षकार बनाया जाना चाहिए, जो विवादित कानून को लाने और पास करने के लिए ज़िम्मेदार है।यह टिप्पणी तब आई, जब कोर्ट 26 साल...
सरकारी स्कूलों में स्टाफ की कमी: एमपी हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से शिक्षकों की खाली पदों का डेटा रिकॉर्ड पर रखने को कहा
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मंगलवार (20 जनवरी) को राज्य सरकार को जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सरकारी स्कूलों में खाली पड़े टीचिंग पदों की संख्या बताते हुए हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। इस याचिका में दावा किया गया था कि लगभग 600 सरकारी स्कूलों में स्टाफ की कमी है या कोई टीचिंग स्टाफ नहीं है।चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सर्राफ की डिवीजन बेंच ने कहा,"राज्य सरकार की ओर से पेश वकील ने जवाब दाखिल करने के लिए कुछ और समय मांगा। अनुरोध पर मामले को 24.02.2026 को लिस्ट किया जाए। प्रतिवादी...
वायु प्रदूषण मामले में लार्सन एंड टूब्रो के निदेशकों के खिलाफ जारी समन इलाहाबाद हाइकोर्ट ने रद्द किए
इलाहाबाद हाइकोर्ट ने वायु (प्रदूषण निवारण और नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के तहत दर्ज एक आपराधिक मामले में लार्सन एंड टूब्रो कंपनी और उसके निदेशकों के खिलाफ जारी समन रद्द किया।कोर्ट ने कहा कि समन जारी करते समय संबंधित मजिस्ट्रेट ने रिकॉर्ड पर मौजूद दस्तावेजों पर समुचित रूप से विचार नहीं किया और बिना सही तथ्यात्मक आधार के आदेश पारित कर दिया।यह आदेश जस्टिस बृज राज सिंह द्वारा पारित किया गया।मामले का पूरा विवरणइस मामले में लार्सन एंड टूब्रो के पूर्णकालिक निदेशक एवं वरिष्ठ कार्यकारी उपाध्यक्ष, पूर्णकालिक...
वकील मुवक्किल का केवल मुखपत्र नहीं, निरर्थक मामलों से बचना चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि कोई भी वकील अपने मुवक्किल का केवल मुखपत्र नहीं होता और उसे ऐसे निरर्थक मामलों को स्वीकार करने से बचना चाहिए, जिनसे न्यायालय का कीमती समय बर्बाद होता है।हालांकि, कोर्ट ने एक युवा वकील पर लागत (कॉस्ट) लगाने से परहेज किया, क्योंकि उनका नामांकन हाल ही में वर्ष 2024 में हुआ था।यह टिप्पणी जस्टिस सुभाष विद्यार्थी ने की।जस्टिस विद्यार्थी ने कहा,“वकील को यह समझना चाहिए कि वह भले ही अपने मुवक्किल का प्रतिनिधित्व करता हो, लेकिन वह उसका मात्र मुखपत्र नहीं है।...
भर्ती परीक्षा अपडेट देखने की जिम्मेदारी अभ्यर्थी की ही: एमपी हाई कोर्ट ने मेडिकल आधार पर अनिवार्य समय-सीमा में ढील से किया इनकार
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल अभ्यर्थियों की यह स्वयं की जिम्मेदारी है कि वे परीक्षा/भर्ती से जुड़ी सभी सूचनाओं, निर्देशों और अपडेट्स के लिए आधिकारिक वेबसाइट की नियमित निगरानी करें। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि आयोग ई-मेल, पत्राचार या फोन कॉल के माध्यम से अलग से सूचना देने के लिए बाध्य नहीं है।जस्टिस जय कुमार पिल्लै की एकलपीठ ने सहायक प्राध्यापक (बॉटनी) पद की अभ्यर्थी द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए कहा कि दस्तावेज़ सत्यापन के लिए तय कट-ऑफ तारीख...
सहमति से बने रिश्तों के टूटने को अपराध नहीं बनाया जा सकता: दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा, ब्रेकअप को बलात्कार कानून का हथियार न बनाएं
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा कि वयस्कों के बीच सहमति से बने रिश्ते के टूटने को बलात्कार कानून का सहारा लेकर अपराध का रूप नहीं दिया जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि असफल या टूटे हुए रिश्तों को आपराधिक रंग देना कानून का दुरुपयोग है।जस्टिस स्वर्णकांत शर्मा ने कहा कि एक शिक्षित और स्वतंत्र वयस्क व्यक्ति, जो अपनी स्वतंत्र और सचेत इच्छा से किसी सहमति-आधारित रिश्ते में प्रवेश करता है, उसे यह समझना चाहिए कि सिर्फ़ रिश्ता टूट जाने भर से आपराधिक जिम्मेदारी उत्पन्न नहीं...
अत्यधिक संवेदनशील रवैया: दिल्ली हाईकोर्ट ने टीवी टुडे से कहा- न्यूज़लॉन्ड्री की आलोचना हर हाल में अपमानजनक नहीं
दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को टीवी टुडे नेटवर्क को कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि वह डिजिटल न्यूज़ प्लेटफॉर्म न्यूज़लॉन्ड्री द्वारा बनाए गए वीडियो को लेकर “अत्यधिक संवेदनशील (over sensitive)” रवैया अपना रहा है और हर आलोचनात्मक टिप्पणी को अपमानजनक या मानहानिकारक बताने की कोशिश कर रहा है।जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने कहा कि न्यूज़लॉन्ड्री के 75 वीडियो में से केवल एक वीडियो संदिग्ध हो सकता है, लेकिन शेष वीडियो केवल आलोचनात्मक टिप्पणियाँ हैं, जिन्हें अपमानजनक नहीं कहा जा...
पत्नी के अडल्ट्री के आरोप सिद्ध करने के लिए DNA जांच का आदेश सही: मध्य प्रदेश हाइकोर्ट
मध्य प्रदेश हाइकोर्ट ने फैमिली कोर्ट का आदेश सही ठहराया, जिसमें पति की अर्जी पर नाबालिग बच्ची का DNA टेस्ट कराने की अनुमति दी गई थी। पति ने यह DNA जांच पत्नी पर लगाए गए व्यभिचार (अडल्ट्री) के आरोपों को साबित करने के लिए मांगी थी।जस्टिस विवेक जैन की एकल पीठ ने पत्नी द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए कहा कि इस मामले में फैमिली कोर्ट द्वारा DNA जांच का आदेश देना पूरी तरह उचित है।कोर्ट ने मामले के तथ्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि पति भारतीय सेना में कार्यरत है जबकि पत्नी मध्य प्रदेश पुलिस में...
अवैध बर्खास्तगी पर सफाई कर्मी को 1 लाख रुपये मुआवजा बरकरार, लेकिन पुनर्बहाली से इनकार: दिल्ली हाइकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट ने उत्तर दिल्ली नगर निगम (MCD) और एक सफाई कर्मी द्वारा दायर क्रॉस याचिकाओं को खारिज करते हुए औद्योगिक न्यायाधिकरण का आदेश बरकरार रखा है, जिसमें अवैध रूप से सेवा समाप्त करने के लिए सफाई कर्मी को 1 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया गया।हालांकि, हाइकोर्ट ने कर्मचारी की पुनर्बहाली और पिछला वेतन देने की मांग को स्वीकार नहीं किया।जस्टिस मनोज कुमार ओहरी ने अपने फैसले में कहा कि सफाई कर्मी की सेवाएं औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 की धारा 25एफ के अनिवार्य प्रावधानों का पालन किए बिना...
अवैध बर्खास्तगी पर सफाई कर्मी को 1 लाख रुपये मुआवजा बरकरार, लेकिन पुनर्बहाली से इनकार: दिल्ली हाइकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट ने उत्तर दिल्ली नगर निगम (MCD) और एक सफाई कर्मी द्वारा दायर क्रॉस याचिकाओं को खारिज करते हुए औद्योगिक न्यायाधिकरण का आदेश बरकरार रखा है, जिसमें अवैध रूप से सेवा समाप्त करने के लिए सफाई कर्मी को 1 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया गया।हालांकि, हाइकोर्ट ने कर्मचारी की पुनर्बहाली और पिछला वेतन देने की मांग को स्वीकार नहीं किया।जस्टिस मनोज कुमार ओहरी ने अपने फैसले में कहा कि सफाई कर्मी की सेवाएं औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 की धारा 25एफ के अनिवार्य प्रावधानों का पालन किए बिना...
पुजारी का मंदिर की जमीन पर कोई मालिकाना हक नहीं, प्रतिकूल कब्जे का दावा नहीं कर सकता: गुजरात हाइकोर्ट
गुजरात हाइकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया कि मंदिर का पुजारी केवल देवता का सेवक होता है। उसे मंदिर या उससे जुड़ी भूमि पर कोई मालिकाना अधिकार प्राप्त नहीं होता।इसी आधार पर हाइकोर्ट ने सार्वजनिक रास्ते पर बने एक गणेश मंदिर को लेकर पुजारी द्वारा किया गया प्रतिकूल कब्जे (एडवर्स पजेशन) का दावा खारिज कर दिया।जस्टिस जे.सी. दोषी इस मामले की सुनवाई कर रहे थे। विवाद एक सिविल वाद से जुड़ा था, जिसमें वादी महिला ने अपनी संपत्ति से सटे सार्वजनिक रास्ते पर बने गणेश मंदिर को हटाने की मांग की थी।वादी...
भर्ती विज्ञापन में हुई गलती से नियुक्ति का अधिकार नहीं बनता, जब पद ही उपलब्ध न हो: दिल्ली हाइकोर्ट
दिल्ली हाइकोर्ट ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) का आदेश रद्द कर दिया, जिसमें एक अभ्यर्थी को गलत भर्ती विज्ञापन के आधार पर नियुक्ति देने का निर्देश दिया गया था, जबकि संबंधित आरक्षित श्रेणी में कोई वास्तविक रिक्ति ही मौजूद नहीं थी।जस्टिस अनिल क्षेतरपाल और जस्टिस अमित महाजन की डिवीजन बेंच ने कहा कि भर्ती अधिसूचना में हुई अनजानी गलती से किसी उम्मीदवार को नियुक्ति का स्थायी या वैधानिक अधिकार नहीं मिल सकता, जब वास्तव में कोई स्वीकृत पद उपलब्ध ही न हो।हाइकोर्ट राष्ट्रीय क्षयरोग एवं श्वसन रोग...
POCSO Case : बेटी से रेप करने वाले पिता को कोई नरमी नहीं, दिल्ली हाइकोर्ट ने सजा बरकरार रखी
दिल्ली हाइकोर्ट ने अत्यंत गंभीर मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि अपनी ही बेटी का यौन शोषण करने वाले पिता को POCSO (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण) अधिनियम के तहत किसी भी प्रकार की रियायत या नरमी नहीं दी जा सकती।हाइकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट द्वारा पिता को सुनाई गई सजा को बरकरार रखते हुए उसकी अपील खारिज की।मामलायह फैसला जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस मधु जैन की डिवीजन बेंच ने सुनाया। मामला जुलाई 2021 का है, जब छठी कक्षा में पढ़ने वाली एक नाबालिग बच्ची ने अपने पिता पर सोते समय जबरन शारीरिक...
समय सीमा के बाद संज्ञान लेना गलत; 'सद्भावनापूर्ण चूक' और 'सामान्य चलन' मजिस्ट्रेट के लिए कोई बहाना नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को चोरी के एक मामले में आपराधिक कार्यवाही रद्द की, जिसमें मजिस्ट्रेट ने CrPC की धारा 468 [समय सीमा समाप्त होने के बाद संज्ञान लेने पर रोक] के तहत तय अनिवार्य अवधि के बाद संज्ञान लिया था।कोर्ट ने फिरोजाबाद के तत्कालीन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा दी गई सफाई पर कड़ी आपत्ति जताई, जिन्होंने कहा कि सभी मजिस्ट्रेट अदालतों में प्रचलित सामान्य चलन के अनुसार, संज्ञान लेने से पहले पुलिस रिपोर्ट पर कोई गहन जांच नहीं की जाती है।यह मामला मोटरसाइकिल चोरी की घटना से संबंधित था और...




















