संपादकीय
अतिरिक्त-न्यायिक स्वीकारोक्ति सबूत का एक कमजोर भाग है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि की आवश्यकता : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया कि अतिरिक्त-न्यायिक स्वीकारोक्ति (Extra-Judicial Confession) साक्ष्य का एक कमजोर भाग है। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक मामले पर सुनवाई के दौरान देखा कि अतिरिक्त-न्यायिक स्वीकारोक्ति की विश्वसनीयता तब कम हो जाती है जब आसपास की परिस्थितियां संदिग्ध होती हैं। जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस संजय करोल की खंडपीठ ने कहा कि अदालतें आमतौर पर एक अतिरिक्त न्यायिक स्वीकारोक्ति पर कोई भरोसा करने से पहले एक स्वतंत्र विश्वसनीय पुष्टि की तलाश करेंगी।बेंच ने कहा,"यह कानून का स्थापित...
सीआरपीसी की धारा 313 : सुप्रीम कोर्ट ने अच्छी तरह से स्थापित 10 सिद्धांतों का सारांश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (सीआरपीसी) की धारा 313 के संबंध में स्थापित सिद्धांतों को संक्षेप में प्रस्तुत किया। यह प्रावधान आरोपी की जांच करने की शक्ति से संबंधित है। ट्रायल कोर्ट को अभियुक्त से मुकदमे के किसी भी स्तर पर प्रश्न पूछने की शक्ति निहित है, ताकि वह उसके विरुद्ध साक्ष्य में प्रकट होने वाली किन्हीं भी परिस्थितियों को स्पष्ट कर सके। एक बार अभियोजन पक्ष के गवाहों की जांच हो जाने के बाद और अभियुक्त को अपने बचाव के लिए बुलाए जाने से पहले अदालत का यह कर्तव्य है...
अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त करने के आदेश को रद्द किया जा सकता है अगर ये दंडात्मक हो और अनुशासनात्मक कार्यवाही को रोकने के लिए हो : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा एक राजपत्रित अधिकारी को अनिवार्य रूप से सेवानिवृत्त करने के लिए राष्ट्रपति को संप्रेषित करने के वाले पारित आदेश को रद्द कर दिया, जिसकी आयकर अपीलीय ट्रिब्यूनल के सदस्य (लेखाकार) के रूप में नियुक्ति विचार किया जा रहा था।जस्टिस ए एस बोपन्ना और जस्टिस हिमा कोहली की पीठ नेअनिवार्य सेवानिवृत्ति के आदेश को कानून की दृष्टि से टिकाऊ नहीं मानते हुए कहा कि आदेश प्रकृति में दंडात्मक था और संबंधित...
धारा 438, सीआरपीसी | क्या हाईकोर्ट, सेशन कोर्ट के समक्ष उपलब्ध उपचार को समाप्त नहीं किए बिना दायर अग्रिम जमानत याचिकाओं पर विचार करने से इनकार कर सकते हैं? सुप्रीम कोर्ट विचार करेगा
सुप्रीम कोर्ट पिछले हफ्ते इस प्रश्न पर विचार करने के लिए सहमत हो गया कि क्या हाईकोर्ट दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 438 के तहत अग्रिम जमानत के लिए दायर आवेदन पर इस आधार पर विचार करने से इनकार कर सकता है कि आवेदक ने पहले सत्र अदालत का दरवाजा नहीं खटखटाया था।जस्टिस मनोज मिश्रा और अरविंद कुमार की खंडपीठ ने एक अपील पर नोटिस जारी करते हुए कहा, "इस अपील में उठाया गया मुद्दा यह है कि क्या धारा 438 के तहत क्षेत्राधिकार का प्रयोग करने वाले हाईकोर्ट के पास इस आधार पर इस तरह के आवेदन पर विचार नहीं...
मॉल के पास पार्किंग फीस लेने का अधिकार नहीं: आंध्र प्रदेश जिला उपभोक्ता आयोग (वीडियो)
छुट्टी वाले दिन दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ बहुत सारे लोग मॉल और शॉपिंग कंपलेक्स में फिल्म देखने या शॉपिंग के लिए जाते हैं। मॉल की पार्किंग का इस्तेमाल करने पर उन्हें फीस के रूप में कुछ पैसे देने पड़ते हैं. आपने भी कभी-न-कभी मॉल की पार्किंग इस्तेमाल करने के लिए पार्किंग फीस दिए ही होंगे। पार्किंग फीस को लेकर आए दिन कई लोगों ने कोर्ट का रूख किया है। हाल ही में पार्किंग फीस को लेकर एक और मामला सामने आया। मामले में आंध्र प्रेदश डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर कमिशन ने सिनेमा मालिक को एक वकील को 5 हजार...
सोशल मीडिया पर फेक न्यूज और हेट स्पीच से निपटने के लिए कानून की जरूरत: सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस एस रवींद्र भट
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) के जज जस्टिस एस रवींद्र भट ने कहा कि सोशल मीडिया पर फेक न्यूज और हेट स्पीच के प्रसार से निपटने के लिए कानूनों की जरूरत है।जज ने पिछले महीने हार्वर्ड इंडिया सम्मेलन में बोलते हुए कहा कि इस मुद्दे को हल करने के लिए एक कानून होना चाहिए और इसकी अनुपस्थिति में न्यायिक हस्तक्षेप होना चाहिए।उन्होंने कहा कि इंटरनेट के माध्यम से मीडिया का तेजी से प्रसार एक दोधारी तलवार रहा है। जबकि सोशल मीडिया ने सूचना प्रसार को आसान बना दिया है, गलत सूचना और फेक न्यूज में वृद्धि बोलने और...
"खेल के मैदान के बिना कोई स्कूल नहीं हो सकता”: सुप्रीम कोर्ट (वीडियो)
"खेल के मैदान के बिना कोई स्कूल नहीं हो सकता। इस स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे भी अच्छे पर्यावरण के हकदार हैं।" सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा के एक स्कूल परिसर से अतिक्रमण हटाने का आदेश देते हुए ये टिप्पणियां कीं।जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस बीवी नागरत्ना की डिविजनल बेंच ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश को पलट दिया। हाईकोर्ट ने अतिक्रमणकारियों को बाजार मूल्य चुका कर अतिक्रमण को वैध बनाने का निर्देश दिया था। इसी के खिलाफ राज्य सरकार ने याचिका दाखिल की थी।पूरी वीडियो यहां देखें:
भारतीय न्यायपालिका को कभी भी विपक्षी दल की भूमिका निभाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता: केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू
केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार को कहा कि भारतीय न्यायपालिका को कभी भी विपक्षी पार्टी की भूमिका निभाने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। हालांकि "कुछ लोग" चाहते हैं कि वह ऐसी भूमिका निभाए।कानून मंत्री ने भुवनेश्वर में केंद्र सरकार के विधि अधिकारियों के कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए कहा,"कुछ लोग न्यायपालिका को विपक्षी पार्टी की भूमिका निभाने के लिए मजबूर करना चाहते हैं। भारतीय न्यायपालिका इसे कभी स्वीकार नहीं करेगी। मैं आपको बता सकता हूं कि भारतीय न्यायपालिका खुद भारतीय न्यायपालिका...
" भाईचारा अल्पसंख्यक का बहुसंख्यकों में समावेश नहीं है; यह मतभेदों का शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व है" : जस्टिस एस रवींद्र भट
हार्वर्ड केनेडी स्कूल और हार्वर्ड स्कूल ऑफ बिजनेस के छात्रों द्वारा आयोजित, वार्षिक हार्वर्ड इंडिया सम्मेलन का 20वां संस्करण 11 और 12 फरवरी, 2023 को आयोजित किया गया । इस साल, भारत की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होने पर, सम्मेलन की थीम, " विजन 2047: भारत स्वतंत्रता के 100 वर्षों में," में अगले 25 वर्षों के लिए आशाओं और चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया गया। वैश्विक मंच पर भारत की क्षमता सम्मेलन के कई पैनलों में गहन चर्चा का विषय थी, जिसमें व्यापार, कानून, नीति, सक्रियता, संस्कृति और शिक्षा जगत के...
शिवसेना विवाद । राज्यपाल के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट के सवालों पर फिर से एक नज़र
शिवसेना में एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे समूहों के बीच विवाद के मामले में राज्यपाल की शक्तियों पर सुप्रीम कोर्ट में लंबी बहस हुई। सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस एमआर शाह, जस्टिस कृष्ण मुरारी, जस्टिस हेमा कोहली और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ के समक्ष यह मामला विचाराधीन है। सुनवाई के दौरान बेंच ने विश्वास मत हासिल करने और मुख्यमंत्री को शपथ दिलाने की राज्यपाल की शक्तियों से संबंधित कई सवाल किए, खासकर उन मामलों में जहां अयोग्यता के मुद्दे लंबित हैं या जहां सत्तारूढ़ सरकार के खिलाफ सदस्यों की ढेर...
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
सुप्रीम कोर्ट में पिछले सप्ताह (27 फरवरी, 2023 से 3 मार्च, 2023 तक) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।सीआरपीसी की धारा 256- शिकायतकर्ता, जिसकी पहल ही जांच हो चुकी है, केवल उसकी पेशी न होने पर अभियुक्त को बरी करना उचित नहीं है, : सुप्रीम कोर्टसुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को एक फैसले में कहा कि जब शिकायतकर्ता की एक गवाह के रूप में पहले ही जांच हो चुकी हो, तब केवल उसकी पेश न होने पर आरोपी को बरी करना , उचित...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (27 फरवरी, 2023 से 3 मार्च, 2023) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।उम्मीद है कि केंद्र सरकार गोहत्या पर प्रतिबंध लगाएगी, इसे संरक्षित राष्ट्रीय पशु घोषित करेगी': इलाहाबाद हाईकोर्टइलाहाबाद हाईकोर्ट ने हिंदू धर्म में गायों के महत्व पर जोर देते हुए और उन्हें मारने की प्रथा को रोकने की आवश्यकता पर जोर देते हुए हाल ही में आशा व्यक्त की कि केंद्र सरकार देश में गौहत्या पर...
करप्शन से हैं परेशान? ऐसे करें शिकायत (वीडियो)
कानून के मुताबिक रिश्वत लेना और देना दोनों ही अपराध है। हमारे देश में भ्रष्टाचार से मुक्ति का दावा किया जाता है। कानून और दावा दोनों ही जमीनी स्तर पर नजर नहीं आ रहे हैं। रिश्वत लेने के मामलों में किसी भी तरह की कमी नहीं दिख रही है। सिस्टम से परेशान लोग सरकारी विभागों में छोटे-छोटे काम करवाने के लिए भी रिश्वत देने को मजबूर हैं। साल 2020 में ग्लोबल करप्शन बैरोमीटर की रिपोर्ट आई। इसके मुताबिक भारत में एशिया के रिश्वतखोरी के सबसे अधिक मामले दर्ज किए गए। हाल ही में उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित स्पेशल...
केवल अनुबंध का उल्लंघन धोखाधड़ी के लिए आपराधिक मामले का आधार नहीं हो सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वादे को पूरा करने में विफल रहने का आरोप आपराधिक कार्यवाही शुरू करने के लिए पर्याप्त नहीं होगा।जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस राजेश बिंदल की खंडपीठ ने कहा कि अनुबंध का उल्लंघन धोखाधड़ी के लिए आपराधिक मुकदमे को जन्म नहीं देता, जब तक कि लेन-देन की शुरुआत में धोखाधड़ी या बेईमानी का इरादा सही नहीं दिखाया गया हो।खंडपीठ ने कहा कि आपराधिक न्यायालयों का उपयोग स्कोर निपटाने या पक्षों पर दीवानी विवादों को निपटाने के लिए दबाव डालने के लिए नहीं किया जाता।इस मामले में एफआईआर शिकायतकर्ता...
उच्च न्यायपालिका में महिलाएं कम क्यों हैं? सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने एबीए क्रॉन्फ्रेंस में जवाब दिया
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) डी वाई चंद्रचूड़ ने 23 फरवरी, 2023 को अमेरिकन बार एसोसिएशन (एबीए) क्रॉन्फ्रेंस का उद्घाटन किया। यह "लॉ इन एज ऑफ ग्लोकलाइजेशन: कन्वर्जेंस ऑफ इंडिया एंड द वेस्ट" पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रॉन्फ्रेंस है।सीजेआई चंद्रचूड़ ने अपने मुख्य भाषण के दौरान, कानूनी पेशे में समावेशिता और विविधता के महत्व पर प्रकाश डाला। ऐसा करते हुए उन्होंने ऐसे प्रश्न का उत्तर दिया, जो लंबे समय से कई लोगों को परेशान करता रहा है- 'हम उच्च न्यायपालिका में अधिक महिला न्यायाधीश क्यों नहीं रख...
करप्शन से हैं परेशान? ऐसे करें शिकायत
कानून के मुताबिक रिश्वत लेना और देना दोनों ही अपराध है। हमारे देश में भ्रष्टाचार से मुक्ति का दावा किया जाता है। कानून और दावा दोनों ही जमीनी स्तर पर नजर नहीं आ रहे हैं। रिश्वत लेने के मामलों में किसी भी तरह की कमी नहीं दिख रही है। सिस्टम से परेशान लोग सरकारी विभागों में छोटे-छोटे काम करवाने के लिए भी रिश्वत देने को मजबूर हैं।साल 2020 में ग्लोबल करप्शन बैरोमीटर की रिपोर्ट आई। इसके मुताबिक भारत में एशिया के रिश्वतखोरी के सबसे अधिक मामले दर्ज किए गए। हाल ही में उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित स्पेशल...
प्यार करने वालों का धर्म अलग होने से उनके रिश्ते को नहीं दे सकते 'लव जिहाद' का एंगल: बॉम्बे हाईकोर्ट (वीडियो)
“कोई लड़का और लड़की अलग-अलग धर्म से ताल्लुक ऱखते हैं और एक-दूसरे से प्यार करते हैं तो इसे लव जिहाग कहना ठीक नहीं होगा।“ बॉम्बे हाई कोर्ट ने लव जिहाद के एक केस में मुस्लिम महिला और उसके परिवार को अग्रिम जमानत देते हुए ये टिप्पणी की। अग्रिम जमानत यानी गिरफ्तारी से पहले जमानत।जस्टिस विभा कंकनवाड़ी और अभय वाघवासे की खंडपीठ ने ये आदेश दिया। बेंच ने फैसले में कहा था, “केवल इसलिए कि लड़का और लड़की अलग-अलग धर्मों के हैं, किसी रिश्ते को ‘लव जिहाद’ का एंगल नहीं दिया जा सकता है। यह एक-दूसरे के लिए सच्चे...
सुप्रीम कोर्ट ने उपभोक्ता आयोगों में नियुक्ति के लिए 10 साल के अनुभव वाले वकीलों का रास्ता साफ किया, केंद्र के नियमों को रद्द करने का फैसला बरकरार
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि ग्रेजुएशन की डिग्री रखने वाले और उपभोक्ता मामलों, कानून, सार्वजनिक मामलों, प्रशासन आदि में कम से कम 10 साल का पेशेवर अनुभव रखने वाले व्यक्तियों को राज्य उपभोक्ता आयोग और जिला उपभोक्ता मंच के अध्यक्ष और सदस्यों के रूप में नियुक्ति के लिए योग्य माना जाना चाहिए।इसका मतलब यह है कि कम से कम 10 साल से कार्यरत वकील राज्य और जिला उपभोक्ता आयोगों के अध्यक्ष और सदस्यों के रूप में नियुक्ति के पात्र हैं।सुप्रीम कोर्ट ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 की धारा 101 के तहत...
हाथरस गैंगरेप केस में कोर्ट ने तीन आरोपी को किया बरी, एक दोषी करार (वीडियो)
हाथरस गैंगरेप हत्याकांड में यूपी की जिला अदालत ने 4 में से 3 आरोपियों को बरी कर दिया है। कोर्ट ने मुख्य आरोपी संदीप सिंह को आईपीसी की धारा 304 यानी ग़ैर इरादतन हत्या और SC-ST एक्ट में दोषी माना है। बाक़ी तीन आरोपी लवकुश, रवि, राम कुमार को बरी कर दिया गया है। मामले में सबसे खास बात ये है कि 4 आरोपियों में से किसी को भी कोर्ट ने गैंगरेप के लिए दोषी नहीं पाया।हाथरस गैंगरेप केस में कोर्ट ने तीन आरोपी को किया बरी, एक दोषी करारपूरी वीडियो यहां देखें:
होली की छुट्टियों के बाद गुजरात पुलिस की एफआईआर में जमानत की मांग वाली तृणमूल कांग्रेस प्रवक्ता साकेत गोखले की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने शुक्रवार को होली की छुट्टियों के बाद तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता साकेत गोखले द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करने का फैसला किया, जिसमें गुजरात उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट ने क्राउडफंडिंग के माध्यम से एकत्रित फंड की कथित हेराफेरी से संबंधित मामले में उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया गया था।जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस विक्रम नाथ की खंडपीठ ने कहा कि मामला कल देर रात पूरक सूची में सूचीबद्ध हो गया और कहा कि वे इस पर 13 मार्च को सुनवाई...


















