मुख्य सुर्खियां
बॉम्बे हाईकोर्ट का 'त्वचा-से-त्वचा' संपर्क मामले में निर्णय: NCPCR ने महाराष्ट्र सरकार से निर्णय के खिलाफ 'तत्काल अपील' दायर करने की मांग की
राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) ने सोमवार (25 जनवरी) को महाराष्ट्र सरकार से बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्णय के खिलाफ "तत्काल अपील" दायर करने के लिए कहा, जिसमें कोर्ट ने कहा था कि बच्चे की त्वचा से संपर्क किए बिना स्तनों को टटोलना यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (POCSO) के तहत 'यौन हमला' नहीं माना जाएगा।बॉम्बे हाईकोर्ट (नागपुर खंडपीठ) द्वारा निर्णय मे कहा गया था कि इस तरह के अपराध को वास्तव में भारतीय दंड संहिता [ IPC की धारा 354 ( महिला की विनम्रता को अपमानित करना)] के तहत...
'माँ को बहुत ही निराधार और क्रूर आरोपों के साथ कटघरे में खड़ा कर दिया': केरल हाईकोर्ट ने बेटे के यौन शोषण मामले में आरोपी महिला को जमानत दी
केरल हाईकोर्ट ने अपने नाबालिग बेटे (कडककवूर पाॅक्सो मामला) के यौन शोषण के मामले में आरोपी महिला को जमानत दे दी है। न्यायमूर्ति वी. शर्की ने कहा कि यह मामला काफी अजीब, चैंकाने वाला और असामान्य है,जहां एक माँ को बहुत ही निराधार और क्रूर आरोपों के साथ कटघरे में खड़ा कर दिया गया है। जज ने कहा कि, ''इसमें संदेह नहीं है कि इस मामले में मातृत्व की पवित्रता को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया था। एक माँ अपने गर्भ में नौ चंद्र महीनों तक अपने बच्चे को पालती है और इसलिए उसके जन्म से पहले ही एक माँ और...
कंगना रनौत के ट्वीट्स महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ नफरत पैदा करने के इरादे से किए गए: कंगना और रंगोली की ओर से एफआईआर रद्द करने के लिए दायर याचिका के खिलाफ जवाबी हलफनामा दायर
बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत और उनकी बहन रंगोली चंदेल की ओर से राजद्रोह की एफआईआर को रद्द करने के लिए दायर याचिका के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट के समक्ष जवाबी हलफनामा दायर किया गया है।जवाबी हलफनामा कास्टिंग डायरेक्टर मुनव्वर अली सैय्यद ने दायर किया है, जिन्होंने आईपीसी की धारा 153 ए, 295 ए, 124 ए, धारा 34 के साथ पढ़ें, तहत दंडनीय अपराधों के लिए एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। उन्होंने कंगना और उनकी बहन रंगोली पर कथित रूप से सोशल मीडिया के जरिए सांप्रदायिक वैमनस्य पैदा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया...
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने जस्टिस पीवी संजय कुमार को मणिपुर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जस्टिस पीवी संजय कुमार को मणिपुर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त करने की सिफारिश की है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एसए बोबडे सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम के मौजूदा प्रमुख हैं। उनके अलावा जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस आरएफ नरीमन, जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस एएम खानविलकर पांच जजों की कॉलेजियम का हिस्सा हैं।इससे पहले बुधवार (16 दिसंबर 2020) को हुई बैठक में जस्टिस पीवी संजय कुमार को मणिपुर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप...
'कोई सूचित सहमति नहीं' : कर्नाटक उच्च न्यायालय ने केंद्र और NIC को ' आरोग्य सेतु' के जरिए एकत्रित प्रतिक्रिया डेटा को साझा करने से रोका
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने सोमवार को केंद्र सरकार और राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र को किसी व्यक्ति द्वारा दिए गए प्रतिक्रिया डेटा को 'आरोग्य सेतु' (COVID-19 के मद्देनज़र विकसित सरकार के संपर्क-ट्रेसिंग ऐप) अन्य सरकारी विभागों और एजेंसियों से साझा करने से रोक दिया।मुख्य न्यायाधीश ए एस ओका और न्यायमूर्ति विश्वजीत शेट्टी की पीठ ने यह आदेश पारित करते हुए कहा कि प्रथम दृष्ट्या, "प्रतिक्रिया डेटा साझा करने के लिए उपयोगकर्ताओं की कोई सूचित सहमति नहीं ली गई थी जैसा कि आरोग्य सेतु प्रोटोकॉल 2020 में...
भारतीय और यूरोपीय संघ के उपयोगकर्ताओं के लिए व्हाट्सएप की भेदकर नीति चिंता का प्रमुख कारणः दिल्ली हाईकोर्ट में केंद्र ने कहा
व्हाट्सएप की हालिया गोपनीय नीति के अपडेट को चुनौती देते हुए एडवोकेट चैतन्य रोहिला की तरफ से दिल्ली हाईकोर्ट में दायर याचिका पर अपना जवाब दायर करते हुए केंद्र ने आज अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा के माध्यम से प्रस्तुत किया कि व्हाट्सएप की भारत और यूरोपीय संघ के उपयोगकर्ताओं के लिए अपडेट पाॅलिसी की स्वीकृति के संबंध में अपनाई जा रही भेदकर नीति चिंता का एक प्रमुख कारण है। उन्होंने कहा कि,''भारतीय उपयोगकर्ता व्हाट्सएप के उपयोगकर्ता बेस का एक बड़ा हिस्सा हैं, फिर भी यूरोपीय संघ के उपयोगकर्ताओं...
'COVID-19 के टीकाकरण का द्वितीय चरण कब से शुरू होगा? ': इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से कहा है कि केंद्र सरकार Covid -19 वायरस को दूर करने के लिए अलग-अलग चरणों के साथ सटीक टीकाकरण कार्यक्रम के साथ आए।जस्टिस अजीत कुमार और सिद्धार्थ वर्मा की खंडपीठ ने सरकार को 5 फरवरी तक एक बेहतर हलफनामा दायर करने का आदेश दिया, जिसमें संकेत दिया गया कि चरण -1 कब समाप्त होगा और चरण -2 शुरू होगा, केंद्र सरकार को इसकी पूरी जानकारी देनी होगी।इससे पहले, 12 जनवरी को हाई कोर्ट ने सरकार से उचित टीकाकरण कार्यक्रम के साथ आने के लिए कहा था।जब इस मामले को 22 जनवरी को उठाया...
पति, कैरी होम सैलरी के अभाव में तलाकशुदा पत्नी और बेटी को गुजारा भत्ता देने की जिम्मेदारी को अनदेखा नहीं कर सकता हैः त्रिपुरा हाईकोर्ट
त्रिपुरा हाईकोर्ट ने यह देखते हुए कि पति को वेतन के अभाव में तलाकशुदा पत्नी और बेटी को गुजारा भत्ता देने की जिम्मेदारी को अनदेखा करने की अनुमति नहीं दी जा सकती है, पिछले सप्ताह एक पति को तलाकशुदा पत्नी और उसकी बेटी को पालन-पोषण और रखरखाव के लिए को प्रति माह 17,000 रुपए का भुगतान करने का निर्देश दिया।न्यायमूर्ति एसजी चट्टोपाध्याय की खंडपीठ एक आपराधिक पुनरीक्षण याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें तलाकशुदा पत्नी ने पारिवारिक न्यायालय, अगरतला के आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत उसे देय मासिक गुजारा...
दिल्ली उच्च न्यायालय में सोशल मीडिया ई-कॉमर्स वेबसाइट्स पर एमआरपी, निर्माता विवरण, मूल देश का प्रदर्शन करने के निर्देश की मांग करते हुए याचिका दाखिल
दिल्ली उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई है जिसमें सोशल मीडिया ई-कॉमर्स वेबसाइटों को यह निर्देश देने की मांग की गई है कि वे अपने पोर्टल पर बिक्री के लिए पेश किए जा रहे उत्पादों का पूरा विवरण प्रदर्शित करें, जिसमें अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP), विक्रेता का विवरण, निर्माता का नाम और मूल देश शामिल हों। एक अजय कुमार सिंह द्वारा दायर याचिका में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि जहां भारत सरकार अमेज़न, फ्लिपकार्ट और स्नैपडील जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफार्मों की सक्रिय रूप से निगरानी कर रही है और...
केरल हाईकोर्ट ने पूर्व आईएएस अधिकारी एम शिवशंकर को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत दी
केरल हाईकोर्ट ने सोमवार को केरल के मुख्यमंत्री के पूर्व प्रधान सचिव एम शिवशंकर को सोने की तस्करी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत दे दी।न्यायमूर्ति अशोक मेनन की एकल पीठ ने आदेश पारित किया। इससे पहले आज शिवशंकर केरल गोल्ड स्मगलिंग मामले में सीमा शुल्क द्वारा दर्ज एक मामले में डिफ़ॉल्ट जमानत मिली। 28 अक्टूबर को हाईकोर्ट ने ईडी मामले में शिवशंकर की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने कहा था कि ऐसी परिस्थितियां हैं कि वह स्वप्न सुरेश के साथ...
शिक्षक का काम शिक्षा प्रदान करना है, लेकिन बिहार शिक्षा विभाग ने ठेकेदार स्तर के कार्य सौंप दिए : पटना हाईकोर्ट
पटना हाईकोर्ट ने सोमवार (18 जनवरी) को शिक्षक (शैलेश कुमार) को अग्रिम जमानत देते हुए कहा कि अब शिक्षकों को इस आरोप के साथ अभियुक्त बनाया जाता है कि शिक्षक/प्रधानाध्यापक को आवंटित धन का उचित उपयोग नहीं किया गया था।न्यायमूर्ति अनिल कुमार उपाध्याय की खंडपीठ शिक्षक शैलेश कुमार की याचिका पर सुनवाई की। दरअसल, साल 2016 के कटेया पी. एस. केस नंबर 172 के मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 409 और धार 34A के तहत विभिन्न अपराधों के लिए शैलेश कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद उसे गिफ्तार भी कर...
राज्य में शिक्षा को व्यवसाय के रूप में ले लिया गया है या डिग्री बेचने के उद्योग के रूप मेंः इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार (19 जनवरी) को कहा कि,''यह अज्ञात नहीं है कि राज्य में शिक्षा को व्यवसाय या उद्योग के रूप में ले लिया गया है। यह डिग्री बेचने का व्यवसाय है। इसे रोकने की आवश्यकता है।'' न्यायमूर्ति मुनीश्वर नाथ भंडारी और न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की खंडपीठ ने बी.एड में 25 सीटों को भरने के लिए अपीलकर्ताओं/याचिकाकर्ताओं की संस्था द्वारा उठाए गए कदम पर नाराजगी दिखाते हुए यह टिप्पणी की। इन सभी सीटों को सीधे तौर पर भर दिया गया था,जबकि केंद्रीकृत काउंसलिंग के जरिए इन सभी सीटों के...
मध्यप्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी ने कानूनी डेटाबेस सॉफ्टवेयर 'जोति जर्नल' लॉन्च किया
मध्य प्रदेश राज्य न्यायिक अकादमी ने गुरुवार को न्यायपालिका के उपयोग के लिए "जोति जनर्ल सॉफ्टवेयर" नाम से अपना कानूनी डेटाबेस सॉफ्टवेयर लॉन्च किया।सॉफ्टवेयर का उद्घाटन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और जस्टिस राजीव कुमार दुबे की मौजूदगी में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस मोहम्मद रफीक ने किया।सॉफ्टवेयर में लगभग 10,000 निर्णय, 700 कानूनी लेख और 500 से अधिक अधिनियम, संशोधन, परिपत्र और अधिसूचना शामिल हैं, जो दिन-प्रतिदिन के काम में जिला न्यायपालिका के न्यायाधीशों के प्रत्यक्ष उपयोग के...
अवमानना की कार्यवाही शुरू करने की याचिका: गुरुमूर्ति को नोटिस जारी
तमिलनाडु के एडवोकेट जनरल विजय नारायण ने न्यायपालिका के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में साप्ताहिक पात्रिका 'तुग़लक' के संपादक स्वामीनाथन गुरुमूर्ति के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू करने की सहमति देने के लिए दायर दो आवेदनों पर नोटिस जारी किए हैं।गुरुमूर्ति को 16 फरवरी, 2021 को एडवोकेट जनरल के समक्ष या तो व्यक्तिगत रूप से या वकील के माध्यम से पेश होने के लिए कहा गया है।पृष्ठभूमिएडवोकेटओं पी पुगलन्थी और एस दोराईसामी की ओर से दायर आवेदनों में आरोप लगाया गया है कि गुरुस्वामी की टिप्पणियों ने...
बिना कपड़े निकाले स्तनों को दबाना पोक्सो अधिनियम के तहत 'यौन उत्पीड़न' नहीं बल्कि आईपीसी 354 के तहत अपराध : बॉम्बे हाईकोर्ट
'बिना कपड़े निकाले स्तनों को दबाना पोक्सो अधिनियम के तहत ' यौन उत्पीड़न' नहीं बल्कि आईपीसी 354 के तहत अपराध : बॉम्बे हाईकोर्टबॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच ने माना है कि त्वचा-से-त्वचा के संपर्क' के बिना बच्चे के स्तनों को टटोलना भारतीय दंड संहिता के तहत छेड़छाड़ होगा, लेकिन यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम ( पोक्सो) के तहत 'यौन उत्पीड़न' का गंभीर अपराध नहीं।न्यायमूर्ति पुष्पा गनेदीवाला की एकल पीठ ने एक सत्र अदालत के आदेश को संशोधित करते हुए अवलोकन किया, जिसमें एक 39 वर्षीय व्यक्ति को...
पहचान होने भर से महिला की आपत्तिजनक तस्वीरें प्रसारित करने का आदमी को हक़ नहीं, ना उसे बदनाम करने काः पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने एक आवेदक को अग्रिम जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि आवेदक और अभियोजन पक्ष एक-दूसरे को जानते है, इससे आवेदक को सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने और अभियोजन पक्ष के संबंध में आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने का अधिकार नहीं मिल जाता है।जस्टिस अवनीश झिंगन की खंडपीठ धारा 354 और 354-ए आईपीसी और सूचना और प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66 के तहत आरोपित एक व्यक्ति की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी।मामलाअभियोजन पक्ष ने प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि...
आरटीआई-पत्नी के बैंक विवरण और आयकर रिटर्न की जानकारी लेने का पति का हकदार नहींः सीआईसी
केंद्रीय सूचना आयोग ने एक महत्वपूर्ण आदेश में कहा है कि एक पति सूचना के अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत अपनी पत्नी का बैंक विवरण और आयकर रिटर्न की जानकारी लेने का हकदार नहीं है। सूचना आयुक्त नीरज कुमार गुप्ता ने कहा कि आयकर विभाग में किसी व्यक्ति का आयकर रिटर्न दाखिल करना सार्वजनिक गतिविधि नहीं है।आयोग ने कहा कि कर का भुगतान करना, राज्य के प्रति नागरिक का दायित्व है। यह जानकारी आवेदक को किसी बड़े सार्वजनिक हित के अभाव में नहीं बताई जा सकती है।मामलाअपीलार्थी/पति ने उन सभी बैंकों के नाम और शाखा के...
दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश, एशियाड सर्कस से हिप्पो का पुनर्वास, पेटा की याचिका पर सर्कस मालिक के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी
दिल्ली हाईकोर्ट ने आज क्रूरता निवारण के लिए दिल्ली सोसायटी को दिल्ली पुलिस की मदद से एशियाड सर्कस से दरियाई घोड़ा जब्त करने और पशु को ज़ू के स्थान के निकटतम चिड़ियाघर में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया।न्यायमूर्ति प्रथिबा सिंह की एकल पीठ ने पेटा इंडिया की एक अर्जी पर सुनवाई की। अगली सुनवाई के दौरान अनिवार्य उपस्थिति के लिए सर्कस मालिक को गैर-जमानती वारंट जारी करने का भी निर्देश दिया, जो 15 अप्रैल को निर्धारित है।पेटा इंडिया ने 2018 में सर्कस से हिप्पो को जब्त करने की मांग करते हुए अपनी याचिका...
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के खिलाफ सांप्रदायिक टिप्पणी: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हिंदू महासभा के नेता के खिलाफ दर्ज एफआईआर दर्ज रद्द करने और गिरफ्तारी पर रोक लगाने की याचिका खारिज कर दी
इलाहाबाद हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति राजेंद्र कुमार की खंडपीठ ने गुरूवार को अलीगढ़ के हिंदू महासभा नेता अशोक कुमार पांडेय द्वारा दायर एक रिट याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) और इसके संस्थापक सर सैय्यद अहमद के खिलाफ उनकी सांप्रदायिक टिप्पणी के लिए दायर प्राथमिकी को रद्द करने की प्रार्थना की गई थी। सांप्रदायिक टिप्पणी के चलते एक समुदाय की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची और धार्मिक समूहों के बीच नफरत फैल गई।याचिकाकर्ता ने मामले में जांच...
ट्रांसमिशन लाइन रूट- "किसानों का कम से कम विस्थापन या कृषि भूमि की कम गड़बड़ी सुनिश्चित करना": मद्रास हाईकोर्ट ने राज्य से कहा
मद्रास हाईकोर्ट ने सोमवार (18 जनवरी) को कहा कि यदि कृषि भूमि पर ट्रांसमिशन टावर/लाइनें स्थापित की जानी हैं, तो राज्य द्वारा ट्रांसमिशन की लागत को भी ध्यान में रखते हुए मार्ग की योजना इस तरह बनाई जानी चाहिए ताकि किसानों का कम से कम विस्थापन हो या कृषि भूमि की गड़बड़ी भी कम हो।मुख्य न्यायाधीश संजीब बनर्जी और न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश की खंडपीठ एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसमें याचिकाकर्ता ने एक मुद्दा उठाया है कि ट्रांसमिशन लाइनों को कैसे डिज़ाइन किया जाना चाहिए ताकि कृषि भूमि में कोई गड़बड़ी...




















