मुख्य सुर्खियां
दिल्ली दंगे- उमर खालिद ने अभियोजन पक्ष की आपत्ति के बाद जमानत याचिका वापस ली, दिल्ली कोर्ट बुधवार को नई याचिका पर सुनवाई करेगा
दिल्ली दंगों के एक अन्य घटनाक्रम में यूएपीए के तहत आरोपों से जुड़े बड़े षड्यंत्र के मामले में छात्र कार्यकर्ता उमर खालिद ने अभियोजन पक्ष की आपत्ति के बाद सीआरपीसी की धारा 439 के तहत दायर अपनी जमानत याचिका वापस ले ली है।खालिद की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिदीप पेस ने अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत से कहा कि उन्होंने सीआरपीसी की धारा 439 की जगह अब सीआरपीसी की धारा 437 के तहत जमानत आवेदन दायर किया है।कोर्ट ने नोटिस जारी करते हुए सीआरपीसी की धारा 437 के तहत दायर नई जमानत याचिका पर अभियोजन...
'धार्मिक भावनाओं को तर्क और जानवरों के दृष्टिकोण के अनुरूप होना चाहिए': मद्रास हाईकोर्ट ने मंदिर के हाथियों के साथ दुर्व्यवहार की प्रथा की निंदा की, निर्देश जारी किए
मद्रास उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को प्रधान मुख्य वन संरक्षक (PCCF) को राज्य में सभी बंदी हाथियों की एक सूची तैयार करने के लिए निर्देश दिए। अदालत ने सभी हाथियों की एक वीडियो रिकॉर्डिंग बनाने का निर्देश दिया, जिसमें प्रत्येक हाथी की पूरी प्रोफ़ाइल हो, जिसमें उसकी उम्र, लिंग और वंश भी शामिल हो, और उसमें हाथियों को पालतू बनाने का तरीका भी शामिल था।चीफ जस्टिस संजीब बनर्जी और जस्टिस पीडी ऑदिकेसवालु की खंडपीठ ने एक कार्यकर्ता रंगराजन नरसिम्हन की याचिका पर ये निर्देश जारी किए। याचिका में राज्य भर में...
'भक्तों को किसी भी भाषा में जाप करने की स्वतंत्रता': मद्रास हाईकोर्ट ने मंदिरों में तमिल में मंत्रों के जाप पर प्रतिबंध लगाने की मांग वाली याचिका खारिज की
मद्रास हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक जनहित याचिका (पीआईएल) को खारिज कर दिया, जिसमें तमिलनाडु सरकार को 'अन्नई तमिल अर्चनाई' योजना को वापस लेने के लिए निर्देश जारी करने की मांग की गई थी, जो मंदिरों के अंदर भक्तों को पुजारियों द्वारा संस्कृत की जगह द्वारा तमिल में मंत्रों के जाप का विकल्प चुनने की अनुमति देती है।याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि अधिकांश मंदिरों की स्थापना अगम सिद्धांतों के अनुसार की गई है और संस्कृत भाषा में मंत्रों का जाप करना सदियों पुरानी परंपरा रही है। इस प्रकार यदि संस्कृत में जाप...
राजस्थान हाईकोर्ट ने उदयपुर में झीलों से गुजरने वाली सड़कों के निर्माण पर रोक लगाई
राजस्थान हाईकोर्ट ने उदयपुर में किसी भी झील से गुजरने वाली किसी भी सड़क के निर्माण पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति संगीता लोढ़ा और न्यायमूर्ति विनीत कुमार माथुर की खंडपीठ ने इस संबंध में निविदा नोटिस पर रोक लगाने की मांग वाले आवेदन में यह आदेश पारित किया है। कोर्ट ने संबंधित राज्य के अधिकारियों को इस मामले में अपना जवाब दाखिल करने का समय दिया है और इस बीच अगले आदेश तक उन्हें शहर में किसी भी झील से गुजरने वाली किसी भी सड़क का निर्माण नहीं करने का निर्देश दिया है।पृष्ठभूमिआवेदन 2014 में स्वत:...
उच्च न्यायालयों की संवैधानिक स्वायत्तता को कमजोर करने से न्यायिक संघवाद की अवधारणा को खतरा होगा: इलाहाबाद उच्च न्यायालय
इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने हाल ही में कहा कि उच्च न्यायालयों की संवैधानिक स्वायत्तता को कमजोर करने से संविधान में परिकल्पित न्यायिक उदाहरणों द्वारा पुष्ट न्यायिक संघवाद की अवधारणा को खतरा होगा।इस बात पर जोर देते हुए कि इलाहाबाद उच्च न्यायालय का 130 से अधिक वर्षों का इतिहास है, जो देश के अधिकांश संवैधानिक न्यायालयों से पहले का है, न्यायालय ने यह भी कहा कि उसने उचित और निष्पक्ष न्याय देकर राज्य के लोगों का विश्वास अर्जित किया है।जस्टिस अजय भनोट की खंडपीठ ने ये टिप्पणियां एक मामले में की, जिसमें...
'यह समझ से परे है कि कैसे जांच एजेंसी ने एक अन्य प्राथमिकी के बयानों को इसमें जोड़ दिया'- कोर्ट ने दिल्ली दंगों के मामले में आरोप तय करने पर सवाल उठाए
दिल्ली की एक अदालत ने हाल ही में दिल्ली दंगों के मामले में गुलफाम के खिलाफ आईपीसी की धारा 436 के तहत आरोप तय करने में दिल्ली पुलिस के आचरण पर सवाल उठाया है। कोर्ट ने कहा कि यह समझ से परे है कि कैसे जांच एजेंसी ने एक अन्य प्राथमिकी के बयानों को इसमें जोड़ दिया।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद यादव ने आईपीसी की धारा 436 (घर आदि को नष्ट करने के इरादे से आग या विस्फोटक पदार्थ द्वारा शरारत) के तहत गुलफाम को आरोप मुक्त कर दिया, इस तथ्य पर ध्यान देने के बाद कि गवाहों या शिकायतकर्ता के बयानों में एक भी...
सार्वजनिक पार्कों का किसी अन्य उद्देश्य के लिए उपयोग करना न्यासभंग जैसा: मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने सामुदायिक भवन को गिराने का निर्देश दिया
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने पारिस्थितिक संतुलन के लिए बफर जोन के रूप में खाली जमीन के महत्व को कायम रखते हुए पार्क में बने सामुदायिक हॉल को गिराने का निर्देश दिया है।चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक और जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की खंडपीठ ने कहा, "एक बार जब कोई सार्वजनिक पार्क नागरिकों/निवासियों को समर्पित हो जाता है, तो इसे नगरपालिका द्वारा जनता की ओर से ट्रस्ट में रखा जाता है और इसे किसी अन्य उपयोग में नहीं लाया जा सकता है। नगर निकाय द्वारा किसी अन्य उद्देश्य के लिए इसके उपयोग में परिवर्तन ...
रश्मि शुक्ला के पास कोई आधार नहीं, फोन टैपिंग की FIR रद्द करने की उनकी याचिका सुनवाई योग्य नहीं: महाराष्ट्र सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट से कहा
महाराष्ट्र सरकार ने सीनियर आईपीएस ऑफिसर रश्मि शुक्ला की याचिका को यह कहते हुए खारिज करने की मांग की है कि गोपनीय रिपोर्ट लीक करने के मामले में ऑफिसियल सिक्रेट एक्ट के तहत दायर एफआईआर में उनका नाम नहीं है। इसलिए, वह इसे चुनौती नहीं दे सकती हैं।पुलिस उपायुक्त रश्मि करंधीकर की ओर से दायर हलफनामे में कहा गया है, शुक्ला के पास "कोई आधार नहीं है," इसलिए उनकी याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। शुक्ला की 2020 की रिपोर्ट (राज्य खुफिया विभाग के प्रमुख के रूप में), फोन इंटरसेप्शन से संबंधित है, जिसमें कथित तौर...
दिल्ली दंगों के खिलाफ कैंडललाइट मार्च: बॉम्बे हाईकोर्ट ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कठोर सजा के प्रावधान वाली धारा इस्तेमाल करने पर सवाल उठाया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को महाराष्ट्र सरकार को पिछले साल दिल्ली दंगों के खिलाफ मुंबई में हुए एक प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के तहत आरोपों को चुनौती देने वाली याचिका पर जवाब देने का अंतिम अवसर दिया।16 याचिकाकर्ताओं पर आरोप लगाया गया था कि जब वे 26 फरवरी, 2021 को दादर में "कैंडल लाइट मार्च" के लिए एकत्र हुए थे, तो 18 फरवरी के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) के निषेधाज्ञा का उल्लंघन किया गया था।जस्टिस एसएस शिंदे और जस्टिस एनजे जमादार की खंडपीठ ने छात्रों, वरिष्ठ नागरिकों...
तब्लीगी जमात मामले: "सुनवाई में कोई बाधा नहीं होगी": इलाहाबाद हाईकोर्ट में यूपी सरकार ने मामले में पूरी ईमानदारी से मदद करने का आश्वासन दिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट में उत्तर प्रदेश सरकार ने आश्वासन दिया कि वह तब्लीगी जमात के मामलों की सुनवाई में कोई बाधा नहीं पैदा करेगी और अदालत को मामलों में पूरी ईमानदारी से मदद की जाएगी।उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा यह आश्वासन कुछ दिनों बाद आया है जब न्यायालय द्वारा मामले में निर्देशित हलफनामा पेश करने में सरकार के विफल रहने, अदालत के आदेशों के बारे में पुलिस अधिकारियों को सूचित करने में लापरवाही बरतने और सुनवाई की शुरुआत में बाधा उत्पन्न करने के लिए उसके वकीलों की भारी आलोचना की गई थी।न्यायमूर्ति...
लॉ स्टूडेंट्स से न्यायपालिका में करियर बनाने की अपील की जानी चाहिए, क्योंकि यह मौजूदा सर्वोत्तम विकल्पों में से एक है: जस्टिस अभय ओका
सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति अभय एस ओका ने शनिवार को कहा कि फाइनल ईयर के लॉ स्टूडेंट्स से अपील की जानी चाहिए कि वे न्यायपालिका को करियर के रूप में सोचें, क्योंकि यह उपलब्ध सर्वोत्तम विकल्पों में से एक है।बेंगलुरु में एडवोकेट्स एसोसिएशन ऑफ बेंगलुरु द्वारा उनके और उनके साथ हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त की गईं जस्टिस बीवी नागरत्ना आयोजित सम्मान समारोह में बोलते हुए उन्होंने कहा,"मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है कि हमारे जिला और तालुका अदालतों के बार के सदस्यों में बहुत प्रतिभा है, लेकिन शायद...
मुख्यमंत्री के ट्वीट के आधार पर आयु में छूट का दावा नहीं किया जा सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक रोजगार के उम्मीदवार मुख्यमंत्री के ट्वीट के आधार पर आयु में छूट का दावा नहीं कर सकते हैं।न्यायमूर्ति राजन गुप्ता और न्यायमूर्ति करमजीत सिंह की खंडपीठ ने पुलिस सब-इंस्पेक्टर के पद पर नियुक्ति की मांग करने वाले याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर एक अपील को खारिज करते हुए ऐसा कहा। 11 अगस्त को एकल पीठ ने उनकी रिट याचिका खारिज कर दी थी।अपीलकर्ताओं और अन्य व्यक्तियों ने निम्नलिखित राहत की मांग करते हुए 7 अलग-अलग रिट याचिकाएं दायर की: -1. 6.07.2021 को विज्ञापित...
माता-पिता उसकी शादी एक बूढ़े आदमी से करना चाहते हैं, उसे आगे पढ़ने नहीं दिया : दिल्ली हाईकोर्ट ने एक नाबालिग को अस्थायी रूप से चिल्ड्रन होम में रहने का निर्देश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि एक नाबालिग लड़की को अस्थायी रूप से चिल्ड्रन होम में रहने की सुविधा दी जाए।इस नाबालिग लड़की ने कथित तौर पर एक बूढ़े व्यक्ति से शादी करने के लिए मजबूर करने के बाद अपने माता-पिता का घर छोड़ दिया था। इसके साथ ही उसके माता-पिता ने उसे एक आखिरी उपाय के रूप में पढ़ाई करने से भी रोक दिया।सुनवाई की अगली तारीख छह सितंबर को होगी।न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता ने नाबालिग लड़की और उसके माता-पिता को छह सितंबर को अदालत के समक्ष पेश होने का निर्देश...
केरल हाईकोर्ट ने पासपोर्ट में निधन के बाद भी माता-पिता के नाम में सुधार की याचिका की अनुमति दी
केरल उच्च न्यायालय ने हाल ही में पासपोर्ट में माता-पिता के नाम में उनके निधन के बाद भी सुधार की मांग करने वाली एक याचिका की अनुमति दी, बशर्ते कि क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी की संतुष्टि के लिए दस्तावेज प्रस्तुत किए गए हों।याचिकाकर्ता के अनुरोध का विरोध करते हुए, पासपोर्ट अधिकारी ने न्यायमूर्ति बेचू कुरियन थॉमस के समक्ष तर्क दिया था कि ऐसा कोई कानून नहीं है जिसके तहत कोई व्यक्ति मृत माता-पिता का नाम बदल सकता है और मौजूदा प्राप्त पासपोर्ट भी रद्द किया जा सकता है यदि यह धोखाधड़ी से किया गया...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देशभर के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (30 अगस्त 2021 से 3 सितंबर 2021 तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं, हाईकोर्ट वीकली राउंड अप।पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।वैज्ञानिक मानते हैं कि गाय ही एकमात्र ऐसी जानवर है जो ऑक्सीजन लेती और आक्सीजन ही छोड़ती है; बीफ खाने का कोई मौलिक अधिकार नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्टइलाहाबाद हाईकोर्ट ने कल कहा कि इस तथ्य के आलोक में गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिया जाना चाहिए कि गाय भारत की संस्कृति का अभिन्न अंग है और गोमांस को खाना किसी...
मध्यस्थता की कार्यवाही में भाग लेने के लिए पार्टी की अनिच्छा मध्यस्थता के संदर्भ से इनकार करने का आधार नहीं हो सकती: कर्नाटक उच्च न्यायालय
कर्नाटक उच्च न्यायालय ने हाल ही में स्पष्ट किया कि केवल इसलिए कि कोई पक्ष मध्यस्थता की कार्यवाही में भाग लेने के लिए तैयार नहीं है, यह मामले को मध्यस्थता केंद्र को नहीं भेजने का आधार नहीं हो सकता है।जस्टिस सूरज गोविंदराज ने यह टिप्पणी करते हुए कि यह एक लोकप्रिय गलत धारणा थी, कर्नाटक सिविल प्रक्रिया (मध्यस्थता) नियम, 2005 के नियम 13 पर भरोसा किया, जिसके तहत न्यायालय को एक पक्ष को मध्यस्थ के सामने पेश होने का निर्देश देने की शक्ति थी, और अदालत के निष्कर्ष की स्थिति में कि कोई पक्ष पर्याप्त कारण के...
सुप्रीम कोर्ट ने फेसलेस अपील योजना, 2020 को चुनौती देने वाले मामलों को उच्च न्यायालयों से शीर्ष न्यायालय में स्थानांतरित करने की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने आज फेसलेस अपील स्कीम, 2020 को चुनौती देने वाले मामलों को उच्च न्यायालय (ओं) से शीर्ष न्यायालय में स्थानांतरित करने की मांग वाली स्थानांतरण याचिका में नोटिस जारी किया। इस मामले को जस्टिस एसके कौल और जस्टिस एमएम सुंदरेश की खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया गया था।शीर्ष अदालत ने अपने आदेश में कहा, "उच्च न्यायालयों के समक्ष याचिकाओं को इस आधार पर फेसलेस अपील स्कीम, 2020 को चुनौती देने के लिए समर्पित किया गया है कि कोई "व्यक्तिगत सुनवाई" नहीं दी गई है और इस तरह के विवेक को मुख्य आयुक्त...
दिल्ली हाईकोर्ट ने नाबालिग से रेप के मामले में होटल मालिक को अग्रिम जमानत देने से इनकार किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने 16 वर्षीय एक नाबालिग लड़की को कथित तौर पर बंधक बनाने और चार दिनों तक बलात्कार करने के आरोपी एक होटल के मालिक को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया।कोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका को खारिज कहते हुए कहा कि उसने बिना वैध लाइसेंस के होटल चलाकर अपराध में मदद की और न हीं होटल में आने वालों का रिकॉर्ड रखा।न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर ने यह भी कहा कि अगर बुकिंग के समय पीड़िता और प्राथमिक आरोपी की आईडी ली जाती तो नाबालिग लड़की को बलात्कार से बचा लिया जाता।कोर्ट ने कहा,"इस तरह के होटल चलाकर...
बैंकों, वित्तीय संस्थानों पर अपने नुकसान को कम करते हुए देनदारों की प्रतिभूतियों के मूल्य को अधिकतम करने का दायित्व: दिल्ली उच्च न्यायालय
दिल्ली हाईकोर्ट ने हितधारकों के हितों को संतुलित करने के मद्देनजर कहा है कि बैंकों और वित्तीय संस्थानों पर यह दायित्व है कि वे अपने नुकसान को कम करने का प्रयास करते हुए उधारकर्ताओं द्वारा उन्हें दी गई प्रतिभूतियों के मूल्य को अधिकतम करें।जस्टिस आशा मेनन ने यह भी कहा कि जब बैंक अपने नुकसान को रोकने के लिए संपार्श्विक और प्रतिभूतियों की तलाश करते हैं, तो उनसे यह अपेक्षा करना उचित है कि वे बैंकों द्वारा ऐसी प्रतिभूतियों की बिक्री से अपने लाभ को अधिकतम करने के लिए उधारकर्ताओं के अधिकार का सम्मान...
आईटी नियम 2021 डिजिटल प्लेटफॉर्म के निवारण की मांग करने वाले यूजर्स को सशक्त बनाएंगे: मद्रास हाईकोर्ट में केंद्र ने बताया
मद्रास हाईकोर्ट के समक्ष इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MEITY) और सूचना और प्रसारण मंत्रालय (MIB) के प्रतिनिधित्व वाली केंद्र सरकार ने प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 (आईटी नियम, 2021) की सूचना की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं के बैच के जवाब में दो जवाबी हलफनामे दायर किए।कन्नड गायक और रेमन मैग्सेसे पुरस्कार विजेता टीएम कृष्णा, डिजिटल न्यूज पब्लिशर्स एसोसिएशन (डीएनपीए) के साथ-साथ पत्रकार मुकुंद पद्मनाभन द्वारा याचिका...
















