मुख्य सुर्खियां
कंसोर्टियम ऑफ नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी ने CLAT 2021 के लिए शिकायत निवारण समिति का गठन किया
कंसोर्टियम ऑफ नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी ने चार सदस्यों वाली एक शिकायत निवारण समिति के गठन के लिए एक प्रस्ताव पारित किया है। इसकी अध्यक्षता भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति राजेंद्र बाबू कर रहे हैं। समिति के अन्य सदस्य हैं: (ए) प्रोफेसर श्री कृष्ण देव राव, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, दिल्ली के कुलपति; (बी) प्रोफेसर बलराज चौहान, पूर्व कुलपति आरएमएलएनएलयू, एनएलआईयू, और एमपीडीएनएलयू; (सी) प्रोफेसर रवि कुमार, पूर्व प्रोफेसर आईआईटी बॉम्बे; और (डी) प्रो फैजान मुस्तफा, कुलपति नालसर और...
अपनी पसंद के दावे का प्रयोग करने का अधिकार स्वतंत्रता और किसी व्यक्ति की गरिमा का एक अविभाज्य हिस्सा : जम्मू और कश्मीर उच्च न्यायालय
लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे एक जोड़े द्वारा सुरक्षा मुहैया करवाने की मांग को लेकर दायर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए जम्मू और कश्मीर उच्च न्यायालय ने कहा है कि अपनी पसंद के दावे का उपयोग करने का अधिकार स्वतंत्रता और किसी व्यक्ति की गरिमा का एक अविभाज्य हिस्सा है। न्यायमूर्ति सिंधु शर्मा ने इस प्रकार कहा,"यह तय है कि पसंद के दावे का प्रयोग करने का अधिकार स्वतंत्रता और गरिमा का एक अविभाज्य हिस्सा है और इसे कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया के अलावा छोड़ना नहीं चाहिए।"अदालत लिव-इन रिलेशनशिप में रह...
मुंबई में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पोर्न फिल्म मामले में व्यवसायी राज कुंद्रा को जमानत देने से इनकार किया
मुंबई में मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति-व्यवसायी राज कुंद्रा और उनके सहयोगी रयान थोर्प को अश्लील सामग्री के कथित उत्पादन और वितरण से संबंधित एक मामले में जमानत देने से इनकार कर दिया।कुंद्रा को मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने 19 जुलाई, 2021 को गिरफ्तार किया था। उन पर आईपीसी की धारा 354 (सी), 292, 420 और आईटी अधिनियम और महिलाओं का अश्लील प्रतिनिधित्व (निषेध) अधिनियम की धारा 67, 67 ए के तहत मामला दर्ज किया गया है।कुंद्रा को कल 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया...
"देशद्रोह कानून आलोचकों को चुप कराने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है": किसान यूनियन ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में आईपीसी की धारा 124A को चुनौती दी
किसान यूनियन ने भारतीय दंड संहिता (जो देशद्रोह को परिभाषित और दंडित करता है) की धारा 124A की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया है।हरियाणा प्रगतिशील किसान यूनियन द्वारा अधिवक्ता प्रदीप कुमार रापरिया के माध्यम से याचिका दायर की गई है, जिसमें कहा गया है कि देशद्रोह के कानून का दुरुपयोग जारी है और आलोचकों को चुप कराने के लिए मामले दर्ज किए जा रहे हैं और विरोध के अधिकार को दबाया जा रहा है।याचिका में कहा गया है कि राजद्रोह का अपराध अस्पष्ट है और यह अपराध को...
"आईटी नियमों का पूर्ण अनुपालन नहीं": दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्विटर के हलफनामों पर कड़ी आपत्ति जताई
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को ट्विटर की ओर से दायर हलफनामे पर कड़ी आपत्ति जताते हुए उसे एक सप्ताह के भीतर 'बेहतर हलफनामा' दाखिल करने का एक आखिरी मौका दिया। ट्विटर ने अपने हलफनामे में कहा कि उसने मुख्य अनुपालन अधिकारी और शिकायत अधिकारी को 'आकस्मिक कार्यकर्ता' के रूप में नियुक्त किया है। इसके साथ ही ट्विटर ने नियुक्तियों का विवरण दिया और यह भी बताया कि अभी तक एक नोडल संपर्क अधिकारी की नियुक्ति क्यों नहीं की गई है।न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की एकल न्यायाधीश पीठ सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश...
'प्रथम दृष्टया पीएचडी डिग्री आईपीसी की धारा 467 के तहत मूल्यवान प्रतिभूति नहीं': बॉम्बे हाईकोर्ट ने जालसाजी मामले में आरोपी महिला को अंतरिम जमानत दी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई के बांद्रा इलाके के अस्पताल में प्रैक्टिस के लिए फर्जी पीएचडी डिग्री का इस्तेमाल करने की आरोपी 39 वर्षीय महिला को अंतरिम जमानत दी। इससे पहले महिला ने तीन अलग-अलग याचिकाओं में अपने अलग हुए पति और शिवसेना सांसद संजय राउत पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था।स्वप्ना पाटकर ने पद से हटाए जाने से पहले नैदानिक मनोविज्ञान में कथित तौर पर फर्जी पीएचडी डिग्री का इस्तेमाल करके बांद्रा (पश्चिम) के लीलावती अस्पताल में कम से कम दो साल तक प्रैक्टिस की थी। उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 467, 468,...
क्या अधिवक्ताओं को साक्ष्य अधिनियम के दायरे से परे उनके परिसरों की तलाशी और जब्ती की प्रक्रिया निर्धारित करने के लिए एक 'विशेष वर्ग' के रूप में घोषित किया जा सकता है? एएसजी ने दिल्ली हाईकोर्ट से पूछा
अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने आज दिल्ली हाईकोर्ट से पूछा कि क्या अधिवक्ताओं को भारतीय साक्ष्य अधिनियम के दायरे से परे उनके परिसरों की तलाशी और जब्ती की प्रक्रिया निर्धारित करने के लिए व्यक्तियों के एक विशेष वर्ग के रूप में घोषित किया जा सकता है।मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ के समक्ष यह प्रश्न रखा गया, जब पीठ अधिवक्ता निखिल बोरवणकर द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें एक वकील के परिसर में तलाशी और जब्ती की प्रक्रिया के समय पुलिस या जांच...
दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को ऑनलाइन गेम्स के नियमन के लिए प्रतिनिधित्व तय करने का निर्देश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को केंद्र सरकार को "ऑनलाइन गेमिंग की लत" से बच्चों की सुरक्षा के लिए एक नीति तैयार करने के साथ-साथ ऑनलाइन और ऑफलाइन सहित दोनों गेमिंग सामग्री की निगरानी के लिए एक नियामक निकाय के गठन के लिए एक प्रतिनिधित्व पर निर्णय लेने का निर्देश दिया।मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने कहा कि संबंधित प्राधिकरण विषय पर लागू कानून, नियमों, विनियमों और सरकारी नीतियों के अनुसार प्रतिनिधित्व का फैसला कर सकता है।खंडपीठ ने यह निर्देश एनजीओ डिस्ट्रेस मैनेजमेंट...
पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा: कलकत्ता हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट के जवाब में पूरक हलफनामा दाखिल करने के लिए 31 जुलाई तक का समय दिया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने बुधवार को पश्चिम बंगाल सरकार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की रिपोर्ट के जवाब में अपना पूरक हलफनामा दाखिल करने के लिए 31 जुलाई तक का समय दिया।अदालत ने बुधवार को सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि अब और समय नहीं दिया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 2 अगस्त को होनी है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल और जस्टिस आई.पी मुखर्जी, जस्टिस हरीश टंडन, जस्टिस सौमेन सेन और जस्टिस सुब्रत तालुकदार की बेंच ने अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल वाईजे दस्तूर के माध्यम से दायर मृतक भाजपा...
दिल्ली दंगे: हाईकोर्ट ने 'लापरवाह जांच' के लिए दिल्ली पुलिस पर 25 हजार रूपये का जुर्माना लगाने वाले ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली दिल्ली पुलिस की याचिका पर नोटिस जारी किया। इस याचिका में दिल्ली दंगों के एक मामले में जांच को 'हास्यास्पद' और 'लापरवाह' बताते हुए दिल्ली पुलिस 25,000 का जुर्माना लगाने वाले ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी।न्यायमूर्ति सुब्रमण्यम प्रसाद की एकल पीठ ने दंगों के मामले में शिकायतकर्ता नासिर से जवाब मांगा।इसके साथ ही मामले को 13 सितंबर को अगली सुनवाई के लिए पोस्ट कर दिया गया।इससे पहले दिल्ली दंगों के एक मामले के संबंध में...
COVID- "बिहार में 'टेस्टिंग, ट्रैकिंग और ट्रीटमेंट' नीति को लागू करने की आवश्यकता है": पटना हाईकोर्ट
पटना हाईकोर्ट ने मंगलवार को इस बात पर जोर देते हुए कहा कि बिहार में "टेस्टिंग, ट्रैकिंग और ट्रीटमेंट" नीति को और अधिक सख्ती से लागू करने की आवश्यकता है। इसके साथ ही कोर्ट महामारी के दौर में मीडिया द्वारा निभाई गई भूमिका की तारीफ करते हुए कहा कि मीडिया द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका COVID-19 अप्रत्याशित तीसरी लहर के दौरान लोगों के दर्द, तकलीफ और पीड़ा को कम करने में मदद कर सकती है।मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायमूर्ति एस कुमार की खंडपीठ ने राज्य सरकार की ओर से दायर हलफनामे (कोर्ट के अंतिम...
'प्रथम दृष्टया पीएचडी डिग्री धारा 467,IPC के लिए मूल्यवान सुरक्षा नहीं': बॉम्बे हाईकोर्ट ने जालसाजी मामले में महिला को अंतरिम जमानत दी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को मुंबई के बांद्रा इलाके के एक अस्पताल में प्रैक्टिस के लिए फर्जी पीएचडी डिग्री का इस्तेमाल करने वाली 39 वर्षीय महिला को अंतरिम जमानत दे दी। इससे पहले महिला ने तीन अलग-अलग याचिकाओं में अपने अलग हुए पति पर उत्पीड़न का आरोप लगाया था। महिला ने और शिवसेना सांसद संजय राउत पर भी ऐसा ही आरोप लगाया था।स्वप्ना पाटकर ने पद से हटाए जाने से पहले क्लीनिकल साइकोलॉजी में कथित तौर पर फर्जी पीएचडी डिग्री का इस्तेमाल करके बांद्रा (पश्चिम) के लीलावती अस्पताल में कम से कम दो साल तक...
दिल्ली हाईकोर्ट ने टोक्यो पैरालंपिक खेलों के लिए नरेश शर्मा का चयन नहीं करने से संबंधित मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार किया, खेल मंत्रालय से शिकायत की जांच करने को कहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को भारत में पैरा स्पोर्ट्स के प्रचार और विकास के लिए शीर्ष निकाय भारतीय पैरालंपिक समिति (पीसीआई) के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार किया, जिसमें अर्जुन पुरस्कार विजेता और पांच बार के पैरालिंपियन निशानेबाज नरेश कुमार शर्मा के नाम को टोक्यो गेम्स 2020 के लिए शॉर्टलिस्ट नहीं किया गया।न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की खंडपीठ ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह समिति द्वारा एक अन्य निशानेबाज के चयन के संबंध में आरोपों की जांच करें। पीठ ने खेल मंत्रालय से कहा कि अगर उसे लगता है...
[दिल्ली दंगे] "मंजूरी देना पूर्व निर्धारित": जमानत की सुनवाई के दौरान जामिया एलुमनाई अध्यक्ष ने दिल्ली कोर्ट में कहा
जामिया मिलिया इस्लामिया एलुमनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष शिफा-उर-रहमान ने सोमवार को दिल्ली की एक अदालत को बताया कि दिल्ली दंगों के बड़े षड्यंत्र मामले में यूएपीए के तहत उन पर मुकदमा चलाने की मंजूरी 'पूर्व निर्धारित' थी और अधिकारियों ने ऐसा करते समय किसी के इशारे पर काम किया।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत प्राथमिकी 59/2020 में शिफा उर रहमान द्वारा दायर जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें पिछले साल हुए दिल्ली दंगों में एक बड़ी साजिश का आरोप लगाया गया था।एफआईआर 59/2020 में यूएपीए की धारा 13,...
"अधिकार के रूप में वित्तीय सहायता का दावा नहीं कर सकते": गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य आत्म-निर्भर योजना के तहत सहायता के लिए ऑटो रिक्शा चालक संघ की याचिका को खारिज किया
गुजरात हाईकोर्ट ने दो रेलवे स्टेशनों ऑटो रिक्शा चालक संघों द्वारा राज्य सरकार से आत्म निर्भर गुजरात योजना के तहत वित्तीय सहायता की मांग करने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। कोर्ट ने यह देखते हुए याचिका को खारिज कर दिया कि याचिकाकर्ता अधिकार के रूप में वित्तीय सहायता का दावा नहीं कर सकते हैं।न्यायमूर्ति बेला एम. त्रिवेदी और न्यायमूर्ति भार्गव डी. करिया की खंडपीठ ने यह देखते हुए कि सभी व्यवसाय और पेशे COVID-19 महामारी से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, कहा:"यह नहीं कहा जा सकता है कि COVID-19 महामारी...
पत्रकार ने पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाया: जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने जम्मू-कश्मीर प्रशासन को नोटिस जारी किए
जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने हाल ही में एक पत्रकार द्वारा पुलिस के हाथों उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली याचिका पर केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर प्रशासन को नोटिस जारी किया।न्यायमूर्ति अली मोहम्मद माग्रे की खंडपीठ ने प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को नोटिस जारी करते हुए कहा कि,"इस देश का नागरिक बिना किसी कारण, तर्क या औचित्य के याचिकाकर्ता और उसके परिवार को परेशान करने और धमकी देने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ गंभीर शिकायत लेकर अदालत के सामने आया है।"संक्षेप में मामलापेशे से पत्रकार...
"चाहते हैं कि बेटियां सुरक्षित रहें, एसिड फेंकने का विचार कहां से आता है?": गुजरात हाईकोर्ट ने सजा पर रोक लगाने से इनकार किया
गुजरात हाईकोर्ट ने सोमवार को भारतीय दंड संहिता की धारा 326ए के तहत दोषी ठहराए गए एक व्यक्ति की सजा को निलंबित करने से इनकार करते हुए कहा कि अदालत चाहती है कि बेटियां सुरक्षित रहें। इसके साथ ही अदालत ने सवाल किया कि तेजाब फेंकने का विचार कहां से आता है?न्यायमूर्ति परेश उपाध्याय की खंडपीठ 19 वर्षीय लड़की पर तेजाब फेंकने के दोषी व्यक्ति की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसने दोषी के शादी के प्रस्ताव को खारिज कर दिया था।आवेदक को विशेष न्यायाधीश, सिटी सिविल एंड सेशन कोर्ट, अहमदाबाद ने भारतीय दंड संहिता...
मद्रास हाईकोर्ट ने अतिक्रमण से संबंधित आदेशों को छोड़कर अंतरिम आदेशों की अवधि 31 अगस्त तक बढ़ाई
मद्रास हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि अतिक्रमण मामलों से संबंधित आदेशों को छोड़कर सभी अंतरिम आदेशों की अवधि 31 अगस्त तक बढ़ाई जाएगी।17 मई को रिमांड और अंतरिम आदेशों के विस्तार के संबंध में न्यायालय द्वारा स्वत: संज्ञान कार्यवाही शुरू करने के अनुसार, यह आदेश पारित किया गया।मुख्य न्यायाधीश संजीब बनर्जी और न्यायमूर्ति सेंथिलकुमार राममूर्ति की खंडपीठ ने एक महीने से भी कम समय में यह आदेश पारित किया है। इससे पहले निर्दिष्ट किया गया था कि अंतरिम आदेशों का विस्तार तमिलनाडु में COVID-19 स्थिति में सुधार...
"इंडियन मेजोरिटी एक्ट लगभग 150 साल पुराना कानून; जांच करें कि क्या विवाह की न्यूनतम आयु को संशोधित करने की आवश्यकता है": पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने केंद्र, राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों को नोटिस जारी किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि इंडियन मेजोरिटी एक्ट एक ऐसा कानून है जो लगभग 150 साल पहले अधिनियमित किया गया था। यदि ऐज ऑफ मेजोरिटी को संशोधित करने की आवश्यकता है तो केंद्र, पंजाब, हरियाणा राज्य और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ प्रशासन इसकी जांच करें। कोर्ट ने नोटिस भी जारी किया।न्यायमूर्ति अमोल रतन सिंह की खंडपीठ ने गृह सचिव/अपर को भी निर्देश दिया है कि मुख्य सचिव द्वारा न्यायालय को सूचित किया जाए कि क्या विवाह की न्यूनतम आयु में संशोधन के संबंध में संशोधन पेश करने का कोई प्रस्ताव...
केरल हाईकोर्ट ने 14 मामलों में 18 साल जेल काटने वाले 61 वर्षीय अपराधी की रिहाई का आदेश दिया
केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में एक 61 वर्षीय व्यक्ति को राहत दी, जिसने राज्य भर की विभिन्न अदालतों में लंबित 14 आपराधिक मामलों में सजा काटने के लिए 18 साल से अधिक समय तक सलाखों के पीछे बिताया था।न्यायमूर्ति अशोक मेनन ने इस मामले में हस्तक्षेप किया और उसकी रिहाई का आदेश देने के लिए आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 427 के तहत अदालत को प्राप्त शक्ति का इस्तेमाल किया।याचिकाकर्ता को चोरी, सेंधमारी और छुपकर घर में प्रवेश करने जैसे अपराधों से संबंधित 14 मामलों के लिए दोषी ठहराया गया था।...


















