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कलकत्ता हाईकोर्ट ने समलैंगिक जोड़े द्वारा दायर पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप लगाने वाली याचिका का निपटारा किया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने समलैंगिक जोड़े द्वारा दायर पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप लगाने वाली याचिका का निपटारा किया

कलकत्ता हाईकोर्ट ने सोमवार को एक समलैंगिक जोड़े द्वारा दायर एक याचिका का निपटारा किया। याचिका में पुलिस पर यह देखते हुए निष्क्रियता का आरोप लगाया गया कि संबंधित पुलिस अधिकारियों ने मामले की संतोषजनक जांच नहीं की।इस मामले में, याचिकाकर्ता एक वयस्क महिला पूजा पहाड़िया के साथ रिश्ते में थी। हालांकि, याचिकाकर्ता के परिवार के सदस्यों ने उनके रिश्ते का कड़ा विरोध किया था।नतीजतन, याचिकाकर्ता के पिता, मां, उसके भाई और उसकी बड़ी बहन ने भी उसे गलत तरीके से कैद कर रखा था और इस तरह के समान यौन संबंध बनाने...

महामारी के दौरान पक्षकार को वर्चुअल हियरिंग की सुविधा नहीं देना सुनवाई की भावना के विपरीत: दिल्ली हाईकोर्ट
महामारी के दौरान पक्षकार को वर्चुअल हियरिंग की सुविधा नहीं देना सुनवाई की भावना के विपरीत: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने पाया कि ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम के तहत नियंत्रण प्राधिकरण का कार्य संबंधित पक्ष को वर्चुअल सुनवाई की सुविधा प्रदान नहीं करना महामारी के दौरान सुनवाई करने की भावना के विपरीत है।न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने यह भी देखा कि इस तरह के प्राधिकरण का कर्तव्य है कि वह पक्षकार को वर्चुअल लिंक उपलब्ध कराए या उसे सूचित करे कि उक्त अनुरोध को स्वीकार नहीं किया गया है, ताकि पक्षकार को वैकल्पिक व्यवस्था करने में सक्षम बनाया जा सके।कोर्ट कंट्रोलिंग अथॉरिटी द्वारा पारित आदेश और शरद दास एंड...

नारायण राणे की थप्पड़ टिप्पणी : मजिस्ट्रेट ने ज़मानत आदेश में कहा, गिरफ्तारी उचित थी
नारायण राणे की थप्पड़ टिप्पणी : मजिस्ट्रेट ने ज़मानत आदेश में कहा, गिरफ्तारी उचित थी

अदालत ने नारायण राणे की इस दलील को खारिज कर दिया कि गिरफ्तारी से पहले की प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और उन्हें सीआरपीसी की धारा 41ए के तहत नोटिस जारी नहीं किया गया।अदालत ने अपने आदेश में कहा,"... यह अभियोजन का मामला है कि आरोपी ने मीडिया से साक्षात्कार में उपरोक्त बयान दिया। निश्चित रूप से एक केंद्रीय कैबिनेट मंत्री होने के नाते पुलिस को उनके साथ रहना चाहिए था। इसके अलावा, राजनीतिक दल के सदस्यों में से एक द्वारा दर्ज वर्तमान आरोपी के खिलाफ एक प्राथमिक सूचना रिपोर्ट है। गिरफ्तारी के कारणों और...

दिल्ली हाईकोर्ट
पिता की संपत्ति पर दावा करने के लिए बेटे द्वारा पत्नी के निवास के अधिकार के आधार पर घरेलू हिंसा अधिनियम का इस्तेमाल नहीं किया जा सकताः दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि अपनी पत्नी के निवास के अधिकार के आधार पर घरेलू हिंसा अधिनियम के प्रावधानों को (एक सामाजिक कल्याण कानून होने के नाते) एक बेटे द्वारा अपने पिता की संपत्ति में अधिकार का दावा करने या उसके बल पर कब्जा बनाए रखने के लिए एक चाल के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। न्यायमूर्ति प्रतिभा सिंह ने कहा कि, ''अपनी पत्नी के निवास के अधिकार के आधार पर डीवी अधिनियम के प्रावधानों को एक बेटे द्वारा अपने पिता की संपत्ति में अधिकार का दावा करने या उसके बल पर कब्जा बनाए...

COVID-19 मौतों की जांच के लिए एचपीसी के गठन पर आपत्ति करने के लिए एलजी के पास कोई उचित और वैध औचित्य नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट में राज्य सरकार ने बताया
"COVID-19 मौतों की जांच के लिए एचपीसी के गठन पर आपत्ति करने के लिए एलजी के पास कोई उचित और वैध औचित्य नहीं": दिल्ली हाईकोर्ट में राज्य सरकार ने बताया

दिल्ली हाईकोर्ट में राज्य सरकार ने बताया कि उपराज्यपाल के पास COVID-19 महामारी के कारण हुई मौतों की जांच के लिए हाई पावर्ड कमेटी के गठन पर आपत्ति करने का कोई उचित और वैध औचित्य नहीं है।उक्त हाई पावर्ड कमेटी का गठन दिल्ली सरकार द्वारा COVID-19 की दूसरी लहर के बाद किया गया था। कमेटी में मृत्यु के संभावित कारण का पता लगाने के लिए संबंधित अस्पताल द्वारा पेश किए गए मामले के रिकॉर्ड का अध्ययन करने के बाद मामला-दर-मामला आधार पर एक जांच करने के लिए काम करने वाले चिकित्सा विशेषज्ञ शामिल हैं।दिल्ली सरकार...

केवल इसलिए दो व्यक्तियों का विवाह करना अनिवार्य नहीं कि उनके बीच यौन संबंध है : मुंबई कोर्ट ने बलात्कार के आरोपी व्यक्ति को अग्रिम जमानत दी
केवल इसलिए दो व्यक्तियों का विवाह करना अनिवार्य नहीं कि उनके बीच यौन संबंध है : मुंबई कोर्ट ने बलात्कार के आरोपी व्यक्ति को अग्रिम जमानत दी

मुंबई की एक अदालत ने शुक्रवार को कहा कि केवल इसलिए कि दो व्यक्ति एक-दूसरे के साथ यौन संबंध रखते हैं, उनके लिए शादी करना अनिवार्य नहीं है।कोर्ट ने यह टिप्पणी शादी का झूठा वादा करके बलात्कार की आपराधिक शिकायत के सिलसिले में दर्ज तीन आरोपियों को अग्रिम जमानत देते समय की।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पीएम गुप्ता ने टिप्पणी की,किसी से शादी करना पसंद का मामला है और इसे किसी पर थोपा नहीं जा सकता। केवल इसलिए कि दो व्यक्ति एक-दूसरे के साथ यौन संबंध रखते हैं, उनके लिए विवाह करना अनिवार्य नहीं है। कोई भी इन...

दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र से COVID-19 के कारण विदेशों में मरने वाले भारतीय नागरिकों के परिवारों को मुआवजे के लिए प्रतिनिधित्व याचिका पर विचार करने को कहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र से COVID-19 के कारण विदेशों में मरने वाले भारतीय नागरिकों के परिवारों को मुआवजे के लिए प्रतिनिधित्व याचिका पर विचार करने को कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार को COVID-19 के कारण विदेशों में मरने वाले भारतीय नागरिकों के परिवारों को मुआवजे के लिए प्रतिनिधित्व याचिका पर विचार करने का निर्देश दिया।मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने प्रवासी कानूनी प्रकोष्ठ द्वारा दायर एक याचिका में यह आदेश पारित किया। इसके वकील ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी निर्देश के मद्देनजर राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को संबंधित अधिकारियों के समक्ष एक नया प्रतिनिधित्व करने की अनुमति मांगी थी।सुप्रीम कोर्ट ने...

[दिल्ली दंगे] प्रदर्शनकारी होना अपराध नहीं: जमानत की सुनवाई के दौरान जामिया एलुमिनाई अध्यक्ष शिफा-उर-रहमान ने दिल्ली कोर्ट में कहा
[दिल्ली दंगे] "प्रदर्शनकारी होना अपराध नहीं": जमानत की सुनवाई के दौरान जामिया एलुमिनाई अध्यक्ष शिफा-उर-रहमान ने दिल्ली कोर्ट में कहा

जामिया मिलिया इस्लामिया एलुमनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष शिफा-उर-रहमान ने मंगलवार को दिल्ली की एक अदालत में कहा कि केवल प्रदर्शनकारी होना कोई अपराध नहीं है और हर व्यक्ति को अपनी राय रखने का अधिकार है।अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत प्राथमिकी 59/2020 में शिफा उर रहमान द्वारा दायर एक जमानत याचिका पर सुनवाई कर रहे थे, जिसमें पिछले साल हुए दिल्ली दंगों में एक बड़ी साजिश का आरोप लगाया गया था।एफआईआर 59/2020 में यूएपीए की धारा 13, 16, 17, 18, आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान...

शराब पीने की न्यूनतम उम्र में कमी का शराब पीकर गाड़ी चलाने से कोई संबंध नहीं: दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट में कहा
'शराब पीने की न्यूनतम उम्र में कमी का शराब पीकर गाड़ी चलाने से कोई संबंध नहीं': दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट में कहा

दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट के समक्ष तर्क दिया कि राष्ट्रीय राजधानी में शराब पीने के लिए न्यूनतम आयु कम करने के उसके फैसले का शराब पीकर गाड़ी चलाने के अपराध से कोई संबंध नहीं है।वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने कहा, "कानून में शराब के नशे में गाड़ी चलाने की अनुमति नहीं है। इसलिए न्यूनतम आयु 21 या 25 है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।" मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ दिल्ली आबकारी नीति 2021 को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी, क्योंकि इस नीति के तहत राष्ट्रीय...

शराब पीने की न्यूनतम उम्र में कमी का शराब पीकर गाड़ी चलाने से कोई संबंध नहीं: दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट में की दलील
शराब पीने की न्यूनतम उम्र में कमी का शराब पीकर गाड़ी चलाने से कोई संबंध नहीं: दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट में की दलील

दिल्ली हाईकोर्ट में राज्य सरकार ने तर्क दिया कि राष्ट्रीय राजधानी में शराब पीने के लिए न्यूनतम आयु कम करने के उसके फैसले का शराब पीकर गाड़ी चलाने के अपराध से कोई संबंध नहीं है।वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने कहा,"कानून में शराब के नशे में गाड़ी चलाने की अनुमति नहीं है। इसलिए शराब पीने न्यूनतम आयु 21 या 25 है, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।"मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ दिल्ली आबकारी नीति, 2021 को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी। यह नीति राष्ट्रीय राजधानी...

God Does Not Recognize Any Community, Temple Shall Not Be A Place For Perpetuating Communal Separation Leading To Discrimination
'नौकरियों के फर्जी रैकेट से निपटने के लिए उद्यमियों और स्व-रोजगार योजनाओं को बढ़ावा दें': मद्रास हाईकोर्ट ने उस PIL का निपटारा किया, जिसे जज को फर्जी नौकरी का प्रस्ताव मिलने के बाद शुरू किया गया था

मद्रास हाईकोर्ट ने गुरुवार को 2017 की एक स्वतः संज्ञान जनहित याचिका का निस्तारण किया। दरअसल, हाईकोर्ट के जज जसिटस एस वैद्यनाथन को एक फर्जी प्लेसमेंट एजेंसी ने संपर्क किया था और उन्हें नौकरी का संदिग्ध ऑफर दिया था, जिसके बाद उक्‍त याचिका शुरु की गई थी।ज‌स्टिस एन किरुबाकरण और ज‌स्टिस एस वैद्यनाथन की पीठ ने गुरुवार को नौकर‌ियों के फर्जी रैकेटों के खतरे से निपटने के लिए अधिक रोजगार के अवसर पैदा करने और उद्यमिता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।कोर्ट ने कहा, "नौकरी के फर्जी रैकेटों के खतरे को...

केरल हाईकोर्ट
'अदालत द्वारा पारित आदेशों के प्रति कुछ सम्मान दिखाएं': केरल हाईकोर्ट ने केरल प्रशासनिक न्यायाधिकरण के चेयरमैन की नियुक्ति में देरी को लेकर केंद्र सरकार को फटकार लगाई

केरल हाईकोर्ट ने मंगलवार को केरल प्रशासनिक न्यायाधिकरण (केएटी) के चेयरमैन की तत्काल नियुक्ति के न्यायालय के आदेशों का पालन करने में केंद्र की विफलता की कड़ी निंदा की।न्यायमूर्ति ए मोहम्मद मुस्ताक और न्यायमूर्ति कौसर एडप्पागथ की खंडपीठ ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि "अदालत द्वारा पारित आदेशों के प्रति कुछ सम्मान दिखाना चाहिए।" बेंच ने पूछा,"जब सरकार ऐसा करने में विफल रहती है तो एक सामान्य नागरिक न्यायालय का सम्मान कैसे करेगा?"कोर्ट ने केंद्रीय कैबिनेट सचिव राजीव गौबा आईएएस और कार्मिक एवं...

दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका- जॉनसन एंड जॉनसन के 'ORSL पेय' पर प्रतिबंध लगाने की मांग, भ्रामक तरीके से 'ORS' के रूप में बेचे जाने का आरोप

जॉनसन एंड जॉनसन के 'ORSL' उत्पाद की बिक्री और वितरण पर रोक लगाने की मांग करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें दावा किया गया है कि यह उत्पाद ओरल रिहाइड्रेशन साल्ट (ORS) का संकेत है, इसकी संरचना आवश्यक ORS फार्मूले का उपयोग नहीं करता है।याचिका में कहा गया है, "अत्यधिक सार्वजनिक महत्व का प्रश्न यह है कि यदि कोई पेय शुद्ध रूप से फलों के रस पर आधारित पेय या गैर-कार्बोनेटेड पानी-आधारित पेय है, तो इसे जानबूझकर ORSL नाम से क्यों निर्मित, वितरित, या बिक्री किया जा रहा...

COVID-19 के कारण अनाथ हुए बच्चों से कल्याणकारी योजनाओं के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए दस्तावेजों की अपेक्षा करना अनुचित होगा: दिल्ली हाईकोर्ट
COVID-19 के कारण अनाथ हुए बच्चों से कल्याणकारी योजनाओं के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए दस्तावेजों की अपेक्षा करना अनुचित होगा: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि COVID-19 महामारी में अपने माता-पिता में किसी एक या दोनों को खोने वाले बच्चों से दिल्ली सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए दस्तावेजों की अपेक्षा करना अनुचित होगा।न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह ने ऐसे आवेदनों की जांच प्रक्रिया के संबंध में मुद्दों को ध्यान में रखते हुए दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव को किशोर न्याय अधिनियम के तहत कल्याणकारी योजनाओं से निपटने की प्रक्रिया के संबंध में स्टेटस रिपोर्ट...

दो मामले नहीं हो सकते: दिल्ली हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष CPIL की याचिका के मद्देनजर राकेश अस्थाना की DPC के रूप में नियुक्ति को चुनौती देने वाली या‌चिका रद्द की
'दो मामले नहीं हो सकते': दिल्ली हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष CPIL की याचिका के मद्देनजर राकेश अस्थाना की DPC के रूप में नियुक्ति को चुनौती देने वाली या‌चिका रद्द की

दिल्ली हाईकोर्ट ने राकेश अस्थाना की दिल्ली पुलिस आयुक्त के रूप में नियुक्ति को चुनौती देने वाली एक याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी है। हाईकोर्ट ने याचिका इस तथ्य के मद्देनजर रद्द की कि इसी तरह की याचिका सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (सीपीआईएल) द्वारा सुप्रीम कोर्ट के समक्ष दायर की गई है। चीफ जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस ज्योति सिंह की खंडपीठ ने कहा कि कार्यवाही के दोहराव और विरोधाभासी आदेशों की संभावना से बचने के लिए मामले को स्थगित किया जाता है।पिछली तारीख पर कोर्ट ने सरकार से कहा था कि अगर...

तब्लीगी जमात का इज्तमा: दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस को मौलाना साद की माता को निजामुद्दीन मरकज में आवासीय परिसर की चाबियां सौंपने का निर्देश दिया
तब्लीगी जमात का इज्तमा: दिल्ली हाईकोर्ट ने पुलिस को मौलाना साद की माता को निजामुद्दीन मरकज में आवासीय परिसर की चाबियां सौंपने का निर्देश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने तब्लीगी जमात प्रमुख मौलाना साद की मां द्वारा दायर एक याचिका से निपटने के लिए सोमवार को पुलिस को निजामुद्दीन मरकज में उनके परिवार के आवासीय परिसर की चाबियां सौंपने का निर्देश दिया।मरकज़ को तब्लीगी जमात के इज्तमा के मद्देनजर पिछले एक साल से पुलिस अधिकारियों द्वारा स्वच्छता और कीटाणुशोधन के उद्देश्य से बंद कर दिया था।न्यायमूर्ति योगेश खन्ना खालिदा द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रहे थे।इस याचिका में निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें उनके आवास तक पहुंच से इनकार...

जयपुर गोल्डन अस्पताल में COVID-19 मरीजों की मौत का मामला- दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र, दिल्ली सरकार को एसआईटी जांच, मुआवजे की मांग वाली याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए छह सप्ताह का समय दिया
जयपुर गोल्डन अस्पताल में COVID-19 मरीजों की मौत का मामला- दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र, दिल्ली सरकार को एसआईटी जांच, मुआवजे की मांग वाली याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए छह सप्ताह का समय दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को केंद्र और दिल्ली सरकार को नौ पीड़ितों के परिवार द्वारा दायर याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए छह सप्ताह का समय दिया, जिसमें जयपुर गोल्डन अस्पताल में 23 व 24 अप्रैल को COVID-19 मरीजों की मौत के मामले में सीसीटीवी फुटेज को जब्त करके कोर्ट की निगरानी में सीबीआई एसआईटी जांच की मांग की गई है। इसके साथ ही मुआवजा की भी मांग की गई है।न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने याचिकाकर्ताओं को प्रतिवादियों द्वारा दायर जवाबों पर प्रत्युत्तर दाखिल करने की अनुमति भी दी।याचिकाकर्ताओं की ओर...

दिल्ली हाईकोर्ट
कानूनी नोटिस जारी करना और शिकायत का मामला दर्ज कराना आईपीसी की धारा 306 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को माना कि कानूनी नोटिस जारी करना और किसी व्यक्ति के खिलाफ शिकायत का मामला दर्ज करना भारतीय दंड संहिता की धारा 306 के तहत आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं है।यह देखते हुए कि आपराधिक शिकायत दर्ज करना एक व्यक्ति को सलाह के अनुसार एक कानूनी सहारा है, न्यायमूर्ति मनोज कुमार ओहरी ने कहा:"यह नहीं कहा जा सकता कि मृतक के खिलाफ एक आपराधिक शिकायत दर्ज करके याचिकाकर्ता का मृतक को आत्महत्या करने के लिए उकसाने का इरादा था। इसके अलावा, मृतक के पास आत्महत्या करने के अलावा कोई अन्य विकल्प...

प्रतिनिधित्व तय करने में देरी हुई: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पत्रकार शुभम त्रिपाठी हत्याकांड में आरोपियों की एनएसए हिरासत को रद्द किया
"प्रतिनिधित्व तय करने में देरी हुई": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 'पत्रकार शुभम त्रिपाठी हत्याकांड' में आरोपियों की एनएसए हिरासत को रद्द किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत कन्हैया अवस्थी की हिरासत को रद्द कर दिया। उस पर उन्नाव स्थित पत्रकार शुभम मणि त्रिपाठी की हत्या के मामले में आरोप लगे थे। त्रिपाठी उन्नाव से प्रकाशित एक समाचार दैनिक 'कम्पुमली' के जिला संवाददाता थे और भू-माफियाओं से संबंधित कहानियों को कवर करते थे। अवस्थी और अन्य सह-आरोपियों द्वारा कथित तौर उनकी हत्या कर दी गई थी।जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस सरोज यादव की खंडपीठ ने देखा कि जिला मजिस्ट्रेट, उन्नाव के साथ-साथ केंद्र सरकार द्वारा अवस्थी...

स्कूल
स्कूलों को फिर से खोलना COVID-19 का सुपर-स्प्रेडर नहीं बनना चाहिए: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने सोमवार को कर्नाटक राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण (केएसएलएसए) को सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों का यादृच्छिक निरीक्षण करने का निर्देश दिया।कोर्ट ने यह निर्देश मानक संचालन प्रक्रिया के सत्यापाति करने के लिए दिया। राज्य में सोमवार से कक्षा 9वीं और 10वीं के लिए फिजिकल कक्षाएं शुरू हो गई हैं।न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना और न्यायमूर्ति पी कृष्णा भट की खंडपीठ ने मौखिक रूप से कहा,"स्कूल खोलना आसान है, लेकिन यह COVID-19 का सुपर स्प्रेडर नहीं होना चाहिए, ताकि स्कूलों को फिर से बंद करना...