मुख्य सुर्खियां

पटना हाईकोर्ट
पटना हाईकोर्ट ने 4:1 बहुमत से निर्णय लेते हुए बिल्डिंग के पास बने वक्फ भवन को गिराने का निर्देश दिया

पटना हाईकोर्ट ने 4:1 के बहुमत के निर्णय से हाईकोर्ट की नवनिर्मित शताब्दी बिल्डिंग के उत्तरी भाग के पास बनाई जा रही एक बिल्डिंग को गिराने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट मुख्य न्यायाधीश के निर्देशों के अनुसार, मामला जनहित याचिका के रूप में दर्ज किया गया था।जस्टिस अश्विनी कुमार सिंह, जस्टिस विकास जैन, जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह, जस्टिस राजेंद्र कुमार मिश्रा और जस्टिस चक्रधारी शरण सिंह की पांच न्यायाधीशों की विशेष पीठ के समक्ष इसे पेश किया गया था।बहुमत के फैसले ने उक्त विध्वंस का आदेश दिया और...

कलकत्ता हाईकोर्ट
बाल रोग विशेषज्ञ, सहायक कर्मचारी, नोडल अधिकारी एचसी परिसर में शिशुगृह में सेवा के लिए नियुक्त: पश्चिम बंगाल सरकार ने कलकत्ता हाईकोर्ट में बताया

राज्य सरकार ने एडवोकेट जनरल किशोर दत्ता के माध्यम से सोमवार को कलकत्ता हाईकोर्ट में बताया कि न्यायालय के पहले के आदेशों के अनुसार, एक बाल रोग विशेषज्ञ और एक सहायक कर्मचारी को वर्तमान में हाईकोर्ट परिसर में संचालित शिशुगृह में भर्ती बच्चों की देखभाल के लिए नियुक्त किया गया है।न्यायालय हाईकोर्ट के अर्धशतकीय भवन में एक शिशुगृह सुविधा के गठन और हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं, अधिवक्ताओं के कर्मचारियों और अन्य कर्मचारियों के बच्चों की देखभाल के लिए पर्याप्त सुविधाओं के नियोजन की मांग वाली याचिका पर फैसला...

[टोक्यो पैरालंपिक] उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा: दिल्ली हाईकोर्ट में पीसीआई ने निशानेबाज नरेश शर्मा को टोक्यो गेम्स 2020 के लिए शॉर्टलिस्ट नहीं किए जाने के खिलाफ दायर याचिका में कहा
[टोक्यो पैरालंपिक] 'उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा': दिल्ली हाईकोर्ट में पीसीआई ने निशानेबाज नरेश शर्मा को टोक्यो गेम्स 2020 के लिए शॉर्टलिस्ट नहीं किए जाने के खिलाफ दायर याचिका में कहा

दिल्ली हाईकोर्ट में भारत की पैरालंपिक समिति ने शुक्रवार को कहा कि उसने आगामी टोक्यो पैरालंपिक खेलों के लिए चयन के दौरान अर्जुन पुरस्कार विजेता निशानेबाज नरेश कुमार शर्मा के साथ भेदभाव नहीं किया है।संस्था की ओर से पेश अधिवक्ता महावीर रावत ने अदालत को सूचित किया कि शूटर दीपक, जिसकी जगह शर्मा भाग लेना चाहते हैं, ने टोक्यो खेलों के लिए कोटा अर्जित किया और एक इवेंट में शर्मा से 23 अंक अधिक हासिल किए।एडवोकेट रावत ने कोर्ट में कहा कि,"वो (शर्मा) एक अच्छे निशानेबाज हैं। हमें उन पर गर्व है। लेकिन एक...

तेलंगाना हाईकोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश न्यायमूर्ति पी. केशव राव का निधन
तेलंगाना हाईकोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश न्यायमूर्ति पी. केशव राव का निधन

तेलंगाना हाईकोर्ट के सेवारत न्यायाधीश न्यायमूर्ति पी केशव राव का आज (सोमवार) सुबह दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जस्टिस राव (60) को करीब एक हफ्ते पहले हैदराबाद के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां उनका ब्रेन ट्यूमर और अन्य बीमारियों का इलाज चल रहा था।न्यायमूर्ति राव के दुखद निधन के कारण तेलंगाना हाईकोर्ट के साथ-साथ राज्य में अधीनस्थ न्यायालयों में काम निलंबित कर दिया गया है।जस्टिस राव का जन्म 29 मार्च, 1961 को हुआ था।उन्होंने काकतीय डिग्री कॉलेज,...

जिन लोगों ने वैक्सीन नहीं लगवाया है उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर जाने की अनुमति नहीं: केरल हाईकोर्ट ने सरकारी आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा
जिन लोगों ने वैक्सीन नहीं लगवाया है उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर जाने की अनुमति नहीं: केरल हाईकोर्ट ने सरकारी आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा

केरल हाईकोर्ट ने सोमवार को नवीनतम सरकारी आदेश में एक खंड के बारे में राज्य से जवाब मांगा, जो उन लोगों को दुकानों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर जाने से प्रतिबंधित करता है जिन्होंने COVID-19 वैक्सीन नहीं लगवाया है।न्यायमूर्ति पी.बी. सुरेश कुमार ने यह नोट करते हुए कि बिना टीका लगाया याचिकाकर्ता अकेला रहता है और उसके घर में उसकी रोज की किराने की खरीदारी में मदद करने के लिए कोई नहीं है।कोर्ट ने मामले पर आगे के विचार के लिए कल (मंगलवार) के लिए पोस्ट किया है। राज्य द्वारा जारी किए गए सरकारी आदेश को...

God Does Not Recognize Any Community, Temple Shall Not Be A Place For Perpetuating Communal Separation Leading To Discrimination
"पूरी तरह से अर्थहीन याचिका': मद्रास हाईकोर्ट ने फिजिकल मोड में कामकाज फिर से शुरू करने, वकीलों के चैंबर खोलने की मांग वाली याचिका खारिज की

मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने वकील द्वारा दायर याचिका को पूरी तरह से अर्थहीन याचिका बताते हुए खारिज किया। याचिका में फिजिकल मोड में फिर से कामकाज शुरू करने और वकीलों के चैंबर खोलने की मांग की गई थी।मुख्य न्यायाधीश संजीव बनर्जी और न्यायमूर्ति एस अनंती की खंडपीठ ने आदेश दिया कि,"अनुमति प्राप्त होने पर किसी प्रकार की शारीरिक सुनवाई संभव है। जहां तक वर्चुअल सुनवाई का संबंध है, मदुरै में प्रदर्शन प्रिंसिपल सीट की तुलना में काफी बेहतर प्रतीत होता है।"बेंच ने आगे कहा कि, "यह एक बेखबर वकील द्वारा और...

अफगा‌निस्तान में दोबारा नियुक्ति के लिए आईटीबीपी के जवानों ने दायर की याचिका, दिल्ली हाईकोर्ट ने जताई हैरानी
अफगा‌निस्तान में दोबारा नियुक्ति के लिए आईटीबीपी के जवानों ने दायर की याचिका, दिल्ली हाईकोर्ट ने जताई 'हैरानी'

दिल्ली हाईकोर्ट ने अफगानिस्तान में फिर से तैनाती की मांग कर रहे इंडो ‌तिब्बत बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) के 30 जवानों की याचिकाओं को खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट ने कहा है कि जवानों का वहां तैनाती का कोई निहित अधिकार नहीं है। जस्टिस राजीव सहाय एंडलॉ और जस्टिस अमित बंसल की खंडपीठ ने कहा कि तैनाती और पुनर्स्थापन प्रशासनिक कार्य है, जिनमें स्थिति के अनुसार फैसला किया जाता है।अदालत ने अफगानिस्तान की "खतरनाक स्थिति" को देखते हुए वहां फिर से तैनाती की मांग पर आश्चर्य भी व्यक्त किया। कोर्ट ने कहा, "उन्हें...

केरल हाईकोर्ट
सात साल से अधिक समय से लापता व्यक्ति के उत्तराधिकार प्रमाण पत्र जारी करने के लिए प्राथमिकी दर्ज कराना आवश्यक नहीं: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में फैसला सुनाया कि यदि पक्षकारों में से एक सात साल से अधिक समय से लापता है तो सक्षम अधिकारी उत्तराधिकार प्रमाण पत्र देने के लिए प्रथम सूचना रिपोर्ट पर जोर नहीं दे सकते हैं।न्यायमूर्ति पीबी सुरेश कुमार ने एक याचिका की अनुमति देते हुए कहा कि उत्तराधिकार प्रमाण पत्र देने की प्रक्रिया को सुसंगत रखने के प्रयासों के चलते पक्षकारों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।न्यायालय के समक्ष यह प्रश्न था कि क्या याचिकाकर्ता के पिता के नाम को छोड़कर उक्त प्रमाण पत्र प्रदान करने के लिए सक्षम...

Writ Of Habeas Corpus Will Not Lie When Adoptive Mother Seeks Child
झूठा मुकदमा- 'मनोविकृत' मरीज को हत्या के मामले में 13 साल जेल की सजा; मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बरी किया, राज्य सरकार को 3 लाख रुपए मुआवजे का भुगतान करने का आदेश

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने हाल ही में राज्य सरकार को एक व्यक्ति, जो मनोविकार से पीड़ित था और हत्या के आरोप में बिना किसी गलती के लगभग 13 वर्षों तक जेल में रहा, को उसके झूठे और दुर्भावनापूर्ण अभियोजन के लिए 3 लाख रुपए का भुगतान करने का आदेश दिया।जस्टिस जीएस अहलूवालिया और जस्टिस राजीव कुमार श्रीवास्तव की पीठ ने टिप्पणी की, "उनके जीवन और स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार के हनन के कारण उनके द्वारा झेले गए घावों पर मरहम लगाने के लिए उनका सम्मानजनक बरी होना पर्याप्त नहीं है।"संक्षेप में...

उम्मीद है कि राज्य सरकार सितंबर के अंत तक दिव्यांगों का वैक्सीनेशन पूरा कर लेगीः मद्रास हाईकोर्ट
उम्मीद है कि राज्य सरकार सितंबर के अंत तक दिव्यांगों का वैक्सीनेशन पूरा कर लेगीः मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने कहा कि उसे उम्मीद है कि राज्य सरकार सितंबर के अंत तक राज्य में रहने वाले दिव्यांगों (Disabilities) को COVID-19 की दोनों खुराकों के बीच वैधानिक अंतर के अधीन पूरी तरह से वैक्सीनेशन कर देगी।मुख्य न्यायाधीश संजीव बनर्जी और न्यायमूर्ति सेंथिलकुमार राममूर्ति की खंडपीठ दिव्यांग व्यक्तियों के वैक्सीनेशन के लिए राज्य द्वारा अपनाए जा रहे विशेष उपायों से संबंधित एक याचिका पर विचार कर रही थी।कोर्ट ने स्वास्थ्य सचिव की 26 जुलाई, 2021 की रिपोर्ट का अवलोकन किया। इस रिपोर्ट में कहा गया था कि...

केवल मुस्लिम आबादी कम होने के कारण सेक्युलर राज्य में उर्दू शिक्षक को हटाने की पॉलिसी लागू नहीं कर सकते : इलाहाबाद हाईकोर्ट
केवल मुस्लिम आबादी कम होने के कारण सेक्युलर राज्य में उर्दू शिक्षक को हटाने की पॉलिसी लागू नहीं कर सकते : इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक उर्दू शिक्षक की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा, "एक धर्मनिरपेक्ष राज्य में केवल कम मुस्लिम आबादी होने के कारण उर्दू शिक्षक को हटाने की नीति को सही नहीं कहा जा सकता।"कोर्ट ने यह टिप्पणी उत्तर प्रदेश सरकार ने अपनी नीति का हवाला देने पर की।एक याचिकाकर्ता ने अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया कि वह एक उर्दू शिक्षक के रूप में बिना किसी शिकायत के काम कर रही थी, लेकिन राज्य सरकार की नीति का हवाला देते हुए उसकी सेवाएं बंद कर दी गईं। राज्य सरकार की यह नीति मुस्लिम आबादी 20% से कम होने पर...

अनपढ़ जमानत आवेदक वकालतनामा पर हस्ताक्षर नहीं कर सका : एमपी हाईकोर्ट ने साथी कैदी को नाम लिखना सिखाने के निर्देश दिए
अनपढ़ जमानत आवेदक वकालतनामा पर हस्ताक्षर नहीं कर सका : एमपी हाईकोर्ट ने साथी कैदी को नाम लिखना सिखाने के निर्देश दिए

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में एक जमानत आवेदक के द्वारा वकालतनामा पर अपने हस्ताक्षर करने के बजाय अंगूठे का निशान लगाए जाने पर जमानत याचिका पर सुनवाई स्थगित कर दी।न्यायमूर्ति विवेक रूस की पीठ ने यह देखते हुए कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि 22 साल का एक युवा पूरी तरह से निरक्षर है। यहां तक ​​कि वह अपना नाम भी नहीं लिख सकता, जमानत अर्जी पर सुनवाई टाल दी।दिलचस्प बात यह है कि कोर्ट ने सहायक जेल अधीक्षक, सबजेल, बागली को उसे माध्यम शिक्षा देने का आदेश दिया ताकि वह अपना नाम लिख सके और वकालतनामा पर...

नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार करने और उसके परिवार को इस्लाम में परिवर्तित करने के लिए दबाव डालने का आरोप: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत देने से इनकार किया
नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार करने और उसके परिवार को इस्लाम में परिवर्तित करने के लिए दबाव डालने का आरोप: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत देने से इनकार किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार करने और उसके परिवार के सदस्यों को इस्लाम में परिवर्तित करने के लिए दबाव डालने के आरोपी की जमानत याचिका खारिज की।न्यायमूर्ति अजीत सिंह की खंडपीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कि नाबालिग बेटी के साथ बलात्कार किया गया और पूरे परिवार को इस्लाम धर्म अपनाने के लिए दबाव डालने के आरोपी अब्दुल रहमान को जमानत देने से इनकार कर दिया।संक्षेप में तथ्यरहमान पर आईपीसी की धारा 452/376/120-बी और पॉक्सो अधिनियम की धारा 3/4, 17/18 और उत्तर प्रदेश...

दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट की रजिस्ट्री ने जेल को पैरोल आदेश जारी करने में देरी के लिए स्टाफ की कमी का हवाला दिया

दिल्ली हाईकोर्ट को उसकी रजिस्ट्री द्वारा सूचित किया गया कि जेल से दो आवेदकों की रिहाई में देरी हुई, क्योंकि पैरोल के आदेश मिस प्लेस हो गए थे और स्टाफ की कमी के कारण जेल अधिकारियों को समय पर सूचित नहीं किया जा सका।न्यायमूर्ति मनोज कुमार ओहरी के समक्ष नजीम खान और इकबाल की ओर से दायर जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान यह दलील दी गई।दिल्ली हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार (आपराधिक) एच.के. अरोड़ा ने बताया कि संबंधित डीलिंग अधिकारी को भविष्य में सावधान रहने की चेतावनी दी गई है।पिछली सुनवाई में अदालत को सूचित किया...

पश्चिम बंगाल राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित लोक अदालत में 26,43,437 ट्रैफिक चालान और छोटे-मोटे मामलों का निपटारा किया गया
पश्चिम बंगाल राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित लोक अदालत में 26,43,437 ट्रैफिक चालान और छोटे-मोटे मामलों का निपटारा किया गया

पश्चिम बंगाल राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने हाल ही में 24 जुलाई को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया था, जिसमें काफी संख्या में विवादों को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाया गया।पिछले तीन महीनों में राज्य भर की जिला अदालतों द्वारा उल्लेखनीय संख्या में 26,43,437 ट्रैफिक चालान और छोटे-मोटे मामलों का निपटारा किया गया है। पूरे राज्य में कुल 207 लोक अदालत पीठों का गठन किया गया था और लगभग 40,442 प्री-लिटिगेशन मामलों को लिया गया, जिनमें से 8,745 मामलों का सौहार्दपूर्ण ढंग से निपटारा किया गया।इसके अलावा...

फैक्ट चेक : बेंगलुरु में सुप्रीम कोर्ट की बेंच की स्थापना के बारे में वायरल मैसेज फेक न्यूज है
फैक्ट चेक : बेंगलुरु में सुप्रीम कोर्ट की बेंच की स्थापना के बारे में वायरल मैसेज फेक न्यूज है

सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप्स में एक संदेश वायरल है कि केंद्र सरकार ने बैंगलोर में सुप्रीम कोर्ट के लिए एक बेंच की स्थापना को मंजूरी दे दी है।वायरल संदेश इस प्रकार है:"बेंगलुरू में सुप्रीम बेंच कोर्ट"भारत के महामहिम राष्ट्रपति और भारत के माननीय न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के परामर्श से यून‌ियन ऑफ इंडिया ने बैंगलोर में सर्वोच्च न्यायालय की स्थायी पीठ स्थापित करने का निर्णय लिया है।इस संबंध में दक्षिणी बार काउंसिलों, अधिवक्ता संघों और आम जनता द्वारा कई अभ्यावेदन दिए गए। यह मामला एक दशक से अधिक...

महिला पर अपने लिव-इन पार्टनर को अपनी ही नाबालिग बेटी का यौन उत्पीड़न करने की अनुमति देने का आरोप: तेलंगाना हाईकोर्ट ने जमानत देने से इनकार किया
महिला पर अपने लिव-इन पार्टनर को अपनी ही नाबालिग बेटी का यौन उत्पीड़न करने की अनुमति देने का आरोप: तेलंगाना हाईकोर्ट ने जमानत देने से इनकार किया

तेलंगाना हाईकोर्ट ने मंगलवार को एक महिला को जमानत देने से इनकार कर दिया, जिस पर अपने लिव-इन पार्टनर को अपनी ही नाबालिग बेटी का यौन उत्पीड़न करने की अनुमति देने का आरोप लगाया गया है।न्यायमूर्ति जी.श्री देवी की खंडपीठ महिला की जमानत याचिका पर सुनवाई कर रही थी। महिला के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(f)(n), 376(3), 342 और 50 के तहत मुकदमा दर्ज है।कोर्ट ने केस रिकॉर्ड और अन्य भौतिक कागजात देखा और पाया कि याचिकाकर्ता/महिला के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं।अदालत ने कहा कि अपने पति की मृत्यु के...

Writ Of Habeas Corpus Will Not Lie When Adoptive Mother Seeks Child
बिना वैध दस्तावेजों के नशीले पदार्थों से युक्त कफ सिरप या दवा रखना एनडीपीएस अपराध: मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने माना है कि बिना वैध दस्तावेजों के नशीले पदार्थों से युक्त कफ सिरप या दवा रखने पर नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 के कड़े प्रावधान लागू होंगे। ऐसे मामले में जहां नशीले पदार्थों से बना कफ सिरप बिना डॉक्टर के पर्चे या किसी अन्य वैध दस्तावेज के पाया गया, जस्टिस राजीव कुमार दुबे ने एनडीपीएस एक्‍ट, 1985 की धारा 37 के तहत सुप्रीम कोर्ट द्वारा निर्धारित मिसालों पर भरोसा करते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया। धारा 37 में कहा गया है कि कानून के तहत अपराध संज्ञेय...

राज्य के विधि अधिकारियों को अदालत की सहायता के लिए मामले तैयार करने के लिए पर्याप्त समय मिले: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाइड लाइन बनाने का निर्देश दिया
राज्य के विधि अधिकारियों को अदालत की सहायता के लिए मामले तैयार करने के लिए पर्याप्त समय मिले: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाइड लाइन बनाने का निर्देश दिया

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिस तरह से राज्य के विधि अधिकारियों द्वारा उसके समक्ष जमानत आवेदनों का विरोध किया, उस पर आश्चर्य व्यक्त किया। इसके साथ ही कुछ दिशानिर्देशों के गठन का आह्वान किया, ताकि उन्हें उचित सहायता देने के लिए मामले को तैयार करने के लिए कोर्ट को उचित समय मिल सके।न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की खंडपीठ को एजीए द्वारा सूचित किया गया था कि समय की कमी के कारण राज्य के विधि अधिकारी पूरी फाइल/केस डायरी को पढ़ने में असमर्थ हैं। अदालत की ठीक से सहायता करने में सक्षम नहीं हैं, क्योंकि उन्हें...

दत्तक पिता ने पत्नी की मृत्यु के बाद उसको बच्चे की कस्टडी नहीं दिए जाने के खिलाफ केरल हाईकोर्ट का रुख किया; अंतरिम राहत दी गई
दत्तक पिता ने पत्नी की मृत्यु के बाद उसको बच्चे की कस्टडी नहीं दिए जाने के खिलाफ केरल हाईकोर्ट का रुख किया; अंतरिम राहत दी गई

केरल हाईकोर्ट ने गुरुवार को दत्तक पिता को बच्चे की अंतरिम कस्टडी दी। दरअसल, उसकी पत्नी की अप्रत्याशित मृत्यु के बाद केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (CARA) ने दत्तक पिता को बच्चे की कस्टडी देने से मना कर दिया। पिता ने अपने बच्चे की कस्टडी की मांग करते हुए कोर्ट रूख किया।न्यायमूर्ति पीबी सुरेश कुमार ने एक अंतरिम आदेश के माध्यम से पिता को रिट याचिका के निपटान के लिए बच्चे की कस्टडी रखने की अनुमति दी। इस बीच कारा की ओर से पेश केंद्र सरकार के वकील ने निर्देश प्राप्त करने के लिए आठ सप्ताह का...