दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका- जॉनसन एंड जॉनसन के 'ORSL पेय' पर प्रतिबंध लगाने की मांग, भ्रामक तरीके से 'ORS' के रूप में बेचे जाने का आरोप

LiveLaw News Network

24 Aug 2021 2:54 PM IST

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    जॉनसन एंड जॉनसन के 'ORSL' उत्पाद की बिक्री और वितरण पर रोक लगाने की मांग करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की गई है, जिसमें दावा किया गया है कि यह उत्पाद ओरल रिहाइड्रेशन साल्ट (ORS) का संकेत है, इसकी संरचना आवश्यक ORS फार्मूले का उपयोग नहीं करता है।

    याचिका में कहा गया है, "अत्यधिक सार्वजनिक महत्व का प्रश्न यह है कि यदि कोई पेय शुद्ध रूप से फलों के रस पर आधारित पेय या गैर-कार्बोनेटेड पानी-आधारित पेय है, तो इसे जानबूझकर ORSL नाम से क्यों निर्मित, वितरित, या बिक्री किया जा रहा है, जबकि यह एक सामान्य ग्राहक को ORS के रूप में भ्रमित करता है।"

    याचिका जेएनयू के असिस्टेंट प्रोफेसर ने दायर की है।वह बताती हैं कि 'ORS' डायरिया के दौरान इलाज के लिए ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स रूल्स 1945 की अनुसूची K की क्लास 27 के तहत एक दवा है। इसके घोल में सोडियम 75 mmol/L और ग्लूकोज 75 mmol/L, ऑस्मोलैरिटी 245 mosmol/L होता है।

    यह आरोप लगाया जाता है कि ORSL एक नाम के रूप में स्पष्ट रूप से ORS का संकेत है। इसे देखकर किसी भी औसत उपभोक्ता के दिमाग में पहली सामान्य धारणा यही बनती है। हालांकि, "ORSL नाम से बेचे जाने वाले पेय पदार्थों में से कोई भी डब्ल्यूएचओ द्वारा निर्धारित नए ORS फॉर्मूलेशन की संरचना का उपयोग नहीं करता है "।

    याचिकाकर्ता का कहना है कि जॉनसन एंड जॉनसन उक्त ब्रांड के तहत तीन अलग-अलग पेय का विपणन कर रहा है , यानी ORSL, ORSL प्लस और ORSL रीहाइड्रेट , जिनमें से कोई भी डब्ल्यूएचओ द्वारा निर्धारित ORS फॉर्मूलेशन की संरचना का उपयोग नहीं करता है। अमृंताजन हेल्थ केयर लिमिटेड के स्वामित्व वाले ब्रांड फ्रूटनिक इलेक्ट्रो+ ORS के साथ भी ऐसा ही है ।

    याचिका में कहा गया है कि 'ORSL' नाम से बेचे जा रहे किसी भी पेय के पास ड्रग एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत आवश्यक लाइसेंस नहीं हैं।

    याचिकाकर्ता ने आगे कहा कि ORSL ब्रांडेड पेय व्यापक रूप से फार्मेसियों (इन-स्टोर और ऑनलाइन दोनों) में वितरित किए जा रहे हैं, जबकि वे प्रमुख ऑनलाइन खुदरा विक्रेताओं के पास बिल्कुल भी उपलब्ध नहीं हैं।

    यचिका में आगे कहा गया है कि डायरिया की बीमारी के दौरान बच्चों को ORS दिया जाता है और जिन पेय पदार्थों में चीनी की मात्रा अधिक होती है, वे डायरिया के दौरान सबसे अधिक हानिकारक हो सकते हैं और अभी भी उपभोक्ताओं और विशेष रूप से बच्चों द्वारा ORS घोल की गलत धारणा के तहत इसका सेवन किया जा रहा है।

    इस पृष्ठभूमि में, याचिका जॉनसन एंड जॉनसन को स्वास्थ्य के लिए जोखिम की प्रकृति के बारे में आम जनता को सूचित करने के लिए निर्देश देने की मांग करती है, जो प्रश्न में उत्पाद 'ORSL', 'ORSL प्लस', 'ORSL रीहाइड्रेट' और 'फ्रूटनिक इलेक्ट्रो+ ORS' हैं।' यह भी प्रार्थना की गई है कि विवादित उत्पादों के पैकेजिंग लेबल में उचित परिवर्तन किए जाएं ताकि उत्पादों के ORS के विकल्प होने के बारे में किसी भी संदेह को दूर किया जा सके।

    FSSAI और दिल्ली सरकार से यह सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देश मांगा गया है कि खाद्य सुरक्षा और मानक (स्कूल में बच्चों के लिए सुरक्षित भोजन और संतुलित आहार) विनियम, 2020 के विनियम 5(1) के तहत विचाराधीन उत्पादों को स्कूल परिसर में मुफ्त बिक्री या किसी भी दिशा से स्कूल के गेट से 50 मीटर के दायरे में स्कूली बच्चों को बेचने न दिया जाए।

    केस का शीर्षक: रूपा सिंह बनाम स्वास्थ्य मंत्रालय और अन्य।

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