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माल के मालिक द्वारा किसी भी धोखाधड़ी के लिए वाहन का मालिक वैकल्पिक रूप से उत्तरदायी नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
माल के मालिक द्वारा किसी भी धोखाधड़ी के लिए वाहन का मालिक वैकल्पिक रूप से उत्तरदायी नहीं: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट (Punjab & Haryana High Court) ने कहा कि वाहन का मालिक जो केवल वाहन को छोड़ने की मांग कर रहा है, वह जब्त किए गए सामान (Goods) के लिए जुर्माना देने के लिए उत्तरदायी नहीं है।न्यायमूर्ति अजय तिवारी और पंकज जैन की खंडपीठ ने देखा है कि वाहन के मालिक को माल पर कर और जुर्माना भरने के लिए मजबूर करने का मतलब यह होगा कि सीजीएसटी अधिनियम की धारा 130 की उप धारा 2 के प्रावधान के तहत वाहन के मालिक को भी किसी भी गलत घोषणा/धोखाधड़ी के लिए माल के मालिक द्वारा जुर्माना भरना...

दिल्ली हाईकोर्ट
स्थानांतरण योग्य नौकरी में कर्मचारी को एक ही स्थान पर पदस्थ रहने का कोई निहित अधिकार नहीं है, अदालतें तुरंत स्थानांतरण आदेश में हस्तक्षेप ना करें: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्‍ली हाईकोर्ट ने इस बात पर जोर देते हुए कि स्थानांतरण योग्य नौकरी में एक कर्मचारी को एक ही स्थान पर तैनात रहने का कोई निहित अधिकार नहीं है, कहा है कि अदालतों को तब तक सार्वजनिक हित में और प्रशासनिक कारणों से किए गए स्थानांतरण आदेश में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए, जब तक कि स्थानांतरण आदेश किसी अनिवार्य वैधानिक नियम के उल्लंघन में या दुर्भावना के आधार पर नहीं किया जाता है।जस्टिस मनमोहन और जस्टिस नवीन चावला की खंडपीठ ने कहा कि अगर अदालतें सरकार या उसके अधीनस्थ अधिकारियों द्वारा जारी किए गए...

एमपी हाईकोर्ट ने सरकारी अस्पताल के खिलाफ मेडिकल लापरवाही को लेकर दायर याचिका खारिज की, दस हजार रूपये का जुर्माना लगाया
एमपी हाईकोर्ट ने सरकारी अस्पताल के खिलाफ मेडिकल लापरवाही को लेकर दायर याचिका खारिज की, दस हजार रूपये का जुर्माना लगाया

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, इंदौर खंडपीठ ने हाल ही में दो याचिकाओं को खारिज कर दिया। इन याचिकाओं में कथित लापरवाही के लिए एक सरकारी अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी। उक्त लापरवाही के कारण अस्पताल में ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हुई। इससे 17 मरीजों की मौत हो गई।जस्टिस विवेक रूस और जस्टिस अमर नाथ (केशरवानी) की खंडपीठ पीआईएल की प्रकृति में दो रिट याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। इसमें याचिकाकर्ता निर्दोष लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक और अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग कर रहे...

हिमाचल प्रदेश स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी 12 मार्च को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन करेगी
हिमाचल प्रदेश स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी 12 मार्च को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन करेगी

12 मार्च 2022 को हिमाचल प्रदेश राज्य के सभी न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।हिमाचल प्रदेश स्टेट लीगल सर्विस अथॉरिटी एक प्रेस नोट जारी कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत के समक्ष सुनवाई के लिए अब तक 32,526 मामलों की पहचान की गई है। इनमें से 10,664 पूर्व-मुकदमे के मामले हैं, 21,862 मुकदमेबाजी के बाद के मामले हैं। ये आंकड़े साल 2016 के बाद से सबसे ज्यादा हैं।"लोक अदालत मुख्य संरक्षक माननीय जज मोहम्मद रफीक, चीफ जस्टिस, हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के संरक्षण में और माननीय न्यायमूर्ति सबीना,...

कानून का उल्लंघन करने वाले बच्चे को धारा 436-ए सीआरपीसी के तहत विचाराधीन कैदी नहीं माना जा सकता: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
'कानून का उल्लंघन करने वाले बच्चे को धारा 436-ए सीआरपीसी के तहत विचाराधीन कैदी नहीं माना जा सकता': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच ने हाल ही में कहा कि कानून का उल्‍लंघन करने वाले एक बच्चे (सीसीएल) को धारा 436-ए सीआरपीसी के तहत विचाराधीन कैदी के रूप में नहीं माना जा सकता है, क्योंकि किशोर न्याय (देखभाल और बच्चों का संरक्षण) अधिनियम, 2015 में गिरफ्तारी/ कारावास/ हिरासत पर विचार नहीं किया गया है।जस्टिस आनंद पाठक दरअसल निचली अदालत द्वारा पारित आदेश को चुनौती देते हुए एक सीसीएल द्वारा दायर आपराधिक पुनरीक्षण से निपट रहे थे। निचली अदालत ने सीसीएल की अपील खारिज कर दी थी और किशोर न्याय बोर्ड...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आजम खान को आरएसएस, भाजपा के खिलाफ कथित टिप्पणी के मामले में जमानत दी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आजम खान को आरएसएस, भाजपा के खिलाफ कथित टिप्पणी के मामले में जमानत दी

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने मंगलवार को समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद आजम खान को उनके खिलाफ दर्ज एक मामले के संबंध में जमानत दे दी।आजम खान के खिलाफ कथित तौर पर भाजपा, आरएसएस के खिलाफ अपने आधिकारिक लेटरहेड और मुहर का दुरुपयोग करके अपमानजनक बयान देने का एक मामला दर्ज किया गया था। यह देखते हुए कि खान फरवरी 2020 से जेल में है, उसके खिलाफ एक आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया है और ट्रायल कोर्ट ने इसका संज्ञान लिया है, न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा की खंडपीठ ने कहा कि वर्तमान मामले में...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
बहू अनुकंपा के आधार पर उचित मूल्य की दुकान के आवंटन की हकदारः इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने माना है कि एक बहू अनुकंपा के आधार पर उचित मूल्य की दुकान (फेयर प्राइस शॉप) का आवंटन पाने की पूरी तरह हकदार है।जस्टिस मनीष माथुर की खंडपीठ ने हाईकोर्ट द्वारा पूर्व में दिए गए एक फैसले पर भरोसा किया है, जिसमें यह माना गया था कि एक विधवा बहू अनुकंपा के आधार पर उचित मूल्य की दुकान के आवंटन के लिए योग्य/पात्र है। इस मामले में न्यायालय शर्मा देवी द्वारा दायर एक रिट याचिका पर विचार कर रहा था, जिसके अनुकंपा के आधार पर उचित मूल्य की दुकान के आवंटन के लिए दायर आवेदन को सरकारी...

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में किसी भी भाषा की कोई बाध्यता नहीं: केंद्र ने कर्नाटक हाईकोर्ट को बताया
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में किसी भी भाषा की कोई बाध्यता नहीं: केंद्र ने कर्नाटक हाईकोर्ट को बताया

केंद्र सरकार ने कर्नाटक हाईकोर्ट को बताया है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में भाषा की किसी बाध्यता का कोई उल्लेख नहीं है और नीति को संविधान में निहित व्यापक उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए समझा, व्याख्या और लागू किया जाना है।उच्च शिक्षा विभाग में अवर सचिव दिनेश टी पाली की ओर से दायर हलफनामे में, शिक्षा मंत्रालय ने कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को 4 भागों में वर्गीकृत किया गया है। एनईपी 2020 के अनुसार, उच्च शिक्षा संस्थान स्थानीय/भारतीय भाषाओं में शिक्षा का माध्यम या कार्यक्रम पेश कर सकते...

लापरवाही का क्लासिक मामला: कर्नाटक हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न के नाबालिग पीड़ितों की जांच करने वाले चिकित्सा अधिकारियों को संवेदनशील बनाने का आदेश दिया
'लापरवाही का क्लासिक मामला': कर्नाटक हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न के नाबालिग पीड़ितों की जांच करने वाले चिकित्सा अधिकारियों को संवेदनशील बनाने का आदेश दिया

कर्नाटक हाईकोर्ट ने प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य विभाग को राज्य में कार्यरत सभी चिकित्सा अधिकारियों को एक परिपत्र जारी करने का निर्देश दिया है, जिसमें यौन उत्पीड़न की शिकार बच्ची के प्रति उनके कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को निर्धारित किया गया है।जस्टिस एचपी संदेश की सिंगल बेंच ने प्रधान सचिव को दावणगेरे जिले के तालुक सरकारी अस्पताल में कार्यरत एक डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया, जिसने इस मामले में पीड़िता की मेडिकल जांच की और इस मामले में बिना कोई राय दिए यौन उत्पीड़न का प्रमाण पत्र...

राजद्रोह के लिए हिंसा का आह्वान आवश्यक है, उन्हें जमानत क्यों ना दी जाए?: दिल्ली हाईकोर्ट ने सीएए विरोधी भाषण मामले में शरजील इमाम की याचिका पर नोटिस जारी किया
'राजद्रोह के लिए हिंसा का आह्वान आवश्यक है, उन्हें जमानत क्यों ना दी जाए?': दिल्ली हाईकोर्ट ने सीएए विरोधी भाषण मामले में शरजील इमाम की याचिका पर नोटिस जारी किया

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को शरजील इमाम की याचिका पर नोटिस जारी किया। उन्होंने नागरिकता संशोधन अधिनियम के खिलाफ अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और जामिया इलाके में दिए गए कथित भड़काऊ भाषणों से संबंधित एक मामले में जमानत की मांग की है।जस्टिस सिद्धार्थ मृदुल और जस्टिस अनूप कुमार मेंदीरत्ता की खंडपीठ ने मामले को आगे की सुनवाई के लिए को 24 मार्च को पोस्ट किया। कोर्ट ने मामले में अभियोजन पक्ष का जवाब मांगा है। उल्लेखनीय है कि विचाराधीन एफआईआर में निचली अदालत ने इमाम को जमानत देने से इनकार कर दिया था,...

IIT-मद्रास छात्रा की आत्महत्या का मामला: हाईकोर्ट ने कैंपस ऑफ इंडिया के बाहर प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ एफआईआर रद्द की
IIT-मद्रास छात्रा की आत्महत्या का मामला: हाईकोर्ट ने कैंपस ऑफ इंडिया के बाहर प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ एफआईआर रद्द की

मद्रास हाईकोर्ट ने 'कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया' के कुछ पदाधिकारियों और सदस्यों के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द कर दी। इन लोगों ने आत्महत्या करने वाली एक छात्रा के लिए न्याय की मांग करते हुए आईआईटी-मद्रास के सामने विरोध प्रदर्शन किया था।सदस्यों ने लोगों को इकट्ठा किया और नवंबर, 2019 में अपने छात्रावास के कमरे में पंखे से लटकने वाली मानविकी प्रथम वर्ष की छात्रा फातिमा लतीफ के सुसाइड नोट में शामिल फैकल्टी को गिरफ्तार करने का विरोध किया।जस्टिस एडी जगदीश चंडीरा की एकल पीठ ने कहा कि विरोध के दौरान हिंसा की कोई...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
"धार्मिक टैटू हटाए जाने पर उम्मीदवारी पर विचार करें": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र को निर्देश दिए, एसएसबी परीक्षा के उम्मीदवारों को राहत दी

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने 2018 सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने वाले 3 उम्मीदवारों को राहत देते हुए केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि अगर वे अपना टैटू हटाते हैं तो उनकी उम्मीदवारी पर विचार किया जाए।दरअसल, उनके दाहिने हाथ पर धार्मिक टैटू के कारण मेडिकल टेस्ट में अनफिट घोषित कर दिया गया था। न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की खंडपीठ ने केंद्र और एसएसबी को निर्देश दिया कि यदि याचिकाकर्ताओं के टैटू हटाए जाते हैं तो उस पदों पर चयन के लिए बाधा नहीं माना जा सकता है...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट के सामने भी ऐसा ही मामला: राजस्थान हाईकोर्ट ने यूक्रेन में फंसे भारतीयों को निकालने की याचिका पर आदेश देने से इनकार किया

राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्थान के बारां जिले के दो निवासियों द्वारा रूस के आक्रमण के बीच यूक्रेन में फंसे अपने बच्चों को निकालने के लिए दायर एक रिट याचिका में फिलहाल कोई आदेश पारित करने से इनकार कर दिया। अदालत ने पाया कि इसी तरह का एक मुद्दा सुप्रीम कोर्ट के समक्ष लंबित है।इससे पहले कोर्ट को बताया गया कि केंद्र हर संभव उपाय कर रहा है।जस्टिस अशोक कुमार गौर ने इस स्तर पर कोई आदेश पारित करने से इनकार कर दिया।कोर्ट ने कहा,"यह न्यायालय सुप्रीम कोर्ट के समक्ष इसी तरह के मुद्दे को देखते हुए इस पर कोई...

दिल्ली हाई ज्यूडिशल सर्विस एग्जाम 2022: अधिकतम आयु मानदंड को चुनौती देने वाले अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट का रुख किया
दिल्ली हाई ज्यूडिशल सर्विस एग्जाम 2022: 'अधिकतम आयु' मानदंड को चुनौती देने वाले अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट का रुख किया

दिल्ली हाई ज्यूडिशल सर्विस (डीएचजेएस) एग्जाम, 2022 में आवेदन करने और उपस्थित होने के लिए अधिकतम आयु मानदंड 45 वर्ष (1 जनवरी, 2022 तक) को चुनौती देते हुए नौ वकीलों ने हाईकोर्ट का रुख किया।अधिवक्ता आदित्य कपूर, मनिका गोस्वामी, मेधा टंडन, कुशाल कुमार, हर्ष आहूजा और आकाश दीप गुप्ता के माध्यम से दायर याचिका पर कल यानी गुरुवार को सुनवाई होगी।परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने की अंतिम तिथि 12 मार्च, 2022 है। प्रारंभिक परीक्षा 20 मार्च, 2022 को निर्धारित की गई है। हालांकि, इस महीने की शुरुआत में...

जमानत आवेदनों पर फैसला करते समय मुकदमे की सुनवाई में देरी एक महत्वपूर्ण विचार: गुजरात हाईकोर्ट
जमानत आवेदनों पर फैसला करते समय मुकदमे की सुनवाई में देरी एक महत्वपूर्ण विचार: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने पुष्टि की है कि "जमानत आवेदनों पर निर्णय लेने में एक महत्वपूर्ण कारक जिसे निश्चित रूप से अदालत द्वारा ध्यान में रखा जाना चाहिए, वह है मुकदमे के समापन में ‌विलंब।"उक्त टिप्‍पणियों के साथ जस्टिस गीता गोपी की खंडपीठ ने केंद्रीय माल और सेवा अधिनियम, 2017 के तहत एक आरोपी को जमानत दे दी।कोर्ट ने कहा, "यहां विभाग की ओर से अपनाई गई जांच की प्रक्रिया ओर इस प्रकार एकत्र किए गए साक्ष्य को ध्यान में रखते हुए मुकदमे में काफी समय लगेगा और ऐसा हो सकता है, अगर जमानत से इनकार किया जाता है, तो...

हाईकोर्ट ऑफ कर्नाटक
'मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव': कर्नाटक हाईकोर्ट ने नाबालिग बलात्कार पीड़िता को 22 हफ्ते 3 दिन की गर्भ को समाप्त करने की अनुमति दी

कर्नाटक हाईकोर्ट (Karnataka High Court) ने हाल ही में एक नाबालिग बलात्कार पीड़िता को अपनी 22 हफ्ते 3 दिन की गर्भ को समाप्त करने की अनुमति दी।कोर्ट ने देखा कि इसे जारी रखने से डिप्रेशन हो सकती है। इससे उसके मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव पड़ सकता है। न्यायमूर्ति सूरज गोविंदराज की एकल पीठ ने कहा, "मेरा मानना है कि यह याचिकाकर्ता-पीड़िता के हित में होगा कि गर्भ को समाप्त कर दिया जाए।" इसके बाद कोर्ट ने जिला सिविल अस्पताल (बेलगावी) को निर्देश दिया कि वह इस तरह की प्रक्रिया के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
सशस्त्र बल न्यायाधिकरण अधिनियम अनुच्छेद 226 के तहत हाईकोर्ट की न्यायिक पुनरीक्षा की शक्ति को कम नहीं कर सकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सशस्त्र बल न्यायाधिकरण अधिनियम, 2007 संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत हाईकोर्ट को दी गई न्यायिक पुनरीक्षा (judicial review) की शक्ति को न तो हटाता है और न ही हटा सकता है।जस्टिस अंजनी कुमार मिश्रा और जस्टिस विक्रम डी चौहान की खंडपीठ ने कहा,"भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत क्षेत्राधिकार असाधारण और विवेकाधीन प्रकृति का है। यह भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि अनुच्छेद 226 और 227 के तहत हाईकोर्ट द्वारा प्रयोग की जाने वाली शक्तियां संवैधानिक शक्तियां हैं और...

धार्मिक टैटू हटाने पर उम्मीदवारी पर विचार करें: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एसएसबी परीक्षा के उम्मीदवारों को राहत दी
"धार्मिक टैटू हटाने पर उम्मीदवारी पर विचार करें": इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एसएसबी परीक्षा के उम्मीदवारों को राहत दी

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2018 सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने वाले तीन उम्मीदवारों को राहत प्रदान की। उक्त उम्मीदवारों को हाथों (अंगूठे) के एक निश्चित हिस्से पर कुछ टैटू होने के कारण नौकरी से वंचित कर दिया था। इस संबंध में हाईकोर्ट ने अगर अपना टैटू हटाते हैं तो उनकी उम्मीदवारी केंद्र सरकार को इस पर विचार करने का निर्देश दिया।जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा की खंडपीठ ने केंद्र और एसएसबी को निर्देश दिया कि यदि याचिकाकर्ताओं के टैटू हटा दिए जाते हैं तो उस विशेष विकलांगता को मंत्री पदों पर...

पटना हाईकोर्ट
पटना हाईकोर्ट ने 21 लाख रुपए की साइबर धोखाधड़ी मामले में एफआईआर दर्ज करने में विफलता के लिए पुलिस थाना प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया

पटना हाईकोर्ट (Patna High Court) ने हाल ही में कदमकुआं पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया कि क्यों न उनके खिलाफ 21 लाख रुपए की धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर दर्ज करने में विफलता के लिए अवमानना कार्यवाही शुरू की जाए।न्यायमूर्ति संदीप सिंह की खंडपीठ ने कदमकुआं पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी की कार्रवाई को अदालत के 21 फरवरी के आदेश के मद्देनजर अवमानना कहा, जिसमें अदालत ने विशेष रूप से आदेश दिया कि इस प्रकार के मामले में पुलिस स्टेशन के प्रभारी अधिकारी एफआईआर दर्ज करने से...