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बहुलतावादी देश में सांस्कृतिक एकरूपता लादने की कोशिश: नारीवादी और लोकतांत्रिक समूहों ने हिजाब पहनने वाली मुस्लिम महिलाओं को निशाना बनाने की निंदा की
'बहुलतावादी देश में सांस्कृतिक एकरूपता लादने की कोशिश': नारीवादी और लोकतांत्रिक समूहों ने हिजाब पहनने वाली मुस्लिम महिलाओं को निशाना बनाने की निंदा की

देश भर के सैकड़ों नारीवादी और नागरिक अधिकार लोकतांत्रिक संगठनों ने गुरुवार को एक बयान जारी कर कर्नाटक के शैक्षणिक संस्थानों में मुस्लिम छात्राओं को हिजाब पहनने पर निशाना बनाने और उन्हें बेदखल करने की निंदा की है। शिक्षाविदों, वकीलों और कार्यकर्ताओं सहित 1,750 से अधिक व्यक्तियों ने बयान पर हस्ताक्षर किया है।पत्र में कहा गया है, "हिंदू वर्चस्ववादियों द्वारा मुस्लिम महिलाओं की "ऑनलाइन नीलामी" आयोजित करने और उनकी यौन और प्रजनन दासता का आवाह्न करने के बाद हिजाब बैन मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ रंगभेद...

जजमेंट का कुछ हिस्सा अन्य मामलों से संबंधित है: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कॉपी-पेस्ट आदेश के लिए अतिरिक्त जिला न्यायाधीश की खिंचाई की
'जजमेंट का कुछ हिस्सा अन्य मामलों से संबंधित है': गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कॉपी-पेस्ट आदेश के लिए अतिरिक्त जिला न्यायाधीश की खिंचाई की

गुवाहाटी हाईकोर्ट (Gauhati High Court) ने मध्यस्थता अपील पर सुनवाई करते हुए कहा कि कॉपी-पेस्ट के कारण न्याय पर अनुचित प्रभाव पड़ता है। यह बिल्कुल अस्वीकार्य है क्योंकि यह कानून में खराब है।उच्च न्यायालय ने पाया कि निर्णय को सीधे पढ़ने पर, इसके कुछ भाग मामले से संबंधित हैं जबकि इसके कुछ भाग किसी अन्य मामले से संबंधित हैं।पीठ ने कहा, "निर्णय को पढ़ने पर ऐसा प्रतीत होता है कि निचली अदालत अब कॉपी-पेस्ट कल्चर का शिकार हो गई है। फैसले के कुछ हिस्से वर्तमान मामले से संबंधित हैं और फैसले के कुछ...

हिजाब बैन: कर्नाटक हाईकोर्ट ने अपलोड किया कॉलेजों में धार्मिक कपड़ों पर प्रतिबंध लगाने का अंतरिम आदेश
हिजाब बैन: कर्नाटक हाईकोर्ट ने अपलोड किया कॉलेजों में धार्मिक कपड़ों पर प्रतिबंध लगाने का अंतरिम आदेश

कर्नाटक हाईकोर्ट ने शुक्रवार को शैक्षणिक संस्‍थानों में हिजाब बैन के खिलाफ दायर याचिकाओं पर पारित अंतरिम आदेश को अपलोड किया।उल्लेखनीय है कि कर्नाटक हाईकोर्ट ने बुधवार को राज्य सरकार को शैक्षणिक संस्थानों को जल्द से जल्द फिर से खोलने का अनुरोध किया था। साथ ही मामले के सुनवाई लंबित रहने तक स्टूडेंट्स को धार्मिक कपड़े पहनने से रोक दिया है। अंतरिम आदेश केवल उन संस्थानों पर लागू किया गया है, जिन्होंने एक समान ड्रेस कोड निर्धारित किया है।कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, "इन सभी याचिकाओं पर विचार किए जाने...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में छह नए न्यायाधीशों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में छह नए न्यायाधीशों की नियुक्ति की अधिसूचना जारी

भारत के राष्ट्रपति ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में छह नए न्यायाधीश नियुक्त किए हैं। इस संबंध में कानून और न्याय मंत्रालय द्वारा एक अधिसूचना जारी की गई।नियुक्त होने वाले न्यायाधीशों में से तीन एडवोकेट और तीन न्यायिक अधिकारी शामिल हैं।एडवोकेट:1. मनिंदर सिंह भट्टी,2. द्वारका धिश बंसल @ डीडी बंसल, और3. मिलिंद रमेश फड़के।न्यायिक अधिकारी:1. अमर नाथ केशरवानी,2. प्रकाश चंद्र गुप्ता, और3. दिनेश कुमार पालीवालसुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 29 जनवरी, 2022 को हुई अपनी बैठक में उनके नामों की पदोन्नति के लिए सिफारिश की...

झारखंड हाईकोर्ट ने आरटीआई एक्ट के तहत देरी से जानकारी देने पर राज्य सरकार पर 60 हजार रुपए का जुर्माना बरकरार रखा
झारखंड हाईकोर्ट ने आरटीआई एक्ट के तहत देरी से जानकारी देने पर राज्य सरकार पर 60 हजार रुपए का जुर्माना बरकरार रखा

झारखंड हाईकोर्ट (Jharkhand High Court) ने लोक सूचना अधिकारी और लोक प्राधिकरण के बीच के अंतर को स्पष्ट करते हुए राज्य सरकार के संबंधित विभाग पर राज्य सूचना आयुक्त द्वारा समय पर सूचना उपलब्ध नहीं कराने पर लगाए गए 60,000 रुपये के जुर्माने को बरकरार रखा है।न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद ने कहा कि लोक सूचना अधिकारी को लोक प्राधिकरण (जो यहां राज्य सरकार है) से आवश्यक जानकारी प्राप्त करनी है। इसके बाद ही संबंधित सूचना साधक को आगे की आपूर्ति की जाती है। न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद ने कहा है कि यह...

बॉम्बे हाईकोर्ट, मुंबई
'स्किन टू स्किन टच' मामले में विवादित फैसला देने वाली बॉम्बे हाईकोर्ट की जज जस्टिस पुष्पा गनेडीवाला ने इस्तीफा दिया

'स्किन टू स्किन टच' मामले (Skin To Skin Contact Case) में विवादित फैसला देने वाली बॉम्बे हाईकोर्ट (नागपुर बेंच) की जज जस्टिस पुष्पा गनेडीवाला (Justice Pushpa Ganediwala) ने इस्तीफा दे दिया है।वह हाईकोर्ट की एक अतिरिक्त न्यायाधीश थीं, जिनका विस्तारित कार्यकाल 12 फरवरी को समाप्त होने वाला था, क्योंकि सर्वोच्च न्यायालय के कॉलेजियम ने उनके कार्यकाल के विस्तार की सिफारिश नहीं की थी।उन्होंने कार्यकाल समाप्त होने से एक दिन पहले ही इस्तीफा दे दिया है। वह 2007 में जिला न्यायाधीश बनीं और 13 फरवरी, 2019...

दिल्ली हाईकोर्ट, दिल्ली
स्पीडी ट्रायल का अधिकार मृत पत्र नहीं रह सकता: दिल्ली हाईकोर्ट ने कमर्शियल क्वांटिटी एक्स्टसी के साथ पकड़े गए आरोपी को जमानत दी

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को कहा कि न्याय भारत के संविधान के अनुच्छेद 21 के दायरे में निहित एक मौलिक अधिकार है और इसे इस न्यायालय द्वारा उसकी पूर्ण भावना में लागू करने की आवश्यकता है, अन्यथा यह कानून के एक मृत पत्र (Dead Letter) के रूप में रहेगा।चार साल से अधिक समय से जेल में बंद एक आरोपी को नारकोटिक्स, ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 (एनडीपीएस) के तहत जमानत देते समय यह टिप्पणी की।जस्टिस चंद्रधारी सिंह महेश द्वारा दायर नियमित जमानत अर्जी पर सुनवाई कर रहे थे। इसके पास कथित तौर पर 20...

हम एक धर्मनिरपेक्ष देश हैं, इस देश को धर्म के आधार पर बांटने की कोशिश हो रही है: मद्रास हाईकोर्ट
'हम एक धर्मनिरपेक्ष देश हैं, इस देश को धर्म के आधार पर बांटने की कोशिश हो रही है': मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट के समक्ष मंदिर परिसर के अंदर प्रवेश के लिए प्रथागत ड्रेस कोड को अनिवार्य की मांग वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस मुनीश्वर नाथ भंडारी ने धर्म के नाम पर विभाजनकारी एजेंडों पर नाराजगी व्यक्त की।चीफ जस्टिस ने यह याद दिलाते हुए कि हमारा देश एक धर्मनिरपेक्ष देश है, आगाह किया कि देश को धर्म के आधार पर विभाजित करने का प्रयास किया जा रहा है।चीफ जस्टिस ने पूछा,"सबसे महत्वपूर्ण क्या है? देश या धर्म? यह देखना वाकई चौंकाने वाला है कि कोई हिजाब के लिए, कुछ अन्य मंदिरों के...

विधानसभा चुनावों के दौरान प्लास्टिक के अंधाधुंध उपयोग पर जनहित याचिका: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया
विधानसभा चुनावों के दौरान प्लास्टिक के अंधाधुंध उपयोग पर जनहित याचिका: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया

इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने आज भारत के चुनाव आयोग, उत्तर प्रदेश राज्य, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, अन्य लोगों को विधानसभा चुनाव के दौरान प्लास्टिक के अंधाधुंध उपयोग के संबंध में दायर जनहित याचिका (पीआईएल) पर नोटिस जारी किया।न्यायमूर्ति प्रिंकर दिवाकर और न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव की खंडपीठ ने याचिका पर मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को भी नोटिस जारी किया है।याचिका में मुख्य रूप से यूपी...

स्वतंत्र भाषण की आड़ में भ्रामक बयानों अनुमति नहीं दी जा सकती: कलकत्ता हाईकोर्ट ने डाबर ट्रेडमार्क को अपमानित करने के मामले में बैद्यनाथ आयुर्वेद के च्यवनप्राश विज्ञापनों पर रोक लगाई
'स्वतंत्र भाषण की आड़ में भ्रामक बयानों अनुमति नहीं दी जा सकती': कलकत्ता हाईकोर्ट ने डाबर ट्रेडमार्क को अपमानित करने के मामले में बैद्यनाथ आयुर्वेद के च्यवनप्राश विज्ञापनों पर रोक लगाई

कलकत्ता हाईकोर्ट ने बैद्यनाथ च्यवनप्राश स्पेशल के चार विज्ञापनों पर स्थायी रूप से रोक लगा दी है। विज्ञापनों पर आरोप था कि उनमें डाबर च्यवनप्राश सहित च्यवनप्राश के अन्य ब्रांडों का अपमान किया गया है।जस्टिस शेखर बी सराफ ने डाबर की याचिका पर यह फैसला दिया। याचिका में पांच विज्ञापनों को अपलोड करने के खिलाफ निषेधाज्ञा की मांग की गई थी, जिन्होंने कथित रूप से उनके ट्रेडमार्क की प्रतिष्ठा का हनन किया था। अपील को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए, कोर्ट ने कहा कि संबंधित विज्ञापन में एक गलत बयान दिया गया है...

सेक्‍शन 50 एनडीपीएस एक्ट- एसीपी की मौजूदगी में की गई व्यक्तिगत तलाशी केवल इसलिए गलत नहीं कि अधिकारी पुलिस विभाग से संबंधित है: कर्नाटक हाईकोर्ट
सेक्‍शन 50 एनडीपीएस एक्ट- एसीपी की मौजूदगी में की गई व्यक्तिगत तलाशी केवल इसलिए गलत नहीं कि अधिकारी पुलिस विभाग से संबंधित है: कर्नाटक हाईकोर्ट

कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा है कि नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 के तहत एक पुलिस अधिकारी, जो एक राजपत्रित अधिकारी है, उसे आरोपी/संदिग्ध की व्यक्तिगत तलाशी लेने पर कोई रोक नहीं है।जस्टिस एचपी संदेश की सिंगल जज बेंच ने कहा,"सहायक पुलिस आयुक्त भी एक राजपत्रित अधिकारी है ... उक्त विभाग के अधिकारी द्वारा व्यक्तिगत तलाशी पर रोक नहीं है और कोई कानून यह निर्धारित नहीं करता है कि राजपत्रित अधिकारी, जो विशेष विभाग से संबंधित हो, की उपस्थिति में ही उसकी (संदिग्ध/आरोपी की) व्यक्तिगत तलाशी...

[COVID-19] चीन की सरकार द्वारा लगाए गए यात्रा प्रतिबंधों के चलते भारतीय मेडिकल छात्र चीन में कॉलेजों में फिर से शामिल होने में असमर्थ: दिल्ली हाईकोर्ट ने विदेश मंत्रालय, एनएमसी को नोटिस जारी किया
[COVID-19] चीन की सरकार द्वारा लगाए गए यात्रा प्रतिबंधों के चलते भारतीय मेडिकल छात्र चीन में कॉलेजों में फिर से शामिल होने में असमर्थ: दिल्ली हाईकोर्ट ने विदेश मंत्रालय, एनएमसी को नोटिस जारी किया

चीन में नामांकित लगभग 150 भारतीय मेडिकल छात्रों ने दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) का रुख किया। छात्रों ने अपने फिजिकल ट्रेनिंग को आगे बढ़ाने की अनुमति मांगी, क्योंकि वे COVID -19 के कारण यात्रा प्रतिबंधों के चलते चीन जाने में असमर्थ हैं।यह मामला आज मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ के समक्ष आया, जिसने विदेश मंत्रालय और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग सहित प्रतिवादियों को नोटिस जारी किए हैं।एडवोकेट पीवी दिनेश, एडवोकेट अश्विनी कुमार सिंह और एडवोकेट बिनीश के. के माध्यम से...

विवाह बाद बेटी का माता-पिता से बंधन नहीं टूट जाता: त्रिपुरा हाईकोर्ट ने डाई-इन-हार्नेस स्‍कीम से विवाहित बेटियों को बाहर किए जाने पर कहा
'विवाह बाद बेटी का माता-पिता से बंधन नहीं टूट जाता': त्रिपुरा हाईकोर्ट ने डाई-इन-हार्नेस स्‍कीम से विवाहित बेटियों को बाहर किए जाने पर कहा

त्रिपुरा हाईकोर्ट ने माना है कि राज्य सरकार की डाई-इन-हार्नेस स्‍कीम के तहत लाभ पाने के लिए 'विवाहित बेटियों' को अपात्र बनाना भेदभावपूर्ण है और संविधान के अनुच्छेद 14 से 16 का उल्लंघन है।चीफ जस्टिस इंद्रजीत महंती और जस्टिस एसजी चट्टोपाध्याय की खंडपीठ ने प्रतिवादियों (पीड़ित विवाहित बेटियों) को राहत देते हुए कहा, "विवाह एक बेटी और उसके माता-पिता के बीच के बंधन को नहीं तोड़ता है जैसे कि यह एक बेटे और उसके माता-पिता के बीच नहीं तोड़ता है। माता-पिता के परिवार का संकट एक विवाहित बेटी को भी समान रूप...

साक्ष्य अधिनियम की धारा 25 के तहत सह-अभियुक्त का बयान कोर्ट में अस्वीकार्य, लेकिन अन्वेषण के लिए महत्वपूर्ण: गुजरात हाईकोर्ट ने एफआईआर रद्द करने से इनकार किया
साक्ष्य अधिनियम की धारा 25 के तहत सह-अभियुक्त का बयान कोर्ट में अस्वीकार्य, लेकिन अन्वेषण के लिए महत्वपूर्ण: गुजरात हाईकोर्ट ने एफआईआर रद्द करने से इनकार किया

गुजरात कोर्ट (Gujarat High Court) ने कहा कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम (Indian Evidence Act) की धारा 25 के तहत सह-अभियुक्त के बयान को आगे की जांच के लिए कोई स्वतंत्र और संतोषजनक सामग्री है या नहीं, यह पता लगाने के लिए जांच शुरू करने और संचालन के लिए एक सूचना के टुकड़े के रूप में माना जा सकता है। न्यायमूर्ति विपुल पंचोली की खंडपीठ ने सीआरपीसी की धारा 482 के तहत आवेदन पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की, जिसमें गुजरात निषेध अधिनियम की धारा 65 (ई), 116 बी, 81 और 98 (2) और आईपीसी की धारा 468, 471 और 465 के...

इलाहाबाद हाईकोर्ट
आपराधिक अपील को इस आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता है कि आरोपों के खंडन के लिए जोर नहीं डाला गयाः इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह कहा कि एक आपराधिक अपील को इस आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता है कि आरोपों के खंडन के लिए जोर नहीं डाला गया था।जस्टिस अनिल कुमार ओझा की खंडपीठ ने जेजे एक्ट की धारा 101 के तहत अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश द्वारा पारित एक आदेश के खिलाफ दायर एक पुनरीक्षण याचिका की अनुमति देते हुए यह‌ ‌टिप्‍पणी की। आरोपी/पुनरीक्षणवादी की अपील को आरोपों के खंडन पर जोर नहीं दिए जाने के आधार पर खारिज कर दिया गया था।मामलादरअसल अभियुक्त/पुनरीक्षणवादियों को किशोर न्याय बोर्ड, जिला संभल ने...