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बॉम्बे हाईकोर्ट में फर्जी नागरिकता दस्तावेजों के तहत बांग्लादेश से तस्करी कर लाई गई लड़कियों ने विश्रामबाग पुलिस पर यौन शोषण का आरोप लगाया
बॉम्बे हाईकोर्ट में फर्जी नागरिकता दस्तावेजों के तहत बांग्लादेश से तस्करी कर लाई गई लड़कियों ने विश्रामबाग पुलिस पर यौन शोषण का आरोप लगाया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को सीमा पार से संगठित अपराध गिरोह द्वारा बांग्लादेश से युवा लड़कियों की तस्करी करने और उन्हें भारतीय जन्म प्रमाण पत्र, जाली आधार कार्ड और पासपोर्ट के साथ महाराष्ट्र के सांगली जिले में वेश्यावृत्ति में धकेलने की सांगली पुलिस की जांच खारिज कर दी।जस्टिस एएस गडकरी और जस्टिस एसजी डिगे की खंडपीठ ने कहा कि उन्हें छापेमारी की सिर्फ घटना में दिलचस्पी नहीं है, बल्कि उस सिंडिकेट में दिलचस्पी है, जो लड़कियों को भारतीय नागरिक के रूप में शामिल करके उनकी तस्करी करता रहता है।खंडपीठ ने...

Writ Of Habeas Corpus Will Not Lie When Adoptive Mother Seeks Child
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नाबालिग बलात्कार पीड़िता की 18 सप्ताह की गर्भावस्था को समाप्त करने की अनुमति दी, फैसले में कहा-"'नाबालिग की पीड़ा के प्रति मूकदर्शक नहीं बने रह सकते'

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में 16 वर्ष 6 महीने की एक रेप सर्वााइवर को 18 सप्ताह के गर्भ को टर्मिनेट कराने की अनुमति दी। मेडिकल बोर्ड ने टर्मिनेशन की सिफारिश की थी।जस्टिस मिलिंद रमेश फड़के की पीठ ने लड़की के 'भविष्य' को ध्यान में रखा। कोर्ट ने माना कि उसके गर्भ में एक बलात्कारी का भ्रूण है और ऐसे बच्चे का पालन-पोषण करते समय उसे जीवन भर आघात का सामना करना पड़ेगा।कोर्ट ने यह भी कहा कि बच्चे को भी अपना पूरा जीवन इस प्रकार के सामाजिक कलंक के साथ जीना होगा। कोर्ट ने लड़की के भविष्य के मद्देनज़र...

घायल पीड़ित से पूछताछ न करने से आरोपी को क्रॉस एक्जामिनेशन के अवसर से वंचित किया गया: पटना हाईकोर्ट ने हत्या के प्रयास मामले में बरी करने का आदेश दिया
घायल पीड़ित से पूछताछ न करने से आरोपी को क्रॉस एक्जामिनेशन के अवसर से वंचित किया गया: पटना हाईकोर्ट ने हत्या के प्रयास मामले में बरी करने का आदेश दिया

पटना हाईकोर्ट ने घायल पीड़ित की जांच न करने और अभियोजन पक्ष के गवाहों के साक्ष्य की सराहना करने में ट्रायल कोर्ट की विफलता का हवाला देते हुए भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 307 सपठित धारा 34 के तहत दंडनीय हत्या के प्रयास के कथित अपराध के लिए दो की सजा रद्द कर दी।जस्टिस आलोक कुमार पांडे ने कहा,"वर्तमान अपील में एफआईआर के प्रारंभिक वर्जन के अवलोकन से यह बिल्कुल स्पष्ट है कि शिकायतकर्ता भी कथित घटना का चश्मदीद गवाह नहीं है, क्योंकि वह शोर सुनने के बाद घटना स्थल पर पहुंचा और वह वर्तमान मामले की...

बांकेबिहारी मंदिर की जमीन का स्वामित्व कब्रिस्तान के रूप में बदला गया? : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संपूर्ण राजस्व रिकॉर्ड मांगा
बांकेबिहारी मंदिर की जमीन का स्वामित्व कब्रिस्तान के रूप में बदला गया? : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संपूर्ण राजस्व रिकॉर्ड मांगा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मथुरा में बांके बिहारी जी महाराज मंदिर की भूमि को 'कब्रिस्तान' के रूप में स्वामित्व में परिवर्तन के संबंध में संपूर्ण राजस्व रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश दिया। जस्टिस सौरभ श्रीवास्तव की पीठ ने यह आदेश श्री बिहारी जी सेवा ट्रस्ट (मथुरा के) द्वारा दायर याचिका पर पारित किया।न्यायालय ने निर्देश दिया," सुश्री श्वेता, उपजिलाधिकारी, तहसील-छाता, जिला-मथुरा से अनुरोध है कि वे ग्राम-शाहपुर, तहसील-छाता, जिला-मथुरा के प्लॉट नंबर 1081 के संबंध में समय-समय पर की गई प्रविष्टियों के...

कार लोन |  कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा, किस्त देने में हुई चूक के कारण बैंक ने वाहन वापस ले लिया हो तो यह डकैती जैसा नहीं
कार लोन | कलकत्ता हाईकोर्ट ने कहा, किस्त देने में हुई चूक के कारण बैंक ने वाहन वापस ले लिया हो तो यह डकैती जैसा नहीं

कलकत्ता हाईकोर्ट ने एचडीएफसी बैंक लिमिटेड के कर्मचारियों के खिलाफ सुनील कुमार शर्मा/विपरीत पक्ष संख्या 2 की ओर से शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया। शर्मा ने उपरोक्त बैंक से कार ऋण लिया था, जिसे 60 से अधिक किश्तों में चुकाना था। साथ ही उन्होंने एक और 90,000 रुपये का पर्सनल लोन भी लिया था।विपरीत पक्ष/शिकायतकर्ता की ओर से यह तर्क दिया गया था कि वह 2009 में वित्तीय संकट में पड़ गया और ऋण की किश्तें नहीं चुका सका, जिसके कारण बैंक और उसके एजेंटों ने उसकी गाड़ी को "जबरन और धोखे से वापस ले...

निर्भया केस के एक दशक बाद भी कुछ सुधार नहीं हुआः जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट ने बच्ची से बलात्कार के मामले में नाना को दोषी ठहराया
निर्भया केस के एक दशक बाद भी कुछ सुधार नहीं हुआः जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट ने बच्ची से बलात्कार के मामले में नाना को दोषी ठहराया

जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने अपनी एक वर्षीय नाती के साथ बलात्कार करने के आरोपी नाना की सजा को बरकरार रखा है। हाईकोर्ट ने इस मामले में अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि जघन्य निर्भया मामले के एक दशक से अधिक समय बीत जाने के बावजूद महिलाओं और बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराधों को संबोधित करने की दिशा में बहुत कम प्रगति हुई है। जस्टिस संजय धर और जस्टिस राजेश सेखरी की पीठ ने कहा कि महिलाओं को जीवन, स्वतंत्रता, सम्मान और समानता का अधिकार है। साथ ही महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों के मद्देनजर...

आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण के लिए नियमित अभियान एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक कार्य: हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा
आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण के लिए नियमित अभियान एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक कार्य: हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से कहा

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार और नागरिक अधिकारियों को राष्ट्रीय राजधानी में आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण के लिए प्रयास जारी रखने का निर्देश दिया है। मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस जसमीत सिंह की खंडपीठ ने कहा," उत्तरदाताओं को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित किया जाता है कि वे आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण के लिए अपने प्रयास और अभियान जारी रखें, क्योंकि यह एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक कार्य है और इसे पूरी गंभीरता से किया जाना आवश्यक है।"अदालत ने आवारा कुत्तों की नसबंदी...

अपने सीनियर के प्रति ईमानदार रहें, थोड़ा सख्त होना सीखें: दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीशों का पहली पीढ़ी के वकीलों के लिए संदेश
अपने सीनियर के प्रति ईमानदार रहें, थोड़ा सख्त होना सीखें: दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीशों का पहली पीढ़ी के वकीलों के लिए संदेश

दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीशों ने शुक्रवार को पहली पीढ़ी के वकीलों से आग्रह किया कि वे अपने सीनियर के प्रति वफादार और ईमानदार रहें और कानूनी क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए थोड़ा सख्त होना सीखें।जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस नीना बंसल कृष्णा दिल्ली हाईकोर्ट महिला वकील फोरम द्वारा "पहली पीढ़ी के वकीलों के सामने आने वाली चुनौतियां और क्षेत्र को समान करने के लिए प्रणालीगत समाधान: न्यायाधीशों का परिप्रेक्ष्य" विषय पर आयोजित तीसरी कॉफी चैट में बोल रहे थे।जस्टिस कैत ने कहा,"आप सभी के लिए...

नूंह में तोड़फोड़ कानून के मुताबिक की गई, किसी खास समुदाय को निशाना नहीं बनाया : हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट को बताया
नूंह में तोड़फोड़ कानून के मुताबिक की गई, किसी खास समुदाय को निशाना नहीं बनाया : हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट को बताया

हरियाणा के नूंह के उपायुक्त धीरेंद्र खडगटा ने कहा है कि कानून की प्रक्रिया का पालन किए बिना क्षेत्र में कोई भी तोड़फोड़ की गतिविधि नहीं की गई। उन्होंने आगे कहा कि अतिक्रमण/अनधिकृत निर्माणों को हटाते समय सरकार ने कभी भी जाति, पंथ या धर्म के आधार पर "पिक एंड चूज़ पॉलिसी" नहीं अपनाई। यह बयान इस महीने की शुरुआत में किए गए विध्वंस अभियान के खिलाफ पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा शुरू किए गए स्वत: संज्ञान मामले में आया है।संपत्तियों को ध्वस्त करके एक विशेष समुदाय को निशाना बनाने पर अदालत की आशंका का...

अतिरिक्त जिला न्यायाधीश विशेष विवाह अधिनियम की धारा 27 के तहत तलाक की याचिका पर सुनवाई कर सकते हैं: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
अतिरिक्त जिला न्यायाधीश विशेष विवाह अधिनियम की धारा 27 के तहत तलाक की याचिका पर सुनवाई कर सकते हैं: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में माना कि एक अतिरिक्त जिला न्यायाधीश के पास विशेष विवाह अधिनियम, 1954 की धारा 27 के तहत दायर तलाक की याचिकाओं को सुनने और निस्तारित करने का अधिकार क्षेत्र है। जस्टिस आर रघुनंदन राव ने कहा कि एपी सिविल कोर्ट अधिनियम की धारा 11(2) जिला न्यायाधीश को मामलों को अतिरिक्त जिला न्यायाधीश को स्थानांतरित करने का अधिकार देती है, जिससे उपरोक्त अवलोकन मजबूत होता है।कोर्ट ने कहा,“अन्यथा भी धारा 11(2) (एपी सिविल कोर्ट अधिनियम, 1972) जिला न्यायाधीश को किसी भी मामले को अतिरिक्त...

कलकत्ता हाईकोर्ट ने शिक्षक के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने से इनकार किया, स्कूल के आसपास अशांति पैदा करने का आरोप
कलकत्ता हाईकोर्ट ने शिक्षक के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने से इनकार किया, स्कूल के आसपास अशांति पैदा करने का आरोप

कलकत्ता हाईकोर्ट ने तेहट्टा बालिका प्राथमिक विद्यालय के एक शिक्षक के खिलाफ आपराधिक प्रक्रियाओं को रद्द करने से इनकार कर दिया। स्कूल में मुस्लिम छात्रों की ओर से अनाधिकृत रूप से 'नबी दिवस' मनाया गया था, जिसमें उस पर गैर-कानूनी जमावड़ा, दंगा, सार्वजनिक कर्मचारी को चोट पहुंचाने का आरोप लगाया गया था। जिसके बाद उन पर आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत कानूनी कार्यवाई शुरू की गई थी।याचिकाकर्ता के खिलाफ दर्ज मामले को सुनवाई की ओर आगे बढ़ाने का निर्देश देते हुए जस्टिस शंपा (दत्त) पॉल की एकल पीठ ने...

संगठन की नीति के आधार पर कर्मचारी का स्थानांतरण आईपीसी के तहत आपराधिक धमकी/षड्यंत्र नहीं: कलकत्ता हाईकोर्ट
संगठन की नीति के आधार पर कर्मचारी का स्थानांतरण आईपीसी के तहत आपराधिक धमकी/षड्यंत्र नहीं: कलकत्ता हाईकोर्ट

कलकत्ता हाईकोर्ट ने गुरुवार को आईडीबीआई बैंक के ह्यूमन रिसोर्स मैनेजर (याचिकाकर्ता) के खिलाफ कर्मचारी/विरोधी पक्ष संख्या 2 की ओर से शुरू की गई आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया। एक महिला सहकर्मी ने उसके खिलाफ कार्यस्‍थल पर यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज की थी। जस्टिस अजॉय कुमार मुखर्जी की एकल पीठ ने यह मानते हुए कि याचिकाकर्ता को विपरीत पक्ष के स्थानांतरण के मामले में आपराधिक धमकी या आपराधिक साजिश के अपराधों का दोषी नहीं माना जा सकता है।कोर्ट ने कहा,'शिकायत के अनुसार याचिकाकर्ता ने केवल पिछली...

नूंह-गुरुग्राम विध्वंस: हाईकोर्ट ने सुनवाई स्थगित की, हरियाणा सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया
नूंह-गुरुग्राम विध्वंस: हाईकोर्ट ने सुनवाई स्थगित की, हरियाणा सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए समय दिया

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने नूंह और गुरुग्राम में हुए डिमॉलिशन के खिलाफ स्वत: संज्ञान मामले में सुनवाई स्थगित कर दी है, ताकि हरियाणा सरकार इस मामले में अपना जवाब दाखिल कर सके। चीफ जस्टिस आरएस झा और जस्टिस अरुण पल्ली की पीठ ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगने के एएजी दीपक सभरवाल के अनुरोध को स्वीकार कर लिया। पीठ ने इस मामले में किसी भी हस्तक्षेप आवेदन पर विचार करने से भी इनकार कर दिया है।जस्टिस अरुण पल्ली और जगमोहन बंसल की पीठ ने 11 अगस्त को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के नियमों के खंड 5 में...

दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश के मामले में उमर खालिद की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट दो हफ्ते बाद सुनवाई करेगा
दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश के मामले में उमर खालिद की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट दो हफ्ते बाद सुनवाई करेगा

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश के मामले में जेएनयू के पूर्व छात्र और एक्टिविस्ट उमर खालिद की जमानत याचिका शुक्रवार को स्थगित कर दी। उल्लेखनीय है कि उमर खालिद सितंबर 2020 से जेल में बंद हैं।फरवरी 2020 में दिल्ली में हुई सांप्रदायिक हिंसा के आसपास की बड़ी साजिश में कथित संलिप्तता के कारण उन्हें यूएपीए के तहत आरोपी बनाया गया है, जिसमें वह अपने मुकदमे की प्रतीक्षा कर रहे हैं। जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस बेला त्रिवेदी की पीठ खालिद की विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें...

सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाले में मिली जमानत के खिलाफ याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग की,  सुप्रीम कोर्ट 25 अगस्त को सुनवाई करेगा
सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाले में मिली जमानत के खिलाफ याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग की, सुप्रीम कोर्ट 25 अगस्त को सुनवाई करेगा

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को चारा घोटाला मामलों में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव को झारखंड हाईकोर्ट द्वारा दी गई जमानत को चुनौती देने वाली केंद्रीय जांच ब्यूरो की अपील को 25 अगस्त को सूचीबद्ध करने पर सहमति व्यक्त की। सीबीआई की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल, एसवी राजू ने मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस संजय करोल और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ से मामले को आज शीघ्र सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया।पृष्ठभूमिझारखंड हाईकोर्ट ने 17.04.2021 को दुमका कोषागार से 3.13 करोड़ रुपये की...

कुछ डॉक्टर आर्थिक लाभ के लिए मानव जीवन की घोर उपेक्षा कर रहे हैं, इस महान पेशे को बदनाम कर रहे हैं: उड़ीसा हाईकोर्ट
कुछ डॉक्टर आर्थिक लाभ के लिए मानव जीवन की घोर उपेक्षा कर रहे हैं, इस महान पेशे को बदनाम कर रहे हैं: उड़ीसा हाईकोर्ट

उड़ीसा हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि भारत में डॉक्टर का स्थान भगवान के बाद माना जाता है, हालांकि कुछ चिकित्सक आर्थिक लाभ की उम्मीद में मानव जीवन की घोर उपेक्षा कर रहे हैं। इस प्रकार, वह इस महान पेशे को बदनाम कर रहे हैं। कोर्ट ने कहा,"यह सच है कि कोई भी समझदार पेशेवर, विशेष रूप से एक डॉक्टर जानबूझकर कोई कार्य नहीं करेगा या ऐसा कार्य करने से चूक जाएगा, जिसके परिणामस्वरूप जीवन की हानि हो। आपातकालीन स्थिति में एक चिकित्सक निश्चित रूप से रोगी का इलाज करने के लिए अपने स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रयास...

सहमति से बने संबंध से उत्पन्न गर्भावस्‍था को समाप्त करते समय डॉक्टरों को पॉक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट में नाबालिग लड़की के नाम का खुलासा करने की जरूरत नहीं: मद्रास हाईकोर्ट
सहमति से बने संबंध से उत्पन्न गर्भावस्‍था को समाप्त करते समय डॉक्टरों को पॉक्सो एक्ट के तहत रिपोर्ट में नाबालिग लड़की के नाम का खुलासा करने की जरूरत नहीं: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में कहा कि जब कोई नाबालिग सहमति से बने यौन संबंध से उत्पन्न गर्भावस्था को समाप्त करना चाहती है तो पंजीकृत चिकित्सक पोक्सो कानून की धारा 19 के तहत रिपोर्ट तैयार करने के लिए नाबालिग के नाम का खुलासा करने पर जोर नहीं दे सकता है। कोर्ट ने माना कि कभी-कभी नाबालिग और उनके अभिभावक मामले को आगे बढ़ाने में और खुद को कानूनी प्रक्रिया में उलझाने में रुचि नहीं रखते, ऐसे मामलों में नाबालिग के नाम का खुलासा किए बिना गर्भावस्था की समाप्ति की जा सकती है।जस्टिस आनंद...

Delhi Riots
दिल्ली दंगे: अदालत ने 'पूर्वनिर्धारित' आरोपपत्र दाखिल करने के लिए दिल्ली पुलिस की खिंचाई की, सबूतों में हेरफेर का संदेह जताया, तीन लोगों को आरोप मुक्त किया

दिल्ली की एक अदालत ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से संबंधित मामले में तीन लोगों को आरोपमुक्त करते हुए कहा कि यह संदेहास्पद है कि दिल्ली पुलिस के जांच अधिकारी ने "सबूतों में हेरफेर" किया। अदालत ने कहा कि पुलिस ने "पूर्व निर्धारित और यांत्रिक तरीके" से आरोपपत्र दायर किया।कड़कड़डूमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुलस्त्य प्रमाचला ने कहा,“यहां यह उल्लेख करना आवश्यक है कि आरोपमुक्त करने का यह आदेश यह महसूस करने के कारण पारित किया जा रहा है कि रिपोर्ट की गई घटनाओं की ठीक से और पूरी तरह से...

ट्रांसजेंडर के प्रति बढ़ती नफरत: मद्रास हाईकोर्ट ने भूमि आवंटन रद्द करने की मांग करने वाले पंचायत अध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगा
"ट्रांसजेंडर के प्रति बढ़ती नफरत": मद्रास हाईकोर्ट ने भूमि आवंटन रद्द करने की मांग करने वाले पंचायत अध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगा

मद्रास हाईकोर्ट ने हाल ही में नैनार्कुप्पम पंचायत के अध्यक्ष को उस कानूनी आधार को स्पष्ट करने का निर्देश दिया, जिसके आधार पर उन्होंने कुड्डालोर जिला कलेक्टर को अभ्यावेदन भेजा गया। इस अभ्यावेदन में इलाके में ट्रांसपर्सन को सरकार द्वारा दिए गए पट्टे को रद्द करने की मांग की गई।जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम ने कहा कि ग्राम पंचायत द्वारा दिए गए प्रतिनिधित्व से इलाके में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के प्रति उनकी नफरत का पता चलता है, जो असंवैधानिक है और संविधान के अनुच्छेद 19(1)(डी) का उल्लंघन है।अदालत ने...

प्रोजेक्ट की लागत 25 करोड़ से बढ़कर 950 करोड़ हो गई: इलाहाबाद हाईकोर्ट में लखनऊ के कन्वेंशन सेंटर जेपीएनआईसी को पूरा करने में देरी के खिलाफ जनहित याचिका दायर
प्रोजेक्ट की लागत 25 करोड़ से बढ़कर 950 करोड़ हो गई: इलाहाबाद हाईकोर्ट में लखनऊ के कन्वेंशन सेंटर जेपीएनआईसी को पूरा करने में देरी के खिलाफ जनहित याचिका दायर

इलाहाबाद हाईकोर्ट में लखनऊ में जय प्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर का काम समय सीमा के भीतर पूरा करने और इसे सार्वजनिक उपयोग के लिए चालू करने की मांग को लेकर जनहित याचिका दायर की गई।याचिकाकर्ता, एक पत्रकार ने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारियों के अनुचित और अवैध कार्यों के कारण राज्य के खजाने को भारी नुकसान हुआ।2006 में तत्कालीन राज्य सरकार ने इंडिया हैबिटेट सेंटर, दिल्ली की तरह लखनऊ में भी जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर के नाम से सांस्कृतिक केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया। यह लोगों के अधिकारों के...