पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
NDPS Act | जब्त ड्रग के रंग और FSL रिपोर्ट में मामूली अंतर के आधार पर जमानत देना अन्यायपूर्ण: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक NDPS मामले में, जिसमें हेरोइन की कमर्शियल मात्रा शामिल है, कहा कि केवल इस आधार पर जमानत नहीं दी जा सकती कि जब्त किए गए मादक पदार्थ के रंग और फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (FSL) रिपोर्ट में मामूली अंतर है।याचिकाकर्ता के वकील ने मुख्य रूप से इस आधार पर जमानत मांगी थी कि जब्ती मेमो में ड्रग का रंग भूरा बताया गया, जो उनके अनुसार ब्राउन होता है, जबकि FSL रिपोर्ट में उसे ऑफ-व्हाइट रंग का बताया गया।कोर्ट ने इसपर कहा,"थोड़ी बहुत कल्पना रंग को बदल सकती है और किसी सामान्य...
17 साल अलग रहने के बाद जोड़े को साथ रहने के लिए मजबूर करना क्रूरता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पिछले 17 वर्षों से अलग रह रहे एक जोड़े के विवाह को भंग कर दिया है, यह देखते हुए कि उन्हें एक साथ रहने के लिए मजबूर करना एक कानूनी संबंध द्वारा समर्थित कल्पना होगी और क्रूरता के समान होगी।जस्टिस सुधीर सिंह और जस्टिस सुखविंदर कौर ने कहा, '2008 से अलग रह रहे पक्षकारों को अगर साथ रहने के लिए मजबूर किया गया तो यह कानूनी संबंध के जरिए एक काल्पनिक कहानी बन जाएगी और यह पक्षकारों की भावनाओं के प्रति बहुत कम सम्मान दर्शाएगी। यह अपने आप में पार्टियों के लिए मानसिक क्रूरता...
हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार द्वारा भूमि आवंटन का अनुचित निरस्तीकर खारिज किया, मानसिक आघात के लिए 5 लाख का मुआवजा दिया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HUDA) के अधिकारियों द्वारा बार-बार आघात और उत्पीड़न का सामना करने के लिए एक डॉक्टर को 5 लाख रुपए का मुआवजा दिया, जिन्होंने अस्पताल बनाने के लिए आवंटित भूखंड को अनुचित तरीके से रद्द कर दिया था।जस्टिस सुरेश्वर ठाकुर और जस्टिस विकास सूरी की खंडपीठ ने कहा,"अब प्रथम दृष्टया HUDA और उसके अधिकारियों की ओर से किए गए दुर्व्यवहार, गैर-कार्यवाही और दुराचार के अपराधों के अलावा याचिकाकर्ता पर बार-बार आघात और उत्पीड़न के लिए तत्काल रिट याचिका को भी...
प्रक्रियात्मक आवश्यकताओं के कारण निर्माण में देरी होने पर आवंटी जिम्मेदार नहीं, हाईकोर्ट ने HUDA द्वारा ₹94 करोड़ विस्तार शुल्क रद्द किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने 1996 में आवंटित भूमि पर सरकारी कर्मचारियों के लिए फ्लैटों के निर्माण में देरी के लिए हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HUDA) द्वारा एक सरकारी संगठन पर लगाए गए 93.12 करोड़ रुपये के विस्तार शुल्क को रद्द कर दिया है।न्यायालय ने पाया कि निर्माण में देरी प्रक्रियात्मक और प्रशासनिक आवश्यकताओं के कारण थी, इसलिए देरी की अवधि को "शून्य अवधि" माना जाएगा। जस्टिस सुरेश्वर ठाकुर और जस्टिस विकास सूरी ने कहा, "हुडा, फरीदाबाद ने आज तक वर्तमान याचिकाकर्ता की बिल्डिंग प्लान को मंजूरी...
PC Act | जब किसी गंभीर अपराध के लिए मंजूरी नहीं दी गई हो तो सरकारी कर्मचारी पर केवल साजिश के लिए मुकदमा नहीं चलाया जा सकता: P&H हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यदि किसी लोक सेवक के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा चलाने की अनुमति नहीं दी गई है तो उस पर आपराधिक षडयंत्र के लिए मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। जस्टिस मंजरी नेहरू कौल ने कहा, "मेरा मानना है कि एक लोक सेवक, जिसके संबंध में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 19 के तहत मुकदमा चलाने की अनुमति नहीं दी गई है, तथा जिस पर उक्त अधिनियम के तहत कोई ठोस अपराध का आरोप नहीं है, उसके विरुद्ध केवल भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी के तहत कार्यवाही...
माता या पिता दोनों समान, प्राकृतिक अभिभावक, उन्हें अपने ही बच्चे के अपहरण का दोषी नहीं माना जा सकता: P&H हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा है कि माता-पिता को अपने ही बच्चे के अपहरण के अपराध में नहीं फंसाया जा सकता, क्योंकि माता-पिता दोनों ही समान प्राकृतिक अभिभावक हैं। जस्टिस हरप्रीत सिंह बरार ने कहा, "किसी घटना को अपहरण माना जाने के लिए यह आवश्यक है कि नाबालिग बच्चे को 'कानूनी अभिभावक' की कस्टडी से दूर ले जाया जाए। हालांकि, मां भी इसके दायरे में आती है, खासकर तब जब सक्षम न्यायालय द्वारा उसे इस अधिकार से वंचित करने का आदेश न दिया गया हो। इस न्यायालय का मानना है कि माता-पिता को अपने ही बच्चे के...
शादी से बाहर पति के रिश्ते को क्रूरता माना जाएगा, जो वैवाहिक संबंध तोड़ने के लिए पर्याप्त: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि अगर पति का विवाहेतर संबंध है और वह उसका उचित स्पष्टीकरण नहीं देता तो इसे पत्नी के प्रति क्रूरता माना जाएगा और यह वैवाहिक जीवन में दरार डालने के लिए पर्याप्त है।जस्टिस सुधीर सिंह और जस्टिस सुखविंदर कौर की पीठ ने कहा,“अपीलकर्ता-पति का यह कहना है कि उसके उस महिला के साथ कोई अवैध संबंध नहीं थे लेकिन हमारा मानना है कि विवाह के बाहर किसी महिला से संबंध बनाए रखना, वह भी बिना किसी उचित स्पष्टीकरण के, निश्चित रूप से क्रूरता की श्रेणी में आता है और यह तथ्य वैवाहिक...
SDM ने कोर्ट के आदेश को खारिज करते हुए मेडिकल बोर्ड का गठन किया, P&H हाईकोर्ट ने कहा कि कार्यपालिका द्वारा उल्लंघन कानूनी व्यवस्था को ध्वस्त कर देगा
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) की ओर से दिए गए नए मेडिकल बोर्ड के गठन के एक आदेश को खारिज कर दिया है, जिसे उन्होंने सेशंस कोर्ट की ओर से दिए गए एक आदेश को खारिज करने के बाद दिया था। सेशंस कोर्ट ने अपने आदेश में मेडिकल बोर्ड के गठन के लिए दिए गए आवेदन को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने आदेश में कहा था, "न्यायपालिका के अधिकार क्षेत्र में कार्यपालिका की ओर से किया गया कोई भी अतिक्रमण न केवल संस्थागत जवाबदेही को कमजोर करेगा, बल्कि पूरी तरह से अराजकता पैदा करते हुए मौजूदा...
पंजाब में हाइब्रिड धान बीजों की बिक्री पर प्रतिबंध: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कृषि विभाग की कानूनी शक्ति पर उठाए सवाल
एक अहम घटनाक्रम में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार द्वारा राज्य में हाइब्रिड धान बीजों की बिक्री पर लगाए गए प्रतिबंध के पीछे की वैधानिक शक्ति पर सवाल उठाए।जस्टिस कुलदीप तिवारी ने पंजाब सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा कि 7 अप्रैल को पारित किए गए उक्त आदेश के पीछे कौन-सी कानूनी शक्ति है, जिसके आधार पर राज्य में हाइब्रिड धान बीजों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया गया।इसके साथ ही कोर्ट ने कृषि और किसान कल्याण विभाग के निदेशक को यह हलफनामा दायर करने को कहा,“क्या उनके पास ऐसा आदेश पारित करने की...
'पुलिस ने बलात्कार के आरोपी के साथ हाथ मिलाया', पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने डिप्टी कमिश्नर को व्यक्तिगत रूप से नाबालिग पीड़िता से मिलने और सुविधाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न की एक नाबालिग पीड़िता की बेबसी पर हैरानी व्यक्त की है, जिसके साथ विभिन्न स्थानों पर वित्तीय लाभ के लिए कई आरोपियों द्वारा बलात्कार किया गया था।जस्टिस एन एस शेखावत ने संबंधित पुलिस उपायुक्त को निर्देश दिया कि वह मौजूदा मामले में पीड़िता से व्यक्तिगत रूप से मिलें और उसकी स्थिति के बारे में विस्तृत रिपोर्ट दायर करें। उपायुक्त को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जाता है कि वर्तमान मामले में पीड़िता को सभी उचित सुविधाएं प्रदान की जाएं और उसे परामर्शदाता और...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्यों को 'गैंगस्टर कल्चर' पर अंकुश लगाने के लिए SOP बनाने का निर्देश दिया, कहा- न्यायपालिका को कड़ा संदेश देना चाहिए
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब और हरियाणा सरकारों को गैंगस्टर संस्कृति पर अंकुश लगाने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) बनाने का निर्देश दिया।जस्टिस हरप्रीत सिंह बरार ने कहा,"न्यायपालिका को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि जो लोग इस तरह की नापाक गतिविधियों में शामिल हैं, उन्हें कानून की पूरी मार झेलनी पड़े, जिससे यह कड़ा संदेश जाए कि इस तरह की आपराधिकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह जनता का विश्वास बहाल करने और कानून का पालन करने वाले समाज की नींव की रक्षा करने की दिशा में एक कदम होगा।"न्यायालय ने...
पंजाब पुलिस के सीनियर आधिकारी पर सेक्सुअल सर्विस मांगने का आरोप, हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया से रिकॉर्डिंग हटाने के आदेश पर लगाई रोक
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने गुरुवार को मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से पंजाब के सीनियर पुलिस अधिकारी की कथित वायरल कॉल रिकॉर्डिंग हटाने के लिए कहा गया। इस रिकॉर्डिंग में एक महिला से यौन सेवा मांगने की बात कही गई थी।जस्टिस मंजरी नेहरू कौल ने विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से यूआरएल, लिंक हटाने के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया। मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई के लिए तय की गई।पीठ ने निर्देश दिया इस बीच अगली सुनवाई की तारीख तक...
पुलिस अदालत की तरह काम कर रही है: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार के मामलों में कानून की गलत व्याख्या के लिए हरियाणा पुलिस की खिंचाई की, शीर्ष अधिकारियों को तलब किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को आपराधिक कानून के सिद्धांतों से भटकने के लिए फटकार लगाते हुए कहा कि यह देखना अजीब है कि पुलिस अधिकारी स्पष्ट रूप से कानून की अदालत की तरह काम कर रहे हैं - मामले की संपत्ति को सुपरदारी पर छोड़ना और साक्ष्य की स्वीकार्यता तय करना। न्यायालय ने इस बात पर प्रकाश डाला कि राज्य के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने भारतीय साख्य अधिनियम (बीएसए) की गलत व्याख्या करके इसे जांच के चरण में लागू किया है, जो केवल न्यायिक कार्यवाही पर लागू...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सेशन जज के खिलाफ भ्रष्टाचार की FIR दर्ज करने की मांग करने वाली वादी से रजिस्ट्री में शिकायत दर्ज कराने को कहा
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सेशन जज के खिलाफ भ्रष्टाचार की FIR दर्ज करने की मांग करने वाली महिला से हाईकोर्ट रजिस्ट्री में शिकायत दर्ज करने को कहा।चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस सुमित गोयल की खंडपीठ ने कहा कि इस मामले पर न्यायिक पक्ष में विचार नहीं किया जा सकता।न्यायालय ने शुरू में कहा,"याचिकाकर्ता जो व्यक्तिगत रूप से पेश हुई है, उसका तर्क है कि वह उक्त न्यायिक अधिकारी के समक्ष लंबित मुकदमे में कथित अवैधानिकता के कृत्य से व्यथित है।"इसके बाद न्यायालय ने कहा,"भ्रष्टाचार और अवैधता के कुछ कृत्यों...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने मादक पदार्थ मामले में आरोपी की सजा घटाकर पहले से काटी गई सजा तक सीमित की
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एनडीपीएस (NDPS Act) मामले में दोषसिद्धि पर नरम रुख अपनाते हुए एक युवक की छह महीने की सज़ा को घटाकर केवल उस अवधि तक सीमित कर दिया जो उसने पहले ही जेल में बिताई थी।अपीलकर्ता को NDPS Act की धारा 22(b) के तहत दोषी ठहराया गया। उसे छह महीने के कठोर कारावास तथा 5,000 जुर्माने की सज़ा सुनाई गई। उस पर आरोप था कि वह 115 नशीली गोलियों के साथ संज्ञानात्मक कब्जे में पकड़ा गया था।जस्टिस एन.एस. शेखावत ने कहा,“अपीलकर्ता एक युवा व्यक्ति है, जिसकी उम्र लगभग 27 वर्ष है। वह अपने परिवार...
बेची गई संपत्ति पर पुनर्ग्रहण कार्यवाही लागू नहीं की जा सकती, यह अनुच्छेद 300ए का उल्लंघन होगा: P&H हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि पंजीकृत सेल डीड के जरिए बेची गई संपत्ति को पुनर्ग्रहण कार्यवाही के माध्यम से वापस नहीं लिया जा सकता है, क्योंकि ऐसा करना अनुच्छेद 300-ए के तहत संपत्ति के अधिकार का उल्लंघन होगा। जस्टिस सुरेश्वर ठाकुर और जस्टिस विकास सूरी ने कहा,"किसी भी सुप्रा शर्त के कथित उल्लंघन पर, जो अन्यथा केवल विक्रय अनुबंध (अनुलग्नक पी-8) में मौजूद है और पंजीकृत हस्तांतरण विलेख (अनुलग्नक पी-9) में शामिल नहीं है, इस प्रकार, ग्रहण की शक्ति का तत्काल आह्वान, स्वाभाविक रूप से...
कनाडाई आदेश का उल्लंघन कर पिता ने बच्चे को कस्टडी में लिया, P&H हाईकोर्ट ने बच्चे को मां को सौंपने का निर्देश दिया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक कनाडाई महिला की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को स्वीकार कर लिया है, जिसमें उसने अपने बच्चे की कस्टडी अपने पिता से मांगी है, जिसने कथित तौर पर कनाडाई न्यायालय के आदेश का उल्लंघन करते हुए उन्हें कस्टडी में लिया था। जस्टिस मंजरी नेहरू कौल कहा, "भारतीय न्यायालयों को अपने अधिकार क्षेत्र में न्यायिक कार्यवाही से बचने के इच्छुक विदेशी नागरिकों के लिए मुकदमेबाजी के लिए सुविधा के साधन तक सीमित नहीं किया जा सकता। भारतीय न्यायालयों के संवैधानिक रिट अधिकार क्षेत्र...
व्यक्ति को पुलिस हिरासत में कथित तौर पर बिजली का झटका दिया गया, नग्न अवस्था में रिकॉर्डिंग की गई: P&H हाईकोर्ट ने SSP से जवाब मांगा, मेडिकल बोर्ड के गठन का निर्देश दिया
हिरासत में हिंसा और क्रूर यातना के गंभीर आरोपों को ध्यान में रखते हुए, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से जवाब मांगा है और PGIMER चंडीगढ़ को पंजाब पुलिस द्वारा कथित रूप से पहुंचाई गई चोटों की जांच करने के लिए एक मेडिकल बोर्ड गठित करने का निर्देश दिया है। यह आरोप लगाया गया था कि एक व्यक्ति को अवैध रूप से हिरासत में लिया गया था, हिरासत में यातना दी गई थी और उसे बिजली के झटके भी दिए गए थे। याचिकाकर्ता के वकील ने प्रस्तुत किया कि याचिकाकर्ता की नग्न...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने नाबालिग की बाइक रोकने के कथित कदाचार के लिए पुलिसकर्मी पर लगाई गई बढ़ी हुई सजा को खारिज किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने नाबालिग लड़के के वाहन को रोकने के कथित कदाचार के लिए पंजाब पुलिस के एक अधिकारी पर लगाई गई बढ़ी हुई सजा को खारिज कर दिया है। लड़के के पास कंडोम पाया गया था और बाद में उसके पिता द्वारा डांटे जाने के बाद उसने आत्महत्या कर ली थी, जिसे पुलिस ने बुलाया था। जस्टिस जगमोहन बंसल ने कहा, "याचिकाकर्ता ने अपने आधिकारिक कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए कथित कदाचार किया। कथित कदाचार के लिए उसे दो वेतन वृद्धि जब्त करने की सजा दी गई। याचिकाकर्ता ने नाबालिग बच्चे के वाहन को अवैध रूप...
'गांव की आम भूमि' के अंतर्गत न आने वाले परित्यक्त जलमार्गों को निजी संपत्ति के रूप में हस्तांतरित किया जा सकता है: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने नाले के जलमार्ग को बाधित करने वाली कथित ग्राम पंचायत की भूमि को एक निजी डेवलपर को हस्तांतरित करने को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है, यह देखते हुए कि जलमार्ग को बहुत पहले ही छोड़ दिया गया था। पंजाब ग्राम साझा भूमि (विनियमन) नियमों का हवाला देते हुए, जस्टिस सुरेश्वर ठाकुर और जस्टिस विकास सूरी ने कहा, "शामलात देह में उपयोग में नहीं आने वाले परित्यक्त पथ या जलमार्ग को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार बिक्री द्वारा हस्तांतरित किया जा सकता है।"तथ्यगांव पापड़ी...















