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देश भर में मंदिरों पर कब्ज़ों के खिलाफ़ निर्देश देने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का सुनवाई से इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने देश भर में मंदिरों की प्रॉपर्टी पर कब्ज़े की जांच के लिए कमेटियां बनाने के निर्देश देने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करने से यह कहते हुए मना किया कि वह ऐसे मामलों पर पूरे देश में निर्देश जारी नहीं कर सकता।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच मंदिर की ज़मीनों के लिए देश भर में निगरानी के सिस्टम की मांग वाली रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी। शुरुआत में सीजेआई ने कहा कि अलग-अलग राज्यों में मंदिर मैनेजमेंट ट्रस्ट पहले से मौजूद हैं और मिस-मैनेजमेंट...
सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम विरोधी टिप्पणी के आरोपी UP पुलिस अधिकारी को वॉयस सैंपल देने का निर्देश दिया
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश में एक व्यक्ति के खिलाफ क्रिमिनल केस रद्द किया, क्योंकि पाया गया कि उसके खिलाफ यह केस गलत तरीके से दर्ज किया गया था, क्योंकि वह एक ऑडियो क्लिप पर कानूनी कार्रवाई शुरू करने का प्रस्ताव दे रहा था, जिसमें बिजनौर के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक को कथित तौर पर मुसलमानों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए सुना गया था।जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने DIG संजीव त्यागी (तत्कालीन SP बिजनौर) को पक्षकार बनाया और उन्हें वेरिफिकेशन के लिए कथित ऑडियो...
'हैरान करने वाली लापरवाही': आरोपी के क्रिमिनल रिकॉर्ड के बारे में कोई जानकारी न होने पर सुप्रीम कोर्ट ने UP पुलिस की आलोचना की
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यवाही को लापरवाही से संभालने के लिए कड़ी आलोचना की, जब यह पता चला कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के एक फैसले के खिलाफ 1982 की अपील से जुड़े एक मामले में आरोपी के साथ आए सब-इंस्पेक्टर को भी उसके क्रिमिनल रिकॉर्ड के बारे में कोई जानकारी नहीं है।बेंच ने इस बात पर भी हैरानी जताई कि राज्य के वकील को भी उतनी ही जानकारी नहीं है। प्रतिवादी के पिछले मामलों की जानकारी देने के लिए जब कहा गया तो वकील ने माना कि उन्हें "निर्देश लेने" की ज़रूरत होगी।अपनी असहमति दर्ज करते हुए...
SC/ST Act का 'गलत इस्तेमाल' नहीं होना चाहिए: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 9 साल की देरी के बाद दर्ज FIR में ज़मानत दी
SC-ST Act 1989 के तहत रेप और अपराधों के आरोपों से जुड़ी FIR में दो आरोपियों को ज़मानत देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा कि स्पेशल कानून के तहत पीड़ित को दिए गए अधिकारों का "गलत इस्तेमाल और गलत इस्तेमाल नहीं होना चाहिए"।जस्टिस अनिल कुमार-X की बेंच ने अपील करने वालों [अज़नान खान और फुरकान इलाही] को ज़मानत दी, जिसमें मुख्य रूप से FIR दर्ज करने में 9 साल की बिना वजह की देरी और विक्टिम, जो खुद एक प्रैक्टिसिंग वकील हैं, के 'गलत' बर्ताव को ध्यान में रखा गया।संक्षेप में मामलापीड़िता ने इस साल...
महिला का साझा घर का अधिकार ससुराल वालों के घर में हमेशा के लिए रहने का लाइसेंस नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने माना कि घरेलू हिंसा एक्ट की धारा 17 के तहत महिला का साझा घर का अधिकार सुरक्षा का अधिकार है, न कि मालिकाना हक का अधिकार या ससुराल वालों की जगह पर हमेशा के लिए रहने का लाइसेंस, खासकर तब जब ऐसे कब्जे से सीनियर सिटिजन को साफ नुकसान होता हो।जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस हरीश वैद्यनाथन शंकर की डिवीजन बेंच ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने हमेशा माना कि ऐसे अधिकार को सीनियर सिटिजन माता-पिता के अपनी प्रॉपर्टी पर शांति से कब्जे और उसके इस्तेमाल के अधिकारों के साथ बैलेंस किया जाना...
NDPS मामलों में ट्रायल पेंडिंग रहने तक जमानत देने के 'रीजनेबल ग्राउंड्स' को BSA के तहत 'प्रूफ' नहीं माना जा सकता: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
जमानत आवेदन के मामले में 'रीजनेबल ग्राउंड्स' की बैलेंस्ड व्याख्या के महत्व पर ज़ोर देते हुए जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ऐसे ग्राउंड्स सिर्फ़ शक से आगे जाने चाहिए, लेकिन पक्के सबूत से कम होने चाहिए।जस्टिस मोहम्मद यूसुफ वानी की बेंच ने आगे कहा,“'रीजनेबल ग्राउंड्स' शब्दों का मतलब 'भारतीय साक्ष्य अधिनियम' में इस्तेमाल किए गए साबित होने के तौर पर नहीं पढ़ा जा सकता। मेरी राय में ऐसी व्याख्या कोर्ट को ट्रायल पेंडिंग रहने तक बेल देने की मिली शक्ति को खत्म कर देगी। 'रीजनेबल...
2023 विक्रम अवॉर्ड: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एडवेंचर स्पोर्ट्स कैटेगरी में माउंटेनियर भावना डेहरिया के सलेक्शन को चुनौती देने वाली अर्जी खारिज की
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सोमवार (8 दिसंबर) को माउंटेनियर मधुसूदन पाटीदार की अर्जी खारिज की, जिसमें 2023 विक्रम अवॉर्ड (एडवेंचर स्पोर्ट्स कैटेगरी) के लिए अवॉर्डी को चुनने में राज्य सरकार की तरफ से 'निष्क्रियता और भेदभाव' का आरोप लगाया गया था और खास तौर पर माउंटेनियर भावना डेहरिया के सिलेक्शन को चुनौती दी गई थी।जस्टिस प्रणय वर्मा ने कहा कि पाटीदार मध्य प्रदेश अवॉर्ड रूल्स, 2021 के तहत विचार के लिए अयोग्य हैं, क्योंकि उनका माउंट एवरेस्ट समिट, जो उनके दावे का एक ज़रूरी आधार है, तय पांच साल की...
कोर्ट अमेंडमेंट एप्लीकेशन पर फैसला करते समय लोकल कमिश्नर की रिपोर्ट की सच्चाई का पता नहीं लगा सकता: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कहा कि ऑर्डर 6 रूल 17 CPC के तहत किसी एप्लीकेशन पर फैसला करते समय अपील कोर्ट लोकल कमिश्नर की रिपोर्ट की सच्चाई पर सवाल नहीं उठा सकता, क्योंकि इसकी सच्चाई की जांच करना पार्टियों के अधिकार क्षेत्र में आता है और इसे सबूतों के ज़रिए परखा जाना चाहिए।कोर्ट ने आगे कहा कि अमेंडमेंट की इजाज़त देने का मतलब उसे स्वीकार करना नहीं है, रेस्पोंडेंट के पास अभी भी लिखित बयान और सबूतों के ज़रिए बदली हुई दलीलों को चुनौती देने का मौका होगा।जस्टिस अजय मोहन गोयल ने कहा:“रिपोर्ट पर आपत्ति...
बालिग अविवाहित बेटी CrPC की धारा 125 के तहत पिता से भरण-पोषण मांग सकती है: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि बालिग अविवाहित बेटी CrPC की धारा 125 के तहत पिता से मेंटेनेंस मांगने के लिए मां के साथ जॉइंट एप्लीकेशन फाइल कर सकती है।जस्टिस अमित महाजन ने कहा कि एक बालिग हिंदू बेटी हिंदू एडॉप्शन एंड मेंटेनेंस एक्ट, 1956 की धारा 20 के तहत अपने पिता से मेंटेनेंस पाने की हकदार है, जब तक वह अविवाहित है और अपनी कमाई और प्रॉपर्टी से अपना मेंटेनेंस नहीं कर सकती।जज ने एक पिता की उस अर्जी को खारिज कर दिया, जिसमें फैमिली कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी। फैमिली कोर्ट ने अपने इस आदेश में बेटी...
भारत का संविधान: तनाव में वर्तमान, नाजुक भविष्य
क्या सरकार की ओर से कार्य करने वाले राष्ट्रपति संविधान के अनुच्छेद 143 के तहत सुप्रीम कोर्ट के सलाहकार क्षेत्राधिकार को लागू करके सुप्रीम कोर्ट के किसी निर्णय या बाध्यकारी मिसाल को पूर्ववत करने की कोशिश कर सकते हैं?क्या सुप्रीम कोर्ट "कार्यात्मक संदर्भ" में कानून के बारे में अपने दृष्टिकोण को व्यक्त करने की आड़ में, संविधान के तहत निर्वाचित विधायिका के आवश्यक कार्यों और कामकाज को अपंग कर सकता है?क्या सुप्रीम कोर्ट भारत के राष्ट्रपति के संवैधानिक कार्यालय को अपनी राय देते हुए चुनिंदा रूप से...
NCDRC के आदेशों के खिलाफ आर्टिकल 226 की रिट केवल 'अपवादात्मक परिस्थितियों' में ही स्वीकार्य: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) के आदेशों को चुनौती देने वाली रिट याचिका संविधान के आर्टिकल 226 के तहत तो दायर की जा सकती है, लेकिन इस अधिकार का उपयोग केवल अत्यंत अपवादात्मक परिस्थितियों में ही किया जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि सामान्य परिस्थितियों में किसी भी पक्षकार को वैकल्पिक उपाय, यानी हाईकोर्ट की सुपरवाइजरी जुरिस्डिक्शन के तहत आर्टिकल 227 का सहारा लेना होगा।जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस प्रशांत कुमार की खंडपीठ ने एम/एस साहू लैंड...
दिल्ली हाईकोर्ट ने BCD चुनावों में जिला कोर्ट में मतदान केंद्र स्थापित करने की मांग पर BCI समिति को विचार करने का निर्देश दिया
दिल्ली हाई कोर्ट ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) द्वारा गठित स्पेशल कमेटी को निर्देश दिया है कि वह अधिवक्ता सुरेन्द्र कुमार द्वारा दायर याचिका को प्रतिनिधित्व (representation) के रूप में स्वीकार कर उस पर निर्णय ले। यह याचिका आगामी बार काउंसिल ऑफ दिल्ली (BCD) चुनावों में मतदान की बेहतर व्यवस्था करने से संबंधित थी।जस्टिस मिनी पुष्कर्णा ने कहा कि स्पेशल कमेटी इस प्रतिनिधित्व पर विचार कर तीन सप्ताह के भीतर उचित आदेश पारित करे।BCD चुनाव 13-14 फरवरी, 2026 को होने वाले हैं, जिसमें दिल्ली हाई कोर्ट और...
MP हाईकोर्ट: दोहराई गई याचिका पर ₹5,000 जुर्माना
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने आदर्श क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड (ACCSL) के खिलाफ विभिन्न शहरों में दर्ज धोखाधड़ी और गबन के मामलों की FIR को एकजुट कर एक ही जांच और एकीकृत ट्रायल की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। जस्टिस हिमांशु जोशी की एकल-पीठ ने याचिकाकर्ता पर ₹5,000 का जुर्माना लगाते हुए कहा कि उसने बिना किसी उचित कारण के हाईकोर्ट की असाधारण रिट-जूरिस्डिक्शन का दुरुपयोग किया है, जबकि इसी तरह की राहत मांगने वाली पूर्व याचिका पहले ही बिना किसी स्वतंत्रता (liberty) के वापस ले ली गई...
सुप्रीम कोर्ट ने BYJU'S की विदेशी कंपनियों की बिक्री पर अवमानना कार्यवाही में हाईकोर्ट के आदेशों पर लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केरल हाई कोर्ट के उन आदेशों पर अंतरिम रोक लगा दी, जिनमें Byju's के Resolution Professional शैलेन्द्र अजमेरा, GLAS Trust के प्रतिनिधि सुनील थॉमस, और Ernst & Young के चेयरमैन राजीव मेमानी को Epic! Creations Inc. और Tangible Play Inc. की बिक्री के सिलसिले में शुरू की गई अवमानना कार्यवाही में व्यक्तिगत रूप से हाई कोर्ट में पेश होने के लिए कहा गया था।जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस अतुल चन्द्रुकार — ने सुनील थॉमस द्वारा दायर अपील पर नोटिस जारी किया और कहा:“फिलहाल...
पर्सनैलिटी राइट्स सुरक्षा की मांग लेकर हाईकोर्ट पहुंचे एक्टर NTR जूनियर
NTR जूनियर के नाम से मशहूर एक्टर नंदमुरी तारक रामाराव ने सोमवार को अपनी पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।इस मामले की सुनवाई सोमवार को जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा ने की।कोर्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स को एक्टर के केस को इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (इंटरमीडियरी गाइडलाइंस और डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) रूल्स, 2021 के तहत शिकायत मानने का निर्देश दिया।जज ने प्लेटफॉर्म्स को तीन दिनों के अंदर शिकायत पर ज़रूरी कदम उठाने का आदेश दिया।यह सीनियर...
पाकिस्तान के समर्थन में पोस्ट करने वाले प्रोफेसर को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत
सुप्रीम कोर्ट ने असम के एक कॉलेज प्रोफेसर को अंतरिम ज़मानत दी, जिस पर इस साल भारत-पाक लड़ाई के दौरान कथित तौर पर 'पाकिस्तान के समर्थन में' टिप्पणी करने का आरोप है। उस पर सोशल मीडिया पर अश्लील पोस्ट करने का भी आरोप है।कथित तौर पर, उस आदमी (याचिकाकर्ता) ने फेसबुक पर एक पोस्ट अपलोड की, जिसमें लिखा था "हम पाकिस्तानी नागरिकों के भाई के साथ हैं"। पोस्ट में आगे कहा गया था, "हम भविष्य में भी उनके साथ रहेंगे"। इसने तुर्की के राष्ट्रपति का भी समर्थन किया, जिन्होंने कथित तौर पर कहा था कि वे पाकिस्तानी...
सुप्रीम कोर्ट में VC के ज़रिये पेश होने चाहते हैं सोनम वांगुचक, केंद्र सरकार ने किया विरोध
केंद्र सरकार ने सोमवार (8 दिसंबर) को सोनम वांगचुक की उस रिक्वेस्ट का विरोध किया, जिसमें उन्होंने नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत उनकी हिरासत को चुनौती देने वाली सुनवाई में जोधपुर जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए सुप्रीम कोर्ट में पेश होने की प्रार्थना की थी।वांगचुक की पत्नी डॉ. गीतांजलि अंगमो ने लद्दाख के सोशल एक्टिविस्ट की हिरासत को चुनौती देते हुए हेबियस कॉर्पस पिटीशन के ज़रिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया था, जिन्हें सितंबर में राज्य के दर्जे के लिए लद्दाख में हुए विरोध प्रदर्शनों...
BREAKING| सुप्रीम कोर्ट ने स्टेट बार काउंसिल में 30% महिला रिज़र्वेशन का दिया आदेश दिया, 10% सीटों पर को-ऑप्शन की भी इजाज़त
एक अहम आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को निर्देश दिया कि स्टेट बार काउंसिल में 30% सीटों पर - जहां चुनाव अभी नोटिफ़ाई नहीं हुए - महिला वकीलों को रिप्रेज़ेंट किया जाना चाहिए।इस साल के लिए कोर्ट ने आदेश दिया कि 20% सीटें महिला सदस्यों के चुनाव से और 10% को-ऑप्शन से भरी जानी चाहिए। कोर्ट ने निर्देश दिया कि उन काउंसिल के संबंध में को-ऑप्शन का प्रस्ताव उसके सामने रखा जाए, जहां महिलाओं की संख्या काफ़ी नहीं हो सकती है।कोर्ट ने कहा कि उन छह बार काउंसिल में महिलाओं के लिए सीटें तय करना समझदारी नहीं...
स्टेट फंडिंग से फ्री और फेयर चुनाव होंगे: जस्टिस ओक ने जस्टिस तारकुंडे के सुझावों को याद किया
बॉम्बे हाईकोर्ट के जाने-माने जज-जस्टिस वीएम तारकुंडे के विज़न की तारीफ़ करते हुए सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस अभय ओक ने हाल ही में जस्टिस तारकुंडे की 1975 में की गई कुछ "भूली हुई" सिफारिशों पर रोशनी डाली, जिनमें ज़मीनी लेवल पर वोटर्स काउंसिल और चुनावों की स्टेट फंडिंग से जुड़ी सिफारिशें भी शामिल हैं।जस्टिस ओक ने याद दिलाया कि 1974 में जयप्रकाश नारायण (सिटिज़न्स फॉर डेमोक्रेसी की ओर से) ने जस्टिस तारकुंडे को एक कमेटी (सिटिज़न्स कमीशन ऑन इलेक्शन्स) का हेड बनाया था, जिसने एक रिपोर्ट दी थी,...
सुप्रीम कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में सेंथिल बालाजी की ज़मानत शर्तों में दी ढील
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को तमिलनाडु के पूर्व मंत्री वी सेंथिल बालाजी पर लगाई गई ज़मानत की शर्त में ढील दी कि उन्हें हर सोमवार और शुक्रवार सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच चेन्नई में डायरेक्टरेट ऑफ़ एनफोर्समेंट (ED) के डिप्टी डायरेक्टर के ऑफिस में पेश होना होगा।शर्त में बदलाव करते हुए चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया (सीजेआई) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने निर्देश दिया कि बालाजी, ऑफिसर द्वारा "जब भी ज़रूरी हो" डिप्टी डायरेक्टर के सामने पेश होंगे। कोर्ट ने कहा कि अगर बालाजी की मौजूदगी...




















