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FACEBAKE विवाद में मेटा की याचिका का हाईकोर्ट ने किया निपटारा, ट्रेडमार्क नियमों के पालन पर कोर्ट की मुहर
दिल्ली हाईकोर्ट ने मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक (पूर्व में फेसबुक) द्वारा दायर निष्पादन याचिका को यह देखते हुए निपटा दिया कि FACEBAKE और FACECAKE ब्रांड के संचालकों ने अदालत के पहले के आदेशों का पूरी तरह पालन किया। अदालत ने पाया कि प्रतिवादियों ने मेटा के FACEBOOK ट्रेडमार्क से मिलते-जुलते भ्रामक नामों का उपयोग बंद कर दिया, जो बौद्धिक संपदा अधिकारों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा ने 24 दिसंबर, 2025 को पारित अपने आदेश में 6 जुलाई, 2022 के उस फैसले के अनुपालन...
किसानों को ज़मीन अधिग्रहण के बदले मुआवज़े में बढ़ोतरी मांगने के अधिकार के बारे में सूचित करना राज्य का कर्तव्य: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि लैंड एक्विजिशन एक्ट, 1894 की धारा 28-A के तहत मुआवज़े को फिर से तय करने की मांग करने वाले आवेदनों को सर्टिफाइड कॉपी जमा न करने जैसे बहुत ज़्यादा तकनीकी आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि धारा 28-A एक फायदेमंद प्रावधान है जिसे ज़मीन मालिकों के बीच मुआवज़े में असमानता को खत्म करने के लिए बनाया गया। इसके उद्देश्य को पूरा करने के लिए इसकी उदारता से व्याख्या की जानी चाहिए। इसने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि जिन किसानों की आजीविका का एकमात्र स्रोत अनिवार्य अधिग्रहण...
कलंक लगाकर बिना सुनवाई बर्खास्तगी बर्दाश्त नहीं: सिविल डिफेंस एक्ट की धारा पर दिल्ली हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
दिल्ली हाईकोर्ट ने सिविल डिफेंस एक्ट, 1968 की धारा 6(2) की संवैधानिक वैधता बरकरार रखते हुए अत्यंत महत्वपूर्ण कानूनी व्यवस्था दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि प्रशासन इस धारा का उपयोग किसी स्वयंसेवक पर 'कलंक' लगाकर उसे बिना सुनवाई के सेवा से बाहर करने के लिए एक 'ढाल' के रूप में नहीं कर सकता।जस्टिस सी. हरि शंकर और जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की खंडपीठ ने उन सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों की बर्खास्तगी आदेश रद्द कर दिया है, जिन्हें COVID-19 महामारी के दौरान ड्यूटी पर कथित रूप से रिपोर्ट न करने के कारण अवांछनीय...
इनकम टैक्स एक्ट के तहत चैरिटेबल मानी गई संस्था को FCRA में अलग नजरिए से नहीं देखा जा सकता: मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने स्पष्ट किया कि जिस ट्रस्ट को इनकम टैक्स एक्ट (Income Tax Act) के तहत चैरिटेबल संस्था के रूप में मान्यता प्राप्त है, उसे विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) के तहत उस दर्जे से वंचित नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि इनकम टैक्स एक्ट की धारा बारह ए के तहत वैध पंजीकरण रखने वाली संस्था की चैरिटेबल हैसियत को नजरअंदाज करना कानूनन उचित नहीं है।जस्टिस जी आर स्वामीनाथन की एकल पीठ अरष विद्या परंपरा ट्रस्ट की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें गृह मंत्रालय द्वारा ट्रस्ट का...
ध्वस्त मकानों का मुआवजा दोषी अधिकारियों से ही वसूला जाए, राज्य पर नहीं डाला जा सकता बोझ: झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान की अधिग्रहित भूमि पर हुए अवैध निर्माण और अतिक्रमण के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जिन अधिकारियों की लापरवाही और मिलीभगत से यह स्थिति पैदा हुई, उन्हीं से ध्वस्त मकानों का मुआवजा वसूला जाना चाहिए। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि ऐसी अवैधताओं के लिए राज्य के खजाने पर बोझ डालना न्यायसंगत नहीं है।चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ ने रिम्स की भूमि पर हुए अतिक्रमण से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिए।...
अरावली पहाड़ियों पर अपने ही फैसले पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, गठित की नई कमेटी
अरावली पहाड़ियों की बदली हुई परिभाषा से जुड़ी चिंताओं पर शुरू किए गए स्वतः संज्ञान मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (29 दिसंबर) को अरावली पहाड़ियों की परिभाषा में बदलाव से जुड़े अपने पहले के निर्देशों पर रोक लगाई। कोर्ट ने यह चिंता जताई कि एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट और कोर्ट की टिप्पणियों को गलत समझा जा रहा है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) सूर्यकांत, जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस एजी मसीह की बेंच ने कहा कि रिपोर्ट या कोर्ट के निर्देशों को लागू करने से पहले और स्पष्टीकरण की ज़रूरत है। बता दें,...
BREAKING | उन्नाव रेप केस में कुलदीप सेंगर की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगाई, जिसमें उत्तर प्रदेश के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सज़ा निलंबित कर दी गई थी और उन्नाव रेप केस में दोषी ठहराए जाने के खिलाफ अपील लंबित रहने के दौरान उन्हें जमानत दे दी गई थी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिय (सीजेआई) सूर्यकांत, जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस जस्टिस एजी मसीह की बेंच ने यह आदेश पारित किया। हालांकि, इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर नोटिस जारी किया था, जिसमें सेंगर की सज़ा निलंबित कर दी गई थी और दोषी...
उपभोग बंधक में मोचन के लिए परिसीमन अवधि बंधक के भुगतान की तारीख से शुरू होती है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि उपभोग बंधक के मामलों में मोचन (Redemption) के लिए परिसीमन की अवधि बंधक बनाने की तारीख से शुरू नहीं होती है, बल्कि उस तारीख से शुरू होती है जिस पर बंधक की रकम कानून के अनुसार वास्तव में भुगतान या समायोजित की जाती है।परिसीमन के आधार पर मोचन का दावा खारिज करने की मांग करने वाले बंधकदारों द्वारा दायर अपील खारिज करते हुए कोर्ट ने स्पष्ट किया कि परिसीमन अधिनियम के तहत निर्धारित परिसीमन अवधि की मात्र समाप्ति एक उपभोग बंधक में बंधककर्ता के मोचन के अधिकार को समाप्त नहीं...
बोर्ड ऑफ रेवेन्यू में कैविएट प्रक्रिया में खामी: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जारी किए व्यापक दिशानिर्देश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश राज्य में बोर्ड ऑफ रेवेन्यू में कैविएट पर नोटिस जारी करने के लिए व्यापक दिशानिर्देश जारी किए।उन मामलों में होने वाली दिक्कतों को देखते हुए जिनमें बाहर के वकील शामिल होते हैं, जस्टिस जे.जे. मुनीर ने कहा:“हमारा मानना है कि कई संभावित दिक्कतों से बचने के लिए मामले में पेश होने वाले बाहर के वकील को बोर्ड द्वारा अपने एक ऐसे सहयोगी को रखने के लिए कहा जा सकता है, जो उस स्टेशन पर रहता हो जहां बोर्ड की बेंच स्थित है, यानी उस बेंच पर जहां कैविएट दायर की गई। वैकल्पिक रूप...
सुप्रीम कोर्ट ने 'छठी इंद्री' पर काम करते हुए शादी करवाई, शादी के झूठे वादे पर रेप की सज़ा रद्द की
सुप्रीम कोर्ट ने शादी के झूठे वादे पर एक महिला का यौन शोषण करने के आरोपी व्यक्ति की रेप की सज़ा और दंड रद्द किया, क्योंकि अपील के दौरान दोनों पक्षों ने एक-दूसरे से शादी कर ली थी। कोर्ट ने टिप्पणी की कि उसने अपनी "छठी इंद्री" पर काम किया कि उन्हें एक साथ लाकर विवाद को सुलझाया जा सकता है।जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी असाधारण शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए अपीलकर्ता के खिलाफ FIR, सज़ा और दंड को रद्द करके "पूरा न्याय" किया।कोर्ट ने यह...
'HIV पॉजिटिव कर्मचारी को स्थायी न करना संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन': बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि किसी कर्मचारी को सिर्फ़ इसलिए पक्का न करना कि वह HIV पॉजिटिव है, मनमाना, भेदभावपूर्ण और भारत के संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन है। कोर्ट ने कहा कि जब कोई कर्मचारी बिना किसी रुकावट के अपने सहकर्मियों की तरह ही काम करता रहता है तो उसके HIV स्टेटस को कम सैलरी पर वही काम करवाते हुए उसे पक्का करने का फ़ायदा न देने का आधार नहीं बनाया जा सकता। कोर्ट ने ज़ोर देकर कहा कि ऐसा इनकार करना दुश्मनी वाला भेदभाव है और समानता और गरिमा के संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ़ है।जस्टिस...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अवैध तोड़फोड़ और रेवेन्यू रिकॉर्ड में एकतरफ़ा बदलाव के लिए राज्य पर ₹20 लाख का जुर्माना लगाया
छुट्टियों के दौरान एक आदेश पारित करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता की संपत्ति पर अवैध रूप से ढांचा गिराने और याचिकाकर्ता की संपत्ति के संबंध में रेवेन्यू रिकॉर्ड में एकतरफ़ा आदेश पारित करके बदलाव करने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य पर 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।जुर्माना लगाते हुए जस्टिस आलोक माथुर ने टिप्पणी की:“सिर्फ़ विवादित आदेश रद्द करना याचिकाकर्ता को पूरा न्याय देने के लिए काफ़ी नहीं होगा, जिसकी संपत्ति को राज्य अधिकारियों ने अवैध रूप से गिरा दिया है। उपरोक्त कार्रवाई के लिए, राज्य...
CPC की धारा 24 के तहत ट्रांसफर आदेश के खिलाफ विशेष अपील सुनवाई योग्य नहीं, क्योंकि यह 'निर्णय' नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि CPC की धारा 24 के तहत ट्रांसफर आवेदन पर दिए गए आदेश के खिलाफ विशेष अपील इलाहाबाद हाईकोर्ट नियम, 1952 के अध्याय VIII नियम 5 के तहत सुनवाई योग्य नहीं है, क्योंकि ऐसा आदेश कोई निर्णय नहीं है।जस्टिस राजन रॉय और जस्टिस प्रशांत कुमार की बेंच ने कहा,“CPC की धारा 24 के तहत पारित आदेश कोई निर्णय नहीं है। इसलिए इलाहाबाद हाईकोर्ट नियम, 1952 के अध्याय VIII नियम 5 के तहत इस आधार पर अपील सुनवाई योग्य नहीं है।”CPC की धारा 24 हाईकोर्ट या जिला कोर्ट को अपनी मर्जी से या किसी...
राउंड अप 2025 | ज्यूडिशियल सर्विस पर सुप्रीम कोर्ट के चर्चित फैसले
जिला जज पदों में न्यायिक अधिकारियों के लिए कोई कोटा नहींः सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायिक सेवा में वरिष्ठता पर दिशानिर्देश जारी किएसुप्रीम कोर्ट ने जिला न्यायाधीशों के पदों पर प्रवर्तनीय न्यायाधीशों के लिए किसी भी विशेष कोटा/भार को खारिज कर दिया, यह देखते हुए कि उच्च न्यायिक सेवा में सीधी भर्ती के असमान प्रतिनिधित्व का कोई राष्ट्रव्यापी पैटर्न नहीं है।अदालत ने कहा कि न्यायिक अधिकारियों के बीच "दिल की जलन" की कथित भावना कैडर उच्च न्यायिक सेवा (एचजेएस) के भीतर किसी भी कृत्रिम वर्गीकरण के निर्माण को...
BREAKING : सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पहाड़ियों की परिभाषा पर स्वतः संज्ञान लिया
सुप्रीम कोर्ट ने अरावली पहाड़ियों की परिभाषा में हाल ही में हुए बदलाव से पैदा हुई चिंताओं पर स्वतः संज्ञान लिया। ऐसी आशंका है कि इस कदम से बिना रोक-टोक के माइनिंग और गंभीर पर्यावरण नुकसान का रास्ता खुल सकता है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) सूर्यकांत, जस्टिस जे के माहेश्वरी और जस्टिस ए जी मसीह की वेकेशन बेंच सोमवार, 29 दिसंबर को इस मामले पर विचार करेगी।कोर्ट का यह दखल अरावली पहाड़ियों की बदली हुई परिभाषा के कारण हुए सार्वजनिक विरोध और पर्यावरण संबंधी चिंताओं के बाद आया है। यह क्षेत्र अपने...
उन्नाव रेप केस में कुलदीप सेंगर की सजा निलंबन की चुनौती पर 29 दिसंबर को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट सोमवार (29 दिसंबर) को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई, जिसमें उन्नाव रेप केस में उत्तर प्रदेश के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को ज़मानत दी गई थी।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) सूर्यकांत, जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की वेकेशन बेंच इस मामले की सुनवाई करेगी।सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की गई, जिसमें हाईकोर्ट के सेंगर की सज़ा पर रोक लगाने और दोषसिद्धि के...
सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप : सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
सुप्रीम कोर्ट में पिछले सप्ताह (22 दिसंबर, 2025 से 26 दिसंबर, 2025 तक) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं सुप्रीम कोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह सुप्रीम कोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।पहली पीठ के अंतरिम आदेश पर 'अपीलनुमा हस्तक्षेप' करना अनुचित: सुप्रीम कोर्टसुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में यह टिप्पणी की कि किसी मामले में हाईकोर्ट की बाद में बैठी पीठ द्वारा पहले से पारित अंतरिम आदेश पर “अपील की तरह” पुनर्विचार करना उचित नहीं है। साथ ही, अदालत ने कहा कि हाईकोर्ट को बिना कारण बताए...
Airtel के इंटरनेशनल रोमिंग चार्ज पर उपभोक्ता आयोग ने शिकायत खारिज की
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, चंडीगढ़ ने भारती क्रेसेंट और भारती एयरटेल लिमिटेड के खिलाफ दायर उपभोक्ता शिकायत को खारिज कर दिया है। आयोग ने कहा कि ₹649 की वसूली अंतरराष्ट्रीय रोमिंग पैक के सक्रिय किए जाने के कारण थी और इसे सेवा में कमी या अनुचित व्यापार व्यवहार नहीं माना जा सकता।मामले के तथ्यशिकायतकर्ता अमनदीप सिंह गिल को 03 मार्च 2021 की मोबाइल बिल में उनके नंबर पर ₹649 अंतरराष्ट्रीय रोमिंग के रूप में चार्ज किए गए। उन्होंने आपत्ति जताते हुए कहा कि वह उस समय भारत से USA के लिए यात्रा पर थे...
अनधिकृत क्रेडिट कार्ड लेन-देन मामला: उपभोक्ता आयोग ने कोटक महिंद्रा बैंक के खिलाफ शिकायत खारिज की
चंडीगढ़ जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, जिसमें अध्यक्ष अमरिंदर सिंह सिद्धू और सदस्य बी.एम. शर्मा शामिल थे, ने कोटक महिंद्रा बैंक के खिलाफ दर्ज उपभोक्ता शिकायत को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि कथित अनधिकृत क्रेडिट कार्ड लेन-देन से संबंधित विवाद अभी जांच के चरण में है और बैंक द्वारा अंतिम रूप से निपटाया नहीं गया है, इसलिए शिकायत समय से पूर्व (premature) है।मामले के तथ्यशिकायतकर्ता जोगिंदर सिंह ने 15 जनवरी 2025 की क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट की जांच के दौरान 23 दिसंबर 2024 को हुई ₹19,520.29 और...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (22 दिसंबर, 2025 से 26 दिसंबर, 2025) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।धारा 2(वा) दंड प्रक्रिया संहिता के तहत 'निकटतम विधिक उत्तराधिकारी' की कसौटी पर पत्नी को वरीयता, चाचा का दावा खारिज: इलाहाबाद हाईकोर्ट इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया कि दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 2(वा) के अंतर्गत पीड़ित अथवा विधिक उत्तराधिकारी की पहचान के लिए अपनाई...




















