हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने जिला अदालतों के शौचालयों के तत्काल निर्माण और मरम्मत का आदेश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने जिला अदालतों के शौचालयों के तत्काल निर्माण और मरम्मत का आदेश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने जिला अदालतों में शौचालयों के तत्काल निर्माण और मरम्मत कार्य का निर्देश दिया है।जस्टिस संजीव नरूला ने कहा कि यह निर्देश जिला अदालतों में पुरुष, महिला और विकलांग शौचालयों पर लागू होगा ताकि स्वच्छता और कार्यक्षमता का एक समान मानक सुनिश्चित किया जा सके। अदालत ने दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी को उन शौचालयों के लिए निर्माण और मरम्मत कार्य शुरू करने का निर्देश दिया, जहां निविदाएं पहले ही प्रदान की जा चुकी हैं। जिन स्थानों पर निविदाएं लंबित हैं, वहां प्रक्रिया को तेज किया जाएगा और...

अन्ना यूनिवर्सिटी यौन उत्पीड़न मामले का राजनीतिकरण किया जा रहा, मीडिया का ध्यान आकर्षित करने के लिए राजनीतिक दल विरोध कर रहे: मद्रास हाईकोर्ट
अन्ना यूनिवर्सिटी यौन उत्पीड़न मामले का राजनीतिकरण किया जा रहा, मीडिया का ध्यान आकर्षित करने के लिए राजनीतिक दल विरोध कर रहे: मद्रास हाईकोर्ट

मद्रास हाईकोर्ट ने अन्ना विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग द्वितीय वर्ष की एक छात्रा के हाल ही में कथित यौन उत्पीड़न के राजनीतिकरण पर गुरुवार को अफसोस जताया, जिसमें महिलाओं की सुरक्षा के लिए कोई वास्तविक चिंता नहीं थी।जस्टिस पी वेलमुरुगन ने टिप्पणी की कि महिलाओं के खिलाफ अत्याचार पर ध्यान केंद्रित करने और उसी के खिलाफ उपाय करने के लिए घटना को एक वेक-अप कॉल के रूप में लेने के बजाय, इस मुद्दे का राजनीतिकरण किया जा रहा है। अदालत ने 'मीडिया ट्रायल' करने और जिम्मेदारी से काम नहीं करने के लिए मीडिया की भी...

दिल्ली हाईकोर्ट ने ID प्रूफ पर जोर दिए बिना HIV पॉजिटिव ट्रांस महिला के लिए मेडिकल उपचार का निर्देश दिया
दिल्ली हाईकोर्ट ने ID प्रूफ पर जोर दिए बिना HIV पॉजिटिव ट्रांस महिला के लिए मेडिकल उपचार का निर्देश दिया

दिल्ली हाईकोर्ट ने लोकनायक अस्पताल को HIV संक्रमित पाई गई ट्रांस महिला को उसके पहचान दस्तावेजों की मांग किए बिना मेडिकल उपचार प्रदान करने का निर्देश दिया है।जस्टिस संजीव नरूला ने ट्रांस महिला की याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें दावा किया गया है कि विभिन्न लोगों द्वारा यौन शोषण किए जाने के बाद उसके एचआईवी से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। उनके वकील ने कहा कि विचाराधीन अस्पताल ने सुझाव दिया कि ट्रांस महिला को एचआईवी उपचार के लिए भर्ती कराया जाना चाहिए। हालांकि, किसी भी पहचान दस्तावेज की...

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बालिग जोड़े को साथ रहने का रास्ता साफ किया, कम उम्र में लिव-इन रिलेशनशिप पर चिंता जताई
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बालिग जोड़े को साथ रहने का रास्ता साफ किया, कम उम्र में लिव-इन रिलेशनशिप पर चिंता जताई

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में एक बालिग जोड़े को बिना शादी के साथ रहने की अनुमति दी। कोर्ट ने उक्त अनुमति देते हुए इस तथ्य पर विचार किया कि दोनों याचिकाकर्ता 18 वर्ष से अधिक उम्र के हैं और इस प्रकार उनकी पसंद को संरक्षित करने की आवश्यकता है।हालांकि अदालत ने याचिकाकर्ताओं द्वारा इतनी कम उम्र में लिव-इन रिलेशनशिप में प्रवेश करने के विकल्प पर चिंता व्यक्त की।लता सिंह बनाम उत्तर प्रदेश राज्य (2006) 5 एससीसी 475 पर और नवतेज सिंह जौहर बनाम भारत संघ (2018) 7 एससीसी 192 पर भरोसा करते हुए जस्टिस...

न्यायिक पुनर्विचार का सहारा तब लिया जा सकता है जब निविदा आमंत्रण की शर्तें कथित तौर पर कुछ प्रतिभागियों के लिए तैयार की गई हों: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट
न्यायिक पुनर्विचार का सहारा तब लिया जा सकता है जब निविदा आमंत्रण की शर्तें कथित तौर पर कुछ प्रतिभागियों के लिए "तैयार" की गई हों: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि न्यायिक हस्तक्षेप केवल मनमानी, दुर्भावनापूर्ण या प्रक्रियागत अनियमितताओं के मामलों में ही उचित है। न्यायालय ने कहा कि न्यायालय निविदा मामलों में अपनी सहभागिता दिखा सकता है, खासकर तब जब निविदा आमंत्रण की शर्तों को कुछ प्रतिभागियों के अनुकूल "तैयार" किया गया हो।ज‌स्टिस वसीम सादिक नरगल ने कहा, "यह स्पष्ट किया जाता है कि न्यायिक पुनर्विचार का दायरा बहुत सीमित है और यह उन मामलों में उपलब्ध है, जहां यह स्थापित हो जाता है कि निविदा आमंत्रण...

पत्नी के शरीर पर पति स्वामित्व का दावा नहीं कर सकता, निजता और उसकी सहमति सर्वोपरि; अंतरंग कृत्यों का वीडियो साझा करना विश्वासघात: इलाहाबाद हाईकोर्ट
पत्नी के शरीर पर पति स्वामित्व का दावा नहीं कर सकता, निजता और उसकी सहमति सर्वोपरि; अंतरंग कृत्यों का वीडियो साझा करना विश्वासघात: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में एक मामले में कहा कि पतियों के लिए विक्टोरियन युग की पुरानी मानसिकता को त्यागने और यह समझने का समय आ गया है कि पत्नी का शरीर, निजता और अधिकार उसके अपने हैं और पति के नियंत्रण या स्वामित्व के अधीन नहीं हैं। न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि पति से अपेक्षा की जाती है कि वह अपनी पत्नी के भरोसे, विश्वास और निष्ठा का सम्मान करे। कोर्ट ने कहा पति और पत्नी के अंतरंग संबंधों के वीडियो साझा करना दोनों के बंधनों के लिए महत्वपूर्ण अंतर्निहित ‌निजता का उल्लंघन है।जस्टिस विनोद...

टिकट स्कैलपिंग की प्रथाओं के खिलाफ पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं: कॉन्सर्ट टिकटों की कालाबाजारी के खिलाफ जनहित याचिका में बॉम्बे हाईकोर्ट
टिकट स्कैलपिंग की प्रथाओं के खिलाफ पुलिस अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं: कॉन्सर्ट टिकटों की कालाबाजारी के खिलाफ जनहित याचिका में बॉम्बे हाईकोर्ट

कॉन्सर्ट और अन्य कार्यक्रमों के लिए ऑनलाइन टिकटों की कालाबाजारी के खिलाफ दिशा-निर्देश मांगने वाली जनहित याचिका में आदेश सुरक्षित रखते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि याचिका कुछ ऐसा करने की मांग कर रही है, जो कार्यपालिका का अधिकार है।कोर्ट ने मौखिक रूप से टिप्पणी की,"आप एक तरह से हमसे राज्य को निर्देश जारी करने के लिए कह रहे हैं, एक ऐसी व्यवस्था विकसित करने के लिए जहां ये चीजें न हों। यह राज्य के नीति निर्माण का मूल कार्य है।"कोर्ट ने मौखिक रूप से टिप्पणी की कि अन्य उपाय भी...

भीमा-कोरेगांव मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट के जज ने प्रोफेसर आनंद तेलतुंबडे की याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग किया
भीमा-कोरेगांव मामला: बॉम्बे हाईकोर्ट के जज ने प्रोफेसर आनंद तेलतुंबडे की याचिका पर सुनवाई से खुद को अलग किया

बॉम्बे हाईकोर्ट के जज जस्टिस सारंग कोतवाल ने गुरुवार (2 जनवरी) को भीमा-कोरेगांव मामले में एक आरोपी प्रोफेसर आनंद तेलतुंबडे की अपील पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया।जस्टिस कोतवाल, जो अब खंडपीठ का नेतृत्व कर रहे है, उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने भीमा-कोरेगांव मामले में तेलतुंबडे सहित कई आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई की और फैसला सुनाया।जस्टिस कोतवाल ने मामले की सुनवाई शुरू होने पर कहा,"मुझे लगता है कि न्यायिक मर्यादा का पालन किया जाना चाहिए। इसलिए मुझे लगता है कि मैं इन मामलों की सुनवाई...

चाइल्ड कस्टडी मामलों में भारतीय न्याय के गलियारों में एक बच्चे की आवाज़
चाइल्ड कस्टडी मामलों में भारतीय न्याय के गलियारों में एक बच्चे की आवाज़

घरेलू अंतर-माता-पिता चाइल्ड कस्टडी विवादों के अलावा, दुनिया भर में 30 मिलियन वैश्विक भारतीयों ने भारत में और भारत से अंतर-देशीय, अंतर-माता-पिता बाल अपहरण में भारी वृद्धि की है।अंतर्राष्ट्रीय बाल अपहरण के सिविल पहलुओं पर हेग कन्वेंशन, 1980 पर हस्ताक्षरकर्ता न होने के कारण, भारत में चाइल्ड कस्टडी विवादों का निर्णय बाल कल्याण सिद्धांत के आधार पर किया जाता है। विदेशी न्यायालय के आदेश विचार का केवल एक मानदंड बनाते हैं। माता-पिता का अलगाव सिंड्रोम स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। इस पृष्ठभूमि में, मासूम...

जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट ने ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र रद्द करने पर रोक लगाई, उपायुक्त की पूर्वधारणाओं पर सवाल उठाए
जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट ने ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र रद्द करने पर रोक लगाई, उपायुक्त की 'पूर्वधारणाओं' पर सवाल उठाए

जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने सोमवार को आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) प्रमाण पत्र को रद्द करने पर रोक लगा दी। कोर्ट ने निर्णय यह देखते हुए दिया कि जम्मू के उपायुक्त ने याचिकाकर्ता के खिलाफ पूर्वाग्रह के आधार पर काम किया, जिससे पूरी जांच प्रक्रिया संदिग्ध हो गई। जस्टिस वसीम सादिक नरगल की पीठ ने कहा,".. एक बार जब याचिकाकर्ता को धोखाधड़ी, तथ्य छिपाने और गलत बयानी का दोषी ठहराया जा चुका है तो आदेश पारित करते समय पुनरीक्षण प्राधिकरण के रूप में शक्ति का पूरा प्रयोग महज औपचारिकता...

गोविंद पानसरे हत्याकांड मामले में ट्रायल की निगरानी नहीं करेंगे: बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा, मामले में रोजाना सुनवाई का आदेश दिया
गोविंद पानसरे हत्याकांड मामले में ट्रायल की निगरानी नहीं करेंगे: बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा, मामले में रोजाना सुनवाई का आदेश दिया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने गुरुवार (2 जनवरी) को कहा कि वह भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के नेता गोविंद पानसरे की हत्या मामले में ट्रायल की निगरानी जारी नहीं रखेगा, जिनकी अगस्त 2013 में कथित तौर पर दक्षिणपंथी चरमपंथियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी।जस्टिस अजय गडकरी और कमल खता की खंडपीठ ने मुख्य आरोपी वीरेंद्र तावड़े द्वारा दायर एक आवेदन का निपटारा करते हुए कहा कि आज की तारीख में जिस एकमात्र पहलू की जांच की जा रही है, उसमे फरार आरोपियों का ठिकाना है।पीठ ने अपना आदेश सुनाते हुए कहा,“इसके लिए इस अदालत...

केरल हाईकोर्ट ने मृदंग विजन के मालिक को उस कार्यक्रम के संबंध में आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया, जिसमें विधायक उमा थॉमस घायल हुई थीं
केरल हाईकोर्ट ने 'मृदंग विजन' के मालिक को उस कार्यक्रम के संबंध में आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया, जिसमें विधायक उमा थॉमस घायल हुई थीं

केरल हाईकोर्ट ने मंगलवार (31 दिसंबर) को मृदंग विजन के एकमात्र मालिक निगोशकुमार एम को 2 जनवरी (गुरुवार) को जांच अधिकारी के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है। साथ ही थ्रिक्कारा विधायक उमा थॉमस के साथ हुई दुर्घटना के मामले में उनकी और से पेश अग्रिम जमानत याचिका का निपटारा किया। मृदंग विजन ने 'मृदंग नादम' का आयोजन किया था, जो एक साथ भरतनाट्यम करने वाले सबसे अधिक लोगों का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के इरादे से आयोजित किया गया था। यह कार्यक्रम 29 दिसंबर, 2024 को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, कल्लूर...

जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का स्थायी जज नियुक्त किया गया
जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का स्थायी जज नियुक्त किया गया

राष्ट्रपति ने जस्टिस हरप्रीत सिंह बराड़ को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का स्थायी जज नियुक्त किया।जस्टिस बराड़ ने 10 अप्रैल, 2023 को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडिशनल जज के रूप में शपथ ली।श्री मुक्तसर साहिब जिले के फुलेवाला गांव से ताल्लुक रखने वाले जस्टिस बराड़ ने 2009 से 2014 तक पंजाब के एडिशनल एडवोकेट के रूप में कार्य किया।उन्होंने पंजाब शहरी नियोजन एवं विकास प्राधिकरण ग्रेटर मोहाली क्षेत्र विकास प्राधिकरण पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पंजाब राज्य नागरिक आपूर्ति निगम सहित विभिन्न राज्य...

मध्यस्थता से किया गया समझौता केवल न्यायालय की स्वीकृति और डिक्री जारी होने पर ही लागू होगा: जम्मू-कश्मीर  हाईकोर्ट
मध्यस्थता से किया गया समझौता केवल न्यायालय की स्वीकृति और डिक्री जारी होने पर ही लागू होगा: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट

जम्मू-कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने जम्मू-कश्मीर मध्यस्थता और सुलह नियम, 2019 के तहत मध्यस्थता से किए गए समझौतों की प्रवर्तनीयता को दोहराया। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि मध्यस्थता के दौरान किया गया समझौता केवल तभी कानून के तहत लागू होने योग्य डिक्री का दर्जा प्राप्त करता है, जब उसे न्यायालय की स्वीकृति प्राप्त हो और उसके अनुसार डिक्री पारित की जाए।उक्त नियमों के नियम 24 और 25 का हवाला देते हुए जस्टिस संजय धर ने स्पष्ट किया कि जब पक्षकार किसी मुकदमे या अन्य कार्यवाही के विषय के संबंध में...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब नगर निगम वार्ड में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण को बरकरार रखा, कहा- इससे स्थानीय स्व-निकाय में प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब नगर निगम वार्ड में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण को बरकरार रखा, कहा- इससे स्थानीय स्व-निकाय में प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब नगर निगम चुनाव के लिए पंजाब के संगरूर के नगर पंचायत खनौरी के एक वार्ड में किए गए आरक्षण को बरकरार रखा। कोर्ट ने निर्णय यह देखते हुए दिया कि सीटों को आरक्षित करने के लिए रोस्टर स्थानीय स्व-निकायों में पिछड़े वर्ग के उम्मीदवारों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है। जस्टिस सुरेश्वर ठाकुर और जस्टिस सुदीप्ति शर्मा ने कहा, "यह कहने की आवश्यकता नहीं है कि उक्त आरक्षण रोस्टर, जिसमें पिछड़े वर्ग के उम्मीदवारों को भी शामिल किया गया है, निर्णय (सुप्रा)...

दिल्ली हाईकोर्ट ने तेलुगु एक्टर मनोज मांचू को मीडिया प्रोफशनल विनय माहेश्वरी के बारे में अपमानजनक बयान देने पर अस्थायी रूप से रोक लगाई
दिल्ली हाईकोर्ट ने तेलुगु एक्टर मनोज मांचू को मीडिया प्रोफशनल विनय माहेश्वरी के बारे में अपमानजनक बयान देने पर अस्थायी रूप से रोक लगाई

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में तेलुगू एक्टर मनोज मांचू और कुछ मीडिया घरानों को निर्देश दिया है कि वे विनय माहेश्वरी के खिलाफ अपमानजनक बयानों वाले ट्वीट, पोस्ट, आलेख और वीडियो हटा लें। उल्लेखनीय है कि विनय माहेश्वरी एक मीडिया प्रोफशनल हैं, जिन्होंने दैनिक भास्कर समूह, साक्षी मीडिया समूह और इंडिया टीवी जैसे संगठनों में महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है।अदालत ने एक अंतरिम आदेश जारी कर मांचू को सोशल मीडिया और किसी भी सार्वजनिक मंच पर माहेश्वरी के ‌खिलाफ कोई भी अपमानजनक बयान देने से अस्थायी रूप से रोक...

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने लिव-इन जोड़े, जिसमें से एक विवाहित और उसके बच्चे भी, की संरक्षण याचिका खारिज की; कहा- इससे द्विविवाह को बढ़ावा मिलेगा
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने लिव-इन जोड़े, जिसमें से एक विवाहित और उसके बच्चे भी, की संरक्षण याचिका खारिज की; कहा- इससे "द्विविवाह को बढ़ावा मिलेगा"

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक लिव-इन जोड़े को संरक्षण देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने पाया कि एक जोड़े में से एक पहले से ही विवाहित है और उसके बच्चे भी हैं। न्यायालय ने कहा कि इस मामले में याचिका स्वीकार करने से गलत काम करने वाले को प्रोत्साहन मिलेगा और द्विविवाह को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही इससे याचिकाकर्ताओं में से एक के पति/पत्नी और बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन होगा।जस्टिस संदीप मौदगिल ने कहा, "भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रत्येक व्यक्ति को शांति, सम्मान और प्रतिष्ठा के साथ जीने...

बार काउंसिल नामांकन आवेदकों के सर्टिफिकेट के सत्यापन के लिए फीस नहीं ले सकती : केरल हाईकोर्ट
बार काउंसिल नामांकन आवेदकों के सर्टिफिकेट के सत्यापन के लिए फीस नहीं ले सकती : केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने कहा कि केरल बार काउंसिल यूनिवर्सिटी और परीक्षा बोर्डों से अपने सर्टिफिकेट के सत्यापन के लिए आवेदकों से पैसे नहीं ले सकती।न्यायालय ने यह भी कहा कि 28 जनवरी, 2017 को बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) द्वारा जारी निर्देश, जिसमें बार काउंसिल को सर्टिफिकेट के सत्यापन के लिए उम्मीदवारों से 2,500 रुपये फीस लेने का निर्देश दिया गया था, लागू नहीं किया जा सकता।जस्टिस जियाद रहमान ए. ए. और जस्टिस पी. वी. बालकृष्णन की खंडपीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने पहले के फैसले में यूनिवर्सिटी और परीक्षा...

नियोक्ता गलत वेतनमान निर्धारण के आधार पर कर्मचारी को दिए जाने वाले सेवानिवृत्ति लाभों से अतिरिक्त राशि नहीं काट सकता: कलकत्ता हाईकोर्ट
नियोक्ता गलत वेतनमान निर्धारण के आधार पर कर्मचारी को दिए जाने वाले सेवानिवृत्ति लाभों से अतिरिक्त राशि नहीं काट सकता: कलकत्ता हाईकोर्ट

कलकत्ता हाईकोर्ट की जस्टिस हरीश टंडन और जस्टिस प्रसेनजीत बिस्वास की खंडपीठ ने कहा कि नियोक्ता गलत तरीके से वेतनमान निर्धारित करने पर कर्मचारी को दी गई अतिरिक्त राशि को सेवानिवृत्ति लाभों से नहीं काट सकता या समायोजित नहीं कर सकता। पृष्ठभूमिमामले में प्रतिवादी कर्मचारी को 26.03.1996 को रामकृष्ण मिशन शिल्पपीठ, बेलघरिया, कोलकाता में लेक्चरर के रूप में नियुक्त किया गया था। उन्होंने 21.12.2013 से सेवानिवृत्ति प्राप्त की। कर्मचारी को 26.03.2001 से कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (सीएएस) लाभ और 26.03.2006 से...

धारा 138 एनआई एक्ट | शिकायतकर्ता को केवल इसलिए राहत नहीं दी जा सकती क्योंकि उसने चेक अनादर के लिए समय से पहले शिकायत दर्ज की थी: राजस्थान हाईकोर्ट
धारा 138 एनआई एक्ट | शिकायतकर्ता को केवल इसलिए राहत नहीं दी जा सकती क्योंकि उसने चेक अनादर के लिए 'समय से पहले' शिकायत दर्ज की थी: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में दोहराया कि जहां चेक बाउंसिंग की शिकायत परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत 15 दिनों की निर्धारित समय सीमा की समाप्ति से पहले दर्ज की गई थी, वहां न्यायालय ऐसी शिकायत का संज्ञान नहीं ले सकता। हालांकि, न्यायालय ने इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों का हवाला देते हुए कहा कि ऐसे मामले में, धारक पहली शिकायत में आदेश प्राप्त करने के एक महीने के भीतर उसी कारण से दूसरी शिकायत दर्ज कर सकता है, क्योंकि शिकायतकर्ता को उपचार के बिना नहीं छोड़ा जा सकता।जस्टिस अनूप...