दिल्ली हाईकोर्ट ने ID प्रूफ पर जोर दिए बिना HIV पॉजिटिव ट्रांस महिला के लिए मेडिकल उपचार का निर्देश दिया

  • दिल्ली हाईकोर्ट ने ID प्रूफ पर जोर दिए बिना HIV पॉजिटिव ट्रांस महिला के लिए मेडिकल उपचार का निर्देश दिया

    दिल्ली हाईकोर्ट ने लोकनायक अस्पताल को HIV संक्रमित पाई गई ट्रांस महिला को उसके पहचान दस्तावेजों की मांग किए बिना मेडिकल उपचार प्रदान करने का निर्देश दिया है।

    जस्टिस संजीव नरूला ने ट्रांस महिला की याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें दावा किया गया है कि विभिन्न लोगों द्वारा यौन शोषण किए जाने के बाद उसके एचआईवी से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है।

    उनके वकील ने कहा कि विचाराधीन अस्पताल ने सुझाव दिया कि ट्रांस महिला को एचआईवी उपचार के लिए भर्ती कराया जाना चाहिए। हालांकि, किसी भी पहचान दस्तावेज की अनुपस्थिति के कारण, अस्पताल द्वारा उसे आवश्यक उपचार नहीं दिया जा रहा था।

    यह भी प्रस्तुत किया गया था कि उसे आश्रय प्रदान करने के लिए विभिन्न गैर सरकारी संगठनों से संपर्क किया गया था, लेकिन उन सभी ने इनकार कर दिया क्योंकि उसके पास कोई सरकारी पहचान पत्र नहीं था।

    अदालत ने अधिकारियों को ट्रांस महिला के स्वास्थ्य की स्थिति के साथ-साथ राष्ट्रीय राजधानी में मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए एक उपयुक्त आश्रय खोजने का निर्देश दिया।

    अदालत ने कहा, "इस आदेश के माध्यम से प्रतिवादी नंबर 4/लोक नायक अस्पताल, नई दिल्ली को याचिकाकर्ता की जांच करने का निर्देश जारी किया जाता है और अगर उसे किसी भी उपचार की आवश्यकता होगी, तो याचिकाकर्ता के पास पहचान दस्तावेजों की कमी के बावजूद उसे तुरंत प्रदान किया जाएगा।

    यह देखते हुए कि याचिकाकर्ता ने पुनर्वास की भी मांग की, अदालत ने केंद्र सरकार को यह बताने का निर्देश दिया कि क्या उसे समाज में उसके पुनर्वास के लिए कोई कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा सकता है।

    मामले की अगली सुनवाई 9 जनवरी को होगी।

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

    Next Story