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23 साल की एक लड़की/महिला सही या गलत का फैसला करना जानती है: दिल्ली हाईकोर्ट ने बलात्कार, अश्लील वीडियो बनाने के आरोपी को जमानत दी
'23 साल की एक लड़की/महिला सही या गलत का फैसला करना जानती है': दिल्ली हाईकोर्ट ने बलात्कार, अश्लील वीडियो बनाने के आरोपी को जमानत दी

दिल्ली हाईकोर्ट ने बलात्कार और अश्लील वीडियो बनाने और इसके बाद लड़की को वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देने के आरोपी को जमानत देते हुए कहा कि,"वर्ष 2019 से तीन वर्ष पहले अभियोजन पक्ष की आयु 23 वर्ष रही होगी और इस न्यायालय की राय में 23 साल में एक लड़की / महिला यह जानती है कि उसके लिए क्या सही है और क्या गलत।न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत की एकल पीठ ने कहा कि,"मुख्य रूप से विचाराधीन एफआईआर वर्ष 2019 में दर्ज की गई है और अभियोजन पक्ष की आयु 26 वर्ष बताई गई है। एफआईआर के अनुसाल अभियोजन पक्ष ने 2016...

अगर एंटीजन टेस्ट के बाद किसी व्यक्ति को COVID संक्रमण का संदिग्ध माना गया है तो अस्पताल उसकी मौत को NON-COVID नहीं दर्शा सकते : इलाहाबाद हाईकोर्ट
अगर एंटीजन टेस्ट के बाद किसी व्यक्ति को COVID संक्रमण का संदिग्ध माना गया है तो अस्पताल उसकी मौत को NON-COVID नहीं दर्शा सकते : इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को निर्देश दिया है कि उन व्यक्तियों की मृत्यु की गणना रिकॉर्ड बनाए रखने और शवों के दाह-संस्कार के उद्देश्य से COVID मृत्यु के रूप में मानी जाए,जिनको एंटीजन टेस्ट के बाद COVID19 वायरस से प्रभावित होने वाला संदिग्ध माना गया था।न्यायालय ने उल्लेख किया कि राज्य में टेस्ट की संख्या में कमी आई है और यह भी स्वभाविक है कि कोरोना जैसे लक्षणों का अनुभव करने वाले लोग अक्सर आरटी-पीसीआर या अन्य सत्यापित COVID-टेस्ट नहीं करवाते हैं और उनकी मृत्यु को कोरोना से होने वाली मौत नहीं...

दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को COVID-19 के 250 बेड वाले अस्पताल पर गलत जानकारी देने के लिए फटकार लगाई
दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को COVID-19 के 250 बेड वाले अस्पताल पर गलत जानकारी देने के लिए फटकार लगाई

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में COVID-19 प्रबंधन संबंधित मुद्दों पर सुनवाई कर रही दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस विपिन सांघी और जस्टिस रेखा पल्ली की खंडपीठ ने नई दिल्ली के द्वारका में इंदिरा गांधी अस्पताल में COVID-19 सुविधा से सज्जित 250 बेड के प्रबंध को लेकर गलत जानकारी देने के लिए आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार की खिंचाई की। कोर्ट ने COVID-19 और उनकी देखभाल के कारण अनाथ बच्चों के साथ काम करने और राजस्थान राज्य में पकड़े गए टैंकरों पर भी ध्यान दिया।दिल्ली सरकार ने शनिवार को इस मामले की...

गुजरात हाईकोर्ट के पूर्व कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति विजय मनोहर सहाय का निधन
गुजरात हाईकोर्ट के पूर्व कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति विजय मनोहर सहाय का निधन

गुजरात हाईकोर्ट के पूर्व कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति विजय मनोहर सहाय का बुधवार (11 मई) को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 68 वर्ष के थे।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।इलाहाबाद हाईकोर्ट में न्यायाधीश रह चुके न्यायमूर्ति सहाय ने 1975 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से कानून में स्नातक किया और जनवरी, 1976 में एक वकील के रूप में काम करना शुरू किया।उन्होंने अपने पिता आर.एम. के चैंबर में प्रैक्टिस शुरू की।न्यायमूर्ति सहाय के पिता आरएम सहाय...

दिल्ली हाईकोर्ट में न्यायिक अधिकारियों, न्यायालय कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए कैशलेस इलाज की मांग को लेकर याचिका दायर
दिल्ली हाईकोर्ट में न्यायिक अधिकारियों, न्यायालय कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों के लिए कैशलेस इलाज की मांग को लेकर याचिका दायर

दिल्ली हाईकोर्ट में न्यायिक अधिकारियों, कोर्ट स्टाफ और उनके परिवार के सदस्यों के इलाज के लिए पहले से ही चल रहे इलाज के खर्च की प्रतिपूर्ति प्रदान करने के लिए कैशलेस इलाज की मांग को लेकर याचिका दायर की गई है।दायर याचिका में अधिवक्ता तनवीर अहमद मीर द्वारा तत्काल आवेदन दिया गया है, जिसमें हाईकोर्ट द्वारा बुधवार को नोटिस जारी किया गया था। इसमें कोरोना वायरस के चलते अपनी जान गंवाने वाले न्यायिक अधिकारियों, कोर्ट स्टाफ और उनके परिवार के सदस्यों के लिए 1 करोड़ 50 लाख की अनुग्रह राशि का भुगतान करने की...

राज्य COVID-19 की दूसरी डोज कैसे देगा? कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य में कोरोना वैक्सीन की कमी पर चिंता जताई
'राज्य COVID-19 की दूसरी डोज कैसे देगा'? कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य में कोरोना वैक्सीन की कमी पर चिंता जताई

कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार को राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह राज्य में हर नागरिक को कोरोना वैक्सीन कैसे प्रदान करेगा, इसके लिए गुरुवार तक एक रोड मैप को रिकॉर्ड पर रखे।मुख्य न्यायाधीश अभय ओका और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार की खंडपीठ ने कहा,"हम राज्य सरकार को निर्देश देते हैं कि वह रोड मैप को रिकॉर्ड में दिखाए और बताए वह लाभार्थियों को कैसे वैक्सीन प्रदान करने जा रहा है। खासतौर से उन लोगों को जिन्होंने पहली खुराक ली है और अब दूसरी खुराक का इंतजार कर रहे हैं? राज्य सरकार कैसे उन लोगों को दूसरी...

Covid-19 महामारी के कारण मौत की आशंका, अग्रिम जमानत दिए जाने के लिए एक वैध आधार है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
'Covid-19 महामारी के कारण मौत की आशंका, अग्रिम जमानत दिए जाने के लिए एक वैध आधार है': इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को आपराधिक अपराध के आरोपी के जीवन के अधिकार से संबंधित एक बहुत ही महत्वपूर्ण निर्णय में कहा कि COVID-19 महामारी के कारण मौत की आशंका अग्रिम जमानत दिए जाने के लिए एक वैध आधार है।न्यायमूर्ति सिद्धार्थ की एकल पीठ द्वारा यह आदेश राज्य में अपर्याप्त चिकित्सा सुविधाओं को देखते हुए पारित किया गया है, जो सामान्य समय में सामान्य प्रक्रिया के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपी व्यक्तियों के COVID19 के कारण जीवन के खतरे को देखते हुए अग्रिम जमानत देना चाहिए।सिंगल बेंच प्रतीक जैन की...

जेलों से तुरंत भीड़ कम करना समय की मांग: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाई पावर्ड कमेटी को दिशा-निर्देश जारी किए
'जेलों से तुरंत भीड़ कम करना समय की मांग': मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाई पावर्ड कमेटी को दिशा-निर्देश जारी किए

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने सोमवार (10 मई) को इस तथ्य के मद्देनजर कि मध्यप्रदेश की सभी जेलें में उनकी क्षमता से दोगुनी तादाद में कैदी है, उनकी तादाद को तुंरत कम करने का निर्देश दिया।मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक और न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन की खंडपीठ ने इस मामले में दायर एक रिट याचिका दायर पर दिशा-निर्देश जारी किए।यह याचिका देश और मध्य प्रदेश में COVID-19 की दूसरी लहर के बाद जेलों की अमानवीय स्थिति को देखते हुए दायर की गई थी।हाईकोर्ट ने राज्य में COVID-19 की असाधारण स्थिति को देखते और इस मामले पर 23...

यह हमारे सभी आदेशों की अवमानना है: गुजरात उच्‍च न्यायलय ने भरूच COVID अस्पताल में आग लगने की घटना पर गुजरात सरकार को फटकार लगाई
'यह हमारे सभी आदेशों की अवमानना है': गुजरात उच्‍च न्यायलय ने भरूच COVID अस्पताल में आग लगने की घटना पर गुजरात सरकार को फटकार लगाई

गुजरात हाईकोर्ट ने मंगलवार को राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई।न्यायालय ने किसी अप्रिय घटना से बचने के लिए सरकार को सभी अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा के मानदंडों के अनुपालन के न्यायिक आदेशों को लागू करने में विफल पाया और सरकार के रवैये पर कठोर टिप्पणियां की।हाल ही में भरूच अस्पताल में आग लगने से हुई 18 मौतों के मद्देनजर जस्टिस बेला त्रिवेदी और जस्टिस भार्गव डी करिया की खंडपीठ ने कहा कि सतर्कता नहीं बरतने पर राज्य की ओर से यह अवमानना ​​है।जस्टिस करिया ने कहा, "आपकी हर कार्रवाई कागज पर होती है। आप...

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को चुनाव ड्यूटी के दौरान COVID-19 के कारण मतदान अधिकारियों की हुई मौत के लिए कम-से-कम 1 करोड़ रूपये मुआवजा देने के लिए कहा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को चुनाव ड्यूटी के दौरान COVID-19 के कारण मतदान अधिकारियों की हुई मौत के लिए कम-से-कम 1 करोड़ रूपये मुआवजा देने के लिए कहा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार को यूपी पंचायत चुनावों के दौरान COVID-19 के कारण मतदान अधिकारियों की हुई मौत के लिए उनके परिवार वालों को कम-से-कम 1 करोड़ रूपया मुआवजे के रूप में देना चाहिए।जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस अजीत कुमार की डिवीजन बेंच ने कहा कि,"यह ऐसा मामला नहीं है कि किसी ने चुनाव के दौरान अपनी सेवाएं देने के लिए स्वेच्छा से काम किया। चुनाव के दौरान कर्तव्यों को निभाने के लिए नियुक्त किए गए लोगों को अनिवार्य रूप से काम कराया गया, जबकि वे लोगों ने इसके प्रति...

नैतिक अधमता से जुड़े मामले में बरी हो जाना मात्रा पर्याप्त नहीं: सि‌‌‌क्किम हाईकोर्ट ने सिविल जज की नियुक्ति को वापस लेने के फुल कोर्ट के फैसले का समर्थन किया
नैतिक अधमता से जुड़े मामले में बरी हो जाना मात्रा पर्याप्त नहीं: सि‌‌‌क्किम हाईकोर्ट ने सिविल जज की नियुक्ति को वापस लेने के फुल कोर्ट के फैसले का समर्थन किया

सिक्किम हाईकोर्ट ने सोमवार को एक फैसले में कहा कि किसी व्यक्ति को संदेह का लाभ देकर नैतिक अधमता से जुड़े मामले में बरी करना, उसे रोजगार देने के लिए पर्याप्त नहीं है।चीफ जस्टिस जितेंद्र कुमार माहेश्वरी की बेंच ने कहा कि नियुक्ति पाने के लिए, मौजूदा मामले में न्यायिक नियुक्ति, बरी होना सम्मानजनक होना चाहिए।कोर्ट ने कहा, "नियोक्ता को सभी उपलब्ध प्रासंगिक तथ्यों और ‌पिछले जीवन पर विचार करने का अधिकार है और औचित्य और निष्ठा के मानक को देखते हुए रोजगार में कर्मचारी की निरंतरता पर उचित निर्णय ले सकता...

क्या कैदियों को उपचार के लिए चिकित्सा प्रणाली चुनने का मौलिक अधिकार है ? राजस्थान हाईकोर्ट आसाराम बापू के बेटे की याचिका पर विचार करेगा
क्या कैदियों को उपचार के लिए चिकित्सा प्रणाली चुनने का मौलिक अधिकार है ? राजस्थान हाईकोर्ट आसाराम बापू के बेटे की याचिका पर विचार करेगा

राजस्थान उच्च न्यायालय ने सोमवार को यौन उत्पीड़न मामले में जोधपुर की सेंट्रल जेल में बंद आसाराम बापू के लिए आयुर्वेद चिकित्सा उपचार की मांग वाली याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है।उनके बेटे द्वारा दायर की गई रिट याचिका में प्रभावकारी चिकित्सा उपचार का लाभ उठाने के लिए संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत कैदियों के मौलिक अधिकार पर जोर दिया गया है। इसमें अदालत के विचार के लिए निम्नलिखित प्रश्न उठाए गए हैं :1. क्या संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत किसी व्यक्ति का चिकित्सकीय रूप से इलाज किया जाना मौलिक...

हिरासत में रखे व्यक्ति का पसंद के वकील से परामर्श करना संवैधानिक अधिकार, राज्य इसे कमजोर नहीं कर सकताः दिल्ली उच्च न्यायालय ने शिफा उर रहमान को राहत दी
हिरासत में रखे व्यक्ति का पसंद के वकील से परामर्श करना संवैधानिक अधिकार, राज्य इसे कमजोर नहीं कर सकताः दिल्ली उच्च न्यायालय ने शिफा उर रहमान को राहत दी

यह कहते हुए कि हिरासत में रखे व्यक्ति का पसंद के वकील से परामर्श करना संवैधानिक अधिकार है, जिसे राज्य कमजोर नहीं कर सकता है, दिल्ली उच्च न्यायालय ने पिछले सप्ताह जामिया मिलिया इस्लामिया के एलुमनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष शिफा उर रहमान को राहत दी, जिन्हें दिल्ली में पिछले साल हुए दंगों के मामलों में यूएपीए के तहत गिरफ्तार किया गया था।ज‌स्ट‌िस विभू बाखरू की एकल पीठ ने कहा, "यह अदालत यह स्वीकार करने में असमर्थ है कि इस प्रकार के मामलों में, इस आधार पर प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का अनुपालन ना करने...

दिल्ली हाईकोर्ट ने राज्य में अस्पताल में बेड के आवंटन के लिए एक निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था की मांग करने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने राज्य में अस्पताल में बेड के आवंटन के लिए एक निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था की मांग करने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया

दिल्ली हाईकोर्ट की न्यायमूर्ति विपिन सांघी और रेखा पल्ली की खंडपीठ, जो राजधानी में COVID-19 प्रबंधन के बड़े मुद्दे पर कई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है, ने दिल्ली में अस्पताल में बेड के आवंटन के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था की मांग वाली याचिका पर नोटिस जारी किया है।याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वरिष्ठ सलाहकार विवेक सूद ने अदालत से आग्रह किया कि बेड आवंटन "पहले आओ पहले पाओ" के आधार पर जारी नहीं रह सकता है और कुछ बिंदुओं पर उसी के लिए एक पारदर्शी तंत्र बनाया जाना चाहिए।बेड्स के आवंटन के लिए...

COVID19 पीड़ितों को मुआवजाः  आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत योजना बनाने का निर्देश देने की मांग, इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका
COVID19 पीड़ितों को मुआवजाः आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत योजना बनाने का निर्देश देने की मांग, इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका

कोरोना महामारी में जान गंवाने वाले पीड़ितों के परिजनों को मुआवजा दिए जाने की मांग करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के समक्ष एक जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में मांग की गई है कि आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 के तहत इस योजना के कार्यान्वयन के लिए केंद्र और राज्य सरकार को दिशा-निर्देश दिए जाएं। याचिका में राज्य राहत कोष से अस्पताल में भर्ती होने के दौरान इलाज में आए खर्च को भी वापिस दिलाए जाने की मांग की गई है। खुद को सामाजिक कार्यकर्ता बताने वाले एक डॉ संदीप पांडे ने अधिवक्ता रजत राजन...

राज्य ने विशेषज्ञों के COVID-19 की दूसरी लहर को लेकर दी गई चेतावनी पर ध्यान नहीं दिया: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की खिंचाई की
'राज्य ने विशेषज्ञों के COVID-19 की दूसरी लहर को लेकर दी गई चेतावनी पर ध्यान नहीं दिया': उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की खिंचाई की

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सोमवार को COVID-19 महामारी की दूसरी लहर से निपटने के लिए की गई तैयारियों में कमी को लेकर राज्य सरकार की खिंचाई की।मुख्य न्यायाधीश राघवेन्द्र सिंह चौहान और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की पीठ ने कहा कि,"जनवरी 2021 में वैज्ञानिकों ने COVID-19 महामारी की दूसरी लहर को लेकर चेतावनी दिया था, फिर भी राज्य सरकार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।"पीठ ने आगे कहा कि,"हालांकि पिछले डेढ़ साल से राज्य महामारी की चपेट में है, लेकिन राज्य में महामारी से निपटने के लिए योजना की कमी है।"पीठ ने...

बार काउंसिल ऑफ दिल्ली घरों में आइसोलेट और दिल्ली-एनसीआर में इलाज करा रहे COVID-19 से संक्रमित अपने सदस्यों और उनके परिवारों को मुफ्त ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराएगा
बार काउंसिल ऑफ दिल्ली घरों में आइसोलेट और दिल्ली-एनसीआर में इलाज करा रहे COVID-19 से संक्रमित अपने सदस्यों और उनके परिवारों को मुफ्त ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराएगा

बार काउंसिल ऑफ दिल्ली ने घरों में आइसोलेट और दिल्ली-एनसीआर में इलाज करा रहे COVID-19 से संक्रमित अपने सदस्यों और उनके परिवारों को मुफ्त ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध कराने का फैसला किया है।बार काउंसिल ने कहा है कि जो भी सदस्य बार काउंसिल ऑफ दिल्ली में नामित है, उनमें से जिन्हें ऑक्सीजन की तत्काल/आपातकालीन आवश्यकता है, वे निम्नलिखित नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:91-11-466670219999489809 9560967001 9990679070 इसके लिए सदस्यों को COVID-19 पॉजीटिव की रिपोर्ट की एक कॉपी, नामांकन संख्या की प्रति और निवास...

राज्य सरकार के ऑक्सीजन के अनुरोध पर विचार करें: केरल हाईकोर्ट ने केंद्र से कहा
राज्य सरकार के ऑक्सीजन के अनुरोध पर विचार करें: केरल हाईकोर्ट ने केंद्र से कहा

केरल हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति देवन रामचंद्रन और डॉ. कौसर एदप्पगाथ की खंडपीठ ने निजी अस्पतालों द्वारा COVID-19 रोगियों से वसूले जाने वाले शुल्क पर विचार-विमर्श के लिए बुलाई गई एक विशेष बैठक के दौरान कहा कि केरल में ऑक्सीजन और आईसीयू बेड की कमी होती जा रही है।ऑक्सीजनराज्य के अटॉर्नी जनरल केवी सोहन ने हाईकोर्ट से राज्य सरकार के ऑक्सीजन के लिए अनुरोध पर विचार करने के लिए केंद्र को दिशा-निर्देश दिए जाने की मांग की।राज्य के एजी ने कोर्ट को अवगत कराया कि केरल सरकार की ऑक्सीजन की आपूर्ति केंद्र सरकार के...