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यदि विवाद को तय करने के लिए गवाही आवश्यक है तो सीआरपीसी की धारा 311 गवाह को वापस बुलाने के लिए ट्रायल कोर्ट को बाध्य करती है : आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम से संबंधित एक मामले में ट्रायल कोर्ट द्वारा (एक आपराधिक याचिका में )पारित एक आदेश को रद्द करते हुए दोहराया है कि सीआरपीसी की धारा 311 के तहत दायर आवेदनों से निपटने के दौरान, न्यायालय को मनमौजी या मनमाने ढंग की बजाय विवेकपूर्ण ढंग से अपने अधिकार का प्रयोग करने की आवश्यकता है। याचिकाकर्ताओं पर भारतीय दंड संहिता की धारा 147 और 148 रिड विद धारा 149 और 324 के तहत अपराध करने का आरोप लगाया गया है। उन्होंने जिरह के...
लाइसेंसिंग प्राधिकरण शस्त्र लाइसेंस के नवीनीकरण में सह-आरोपी व्यक्तियों के बीच भेदभाव नहीं कर सकता: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने माना कि शस्त्र अधिनियम के तहत एक लाइसेंसिंग प्राधिकरण एक ही मामले में सह-आरोपी दो व्यक्तियों के बीच, एक का लाइसेंस नवीनीकृत करके और दूसरे के साथ समान व्यवहार से इनकार करते हुए आपराधिक इतिहास का हवाला देते हुए भेदभाव नहीं कर सकता है।जस्टिस एएस सुपेहिया ने एक याचिकाकर्ता के मामले का फैसला करते हुए ऐसा कहा, जिसके खिलाफ आईपीसी की धारा 323, 294 बी, 506 (1) और 114 के तहत दर्ज आपराधिक अपराध का हवाला देते हुए अधिनियम के तहत नवीनीकरण आवेदन को अस्वीकार कर दिया गया था।मामले में...
एनडीपीएस एक्ट | एमपी हाईकोर्ट ने एफएसएल रिपोर्ट चार्जशीट के साथ जमा नहीं होने के बावजूद डिफॉल्ट जमानत से इनकार किया, पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की राय से असहमति प्रकट की
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की राय से यह कहते हुए अपनी अलग राय प्रकट कि एनडीपीएस मामले में यदि अभियोजन पक्ष चालान (चार्जशीट) के साथ एफएसएल रिपोर्ट जमा करने में विफल रहा हो तो भी एक आरोपी डिफॉल्ट जमानत पाने का हकदार नहीं है।जस्टिस सुजॉय पॉल की खंडपीठ ने तदनुसार कहा-इस न्यायालय की सुविचारित राय में, सीआरपीसी की धारा 173 (5) में प्रयुक्त शब्द 'होगा' नरेंद्र के अमीन (सुप्रा) में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के मद्देनजर प्रकृति में निर्देशिका मात्र है।पूर्वोक्त प्रावधानों...
ज्ञानवापी विवाद: वाराणसी कोर्ट ने हिंदू उपासकों के मुकदमे की स्थिरता के सवाल पर मस्जिद समिति की चुनौती पर आदेश सुरक्षित रखा
वाराणसी की एक अदालत ने ज्ञानवापी मस्जिद-काशी विश्वनाथ मंदिर विवाद को लेकर पांच हिंदू महिलाओं (वादी) द्वारा दायर किए गए मुकदमे के सुनवाई योग्य होने पर सवाल उठाने वाली अंजुमन इस्लामिया मस्जिद समिति की याचिका पर बुधवार को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। हिंदू महिला उपासकों द्वारा दायर सूट में वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद परिसर की पश्चिमी दीवार के पीछे एक हिंदू मंदिर में प्रार्थना करने के लिए साल भर की पहुंच की मांग की गई है। जिला जज एके विश्वेश ने आज सुनवाई पूरी की और 12 सितंबर 2022 को फैसला सुनाए...
LGBTQIA+ समुदाय को बहुत लंबे समय तक दरकिनार किया गया, यह महत्वपूर्ण समय है कि जब सरकार उनके उत्थान की नीतियों को प्राथमिकता दे: मद्रास हाईकोर्ट
मद्रास हाईकोर्ट सोमवार को कहा मजबूर होकर कहा कि LGBTQIA + समुदाय से संबंधित व्यक्तियों को लंबे समय तक मुख्य समाज से अलग रखा गया है और यह उचित समय है कि सरकार उनके लिए नियमों और नीतियों को लागू करने को प्राथमिकता दे।जस्टिस आनंद वेंकटेश ने उक्त टिप्पणी तब कि जब राज्य ने फाइनल ट्रांसजेंडर पॉलिसी पेश करने के लिए 6 और महीने की मांग की।जज ने शुरु में कहा, यह प्रक्रिया एक वर्ष से अधिक समय से चल रही है और यह पता नहीं है कि 2019 अधिनियम के तहत ट्रांसजेंडर नीति और नियमों को लाने के लिए छह महीने का समय...
जेएंडके एंड एल हाईकोर्ट ने जम्मू-कश्मीर राज्य सड़क परिवहन निगम में मौजूदा योग्य कर्मचारियों को प्रमोट करने के बजाय "बाहरी लोगों" को नियुक्त करने की प्रथा की निंदा की
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने अधिकारियों को सरकारी विभागों से निगमों में आयात करने की प्रथा की कड़ी निंदा की है। कोर्ट ने प्रथा को नियमों का उल्लंघन और अवैध प्रकृति का माना है।चीफ जस्टिस पंकज मिथल और जस्टिस वसीम सादिक नरगल की पीठ एकल पीठ के आदेश के खिलाफ जम्मू-कश्मीर राज्य सड़क परिवहन निगम (जेकेएसआरटीसी) की ओर से दायर एक अपील पर सुनवाई कर रही थी।एकल पीठ के आदेश में प्रतिवादियों (कर्मचारियों) को सभी परिणामी सेवा लाभों के साथ निगम में 11 फरवरी, 2013 से उप महाप्रबंधक और 11 फरवरी, 2018 से...
शिकायतकर्ता ने सहमति से शारीरिक संबंध स्थापित किया, कर्नाटक हाईकोर्ट ने पॉक्सो केस रद्द किया
कर्नाटक हाईकोर्ट (Karnataka High Court) ने एक आरोपी के खिलाफ दर्ज बलात्कार की शिकायत को रद्द कर दिया, जब उसने कार्यवाही के दौरान शिकायतकर्ता से शादी की और उस संबंध में पर्याप्त दस्तावेज पेश किए।जस्टिस एम नागप्रसन्ना की एकल पीठ ने राम उर्फ बंदे रामा द्वारा दायर याचिका को अनुमति दे दी, जब याचिकाकर्ता-आरोपी और पीड़िता ने एक संयुक्त ज्ञापन दायर कर आपस में विवाद के निपटारे के कारण कार्यवाही को बंद करने की मांग की।पीठ ने कहा,"यह अंतिम परिणाम नहीं है जो दर्दनाक या अन्यथा है, लेकिन आपराधिक न्याय प्रणाली...
गुजरात सहकारी समिति अधिनियम की धारा 93 के तहत जांच की तारीख से 5 साल पहले के लेनदेन के लिए कारण बताओ नोटिस जारी नहीं किया जा सकता: हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट (Gujarat High Court) ने अपने असाधारण अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करते हुए माना कि गुजरात सहकारी समिति अधिनियम (Gujarat Cooperative Societies Act) की धारा 93 के तहत रजिस्ट्रार, सहकारी समितियों द्वारा रिट आवेदकों के खिलाफ जारी कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) देरी के आधार पर सुनवाई योग्य नहीं है।जस्टिस वैभवी नानावती की खंडपीठ ने कहा कि रिट-आवेदक 2004 में अंकलेश्वर नागरिक सहकारी बैंक लिमिटेड में अध्यक्ष/प्रबंध निदेशक थे। बैंक नवंबर, 2004 में बंद हो गया और सभी प्रासंगिक लेनदेन 2004...
[कुतुब मीनार विवाद] "पिछले 150 सालों से क्यों नहीं ये मुद्दा उठाया": एएसआई ने आगरा से गुरुग्राम तक गंगा और यमुना के बीच पूरे क्षेत्र के स्वामित्व का दावा करने वाले हस्तक्षेप आवेदन का विरोध किया
दिल्ली के कुतुब मीनार परिसर (Qutub Minar) कथित मंदिरों के जीर्णोद्धार की अपील के संबंध में, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने एक कुंवर महेंद्र ध्वज प्रसाद सिंह द्वारा दायर एक हस्तक्षेप आवेदन का विरोध किया है, जिसमें आगरा के संयुक्त प्रांत (United province of Agra) का उत्तराधिकारी होने का दावा करते हुए यमुना नदी के बीच के क्षेत्रों और आगरा से मेरठ, अलीगढ़, बुलंदशहर और गुरुग्राम तक अपने अधिकार की मांग की गई है।एएसआई द्वारा दायर जवाब में, प्राधिकरण ने तर्क दिया है कि हस्तक्षेप आवेदन इस कारण से...
जब तक संविधान/सांविधिक प्रावधानों का उल्लंघन कर सार्वजनिक कार्यालय में नियुक्ति नहीं की जाती तब तक क्वो वारंटो की रिट जारी नहीं की जा सकती: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने कर्नाटक राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में डॉ शांत एवरहल्ली थिमैया की नियुक्ति के खिलाफ एक स्नातकोत्तर कानून की छात्रा द्वारा दायर याचिका खारिज कर दी है। कार्यवाहक चीफ जस्टिस आलोक अराधे और जस्टिस एस विश्वजीत शेट्टी की खंडपीठ ने पुष्पा बी गावडी द्वारा दायर याचिका को खारिज करते हुए कहा, "जब सार्वजनिक पद के धारक को संविधान या वैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन कर नियुक्त किया गया है तो को वारंटो (Writ of Quo Warranto) की रिट जारी की जा सकती है। मौजूदा मामले में...
मद्रास हाईकोर्ट ने पिछड़ा वर्ग के लिए 9वें राष्ट्रीय आयोग के गठन की याचिका पर केंद्र का जवाब मांगा
एडवोकेट्स फोरम फॉर सोशल जस्टिस के अध्यक्ष के बालू ने 9वें राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (एनसीबीसी) के गठन और आयोग में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों को नियुक्त करने की मांग करते हुए मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) का रुख किया। याचिका में एनसीबीसी की राज्य/क्षेत्रीय इकाइयां स्थापित करने की भी मांग की गई।चीफ जस्टिस मुनीश्वर नाथ भंडारी और जस्टिस एन माला की पीठ ने बुधवार को जब मामले की सुनवाई हुई तो मामले को छह सप्ताह के लिए स्थगित कर दिया। इसके साथ ही पीठ ने केंद्रीय कानून और न्याय मंत्रालय,...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के दिव्यांग कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु में वृद्धि की मांग वाली जनहित याचिका खारिज की
इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने इस महीने की शुरुआत में दायर जनहित याचिका (PIL) खारिज कर दी। इस याचिका में राज्य सरकार के दिव्यांग कर्मचारियों के संबंध में सेवानिवृत्ति की आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष करने की मांग की गई थी।याचिकाकर्ता (रामकली सामाजिक उत्थान इवान जन कल्याण समिति) ने तर्क दिया कि चूंकि हरियाणा राज्य और पंजाब राज्य में कार्यरत दिव्यांग सरकारी कर्मचारियों को 62 वर्ष की सेवानिवृत्ति की आयु का लाभ दिया गया है, जबकि यू.पी. विकलांग कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष है,...
'यौन उत्तेजक कपड़े'- केरल हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न मामले में लेखक-कार्यकर्ता सिविक चंद्रन को जमानत देने के सेशन कोर्ट के आदेश पर रोक लगाई
केरल हाईकोर्ट (Kerala High Court) ने राज्य सरकार द्वारा यौन उत्पीड़न (Sexual Harassment Case) के एक मामले में लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता सिविक चंद्रन (Civic Chandran) को दी गई अग्रिम जमानत को चुनौती देने वाली याचिका में सेशन कोर्ट के जमानत देने के आदेश पर रोक लगा दी है।जस्टिस कौसर एडप्पागथ ने टिप्पणी की कि अगर महिला ने 'यौन उत्तेजक कपड़े' पहन रखी है तो भारतीय दंड संहिता की धारा 354 ए के तहत अपराध प्रथम दृष्टया आकर्षित नहीं होगा, इसे जस्टिफाई नहीं किया जा सकता है।कोझीकोड सत्र न्यायालय के आदेश,...
'निचली अदालत सामाज पर पड़ने वाले प्रभाव से अधिक चिंतित है, हिरासत में रखने के उद्देश्य से नहीं': केरल हाईकोर्ट ने एसटी समुदाय की महिला का अपमान करने के आरोपी YouTuber को जमानत दी
केरल हाईकोर्ट (Kerala High court) ने मंगलवार को यू-ट्यूबर (YouTuber) द्वारा दायर आपराधिक अपील की अनुमति दी। उक्ट यू-ट्यूबर ने सोशल मीडिया पर प्रकाशित इंटरव्यू के माध्यम से अनुसूचित जनजाति की महिला का कथित रूप से अपमान किया था।इस महीने की शुरुआत में केरल की एक सत्र अदालत ने उसकी जमानत याचिका को इस आधार पर खारिज कर दिया था कि उसने महिला को अपमानित करने के लिए जानबूझकर वीडियो प्रसारित किया। उसे जमानत पर रिहा करने से समाज में गलत संदेश जाएगा।जस्टिस मैरी जोसेफ ने आरोपी को जमानत देते हुए कहा कि निचली...
बीपीएल छात्रों को शिक्षा जारी रखने की अनुमति होने पर संस्थानों को नुकसान न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए सरकार योजना लाए: केरल हाईकोर्ट ने राज्य से सरकार कहा
केरल हाईकोर्ट (Kerala High court) ने मंगलवार को स्व-वित्तपोषित कॉलेजों को केवल एक सितंबर तक कॉलेज फीस का भुगतान नहीं करने के लिए गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) श्रेणी के छात्रों के खिलाफ किसी भी प्रकार की हानिकारक कार्रवाई करने से रोकने के अंतरिम आदेश को बढ़ा दिया। बीपीएल श्रेणी के छात्रों को हाल ही में स्कॉलरशिप योजना से वंचित कर दिया गया था, जो उनके लिए पहले उपलब्ध थी।जस्टिस देवन रामचंद्रन ने सरकार से यह सुनिश्चित करने के लिए अन्य के साथ आने के लिए कहा कि संस्थानों को कोई नुकसान न हो। इसके साथ ही...
पेप्सिको बनाम रामदेव इंडस्ट्रीज: दिल्ली हाईकोर्ट ने LAY'S चिप्स के समान 'लोगो' के उपयोग के खिलाफ अंतरिम निषेधाज्ञा दी
दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में 'लोगो' का उपयोग करने के लिए नमकीन निर्माता के खिलाफ अंतरिम निषेधाज्ञा पारित की, जो भ्रामक रूप से "LAY'S बैनर' डिवाइस ट्रेडमार्क के समान है।जस्टिस नवीन चावला ने स्थानीय आयुक्त भी नियुक्त किया और विवादित लोगो वाले सभी उत्पादों को जब्त करने का निर्देश दिया।कोर्ट पेप्सिको इंक द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई रहा था। इसमें दावा किया गया कि वह 'सन बैनर' डिवाइस का रजिस्टर्ड ओनर है, जिसका इस्तेमाल LAY'S चिप्स के निर्माण में किया गया।राजस्थान के बीकानेर में स्थित रामदेव...
वाहन मालिक के कानूनी उत्तराधिकारी एमवी एक्ट की धारा 163ए के तहत मुआवजे की मांग नहीं कर सकते, जहां बीमा पॉलिसी केवल तीसरे पक्ष को कवर करती है: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा है कि यदि बीमा पॉलिसी मालिक को कवर नहीं करती है और केवल तीसरे पक्ष को कवर करती है तो मालिक या दावा करने वाले उससे संबंधित किसी अन्य व्यक्ति की मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 163-ए के तहत याचिका सुनवाई योग्य नहीं हो सकती है।जस्टिस पंकज जैन की पीठ ने कहा कि 1988 की अधिनियम की धारा 146 के तहत वाहन के उपयोग से पहले उसके मालिक के लिए वैधानिक रूप से यह जरूरी होता है कि वह तीसरे पक्ष के जोखिम के खिलाफ बीमा कराये। वाहन मालिक के कवर के संबंध में ऐसा कोई आदेश...
ऑथिरिटी दिखाने या स्टेटस के लिए राज्य सुरक्षा की मांग नहीं की जा सकती: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पूर्व मंत्रियों/विधायकों की याचिका पर नए सिरे से ऑडिट का आदेश दिया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को सरकार को 45 पूर्व मंत्रियों, सांसदों और अन्य व्यक्तियों के सुरक्षा खतरों के संबंध में नए सिरे से मूल्यांकन करने का निर्देश दिया। उक्त याचिकाकर्ताओं ने राज्य सुरक्षा कवर को वापस लेने, डाउनग्रेड करने और डी-कैटेगरीट करने के आदेशों को चुनौती देने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया।जस्टिस राज मोहन सिंह की पीठ ने हालांकि यह स्पष्ट कर दिया कि राज्य की सुरक्षा प्रतीक के "प्राधिकार प्रदर्शित करने" या एक बहुत ही महत्वपूर्ण व्यक्ति के रूप में "प्रकट स्थिति" के लिए नहीं...
'उसने मदद के लिए शोर नहीं मचाया': गुजरात हाईकोर्ट ने POCSO के आरोपी को बरी किया, पीड़ित पक्ष के जन्म प्रमाण पत्र पर विश्वास नहीं किया
गुजरात हाईकोर्ट ने पॉक्सो अधिनियम (POCSO Act) के तहत आरोपी के बरी होने को इस आधार पर बरकरार रखा कि पीड़ित के आरोप अविश्वसनीय हैं और इसमें कई चूक और विरोधाभास हैं।जस्टिस एसएच वोरा और जस्टिस राजेंद्र सरीन की पीठ ने राज्य की अपील को खारिज करते हुए कहा कि कथित घटना के समय पीड़िता के दोनों भाई घर पर थे, लेकिन उसने मदद के लिए शोर नहीं मचाया। इतना ही नहीं उसने अपने किसी भी रिश्तेदार को इसका खुलासा नहीं किया, जो उसके घर पर पूछने के लिए आया था।पीठ ने यह भी पाया कि पीड़िता का नाबालिग होने का जन्म प्रमाण...
सिविक चंद्रन मामले में 'यौन उत्तेजक कपड़े' को लेकर विवादास्पद टिप्पणी करने वाले जज का ट्रांसफर हो गया
सिविक चंद्रन मामले (Civic Chandran Case) में 'यौन उत्तेजक कपड़े (Sexually Provocative Dress)' को लेकर विवादास्पद टिप्पणी करने वाले केरल के जज का ट्रांसफर हो गया। जज ने कहा था कि अगर महिला ने 'यौन उत्तेजक कपड़े' पहन रखी है तो भारतीय दंड संहिता की धारा 354 ए के तहत अपराध प्रथम दृष्टया आकर्षित नहीं होगा।केरल हाईकोर्ट द्वारा मंगलवार को जारी प्रशासनिक आदेश के अनुसार, पूर्व जिला और सत्र न्यायाधीश, कोझीकोड, एस कृष्णकुमार को अब पीठासीन अधिकारी, लेबर कोर्ट, कोल्लम के पद पर स्थानांतरित किया गया है।इसी...









![[कुतुब मीनार विवाद] पिछले 150 सालों से क्यों नहीं ये मुद्दा उठाया: एएसआई ने आगरा से गुरुग्राम तक गंगा और यमुना के बीच पूरे क्षेत्र के स्वामित्व का दावा करने वाले हस्तक्षेप आवेदन का विरोध किया [कुतुब मीनार विवाद] पिछले 150 सालों से क्यों नहीं ये मुद्दा उठाया: एएसआई ने आगरा से गुरुग्राम तक गंगा और यमुना के बीच पूरे क्षेत्र के स्वामित्व का दावा करने वाले हस्तक्षेप आवेदन का विरोध किया](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2022/08/24/500x300_431974-397626-qutubminar.jpg)








