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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना मकान को गिराए जाने पर उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना मकान को गिराए जाने पर उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब मांगा

पिछले सप्ताह इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य के आजमगढ़ जिले में कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना मकान को गिराए जाने पर राज्य सरकार से जवाब मांगा।जस्टिस प्रकाश पाडिया की पीठ ने उपस्थित सरकारी वकील को राजस्व विभाग के किसी सीनियर अधिकारी का हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया, जिसमें यह स्पष्ट किया गया हो कि किन परिस्थितियों में कानून की प्रक्रिया का पालन किए बिना संबंधित मकान को गिराया गया।इसके अलावा अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर को निर्धारित की और निर्देश दिया कि जब तक अदालत उस तारीख को...

बच्चे को माता-पिता दोनों का प्यार पाने का मौलिक अधिकार: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बच्‍चे की कस्टडी मां को सौंपी, पिता को मुलाकात की अनुमति दी
बच्चे को माता-पिता दोनों का प्यार पाने का मौलिक अधिकार: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने बच्‍चे की कस्टडी मां को सौंपी, पिता को मुलाकात की अनुमति दी

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने हाल ही में एक फैसले में एक पिता को 8 महीने के बच्चे की कस्टडी उसकी मां को सौंपने का निर्देश दिया। साथ ही पिता को बच्चे से मिलने का अधिकार दिया। न्यायालय ने कहा कि, "बच्चे के कल्याण और सर्वोत्तम हित में यह सुनिश्चित करना भी शामिल है कि बच्चा पिता के स्नेह और संगति से वंचित न रहे।"जस्टिस कीर्ति सिंह ने कहा, "जब माता-पिता के बीच मतभेद होता है, तो बच्चे की भलाई सर्वोपरि चिंता बनी रहनी चाहिए। न्यायालय को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बच्चे को एक ऐसी वस्तु के रूप में नहीं...

इस देश में जुवेनाइल के साथ बहुत नरमी बरती जाती है, विधानमंडल ने निर्भया की भयावहता से अभी तक कोई सबक नहीं सीखा: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
इस देश में जुवेनाइल के साथ बहुत नरमी बरती जाती है, विधानमंडल ने निर्भया की भयावहता से अभी तक कोई सबक नहीं सीखा: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट

चार वर्षीय बच्ची के साथ बलात्कार के मामले में जुवेनाइल की सजा बरकरार रखते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने जुवेनाइल अपराधियों के मामले में देश में नरम कानूनों पर अफसोस जताया।जस्टिस सुबोध अभ्यंकर ने कहा,"न्यायालय को एक बार फिर यह टिप्पणी करते हुए दुख हो रहा है कि इस देश में जुवेनाइल के साथ बहुत नरमी से पेश आया जा रहा है। ऐसे अपराधों के पीड़ितों के दुर्भाग्य से विधानमंडल ने निर्भया की भयावहता से अभी तक कोई सबक नहीं सीखा। हालांकि इस देश के संवैधानिक न्यायालयों द्वारा बार-बार ऐसी आवाजें उठाई जा रही हैं,...

आपराधिक मामलों में जमानत निवारक हिरासत का औचित्य नहीं: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट ने पूर्व एसएमसी पार्षद के खिलाफ हिरासत आदेश रद्द किया
आपराधिक मामलों में जमानत निवारक हिरासत का औचित्य नहीं: जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट ने पूर्व एसएमसी पार्षद के खिलाफ हिरासत आदेश रद्द किया

जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने श्रीनगर नगर निगम (एसएमसी) के पूर्व पार्षद अकीब अहमद रेंजू के खिलाफ जारी किए गए निवारक निरोध आदेश को रद्द कर दिया है। अदालत ने माना कि केवल इस तथ्य से कि रेंजू को कई आपराधिक मामलों में जमानत दी गई थी, निवारक कानून के तहत उनकी हिरासत को उचित नहीं ठहराया जा सकता। अदालत ने आगे जोर दिया कि निवारक निरोध कानूनों का इस्तेमाल नियमित आपराधिक कानून के तहत मामलों को संभालने के विकल्प के रूप में नहीं किया जा सकता है।रेंजू की निवारक निरोध के खिलाफ उनकी याचिका को...

फाइनल रिपोर्ट में अभियुक्तों की सूची से नाम हटाने के बारे में पीड़ित/सूचनाकर्ता को अवश्य सूचित किया जाना चाहिए: केरल हाईकोर्ट
फाइनल रिपोर्ट में अभियुक्तों की सूची से नाम हटाने के बारे में पीड़ित/सूचनाकर्ता को अवश्य सूचित किया जाना चाहिए: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने माना कि यदि किसी व्यक्ति का नाम प्राथमिकी में अभियुक्त के रूप में दर्ज है तो जांच अधिकारी को फाइनल रिपोर्ट में अभियुक्तों की सूची से नाम हटाने के बारे में सूचनाकर्ता या पीड़ित को अवश्य सूचित करना चाहिए।इसके अतिरिक्त न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि फाइनल रिपोर्ट के आधार पर अपराधों का संज्ञान लेने पर मजिस्ट्रेट को भी इस परिवर्तन के बारे में सूचनाकर्ता या पीड़ित को अवश्य सूचित करना चाहिए।जस्टिस के. बाबू ने आपराधिक पुनर्विचार मामले को स्वीकार करते हुए कहा,"मजिस्ट्रेट जांच अधिकारी...

पुलिस द्वारा NDPS Act का दुरुपयोग जनता के विश्वास को कम करता है: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने व्यक्ति के खिलाफ कथित झूठे ड्रग्स मामले पर DGP से रिपोर्ट मांगी
पुलिस द्वारा NDPS Act का दुरुपयोग जनता के विश्वास को कम करता है: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने व्यक्ति के खिलाफ कथित झूठे ड्रग्स मामले पर DGP से रिपोर्ट मांगी

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पुलिस द्वारा व्यक्ति को ड्रग्स मामले में झूठे फंसाने के आरोप पर कड़ा रुख अपनाया, जिसमें कहा गया कि पुलिस द्वारा NDPS Act का दुरुपयोग कानून प्रवर्तन में जनता के विश्वास को कम करता है और ड्रग से संबंधित अपराधों से निपटने के वास्तविक प्रयासों से ध्यान हटाता है।यह आरोप लगाया गया कि याचिकाकर्ता पर पुलिस अधिकारियों द्वारा NDPS Act के तहत झूठी FIR दर्ज की गई थी, क्योंकि उसने सड़क पर गाड़ी चलाते समय उन्हें ओवरटेक करने के लिए साइड नहीं दी थी।जस्टिस कीर्ति सिंह ने मामले की...

एमएसएमई एक्ट समझौते के आधार पर मध्यस्थता और सुलह अधिनियम के तहत स्वतंत्र मध्यस्थता पर रोक नहीं लगाता: कलकत्ता हाईकोर्ट
एमएसएमई एक्ट समझौते के आधार पर मध्यस्थता और सुलह अधिनियम के तहत स्वतंत्र मध्यस्थता पर रोक नहीं लगाता: कलकत्ता हाईकोर्ट

कलकत्ता हाईकोर्ट की एक पीठ ने माना कि एमएसएमई एक्ट की धारा 18 किसी मौलिक अधिकार या दायित्व का निर्माण नहीं करती, बल्कि अदालती कार्यवाही के बाहर विवादों को हल करने के लिए केवल एक वैकल्पिक तरीका प्रदान करती है। जस्टिस सब्यसाची भट्टाचार्य की पीठ ने कहा कि यदि विवाद में शामिल कोई पक्ष, पक्षों के बीच समझौते में मध्यस्थता खंड के आधार पर मध्यस्थता और सुलह एक्ट, 1996 के तहत स्वतंत्र रूप से मध्यस्थता का विकल्प चुनता है तो एमएसएमई एक्ट दावेदार पर ऐसा करने से प्रतिबंध नहीं लगाता है।हाईकोर्ट ने कहा कि...

मंदिर परिसर में शाखा गतिविधियां, सामूहिक अभ्यास, हथियार प्रशिक्षण प्रतिबंधित: त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड ने केरल हाईकोर्ट को बताया
मंदिर परिसर में शाखा गतिविधियां, सामूहिक अभ्यास, हथियार प्रशिक्षण प्रतिबंधित: त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड ने केरल हाईकोर्ट को बताया

केरल हाईकोर्ट के समक्ष हलफनामा दायर किया गया, जिसमें कहा गया कि RSS सदस्यों को नोटिस जारी करने और पुलिस में शिकायत दर्ज करने के बावजूद, पथानामथिट्टा जिले के ओमल्लूर में रक्तकांडा स्वामी मंदिर में शाखा गतिविधियां जारी हैं। त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के सचिव ने देवस्वोम आयुक्त और उप समूह अधिकारी दोनों की ओर से जवाबी हलफनामा प्रस्तुत किया।यह हलफनामा पथानामथिट्टा जिले के ओमल्लूर स्थित श्री रक्तकंडा स्वामी मंदिर के श्रद्धालुओं और आस-पास के निवासियों द्वारा दायर याचिका में दायर किया गया, जिसमें...

ट्रांसजेंडर व्यक्ति विवाह के झूठे वादे के मामलों में BNS की धारा 69 का इस्तेमाल नहीं कर सकते: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
ट्रांसजेंडर व्यक्ति विवाह के झूठे वादे के मामलों में BNS की धारा 69 का इस्तेमाल नहीं कर सकते: हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट

भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 69 की सीमाओं को स्पष्ट करते हुए विशेष रूप से ट्रांसजेंडर व्यक्तियों से जुड़े मामलों में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि कोई ट्रांसजेंडर धारा 69 का इस्तेमाल नहीं कर सकता, जो विवाह के झूठे वादे पर यौन संबंध बनाने को दंडित करती है।धारा 69 के वास्तविक अधिदेश की व्याख्या करते हुए और आरोपी की अंतरिम जमानत की पुष्टि करते हुए जस्टिस संदीप शर्मा ने कहा,“BNS के तहत महिला और ट्रांसजेंडर को अलग-अलग पहचान दी गई। धारा 2 के तहत उन्हें स्वतंत्र रूप से परिभाषित...

24 कैदियों की पहचान के लिए पाकिस्तान सरकार से मंजूरी का इंतजार: केंद्र ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट को बताया
24 कैदियों की पहचान के लिए पाकिस्तान सरकार से मंजूरी का इंतजार: केंद्र ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट को बताया

केंद्र सरकार ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट को सूचित किया कि वह 24 कैदियों की पहचान के लिए पाकिस्तान सरकार से मंजूरी का इंतजार कर रही है। वे कथित तौर पर बरी होने के बावजूद जेलों में बंद हैं।इससे पहले केंद्र ने प्रस्तुत किया कि 30 में से 6 पाकिस्तानी नागरिक कैदियों का प्रत्यावर्तन 26 जुलाई को होने की संभावना है। शेष 24 कैदियों के संबंध में यह मंत्रालय और सभी हितधारकों के सक्रिय विचाराधीन है।एएसजी सत्य पाल जैन ने चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल की पीठ के समक्ष प्रस्तुत किया,"दिनांक...

लोक अदालत केवल निपटाए गए मामलों का ही निपटारा कर सकती है, यदि निपटारा नहीं होता है तो मामले को निपटान के लिए वापस न्यायालय भेजा जाएगा: गुजरात हाईकोर्ट
लोक अदालत केवल निपटाए गए मामलों का ही निपटारा कर सकती है, यदि निपटारा नहीं होता है तो मामले को निपटान के लिए वापस न्यायालय भेजा जाएगा: गुजरात हाईकोर्ट

गुजरात हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश के विरुद्ध याचिका स्वीकार करते हुए, जिसने अपने लोक अदालत क्षेत्राधिकार में गैर-अभियोजन के कारण चेक बाउंसिंग की शिकायत को खारिज कर दिया था, कहा कि लोक अदालत का काम केवल उन मामलों का निपटारा करना है जो पक्षों के बीच सुलझा लिए गए।अदालत ने कहा कि इस तरह के निपटारे के अभाव में मामले को निपटान के लिए वापस न्यायालय में भेजा जाना चाहिए।विधि सेवा प्राधिकरण अधिनियम के प्रावधानों और हाईकोर्ट के निर्णयों का हवाला देते हुए जस्टिस एमके ठक्कर की एकल पीठ ने अपने आदेश में...

कब्रिस्तान पर कथित अवैध निर्माण पर दिल्ली वक्फ बोर्ड की चुप्पी को चुनौती देने वाली याचिका हाईकोर्ट में दायर
कब्रिस्तान पर कथित अवैध निर्माण पर दिल्ली वक्फ बोर्ड की "चुप्पी" को चुनौती देने वाली याचिका हाईकोर्ट में दायर

दिल्ली हाईकोर्ट ने ईदगाह रोड पर स्थित कब्रिस्तान पर कथित अवैध निर्माण पर दिल्ली वक्फ बोर्ड की चुप्पी को चुनौती देने वाली याचिका पर नोटिस जारी किया।मोहम्मद मजहर अहमद द्वारा दायर याचिका में दावा किया गया कि यह स्थल अधिसूचित वक्फ संपत्ति है, जिसे धोखाधड़ीपूर्ण लेनदेन के माध्यम से अलग किया गया। इसके परिणामस्वरूप कब्रों को अपवित्र करके अनधिकृत निर्माण किया गया।उन्होंने दावा किया कि अलगाव और उसके परिणामस्वरूप अवैध निर्माण वक्फ अधिनियम, 1995 की धारा 51, 52, 52A तथा भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 298...

विचाराधीन कैदी को 10 साल की पासपोर्ट वैधता देने से मना करना वैधानिक आधार का अभाव, निर्दोषता की धारणा को कमजोर करता है: राजस्थान हाईकोर्ट
विचाराधीन कैदी को 10 साल की पासपोर्ट वैधता देने से मना करना वैधानिक आधार का अभाव, निर्दोषता की धारणा को कमजोर करता है: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि बिना किसी ठोस कारण के विचाराधीन कैदी के पासपोर्ट की वैधता अवधि को निर्धारित 10 साल से घटाकर केवल 1 साल करना अनुच्छेद 21 के तहत निहित निर्दोषता की धारणा के सिद्धांत पर मनमाना प्रतिबंध है। यह न्याय, समानता और निष्पक्षता के सिद्धांतों का उल्लंघन है।जस्टिस अरुण मोंगा की पीठ एक व्यक्ति द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिस पर पत्नी के साथ क्रूरता करने के लिए IPC के तहत आरोप लगाया गया। उसने अपने पासपोर्ट के लिए आवेदन किया। काफी मशक्कत के बाद याचिकाकर्ता को...

NCDRC के आदेश के खिलाफ अपील/संशोधन अधिकार क्षेत्र वाला हाईकोर्ट के पास: दिल्ली हाईकोर्ट ने दोहराया
NCDRC के आदेश के खिलाफ अपील/संशोधन अधिकार क्षेत्र वाला हाईकोर्ट के पास: दिल्ली हाईकोर्ट ने दोहराया

दिल्ली हाईकोर्ट ने देखा कि राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) द्वारा पारित आदेश दिल्ली राज्य आयोग के अलावा किसी अन्य राज्य आयोग के आदेश के खिलाफ अपील या संशोधन पर विचार करते समय उसके समक्ष चुनौती नहीं दी जा सकती, क्योंकि ऐसे मामलों पर उसका अधिकार क्षेत्र नहीं है।उन्होंने देखा कि ऐसे आदेश को चुनौती 'अधिकार क्षेत्र वाले हाईकोर्ट या संबंधित हाईकोर्ट के पास है, जहां पहली बार कार्रवाई का कारण उत्पन्न हुआ। दिल्ली हाईकोर्ट के पास इस मामले पर केवल इसलिए अधिकार क्षेत्र नहीं होगा, क्योंकि NCDRC...

साक्ष्य के स्तर पर पत्नी के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेषज्ञ की राय मांगने में कोई त्रुटि नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का आदेश बरकरार रखा
साक्ष्य के स्तर पर पत्नी के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेषज्ञ की राय मांगने में कोई त्रुटि नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट का आदेश बरकरार रखा

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तलाक की कार्यवाही में साक्ष्य के स्तर पर पत्नी के मानसिक स्वास्थ्य पर विशेषज्ञ की राय मांगने वाले ट्रायल कोर्ट का आदेश बरकरार रखा।अपीलकर्ता-पत्नी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसमें प्रिंसिपल जज, फैमिली कोर्ट, हाथरस के आदेश को चुनौती दी गई, जिसमें पति द्वारा शुरू की गई तलाक की कार्यवाही में प्रतिवादी-पति द्वारा उसकी चिकित्सा जांच के लिए आवेदन को अनुमति दी गई।अपीलकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि ट्रायल कोर्ट ने इसी तरह के आवेदन पर आदेश दिया कि इसे अंतिम चरण में निपटाया जाएगा।...