मुख्य सुर्खियां
AE से विलंबित प्राप्तियों का प्रभाव पहले से ही कार्यशील पूंजी में शामिल: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने TPO को प्राप्तियों पर ब्याज का न्यायनिर्णयन करने का निर्देश दिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में दोहराया कि एक बार जब करदाता को कार्यशील पूंजी समायोजन प्रदान किया जाता है तो वर्ष के अंत में बकाया प्राप्तियों पर ब्याज लगाने की कोई आवश्यकता नहीं होती है, क्योंकि यह कार्यशील पूंजी समायोजन में शामिल हो जाता है।जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने दोहराया कि 01 अप्रैल 2010 को या उसके बाद अपने AE को दिए गए बिलों के संबंध में वसूली की तारीख क्या थी और क्या उन्हें 70 दिनों की अनुमत क्रेडिट अवधि के भीतर वसूल किया गया है। यदि नहीं तो उन बिलों पर भी...
हाईकोर्ट में लंबित मामले ऐसी बीमारी है, जिसके लिए मुख्य रूप से सरकार जिम्मेदार हैं': पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सरकारी अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए नीति बनाने का आह्वान किया
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने लंबित मामलों में सरकार का योगदान रेखांकित करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर देश में सबसे बड़ी मुकदमेबाज हैं। खासकर हाईकोर्ट स्तर पर।इस मामले में कोर्ट ने पंजाब सरकार को चेतावनी भी दी कि अगर अगली तारीख से पहले जवाब दाखिल नहीं किया गया तो वह 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाएगी। यह जुर्माना संबंधित विभागों के प्रभारी अधिकारियों के वेतन से वसूला जाएगा।जस्टिस संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस संजय वशिष्ठ ने कहा,हाईकोर्ट में लंबित मामलों की समस्या ऐसी बीमारी है, जिसके...
सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य सचिव के वेतनमान के लिए पूर्व सतर्कता आयुक्त की याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने नागालैंड के पूर्व राज्य सतर्कता आयुक्त की अपील खारिज की। उक्त याचिका में राज्य के मुख्य सचिव के बराबर वेतनमान की मांग की गई याचिका में कहा गया कि वह मुख्य सचिव के वेतनमान के हकदार नहीं हैं, क्योंकि उनके कुछ पूर्ववर्ती मुख्य सचिव को वह वेतनमान मिल रहा था।जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने कहा कि अपीलकर्ता ने स्वेच्छा से प्रस्तावित वेतनमान स्वीकार किया और यदि प्रस्तावित वेतनमान उन्हें स्वीकार्य नहीं है तो वह पद पर शामिल होने के लिए बाध्य नहीं हैं।“राज्य के मुख्य...
दिल्ली दंगा UAPA मामला: आरोपों पर बहस शुरू, पुलिस ने कहा- सभी आरोपियों के खिलाफ जांच पूरी
2020 के दिल्ली दंगों की बड़ी साजिश के मामले में आज से बहस शुरू हो गई। दिल्ली पुलिस ने दिल्ली कोर्ट को बताया है कि सभी आरोपियों के खिलाफ जांच पूरी हो गई है। कड़कड़डूमा कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने खुलासा किया है कि सभी आरोपियों के खिलाफ जांच पूरी हो गई है और मामला आरोपों पर बहस सुनने के लिए तैयार है।अदालत ने कहा, "इसलिए, यह आदेश दिया जाता है कि अभियोजन पक्ष अगली सुनवाई की तारीख पर आरोपों पर बहस शुरू कर सकता है, जब मामला पहले से ही तय हो चुका हो।"अदालत...
अपराध में कोई प्रत्यक्ष संलिप्तता नहीं: गुजरात हाईकोर्ट ने आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी 'कानून के साथ संघर्षरत' बच्चे को जमानत दी
गुजरात हाईकोर्ट ने हाल ही में चार व्यक्तियों को कथित रूप से "आत्महत्या के लिए उकसाने" के आरोपी 'कानून के साथ संघर्षरत' (सीसीएल) एक बच्चे को जमानत प्रदान की। हाईकोर्ट ने कहा,"आपराधिक दोषसिद्धि पर विचार करने" के लिए किशोर की कोई प्रत्यक्ष संलिप्तता नहीं है। अदालत ने अपने आदेश में वर्तमान मामले में सीसीएल पर धारा 54 बीएनएस की प्रयोज्यता पर भी विचार किया। सीसीएल एक 17 वर्षीय लड़का है।धारा 54 बीएनएस पर गौर करते हुए जस्टिस गीता गोपी की एकल पीठ ने कहा, "बीएनएस की धारा 54, जब कोई कृत्य या अपराध किया...
धारा 113ए साक्ष्य अधिनियम | शादी के सात साल के भीतर पत्नी की आत्महत्या से पति के खिलाफ उकसावे का आरोप स्वतः नहीं लगता: जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट
जम्मू एंड कश्मीर एंड लद्दाख हाईकोर्ट ने माना कि मात्र यह तथ्य कि एक महिला ने अपनी शादी के सात साल के भीतर आत्महत्या कर ली है, साक्ष्य अधिनियम की धारा 113-ए के तहत स्वतः ही अनुमान नहीं लगाती है। भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 की धारा 113ए विवाहित महिला के पति या रिश्तेदार द्वारा आत्महत्या के लिए उकसाने की धारणा से संबंधित है। न्यायालय ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसा अनुमान केवल तभी लगाया जा सकता है जब यह दर्शाया गया हो कि पति या पति के रिश्तेदार ने मृतका के साथ क्रूरता की हो, जैसा कि आरपीसी की धारा...
वैवाहिक मामलों में निरस्तीकरण रिपोर्ट से निपटने के दौरान न्यायालयों को सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाना चाहिए: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि वैवाहिक कलह से संबंधित मामलों में निरस्तीकरण रिपोर्ट से निपटने के लिए न्यायालयों को सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। खासकर तब जब शिकायतकर्ता स्वयं उन्हें स्वीकार करता है।पुलिस जांच के बाद निरस्तीकरण रिपोर्ट दायर करती है, जब आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र दायर करने के लिए कोई सामग्री नहीं मिलती है।वर्तमान मामले में न्यायालय ने पत्नी द्वारा अपने पति और ससुराल वालों के खिलाफ क्रूरता का आरोप लगाते हुए दर्ज की गई FIR खारिज की। ट्रायल कोर्ट ने यह देखने के बावजूद कि...
दिल्ली हाईकोर्ट ने अरविंद केजरीवाल से जेल में मिलने की AAP सांसद की याचिका खारिज की
दिल्ली हाईकोर्ट ने AAP के राज्यसभा सदस्य संदीप कुमार पाठक को जेल में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मिलने की अनुमति नहीं देने का आदेश बरकरार रखा।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा कि पाठक मुलाकात के लिए आवेदन करने के लिए स्वतंत्र हैं, जिस पर कानून के अनुसार संबंधित जेल अधीक्षक द्वारा विचार किया जाएगा।अदालत ने पाठक की उस याचिका का निपटारा किया। उक्त याचिका में उन्होंने जेल अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की थी कि वे उन्हें तिहाड़ जेल में केजरीवाल से मिलने दें। मुख्यमंत्री कथित शराब नीति घोटाले के...
[POSH एक्ट] केवल ICC कार्यवाही लंबित होने के कारण, जब कि कोई सिफारिश भी न हो, आरोपी का स्थानांतरण अनुचित: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में एक उपनिरीक्षक के तबादले के आदेश को रद्द कर दिया, जिसके खिलाफ कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम (POSH) के तहत आरोप लगाए गए थे। न्यायालय ने कहा कि आंतरिक शिकायत समिति की कार्यवाही लंबित है, केवल इसलिए तबादला किया जाना अनुचित है। जस्टिस विवेक जैन की एकल पीठ ने आदेश में कहा, "याचिकाकर्ता का तबादला किसी प्रशासनिक आवश्यकता के आधार पर नहीं किया गया है...स्थानांतरण केवल आंतरिक शिकायत समिति के समक्ष शिकायत के लंबित रहने के कारण...
पोकर और रमी बिल्कुल कौशल का खेल, यह जुआ नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोहराया कि पोकर और रमी बिल्कुल कौशल का खेल है, यह जुआ नहीं है।याचिकाकर्ता ने DCP सिटी कमिश्नरेट, आगरा के कार्यालय द्वारा पारित आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके द्वारा उसे रमी और पोकर के लिए जुआ यूनिट स्थापित करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया था।याचिकाकर्ता के वकील ने आंध्र प्रदेश राज्य बनाम के.एस. सत्यनारायण में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय और जंगली गेम्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड बनाम तमिलनाडु राज्य में मद्रास हाईकोर्ट के निर्णय पर भरोसा किया, जहां यह माना...
'अगर आपको भारत पसंद नहीं है तो यहां काम न करें': ANI की अवमानना याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने विकिपीडिया से कहा
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को ANI मीडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर अवमानना याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें विकिपीडिया से ANI विकिपीडिया पेज को एडिट करने वालों के बारे में जानकारी का खुलासा करने के लिए कहने वाले न्यायिक आदेश का अनुपालन न करने का आरोप लगाया गया।जस्टिस नवीन चावला ने विकिपीडिया के वकील की इस दलील पर कड़ी आपत्ति जताई कि उन्हें अदालत के सामने पेश होने में समय लगा, क्योंकि संस्था भारत में स्थित नहीं है।अदालत ने मौखिक रूप से टिप्पणी की,“हम इसे और बर्दाश्त नहीं करेंगे। अगर आपको...
सेंथिल बालाजी ने PMLA कार्यवाही से उन्हें मुक्त करने से ट्रायल कोर्ट के इनकार के खिलाफ पुनर्विचार याचिका वापस ली
तमिलनाडु के पूर्व मंत्री सेंथिल बालाजी जो नौकरी के लिए पैसे लेने के मामले में जून 2023 से ईडी की हिरासत में हैं। उन्होंने कार्यवाही से उन्हें मुक्त करने से इनकार करने वाले स्पेशल जज के फैसले को चुनौती देने वाली अपनी पुनर्विचार याचिका वापस ले ली।बालाजी के वकील ने जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम और जस्टिस वी शिवगनम की पीठ से कहा कि PMLA मामले में मुकदमा पहले ही शुरू हो चुका है और गवाहों की जांच भी शुरू हो चुकी है, इसलिए वह पुनर्विचार याचिका वापस लेना चाहते हैं। अदालत ने दलील पर गौर किया और मामले को वापस...
ससुर से भरण-पोषण का दावा करने के लिए विधवा बहू का ससुराल में रहना अनिवार्य नहीं: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि विधवा बहू के लिए ससुराल में रहना उसके ससुर से भरण-पोषण मांगने की शर्त नहीं है। यह देखा गया कि विधवा महिला द्वारा अपने माता-पिता के साथ रहने का विकल्प चुनने से यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि वह अपने ससुराल से अलग हो गई।जस्टिस सौमित्र दयाल सिंह और जस्टिस डोनाडी रमेश की पीठ ने कहा,“कानून की यह अनिवार्य शर्त नहीं है कि भरण-पोषण का दावा करने के लिए बहू को पहले अपने ससुराल में रहने के लिए सहमत होना चाहिए। जिस सामाजिक संदर्भ में कानून लागू होना चाहिए, उसमें विधवा महिलाओं का...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने जैन संस्थाओं को पर्यूषण पर्व पर मांस की बिक्री प्रतिबंधित करने संबंधी अधिसूचना को चुनौती देने की अनुमति दी
जैन धर्मार्थ संस्थाओं के जैन त्योहार पर्यूषण पर्व के दौरान पशु वध और मांस की बिक्री पर प्रतिबंध के संबंध में बॉम्बे हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं (जैन धर्मार्थ संस्थाओं) को जून 2019 की सरकारी अधिसूचना को चुनौती देने की अनुमति दी, जिसमें केवल त्योहार के पहले और अंतिम दिन ही वध और मांस की बिक्री प्रतिबंधित की गई।29 जून 2019 की सरकारी अधिसूचना के माध्यम से राज्य सरकार ने सभी नगर निगमों को निर्देश जारी किए कि पर्यूषण पर्व के पहले और अंतिम दिन पशुओं का वध या मांस की बिक्री नहीं होनी चाहिए।चीफ जस्टिस...
"सार्वजनिक शांति को भंग करने का कोई इरादा नहीं": बॉम्बे हाईकोर्ट ने नक्सलवाद को बढ़ावा देने के आरोपी को अग्रिम जमानत दी
बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर पीठ ने हाल ही में ऐसे व्यक्ति को अग्रिम जमानत दी, जिस पर अपने व्हाट्सएप मैसेज के माध्यम से 'नक्सलवाद' को बढ़ावा देने और देश में 'नक्सलवाद को पुनर्जीवित करने' का आह्वान करके मौजूदा भारत सरकार के खिलाफ लोगों को 'उकसाने' का आरोप है।एकल जज जस्टिस उर्मिला जोशी-फाल्के ने 2 अगस्त को कहा कि आवेदक - बीमा एजेंट नितिन बोडे पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 153-ए के तहत दो समूहों के बीच तनाव पैदा करने का आरोप है।पीठ ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 1995 में बलवंत सिंह बनाम पंजाब...
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पोस्टमार्टम करने में डॉक्टरों की लापरवाही पर चिंता जताई, राज्य से जवाब मांगा
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पोस्टमार्टम करने में डॉक्टरों के उदासीन रवैये पर चिंता जताई, जो आपराधिक न्याय वितरण प्रणाली में निष्पक्ष सुनवाई में बाधा डालता है।जस्टिस एन.एस. शेखावत ने कहा,"यह न्यायालय विभिन्न स्तरों पर न्यायालयों द्वारा आपराधिक मुकदमे के निपटान में मेडिकल साक्ष्य के महत्व के प्रति सचेत है। हालांकि, दुख की बात है कि आजकल यह देखा गया है। यह आम बात है कि शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों/फोरेंसिक एक्सपर्टस के अलावा अन्य व्यक्तियों द्वारा शवगृह कक्ष में किया जा रहा है। इसके कारण...
RG Kar Rape Murder: हाईकोर्ट में पुलिस कमीश्नर विनीत गोयल को अनुचित जांच के आरोपों पर हटाने की मांग वाली याचिका दायर
कोलकाता हाईकोर्ट में कोलकाता पुलिस आयुक्त विनीत गोयल को हटाने की मांग वाली याचिका दायर की गई। याचिका में आरोप लगाया गया कि गोयल आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टर के बलात्कार और हत्या की उचित जांच करने में असमर्थ रहे।याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि गोयल ने मामले की पीड़िता का नाम मीडिया को बताया, जो कि अवैध था।अंततः हाईकोर्ट ने जांच को CBI को सौंप दिया, जिसने कहा कि वह कोलकाता पुलिस द्वारा की जा रही जांच के तरीके पर विश्वास व्यक्त नहीं कर सकता।चीफ जस्टिस टीएस शिवगनम और जस्टिस...
केरल हाईकोर्ट ने वकील के साथ बदसलूकी करने वाले पुलिस अधिकारी को दोषी करार दिया
केरल हाईकोर्ट ने एक वकील के साथ दुर्व्यवहार और दुर्व्यवहार करने के लिए अदालत की अवमानना के लिए एक पुलिस अधिकारी पर 2 महीने के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने 1 वर्ष की अवधि के लिए सजा निलंबित कर दी है। इस अवधि के दौरान, पुलिस अधिकारी को किसी भी अप्रिय गतिविधियों में शामिल न होने की चेतावनी दी जाती है। 1 वर्ष की अवधि के बाद, सजा समाप्त हो जाएगी।जस्टिस देवन रामचंद्रन ने यह सजा सुनाई। जस्टिस देवन ने कहा "उपरोक्त परिस्थितियों में, मेरा आदेश अदालत की अवमानना अधिनियम के प्रावधानों के तहत...
मानव तस्करी मामले में आरोपियों के ठिकाने के बारे में गलत जानकारी पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एजी कार्यालय से जवाब मांगा
जस्टिस संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में जबलपुर में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने ईसाई मिशनरी डॉ. अजय लाल से जुड़े मामले में महाधिवक्ता के कार्यालय द्वारा प्रदान की गई जानकारी की सटीकता के बारे में चिंता जताई।यह मामला मानव तस्करी और अन्य गंभीर अपराधों के आरोपों से घिरा हुआ है, जिसमें मध्य प्रदेश के दमोह में लाल के आधार संगठन के माध्यम से बच्चों को अनुचित तरीके से गोद लेना भी शामिल है। महाधिवक्ता के कार्यालय ने अदालत को सूचित किया था कि डॉ अजय लाल ने अदालत की अनुमति के बिना देश छोड़ने से रोकने वाले...
शहरों में बिना किसी रोक-टोक के बढ़ रहे भांग के पौधे: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य से समस्या का स्थायी समाधान पूछा
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ की सरकारों से विशेषज्ञों की स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा है कि क्या शहरों में बढ़ते जंगली भांग की समस्या का कोई "स्थायी समाधान" है।चीफ़ जस्टिस शील नागू और जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल सभी शहरों में अंधाधुंध भांग के पौधे उगाने के मुद्दे पर स्वत: संज्ञान ले रहे थे। न्यायालय ने कहा कि "कार्यकारी अभियंता, बागवानी, डिवीजन नंबर 1, नगर निगम, चंडीगढ़ के हलफनामे के माध्यम से स्थिति रिपोर्ट दायर की गई है, जिसमें कहा गया है कि...









![[POSH एक्ट] केवल ICC कार्यवाही लंबित होने के कारण, जब कि कोई सिफारिश भी न हो, आरोपी का स्थानांतरण अनुचित: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट [POSH एक्ट] केवल ICC कार्यवाही लंबित होने के कारण, जब कि कोई सिफारिश भी न हो, आरोपी का स्थानांतरण अनुचित: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2024/09/05/500x300_559558-750x450559444-justice-vivek-jain-madhya-pradesh-high-court-jabalpur.jpg)










