मुख्य सुर्खियां
दिल्ली हाईकोर्ट ने राहुल गांधी की नागरिकता पर याचिका को जनहित याचिका के रूप में सूचीबद्ध करने का सुब्रमण्यम स्वामी का अनुरोध स्वीकार किया
दिल्ली हाईकोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी की उस याचिका को अनुमति दी, जिसमें उन्होंने राहुल गांधी की नागरिकता के खिलाफ अपनी शिकायत पर कार्रवाई करने की मांग की थी। इसे जनहित याचिका (PIL) मामलों की सुनवाई करने वाली रोस्टर बेंच के समक्ष सूचीबद्ध किया जाना चाहिए।जस्टिस संजीव नरूला ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत अपने रिट अधिकार क्षेत्र का उपयोग करने के लिए किसी भी कानूनी रूप से लागू करने योग्य अधिकार का उल्लंघन नहीं है।पीठ ने मौखिक रूप से टिप्पणी की,"आप उच्चतम...
[POCSO] अभियुक्त की दोषपूर्ण मानसिक स्थिति पर प्री ट्रायल चरण में विचार नहीं किया जा सकता: केरल हाईकोर्ट ने आरोप-मुक्ति याचिका खारिज की
केरल हाईकोर्ट ने माना कि अभियुक्त की दोषपूर्ण मानसिक स्थिति पर प्री ट्रायल चरण में विचार नहीं किया जा सकता, जब अभियोजन पक्ष द्वारा प्रथम दृष्टया मामला बनाया जाता है।न्यायालय इस बात पर विचार कर रहा था कि क्या POCSO Act के तहत अभियुक्त के विरुद्ध कार्यवाही बरी करने या रद्द करने के समय दोषपूर्ण मानसिक स्थिति पर विचार किया जा सकता है।जस्टिस ए. बदरुद्दीन ने कहा कि अभियुक्त की दोषपूर्ण मानसिक स्थिति पर तब विचार नहीं किया जा सकता, जब अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत सामग्री से प्रथम दृष्टया आरोप-पत्र तैयार...
पुणे की जिला अदालत ने बर्गर किंग किंग नाम की अमरीकी कंपनी बर्गर किंग के ट्रेडमार्क उल्लंघन का मुकदमा खारिज किया
जिला न्यायाधीश सुनील जी. वेदपाठक ने हाल ही में दिए गए फैसले में कहा, "वादी यह साबित करने में बुरी तरह विफल रहा कि प्रतिवादियों ने पुणे में अपना रेस्तरां चलाने के दौरान अपने ट्रेडमार्क बर्गर किंग का उल्लंघन किया था।अमेरिकी कंपनी ने कहा कि उसने 1954 में 'बर्गर किंग' नाम से बर्गर बेचना शुरू किया था और वर्तमान में यह दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी फास्ट फूड हैमबर्गर कंपनी है जो 100 देशों में 30,300 लोगों को रोजगार देती है, 2011 में मुकदमा दायर कर पुणे भोजनालय के मालिकों द्वारा ट्रेडमार्क 'बर्गर किंग' के...
प्रमोशन कर्मचारी का अंतर्निहित अधिकार नहीं, प्रमोशन के लिए विचार किए जाने का अधिकार तब प्राप्त होता है, जब जूनियर पर विचार किया जाता है: झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया कि प्रमोशन किसी कर्मचारी का अंतर्निहित अधिकार नहीं है लेकिन प्रमोशन के लिए विचार किए जाने का अधिकार तब उत्पन्न होता है, जब जूनियर पर विचार किया जाता है।याचिकाकर्ता ने रिट याचिका दायर कर प्रतिवादी-राज्य को असिस्टेंट इंजीनियर के पद पर प्रमोशन के लिए उसके मामले की समीक्षा करने का निर्देश देने की मांग की थी।याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि पदोन्नति के लिए पात्र होने के बावजूद उसकी वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) की अनुपस्थिति के कारण उसके आवेदन पर विचार नहीं किया गया, जिसने...
BREAKING | कर्नाटक हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी होने तक MUDA मामले में सीएम सिद्धारमैया के खिलाफ सभी कार्यवाही स्थगित की
कर्नाटक हाईकोर्ट ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया द्वारा दायर उस चुनौती पर विचार किया। उक्त चुनौती में उन्होंने मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA) से संबंधित कथित बहु-करोड़ के घोटाले में उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति देने वाले राज्यपाल थावरचंद गहलोत द्वारा जारी आदेश रद्द करने की मांग की है। न्यायालय ने निचली अदालत को निर्देश दिया कि वह हाईकोर्ट के समक्ष अगली सुनवाई की तारीख तक राज्यपाल की मंजूरी के आधार पर सिद्धारमैया के खिलाफ कोई भी जल्दबाजी वाली कार्रवाई न करे।मुख्यमंत्री के खिलाफ कार्यवाही...
S.135(1A) Electricity Act | आपूर्ति लाइन की बहाली निर्धारित राशि या बिजली चार्ज के जमा या भुगतान पर सशर्त: गुजरात हाईकोर्ट
गुजरात हाईकोर्ट ने निर्धारित बिजली चार्ज की गणना को चुनौती देने वाली लेटर्स पेटेंट अपील खारिज की, जिसमें इस बात पर जोर दिया गया कि बिजली आपूर्ति की बहाली विद्युत अधिनियम, (Electricity Act) 2003 की धारा 135 (1ए) के अनुसार निर्धारित राशि के भुगतान पर निर्भर होनी चाहिए।न्यायालय ने पाया कि याचिकाकर्ता ने निर्धारित चार्ज का पूरा भुगतान किए बिना बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए सिस्टम में हेरफेर किया।चीफ जस्टिस सुनीता अग्रवाल और जस्टिस प्रणव त्रिवेदी की खंडपीठ ने कहा,"धारा 135 की उपधारा (1ए) के तीसरे...
मोटरसाइकल चालक द्वारा प्रोटेक्टिव हेडगियर न पहनना मुआवज़े के अधिकार को नकार नहीं सकता: कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की धारा 129(ए) के अनुसार सुरक्षात्मक हेडगियर न पहनना, हालांकि सहभागी लापरवाही है, लेकिन इससे पीड़ित दावेदार को दिए जाने वाले मुआवज़े पर कोई बहुत ज़्यादा असर नहीं पड़ेगा।जस्टिस के सोमशेखर और जस्टिस डॉ. चिल्लकुर सुमालता की खंडपीठ ने सदाथ अली खान द्वारा मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण द्वारा दिए जाने वाले मुआवज़े में वृद्धि की मांग करने वाली अपील पर निर्णय लेते हुए यह बात कही। न्यायाधिकरण ने मुआवज़े के रूप में 5,61,600 रुपये दिए और ऐसा...
'सरकार को अस्थिर करने का प्रयास': मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने MUDA मामले में प्रॉसिक्यूशन के लिए राज्यपाल की मंजूरी को हाईकोर्ट में चुनौती दी
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA) से संबंधित कथित बहु-करोड़ के घोटाले में उनके खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी देने वाले राज्यपाल थावरचंद गहलोत द्वारा जारी आदेश रद्द करने की मांग करते हुए हाईकोर्ट का रुख किया।सिद्धारमैया द्वारा दायर याचिका में दावा किया गया कि 17.08.2024 को मुख्य सचिव को सूचित किया गया मंजूरी आदेश बिना सोचे-समझे जारी किया गया, वैधानिक आदेशों का उल्लंघन है और संवैधानिक सिद्धांतों के विपरीत है। इसमें मंत्रिपरिषद की सलाह भी शामिल है, जो भारत के...
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 12 वर्षीय लड़के के साथ यौन उत्पीड़न के आरोपी 'पुजारी' को जमानत देने से इनकार किया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में पुजारी को जमानत देने से इनकार किया। उक्त पुजारी पर इस वर्ष फरवरी में मंदिर के पास 12 वर्षीय अनाथ बच्चे के साथ अप्राकृतिक यौन संबंध बनाने के आरोप में धारा 377 आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया गया था।अपराध की गंभीरता और पीड़ित के बयानों पर विचार करते हुए कि आरोपी ने कथित कृत्य कैसे किया, जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की पीठ ने आरोपी-आवेदक (जमुना गिरी) को जमानत देने से इनकार किया।न्यायालय ने अपने आदेश में कहा,“पीड़ित, जो लगभग 12 वर्ष का नाबालिग है, उसके बयान के अवलोकन से यह...
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य को जेलों में मजदूरी करने वाले कैदियों को समान मजदूरी देने पर विचार करने का निर्देश दिया
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने जनहित याचिका (PIL) के जवाब में राज्य को जेलों में मजदूरी करने वाले कैदियों को समान मजदूरी देने के मुद्दे पर विचार करने का निर्देश दिया।कठोर परिस्थितियों में काम करने वाले कैदियों को मुआवजे की कमी को संबोधित करने के लिए दायर की गई जनहित याचिका में राज्य भर की कई जेलों में मजदूरी करने वाले कैदियों को मजदूरी का भुगतान न किए जाने का मामला सामने आया, जिसमें सितारगंज जेल भी शामिल है, जहां कैदी बिना पारिश्रमिक के 450 एकड़ के खेत में काम करते हैं।चीफ जस्टिस रितु बाहरी और जस्टिस...
ध्रुव राठी ने BJP प्रवक्ता द्वारा मानहानि के मुकदमे का विरोध किया, कहा- नेता का अपमानजनक भाषा इस्तेमाल करने का इतिहास रहा है
ध्रुव राठी ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) मुंबई प्रवक्ता द्वारा मानहानि के मुकदमे का विरोध किया। राठी ने कहा कि नेता का इतिहास अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का रहा है। ध्रुव राठी ने दिल्ली की अदालत के समक्ष BJP मुंबई प्रवक्ता सुरेश करमशी नखुआ द्वारा यूट्यूबर के खिलाफ मानहानि के मुकदमे में दायर अंतरिम निषेधाज्ञा आवेदन का विरोध किया।राठी ने आरोप लगाया कि नखुआ का इतिहास सार्वजनिक मंचों पर बेतरतीब सार्वजनिक हस्तियों, संवैधानिक पदों पर आसीन राजनेताओं और सरकारी कर्मचारियों को अपशब्द कहने का रहा है। जवाब...
MUDA घोटाले में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ चलेगा मुकदमा, राज्यपाल ने दी मंजूरी
कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने वाल्मीकि निगम और मैसूर शहरी विकास प्राधिकरण (MUDA) से संबंधित करोड़ों रुपये के घोटाले में उनकी कथित भूमिका के लिए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दी है।गहलोत ने कहा कि मामले में गैर-पक्षपाती जांच की आवश्यकता है, क्योंकि प्रथम दृष्टया आरोप और सहायक सामग्री अपराध किए जाने का खुलासा करती है।"राज्यपाल के आदेश में कहा गया,"मैं संतुष्ट हूं कि टी.जे. अब्राहम, प्रदीप कुमार एसपी और स्नेहमयी कृष्णा...
हाईकोर्ट वीकली राउंड अप : पिछले सप्ताह के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र
देश के विभिन्न हाईकोर्ट में पिछले सप्ताह (12 जुलाई, 2024 से 16 अगस्त, 2024) तक क्या कुछ हुआ, जानने के लिए देखते हैं हाईकोर्ट वीकली राउंड अप। पिछले सप्ताह हाईकोर्ट के कुछ खास ऑर्डर/जजमेंट पर एक नज़र।कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि पत्नी, बेटा और बेटी (प्रथम श्रेणी वारिस) के जीवित रहने पर बहनें कानूनी प्रतिनिधि बन सकें: राजस्थान हाईकोर्ट राजस्थान हाइकोर्ट एक फैसले में कहा कि बहनों को मृतक व्यक्ति का कानूनी प्रतिनिधि नहीं माना जा सकता, खासकर तब जब मृतक की पत्नी, बेटा और बेटी सहित प्रथम श्रेणी...
डाउनग्रेडेड मूल्यांकन को हटाने के बावजूद अधिकारी की पदोन्नति पर पुनर्विचार करने से इनकार करना अवैध: दिल्ली हाईकोर्ट
दिल्ली हाईकोर्ट ने पाया कि केंद्र सरकार द्वारा भारतीय सेना के अधिकारी की पदोन्नति पर पुनर्विचार करने से इनकार करना, यह पता लगाने के बावजूद कि अधिकारी की गोपनीय रिपोर्ट (सीआर) को आरंभिक अधिकारी (आईओ) द्वारा गलत तरीके से डाउनग्रेड किया गया, मनमाना और अवैध है।न्यायालय ने आगे कहा कि केंद्र सरकार की राहत के बावजूद, नई रिक्ति उपलब्ध होने तक अधिकारी को पदोन्नति से इनकार करने का सशस्त्र बल न्यायाधिकरण का आदेश अस्थिर था।मामले की पृष्ठभूमि:जस्टिस रेखा पल्ली और जस्टिस शालिंदर कौर की खंडपीठ याचिकाकर्ता...
मतदाता पहचान पत्र/मतदाता सूची जन्म तिथि का निर्णायक प्रमाण नहीं: उड़ीसा हाईकोर्ट
उड़ीसा हाईकोर्ट ने हाल ही में माना कि मतदाता सूची/मतदाता पहचान पत्र में दी गई जन्म तिथि, भले ही साक्ष्य अधिनियम की धारा 35 के तहत सार्वजनिक दस्तावेज के रूप में प्रासंगिक हो लेकिन वास्तविक जन्म तिथि का निर्णायक प्रमाण नहीं है।मतदाता पहचान पत्र में दी गई जन्म तिथि के आधार पर बीमा दावा खारिज करते हुए डॉ. जस्टिस संजीव कुमार पाणिग्रही की एकल पीठ ने कहा,“यह आम तौर पर भारतीय न्यायालयों द्वारा स्वीकार किया जाता है कि मतदाता पहचान पत्र/मतदाता सूची में दर्ज जन्म तिथि पर किसी व्यक्ति की आयु निर्धारित करने...
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बिना अनुमोदन के चल रहे स्कूलों में "गुरुजी" शिक्षकों की बहाली से इनकार किया, हालांकि सेवा के समय के लिए मानदेय का भुगतान करने का निर्देश दिया
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने हाल ही में सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के बिना चल रहे स्कूलों में "गुरुजी" की नियुक्ति को 'अवैध' माना। यह आदेश मध्य प्रदेश शिक्षा गारंटी योजना के तहत नियुक्त कई शिक्षकों द्वारा दायर रिट याचिका पर आया है, जिसमें सिंगरौली के कलेक्टर द्वारा पारित आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें नियुक्तियों की वैधता पर सवाल उठाया गया था और उन्हें सेवा में बने रहने से मना कर दिया गया था।कलेक्टर ने अपने आदेश में पाया कि हालांकि स्कूल बिना किसी पूर्व स्वीकृति के चल रहे थे, लेकिन याचिकाकर्ताओं...
जमानत बांड प्रस्तुत करने में असमर्थ विचाराधीन कैदियों की रिहाई में सहायता के लिए वकील नियुक्त करें: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों को निर्देश दिया
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य के जिला विधिक सेवा प्राधिकरणों (DLSA) को निर्देश दिया कि वे जमानत पर रिहा होने के लिए व्यक्तिगत बांड प्रस्तुत करने में असमर्थता के कारण जेल में बंद विचाराधीन कैदियों के लिए वकील नियुक्त करें।उल्लेखनीय है कि दिनांक 10.04.2024 के आदेश के तहत प्राधिकरण को निर्देश दिया गया कि वे उन विचाराधीन कैदियों की हिरासत के संबंध में स्थिति रिपोर्ट दाखिल करें, जिन्हें जमानत बांड न भरने के कारण रिहा नहीं किया गया।जब यह पता चला कि 27 विचाराधीन कैदियों को जमानत पर रिहा नहीं किया जा सका,...
आपके मुवक्किल की वजह से ज़्यादातर उधारकर्ताओं को LOC का सामना करना पड़ रहा: आर्थिक अपराधी अधिनियम को चुनौती देने वाली याचिका पर हाईकोर्ट ने विजय माल्या के वकील से कहा
बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि पूर्व शराब कारोबारी विजय माल्या देश में कई उधारकर्ताओं के खिलाफ़ लुक आउट सर्कुलर (LOC) जारी करने का पहला कारण बन गए हैं।जस्टिस कल्पना श्रीराम और जस्टिस जितेंद्र जैन की खंडपीठ ने यह टिप्पणी माल्या द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए की जिसमें भगोड़े आर्थिक अपराधी अधिनियम 2018 की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई। याचिका में मुंबई की विशेष अदालत के 5 जनवरी 2019 के आदेश को भी चुनौती दी गई, जिसके तहत माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया गया।भूमि प्रबंधन में...
यदि व्यावसायिक परिसर में किए गए सर्वेक्षण के दौरान अतिरिक्त स्टॉक पाया जाता है तो GST Act की धारा 130 के तहत कार्यवाही शुरू नहीं की जा सकती: इलाहाबाद हाईकोर्ट
दिनेश कुमार प्रदीप कुमार बनाम अपर आयुक्त के मामले में निर्णय का हवाला देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोहराया कि यदि निर्माता के व्यावसायिक परिसर में अतिरिक्त स्टॉक पाया जाता है तो भी UPGST Act की धारा 130 के तहत कार्यवाही शुरू नहीं की जा सकती।UPGST Act की धारा 130 के अनुसार सरकार निर्दिष्ट राशि से अधिक मूल्य के माल की किसी भी खेप को ले जाने वाले वाहन के प्रभारी व्यक्ति से ऐसे दस्तावेज और ऐसे उपकरण ले जाने की मांग कर सकती है जैसा कि निर्धारित किया जा सकता है। यह प्रावधान माल या वाहन की जब्ती और...
मुंबई केवल गगनचुंबी इमारतों के साथ कंक्रीट का जंगल नहीं बन सकता: हाईकोर्ट ने खुले हरे-भरे स्थानों के साथ झुग्गी-झोपड़ी मुक्त शहर बनाने का आह्वान किया
बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को महाराष्ट्र सरकार और अन्य अधिकारियों से मुंबई को झुग्गी-झोपड़ी मुक्त शहर बनाने के लिए दृष्टिकोण रखने को कहा, क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय' शहर है और डेवलपर्स के हाथों झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों की दुर्दशा पर चिंता व्यक्त की है।कोर्ट ने इस बात पर भी जोर दिया कि आने वाली पीढ़ियों में शहर के कंक्रीट जंगल में केवल गगनचुंबी इमारतें नहीं हो सकतीं। इसके लिए पर्याप्त मात्रा में खुले और हरे-भरे स्थान भी होने चाहिए। हाईकोर्ट ने आगे कहा कि शहर में भूमि प्रबंधन उचित हाथों में...


![[POCSO] अभियुक्त की दोषपूर्ण मानसिक स्थिति पर प्री ट्रायल चरण में विचार नहीं किया जा सकता: केरल हाईकोर्ट ने आरोप-मुक्ति याचिका खारिज की [POCSO] अभियुक्त की दोषपूर्ण मानसिक स्थिति पर प्री ट्रायल चरण में विचार नहीं किया जा सकता: केरल हाईकोर्ट ने आरोप-मुक्ति याचिका खारिज की](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2024/08/20/500x300_556576-750x450506544-pocso-act.jpg)

















