अनिल अंबानी ने Republic TV पर लगाया फिर से आपत्तिजनक प्रसारण करने का आरोप, हाईकोर्ट का संयम बरतने का निर्देश
उद्योगपति अनिल अंबानी ने बुधवार (29 अप्रैल) को बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया कि अदालत द्वारा Republic TV और उसके एडिटर-इन-चीफ़ अर्णब गोस्वामी से संयम बरतने के लिए कहने के बावजूद, चैनल पर उनके खिलाफ फिर से कुछ आपत्तिजनक प्रसारण किया गया।
सिंगल-जज जस्टिस आरिफ डॉक्टर अंबानी द्वारा गोस्वामी और उनके चैनल के खिलाफ दायर मानहानि के मुकदमे की सुनवाई कर रहे हैं।
गौरतलब है कि पिछली दो सुनवाइयों में अदालत ने गोस्वामी को यह स्पष्ट किया कि हालांकि वह अंबानी के खिलाफ चल रही जांचों के बारे में रिपोर्टिंग करने से उन्हें "चुप" नहीं करा रही है, लेकिन उनसे यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया कि वे "निचले स्तर की हरकतें" न करें और उद्योगपति के खिलाफ किसी भी तरह का "बढ़ा-चढ़ाकर बयान" न दें।
बुधवार को, हालांकि मामला सुनवाई के लिए सूचीबद्ध था, लेकिन समय की कमी के कारण इसकी सुनवाई नहीं हो सकी। इसलिए जब जस्टिस डॉक्टर दिन की कार्यवाही समाप्त करने वाले थे तो अंबानी के वकील ने मामले की गंभीरता का हवाला देते हुए इसका ज़िक्र किया।
हालांकि, अर्णब के सीनियर वकील ज़ाल आंध्यारुजिना ने पीठ को बताया कि उन्हें अंबानी की तरफ से अभी तक कोई "शिकायतें" नहीं मिली हैं, जैसा कि अदालत ने पिछली बार आदेश दिया था।
गौरतलब है कि जस्टिस डॉक्टर ने अंबानी से चैनल की रिपोर्टिंग में मौजूद आपत्तिजनक सामग्री की उचित सूची देने के लिए कहा था, ताकि दोनों पक्षों के बीच कोई समझौता हो सके।
जब आंध्यारुजिना ने यह बात रखी कि अंबानी की टीम ने आपत्तिजनक सामग्री का कोई विवरण नहीं दिया तो उद्योगपति के वकील ने जज को बताया कि इसके बाद भी एक "और प्रसारण" हुआ था, जो भी आपत्तिजनक था।
वकील ने कहा,
"माई लॉर्ड्स, इसके बाद भी एक और प्रसारण हुआ, जो फिर से आपत्तिजनक था। इसलिए यह एक ज़रूरी मामला है और कृपया सुनवाई के लिए कोई जल्द की तारीख दें।"
इस पर आंध्यारुजिना ने कहा कि भले ही इसके बाद कोई और प्रसारण हुआ हो, लेकिन उसके संबंध में कोई "नई शिकायतें" सामने नहीं रखी गईं।
हालांकि, जस्टिस डॉक्टर ने अपनी बात दोहराई कि अदालत नहीं चाहती कि इस तरह का मामला इस तरह "और बढ़े"। साथ ही कहा कि वह 8 मई को इस मामले पर आगे विचार करेंगे।
Case Title: Anil Ambani vs Arnab Goswami (IA(L) 10035 of 2026)