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इंडियन स्टेट टिप्पणी पर राहुल गांधी के खिलाफ FIR से इनकार को चुनौती, इलाहाबाद हाइकोर्ट में याचिका
'इंडियन स्टेट' टिप्पणी पर राहुल गांधी के खिलाफ FIR से इनकार को चुनौती, इलाहाबाद हाइकोर्ट में याचिका

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की कथित इंडियन स्टेट संबंधी टिप्पणी को लेकर एक बार फिर मामला अदालत पहुंच गया। संभल कोर्ट द्वारा राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने से इनकार किए जाने के आदेश को चुनौती देते हुए इलाहाबाद हाइकोर्ट में याचिका दाखिल की गई।यह याचिका भारतीय संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत हिंदू शक्ति दल से जुड़े सिमरन गुप्ता की ओर से दाखिल की गई। याचिका में दावा किया गया कि राहुल गांधी की टिप्पणी से देशभर में लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।विवाद उस कथित बयान से जुड़ा है, जो राहुल...

प्रिया कपूर ने देवरानी और पॉडकास्ट होस्ट पर ठोका मानहानि का दावा, दिल्ली हाइकोर्ट में 20 करोड़ रुपये हर्जाने की मांग
प्रिया कपूर ने देवरानी और पॉडकास्ट होस्ट पर ठोका मानहानि का दावा, दिल्ली हाइकोर्ट में 20 करोड़ रुपये हर्जाने की मांग

दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर की पत्नी प्रिया कपूर ने अपनी देवरानी मंधिरा कपूर स्मिथ और इनकॉन्ट्रोवर्शियल नामक पॉडकास्ट की होस्ट पूजा चौधरी के खिलाफ दिल्ली हाइकोर्ट में मानहानि का दीवानी मुकदमा दायर किया। प्रिया कपूर ने कथित रूप से उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले बयानों के लिए 20 करोड़ रुपये हर्जाने की मांग की।दायर वाद में आरोप लगाया गया कि मंधिरा कपूर स्मिथ ने संबंधित पॉडकास्ट में ऐसे बयान दिए जिनमें प्रिया कपूर को परिवार की विरासत, संपत्ति और कारोबारी मामलों पर कोई वैध अधिकार न रखने वाली...

NSA में बंद सांसद अमृतपाल सिंह की संसद सत्र में शामिल होने की मांग पर पंजाब सरकार से जवाब तलब
NSA में बंद सांसद अमृतपाल सिंह की संसद सत्र में शामिल होने की मांग पर पंजाब सरकार से जवाब तलब

पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट ने खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह की याचिका पर पंजाब सरकार से जवाब मांगा। अमृतपाल सिंह इस समय कड़े राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत असम की डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में बंद हैं। उन्होंने संसद के मौजूदा बजट सत्र में शामिल होने के लिए अस्थायी रिहाई की मांग की।चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने बुधवार को पंजाब सरकार को 10 दिन के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।संसद का बजट सत्र दो चरणों में आयोजित होना है, पहला चरण 28 जनवरी, 2026 से 13 फरवरी,...

गलत तरीके से अनिवार्य रिटायरमेंट पर भेजे गए कर्मचारी को पूरा बकाया वेतन मिलेगा: नो वर्क, नो पे दलील पर राजस्थान हाइकोर्ट सख्त
गलत तरीके से अनिवार्य रिटायरमेंट पर भेजे गए कर्मचारी को पूरा बकाया वेतन मिलेगा: नो वर्क, नो पे दलील पर राजस्थान हाइकोर्ट सख्त

राजस्थान हाइकोर्ट ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए उस कर्मचारी को अनिवार्य रिटायरमेंट की अवधि का पूरा वेतन और भत्ते देने का आदेश दिया, जिसे बिना ठोस आधार के सेवा से बाहर कर दिया गया था। कोर्ट ने साफ कहा कि जब कर्मचारी को काम करने से ही रोका गया हो तो उस पर नो वर्क, नो पे का सिद्धांत लागू नहीं किया जा सकता।जस्टिस प्रवीर भटनागर की एकल पीठ ने यह आदेश उस याचिका पर सुनाया, जिसमें एक सरकारी कर्मचारी ने वेतन न दिए जाने को चुनौती दी थी। कर्मचारी को वर्ष 2006 में अनिवार्य रिटायरमेंट दी गई थी। बाद...

महज हाथ छूना आपराधिक बल नहीं: गुवाहाटी हाइकोर्ट ने IIT प्रोफेसर पर दर्ज यौन उत्पीड़न का मामला किया रद्द
महज हाथ छूना आपराधिक बल नहीं: गुवाहाटी हाइकोर्ट ने IIT प्रोफेसर पर दर्ज यौन उत्पीड़न का मामला किया रद्द

गुवाहाटी हाइकोर्ट ने अहम फैसले में कहा कि केवल किसी महिला का हाथ छू लेना भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354 के तहत आपराधिक बल या महिला की लज्जा भंग करने का अपराध नहीं बनता। कोर्ट ने इसी आधार पर एक IIT प्रोफेसर के खिलाफ दर्ज यौन उत्पीड़न का आपराधिक मामला रद्द किया।जस्टिस संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि IPC की धारा 354 के तहत अपराध तभी बनता है जब आपराधिक बल का प्रयोग हुआ हो और महज हाथ छूना कानून में परिभाषित बल की श्रेणी में नहीं आता।यह मामला उस शिकायत से जुड़ा था, जिसमें एक महिला ने आरोप लगाया कि वह...

कामकाजी मां का बच्ची को अपने माता-पिता के पास छोड़ना अवैध नहीं, हैबियस कॉर्पस से कस्टडी विवाद नहीं सुलझाया जा सकता: गुजरात हाइकोर्ट
कामकाजी मां का बच्ची को अपने माता-पिता के पास छोड़ना अवैध नहीं, हैबियस कॉर्पस से कस्टडी विवाद नहीं सुलझाया जा सकता: गुजरात हाइकोर्ट

गुजरात हाइकोर्ट ने एक अहम और संवेदनशील फैसले में कहा कि किसी कामकाजी मां द्वारा अपनी नाबालिग बेटी की देखभाल के लिए उसे अपने माता-पिता के पास छोड़ना न तो अवैध कस्टडी है और न ही इसे हैबियस कॉर्पस याचिका के जरिए चुनौती दी जा सकती है। कोर्ट ने साफ किया कि जब तक बच्चे की कस्टडी को लेकर कोई आदेश या कार्यवाही लंबित नहीं है, तब तक ऐसे मामलों में हैबियस कॉर्पस का सहारा नहीं लिया जा सकता।जस्टिस एन.एस. संजय गौड़ा और जस्टिस डी.एम. व्यास की खंडपीठ पिता द्वारा दायर हैबियस कॉर्पस याचिका पर सुनवाई कर रही थी।...

पोस्ट फैक्टो एनवायर्नमेंटल क्लीयरेंस के खिलाफ जयराम रमेश की रिट याचिका खारिज
पोस्ट फैक्टो एनवायर्नमेंटल क्लीयरेंस के खिलाफ जयराम रमेश की रिट याचिका खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कांग्रेस नेता और राज्यसभा एमपी जयराम रमेश की एक्स-पोस्ट फैक्टो एनवायर्नमेंटल क्लीयरेंस (EC) दिए जाने के खिलाफ फाइल की गई रिट पिटीशन पर सुनवाई करने से मना किया।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत (CJI) और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने पूछा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने वनशक्ति रिव्यू जजमेंट में एक्स-पोस्ट फैक्टो EC पर यूनियन के ऑफिस मेमोरेंडम को मंजूरी दी है तो रिट पिटीशन कैसे फाइल की जा सकती है।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत ने शुरू में याचिकाकर्ता के वकील से कहा,"यह किस मकसद...

क्या कमर्शियल कोर्ट के तौर पर काम करने वाला सिविल जज (सीनियर डिवीज़न) ट्रेडमार्क पासिंग ऑफ़ केस पर सुनवाई कर सकता है? सुप्रीम कोर्ट करेगा तय
क्या कमर्शियल कोर्ट के तौर पर काम करने वाला सिविल जज (सीनियर डिवीज़न) ट्रेडमार्क पासिंग ऑफ़ केस पर सुनवाई कर सकता है? सुप्रीम कोर्ट करेगा तय

सुप्रीम कोर्ट यह तय करने वाला है कि क्या कमर्शियल कोर्ट के तौर पर काम करने वाला सिविल जज (सीनियर डिवीज़न) ट्रेडमार्क एक्ट, 1999 की धारा 134 के तहत पासिंग ऑफ़ के लिए केस पर सुनवाई कर सकता है, जो डिस्ट्रिक्ट कोर्ट से नीचे की कोर्ट में ऐसे केस दायर करने पर रोक लगाता है।जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस अतुल चंदुरकर की बेंच ने झारखंड हाईकोर्ट के इस विचार को चुनौती देने वाली SLP पर नोटिस जारी किया कि सिविल जज, सीनियर डिवीज़न की कोर्ट, एक कमर्शियल कोर्ट होने के नाते, पासिंग ऑफ़ के लिए केस पर सुनवाई कर...

Air India Plane Crash | मीडिया रिपोर्ट्स पर मत जाओ: सुप्रीम कोर्ट ने किसी खास ब्रांड के एयरक्राफ्ट के खिलाफ कमेंट्स पर रोक लगाने को कहा
Air India Plane Crash | 'मीडिया रिपोर्ट्स पर मत जाओ': सुप्रीम कोर्ट ने किसी खास ब्रांड के एयरक्राफ्ट के खिलाफ कमेंट्स पर रोक लगाने को कहा

एयर इंडिया प्लेन क्रैश मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आज भारत सरकार से 3 हफ़्ते के अंदर इस दुखद हादसे की जांच के लिए अपनाए गए प्रोसीजरल प्रोटोकॉल पर एक रिपोर्ट फाइल करने को कहा, जिसमें 260 लोगों की जान चली गई।सुनवाई के दौरान, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने यह भी सुझाव दिया कि पार्टियां एयरक्राफ्ट में टेक्निकल गड़बड़ियों पर मीडिया रिपोर्ट्स से प्रभावित न हों। इसके अलावा, किसी खास ब्रांड के एयरक्राफ्ट पर कमेंट करने में रोक लगाएं।CJI ने अपनी राय दी,"यह बहुत ही बुरा हादसा...261 बेगुनाह जानें...

आप सोनम वांगचुक के भाषणों में बहुत ज़्यादा मतलब निकाल रहे हैं: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा- लद्दाख हिंसा के साथ साठगांठ पर सवाल उठाए
'आप सोनम वांगचुक के भाषणों में बहुत ज़्यादा मतलब निकाल रहे हैं': सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा- लद्दाख हिंसा के साथ साठगांठ पर सवाल उठाए

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को लद्दाख के एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की नेशनल सिक्योरिटी एक्ट के तहत प्रिवेंटिव डिटेंशन को चुनौती देने वाली हेबियस कॉर्पस पिटीशन पर सुनवाई जारी रखी, बेंच ने कहा कि केंद्र सरकार उनके भाषणों में "बहुत ज़्यादा मतलब निकाल रही है"।इस मामले की सुनवाई जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस पीबी वराले की बेंच कर रही है, जो गीतांजलि अंगमो की एक पिटीशन पर है, जिसमें वांगचुक की डिटेंशन को गैर-कानूनी घोषित करने की मांग की गई। कोर्ट ने हाल ही में केंद्र से वांगचुक की कथित बिगड़ती सेहत को देखते...

सुप्रीम कोर्ट ने सीनियर एडवोकेट्स को डेज़िग्नेट करने के लिए नई गाइडलाइंस नोटिफ़ाई कीं, पॉइंट सिस्टम और इंटरव्यू को हटाया गया
सुप्रीम कोर्ट ने सीनियर एडवोकेट्स को डेज़िग्नेट करने के लिए नई गाइडलाइंस नोटिफ़ाई कीं, पॉइंट सिस्टम और इंटरव्यू को हटाया गया

सुप्रीम कोर्ट ने “इंडिया के सुप्रीम कोर्ट द्वारा सीनियर एडवोकेट्स को डेज़िग्नेट करने के लिए गाइडलाइंस, 2026” को नोटिफ़ाई किया, जो जितेंद्र @ कल्ला बनाम राज्य (दिल्ली NCT सरकार) और अन्य (2025 INSC 667) में कोर्ट के 13 मई, 2025 के फ़ैसले के अनुसार 2023 की गाइडलाइंस की जगह लेंगी।जितेंद्र @ कल्ला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पॉइंट-सिस्टम और इंटरव्यू के आधार पर सीनियर एडवोकेट्स को डेज़िग्नेट करने को यह कहते हुए नामंज़ूर किया कि यह काम करने लायक नहीं है। प्रैक्टिस के सालों, रिपोर्ट किए गए फ़ैसलों,...

दहेज हत्या के मामले में बिना वजह बेल देने पर सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट को फटकार लगाई, सबसे चौंकाने वाला और निराशाजनक
दहेज हत्या के मामले में बिना वजह बेल देने पर सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट को फटकार लगाई, 'सबसे चौंकाने वाला और निराशाजनक'

सुप्रीम कोर्ट ने दहेज हत्या के एक मामले में बेल अप्लीकेशन पर फैसला करते समय ध्यान में रखने वाली बातों पर ध्यान दिए बिना बिना वजह बेल ऑर्डर पास करने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट की कड़ी आलोचना की।हाईकोर्ट ने मृतक पीड़िता के पति को ऑर्डर शीट में सिर्फ उसकी जेल की अवधि और क्रिमिनल हिस्ट्री न होने का जिक्र करके जमानत दी थी, जिसे जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की बेंच ने "पिछले कुछ समय में मिले सबसे चौंकाने वाले और निराशाजनक ऑर्डर" में से एक बताया।कोर्ट ने कहा,“हम इस ऑर्डर को सीधे-सीधे...

ज्यूडिशियल सर्विस एग्जाम में भी आंसर की दोबारा जांच करना हाईकोर्ट के लिए सही नहीं : सुप्रीम कोर्ट
ज्यूडिशियल सर्विस एग्जाम में भी आंसर की दोबारा जांच करना हाईकोर्ट के लिए सही नहीं : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को झारखंड हाईकोर्ट को निर्देश दिया कि वह स्टेट सिविल जज (जूनियर डिवीज़न) एग्जाम में आए 3 सवालों के सही होने की दोबारा जांच के लिए एक एक्सपर्ट कमेटी बनाए। कोर्ट ने हाईकोर्ट के उस आदेश को कुछ हद तक रद्द कर दिया, जिसमें कुछ सवालों के जवाब गलत पाए गए।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच झारखंड पब्लिक सर्विसेज कमीशन (JPSC) की एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी।JPSC ने हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें सिविल जज (जूनियर...

CCS नियमों के तहत आने वाले सेंट्रल गवर्नमेंट के कर्मचारी पेमेंट ऑफ़ ग्रेच्युटी एक्ट से बाहर: सुप्रीम कोर्ट
CCS नियमों के तहत आने वाले सेंट्रल गवर्नमेंट के कर्मचारी पेमेंट ऑफ़ ग्रेच्युटी एक्ट से बाहर: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (11 फरवरी) को कहा कि डिपार्टमेंट ऑफ़ एटॉमिक एनर्जी (DAE) के तहत काम करने वाले तूतीकोरिन के हेवी वॉटर प्लांट (HWP) के रिटायर्ड कर्मचारी पेमेंट ऑफ़ ग्रेच्युटी एक्ट, 1972 (PG Act) के तहत ग्रेच्युटी के हकदार नहीं हैं, क्योंकि वे सेंट्रल सिविल सर्विस (पेंशन) रूल्स, 1972 के तहत आने वाले सेंट्रल गवर्नमेंट के कर्मचारी हैं।जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस एस.वी.एन. भट्टी की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की, जिसमें अपील करने वालों, हेवी वॉटर प्लांट के रिटायर्ड कर्मचारियों ने CCS (पेंशन)...

सरकारी कर्मचारी डिसिप्लिनरी जांच को रोकने के लिए इस्तीफ़ा देकर नौकरी नहीं छोड़ सकता: राजस्थान हाईकोर्ट ने बर्खास्तगी सही ठहराई
सरकारी कर्मचारी डिसिप्लिनरी जांच को रोकने के लिए इस्तीफ़ा देकर नौकरी नहीं छोड़ सकता: राजस्थान हाईकोर्ट ने बर्खास्तगी सही ठहराई

राजस्थान हाईकोर्ट ने एक RAS अधिकारी की याचिका खारिज की, जिसमें राज्य द्वारा उसका इस्तीफ़ा खारिज किए जाने और नौकरी से निकालने की सज़ा लगाने के आदेश को चुनौती दी गई। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता के व्यवहार को देखते हुए, राज्य के कामों में कोई कानूनी कमी नहीं थी।जस्टिस आनंद शर्मा की बेंच ने कहा कि सिर्फ़ इस्तीफ़ा देने से कर्मचारी के पक्ष में कोई निहित या ऑटोमैटिक अधिकार नहीं बन जाता, खासकर तब जब राज्य कर्मचारी के ख़िलाफ़ डिपार्टमेंटल कार्रवाई शुरू करने पर विचार कर रहा हो।कहा गया,“किसी सरकारी...

घर से भागे जोड़ों के लिए सेफ़ हाउस समेत सुरक्षा उपायों पर 2019 के GO को मानना ​​अधिकारियों का फ़र्ज़: इलाहाबाद हाईकोर्ट
घर से भागे जोड़ों के लिए सेफ़ हाउस समेत सुरक्षा उपायों पर 2019 के GO को मानना ​​अधिकारियों का फ़र्ज़: इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में परिवार की मर्ज़ी के ख़िलाफ़ शादी करने वाले जोड़ों की जान और आज़ादी की रक्षा करने की राज्य की ज़िम्मेदारी को दोहराया। कोर्ट ने यूपी सरकार के 2019 के ऑर्डर का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया, जिसमें ऐसे जोड़ों के लिए ज़रूरी बचाव और सुधार के उपाय बताए गए।एक जोड़े की सुरक्षा याचिका का निपटारा करते हुए जस्टिस गरिमा प्रसाद की बेंच ने कहा कि पुलिस अधिकारी हर मामले में खतरे का अंदाज़ा लगाने और स्थिति की गंभीरता के आधार पर सुरक्षित रहने की जगह और सुरक्षा सहित ज़रूरी...

जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर की सैलरी इनकम मानी जाएगी: दिल्ली हाईकोर्ट ने AIIMS में EWS अपॉइंटमेंट कैंसिल करने का फैसला सही ठहराया
जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर की सैलरी इनकम मानी जाएगी: दिल्ली हाईकोर्ट ने AIIMS में EWS अपॉइंटमेंट कैंसिल करने का फैसला सही ठहराया

दिल्ली हाईकोर्ट ने माना कि जूनियर रेजिडेंसी के दौरान डॉक्टर को मिली सैलरी, इकोनॉमिकली वीकर सेक्शन (EWS) कैटेगरी के तहत एलिजिबिलिटी तय करने के लिए “इनकम” मानी जाती है।जस्टिस अनिल क्षेत्रपाल और जस्टिस अमित महाजन की डिवीजन बेंच ने इस आधार पर याचिकाकर्ता की सीनियर रेजिडेंट अपॉइंटमेंट कैंसिल करने का फैसला सही ठहराया कि तय इनकम लिमिट का उल्लंघन किया गया।इसमें कहा गया,“EWS रिज़र्वेशन के लिए “ग्रॉस एनुअल इनकम” का मतलब टैक्स एक्ट के तहत ध्यान में रखी गई इनकम से है। इसलिए पॉलिसी फ्रेमवर्क में इनकम के किसी...