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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बिना मुद्दे तय किए और साक्ष्य दर्ज किए मुस्लिम दंपत्ति के बीच तलाक की घोषणा करने पर फैमिली कोर्ट की आलोचना की
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बिना मुद्दे तय किए और साक्ष्य दर्ज किए मुस्लिम दंपत्ति के बीच तलाक की घोषणा करने पर फैमिली कोर्ट की आलोचना की

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने फैमिली कोर्ट के उस आदेश पर आश्चर्य और हैरानी व्यक्त की, जिसमें बिना मुद्दे तय किए और साक्ष्य दर्ज किए मुस्लिम महिला को उसके पति से तलाक की घोषणा कर दी गई।जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस बिनोद कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने कहा;"हम इस बात से आश्चर्यचकित और स्तब्ध हैं कि फैमिली कोर्ट ने सीपीसी के आदेश VII नियम 11 के तहत मामले को कैसे लिया। प्रतिवादी/वादी (पति) को राहत दी, जो मुद्दे तय करने और साक्ष्य दर्ज करने के बाद ही दी जानी चाहिए थी। तलाक की घोषणा प्राप्त करके मुकदमा दायर...

हाईकोर्ट ने BJP नेता रमेश बिधूड़ी के आपराधिक मानहानि मामले में TV Today राहत से किया इनकार
हाईकोर्ट ने BJP नेता रमेश बिधूड़ी के आपराधिक मानहानि मामले में TV Today राहत से किया इनकार

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता रमेश बिधूड़ी द्वारा 2011 में दायर आपराधिक मानहानि मामले में टीवी टुडे नेटवर्क लिमिटेड, जो आजतक और इंडिया टुडे समूह का स्वामित्व रखती है, उनको बरी करने से इनकार कर दिया।यह मामला बिधूड़ी के भतीजे के साले बताए जा रहे एक व्यक्ति से जुड़े सामूहिक बलात्कार और अपहरण के मामले पर प्रसारित समाचार से उत्पन्न हुआ है।उस समय बिधूड़ी तुगलकाबाद निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित विधायक थे। रिपोर्ट में उस व्यक्ति को गिरफ्तार करने में पुलिस की कथित...

जिला जजों की नियुक्तियां | पदोन्नति पाने वालों की सीधी भर्ती से तुलना नहीं की जा रही: सुप्रीम कोर्ट ने सीनियरिटी मानदंडों पर फैसला सुरक्षित रखा
जिला जजों की नियुक्तियां | पदोन्नति पाने वालों की सीधी भर्ती से तुलना नहीं की जा रही: सुप्रीम कोर्ट ने सीनियरिटी मानदंडों पर फैसला सुरक्षित रखा

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को इस मुद्दे पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया कि क्या जिला न्यायाधीश के पदों पर कार्यरत न्यायिक अधिकारियों की पदोन्नति के लिए कोई कोटा होना चाहिए।चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) बीआर गवई, जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस के. विनोद चंद्रन और जस्टित जॉयमाल्या बागची की पांच सदस्यीय पीठ इस बात पर विचार कर रही है कि न्यायिक सेवा में पारस्परिक वरिष्ठता निर्धारित करने के लिए पूरे देश में एक समान दिशानिर्देश बनाए जाएं या नहीं। न्यायालय इस मुद्दे पर विचार कर रहा है कि क्या...

MV Act | निजी बस संचालक अधिसूचित राज्य परिवहन मार्गों से ओवरलैप करने वाले अंतर-राज्यीय मार्गों पर बस नहीं चला सकते: सुप्रीम कोर्ट
MV Act | निजी बस संचालक अधिसूचित राज्य परिवहन मार्गों से ओवरलैप करने वाले अंतर-राज्यीय मार्गों पर बस नहीं चला सकते: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि निजी संचालकों को पारस्परिक परिवहन समझौतों के तहत अंतर-राज्यीय मार्गों पर स्टेज-कैरिज परमिट नहीं दिए जा सकते, यदि उन मार्गों का कोई भी भाग मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के अध्याय VI के तहत राज्य परिवहन उपक्रमों के लिए आरक्षित अधिसूचित अंतर-राज्यीय मार्ग से ओवरलैप करता है।जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टाइन जॉर्ज मसीह की पीठ ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर पीठ के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के परिवहन विभागों के बीच अंतर-राज्यीय पारस्परिक...

वैवाहिक और घर से भागने के मामलों में POCSO Act का दुरुपयोग: सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई
वैवाहिक और घर से भागने के मामलों में POCSO Act का दुरुपयोग: सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जताई

सुप्रीम कोर्ट ने वैवाहिक विवादों और लड़की के परिवार द्वारा उस लड़के के खिलाफ दायर किए गए मामलों में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (POCSO Act) के दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की, जिसके साथ वह भाग गई।जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस आर महादेवन की खंडपीठ एक रिट याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें केंद्र और शिक्षा मंत्रालय को स्कूली पाठ्यक्रम में यौन शिक्षा को अनिवार्य रूप से शामिल करने और बच्चों को भारत में बलात्कार विरोधी कानूनों और पॉक्सो अधिनियम के बारे में जागरूक करने के निर्देश देने की...

मुस्लिम पुरुष की दूसरी शादी के रजिस्ट्रेशन से पहले पहली पत्नी की बात ज़रूर सुनी जाए, अगर वह आपत्ति करे तो पक्षकारों को अदालत भेजा जाए: केरल हाईकोर्ट
मुस्लिम पुरुष की दूसरी शादी के रजिस्ट्रेशन से पहले पहली पत्नी की बात ज़रूर सुनी जाए, अगर वह आपत्ति करे तो पक्षकारों को अदालत भेजा जाए: केरल हाईकोर्ट

केरल हाईकोर्ट ने हाल ही में व्यवस्था दी कि केरल विवाह पंजीकरण (सामान्य) नियम 2008 के अनुसार, मुस्लिम पुरुष की दूसरी शादी का रजिस्ट्रेशन करते समय वैधानिक प्राधिकारियों द्वारा पहली पत्नी को सुनवाई का अवसर दिया जाना चाहिए।जस्टिस पी.वी. कुन्हीकृष्णन ने कहा कि यद्यपि मुस्लिम व्यक्ति कुछ परिस्थितियों में किसी पुरुष को दूसरी शादी की अनुमति देता है। फिर भी यदि विवाह का पंजीकरण किया जाता है तो देश का कानून लागू होगा। तब धर्म संवैधानिक अधिकारों के आगे गौण हो जाता है।यह टिप्पणी एक मुस्लिम पुरुष और उसकी...

आर्थिक अक्षमता का बहाना नहीं चलेगा: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने ग्रेच्युटी रोकने को अनुच्छेद 21 का उल्लंघन बताया
आर्थिक अक्षमता का बहाना नहीं चलेगा: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने ग्रेच्युटी रोकने को अनुच्छेद 21 का उल्लंघन बताया

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट फैसला सुनाया कि राज्य संस्थाएं अपने कर्मचारियों को सेवांत लाभ (Terminal Benefits) प्रदान करने की वैधानिक बाध्यता को पूरा करने के लिए आर्थिक अक्षमता को बहाना नहीं बना सकती हैं। कोर्ट ने कहा कि इन लाभों को जारी करने की जिम्मेदारी से मुंह मोड़ना संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन के अधिकार) का उल्लंघन है।जस्टिस महेश्वर राव कुंचेम ऐसे मामले की सुनवाई कर रहे थे जहां कृष्ण जिला सहकारी केंद्रीय बैंक (DCCB) जो कि अनुच्छेद 12 के तहत 'राज्य' के दायरे में आता है, उनके रिटायर...

सामान्य वैवाहिक जीवन में महज ताने दिए जाना और पारिवारिक कलह क्रूरता नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
सामान्य वैवाहिक जीवन में महज ताने दिए जाना और पारिवारिक कलह क्रूरता नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि वैवाहिक जीवन में सामान्य उतार-चढ़ाव के दौरान केवल ताने आकस्मिक संदर्भ और सामान्य पारिवारिक कलह क्रूरता का अपराध नहीं माना जा सकता।जस्टिस अमित महाजन ने कहा कि सबूतों के अभाव में भी पति के दूर के रिश्तेदारों को भी जो वैवाहिक घर में रहते भी नहीं हैं, घसीटने की प्रवृत्ति बढ़ रही है।कोर्ट ने तर्क दिया कि ऐसा केवल क्रूरता के कथित कृत्यों में उनकी सक्रिय भागीदारी को उजागर करने के लिए किया जाता है, क्योंकि ऐसे रिश्तेदार पक्षकारों के वैवाहिक कटुता से अवगत हो सकते हैं।जज ने...

सार्वजनिक विश्वास से जुड़े धोखाधड़ी के मामले में समझौता आपराधिक दायित्व को समाप्त नहीं कर सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट
सार्वजनिक विश्वास से जुड़े धोखाधड़ी के मामले में समझौता आपराधिक दायित्व को समाप्त नहीं कर सकता: पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट

पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक विश्वास से जुड़े धोखाधड़ी के मामलों में पक्षों के बीच समझौता आपराधिक दायित्व को समाप्त नहीं कर सकता। कोर्ट ने कहा कि ऐसे अपराध निजी विवादों के दायरे से परे होते हैं और सार्वजनिक संस्थाओं की अखंडता पर आघात करते हैं।याचिकाकर्ता पर सरकारी नौकरी का वादा करके शिकायतकर्ता से 4.5 लाख की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया गया।जस्टिस सुमीत गोयल ने अग्रिम ज़मानत खारिज करते हुए कहा,"याचिकाकर्ता ने सोची-समझी और कपटपूर्ण तरीके से शिकायतकर्ता और उसके परिवार के सदस्यों...

JNU के क्रॉस-वोटिंग नियम पर मुहर: हाईकोर्ट ने आंतरिक शिकायत समिति चुनाव में हस्तक्षेप से किया इनकार
JNU के क्रॉस-वोटिंग नियम पर मुहर: हाईकोर्ट ने आंतरिक शिकायत समिति चुनाव में हस्तक्षेप से किया इनकार

दिल्ली हाईकोर्ट ने जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) का निर्णय बरकरार रखा, जिसके तहत यौन उत्पीड़न मामलों से संबंधित आंतरिक शिकायत समिति (IC) के स्टूडेंट प्रतिनिधियों के चुनाव में स्टूडेंट्स को सभी निर्वाचन क्षेत्रों स्नातक, स्नातकोत्तर और शोध स्टूडेंट मतदान करने की अनुमति दी गई थी।जस्टिस मिनी पुष्करणा की पीठ ने कहा कि चुनावी विवादों में न्यायिक हस्तक्षेप केवल तभी वारंट होता है, जब अवैधता या अनुचितता का स्पष्ट सुसंगत और विश्वसनीय प्रमाण हो। कोर्ट ने ज़ोर देकर कहा कि बिना किसी वास्तविक पूर्वाग्रह को...

बिहार विधानसभा चुनाव | हाईकोर्ट ने नामांकन रद्द होने को चुनौती देने वाली उम्मीदवारों की रिट याचिकाएं खारिज कीं
बिहार विधानसभा चुनाव | हाईकोर्ट ने नामांकन रद्द होने को चुनौती देने वाली उम्मीदवारों की रिट याचिकाएं खारिज कीं

पटना हाईकोर्ट ने आगामी 6 और 11 नवंबर को होने वाले बिहार विधानसभा चुनावों में क्रमशः राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और लोक जनशक्ति पार्टी (LJSP) के दो उम्मीदवारों के नामांकन रद्द होने को चुनौती देने वाली दो रिट याचिकाओं पर विचार करने से इनकार किया।जस्टिस ए अभिषेक रेड्डी ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 329(बी) के तहत विशिष्ट प्रतिबंध और उम्मीदवारों के लिए वैकल्पिक उपायों की उपलब्धता का हवाला दिया।याचिकाकर्ताओं में से एक राजद उम्मीदवार श्वेता सुमन ने अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित मोहनिया विधानसभा क्षेत्र...

हाईकोर्ट ने धोनी के मानहानि मुकदमे में IPS की अर्जी खारिज की, पूछा- आपको क्या आपत्ति है?
हाईकोर्ट ने धोनी के मानहानि मुकदमे में IPS की अर्जी खारिज की, पूछा- आपको क्या आपत्ति है?

मद्रास हाईकोर्ट ने सोमवार को रिटायर आईपीएस अधिकारी जी. संपत कुमार की अपील खारिज की, जिसमें उन्होंने क्रिकेटर एमएस धोनी के खिलाफ दायर मानहानि के मुकदमे में साक्ष्य दर्ज करने के लिए वकील आयुक्त (Advocate Commissioner) की नियुक्ति को चुनौती दी थी।जस्टिस एसएम सुब्रमण्यम और जस्टिस मोहम्मद शफीक की खंडपीठ ने टिप्पणी की कि धोनी राष्ट्रीय स्तर के क्रिकेटर हैं। सुनवाई के दौरान उनकी अदालत में उपस्थिति से सुरक्षा संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। साथ ही अदालत की कार्यवाही में भी असुविधा हो सकती है। कोर्ट ने...

आपसी विश्वास सुनहरा धागा: एमपी हाईकोर्ट ने झूठे आरोपों को क्रूरता मानते हुए पति को दी तलाक की अनुमति
आपसी विश्वास सुनहरा धागा: एमपी हाईकोर्ट ने झूठे आरोपों को क्रूरता मानते हुए पति को दी तलाक की अनुमति

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने वैवाहिक संबंध में आपसी विश्वास (Mutual Trust) को सुनहरा धागा (Golden Thread) बताते हुए टिप्पणी की कि जब एक जीवनसाथी दूसरे पर बेबुनियाद और मानहानिकारक आरोप लगाता है तो यह विश्वास टूट जाता है। कोर्ट ने पत्नी द्वारा लगाए गए झूठे आरोपों को क्रूरता मानते हुए और लंबे समय तक परित्याग (Desertion) के आधार पर पति को तलाक की मंजूरी दी।कोर्ट ने कहा,"वैवाहिक संबंध में आपसी विश्वास वह सुनहरा धागा है, जो विवाहित जोड़ों के जीवन में स्नेह और प्रशंसा बुनता है। जब एक पक्ष दूसरे पर बेबुनियाद...

मजिस्ट्रेट सुरक्षित संपत्ति पर कब्ज़ा करते समय पुलिस खर्च वहन करने का निर्देश सुरक्षित ऋणदाता को नहीं दे सकते: राजस्थान हाईकोर्ट
मजिस्ट्रेट सुरक्षित संपत्ति पर कब्ज़ा करते समय पुलिस खर्च वहन करने का निर्देश सुरक्षित ऋणदाता को नहीं दे सकते: राजस्थान हाईकोर्ट

राजस्थान हाईकोर्ट ने हाल ही में फैसला सुनाया कि कोई मजिस्ट्रेट वित्तीय आस्तियों के प्रतिभूतिकरण एवं पुनर्निर्माण तथा प्रतिभूति हित प्रवर्तन अधिनियम, 2002 (SARFAESI Act) की धारा 14 के तहत सुरक्षित संपत्ति पर कब्ज़ा करते समय किसी सुरक्षित ऋणदाता को पुलिस सहायता के लिए खर्च जमा करने का निर्देश नहीं दे सकता।जस्टिस आशुतोष कुमार की पीठ ने यह फैसला अलवर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (CJM) द्वारा एक वित्तीय कंपनी और उसके ऋणदाताओं के बीच विवाद में लगाई गई शर्त को खारिज करते हुए सुनाया।न्यायालय ने...

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियम के तहत PMLA के आरोपियों को ED जांच में प्रत्यक्ष उपस्थिति से बचने का कोई विकल्प नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियम के तहत PMLA के आरोपियों को ED जांच में प्रत्यक्ष उपस्थिति से बचने का कोई विकल्प नहीं: दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को फैसला सुनाया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग नियम, प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में प्रत्यक्ष और अनिवार्य उपस्थिति से बचने के लिए धन शोधन के आरोपियों के लिए एक आश्रय के रूप में काम नहीं करते हैं।जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा साक्ष्य रिकॉर्डिंग की सुविधा के लिए है, न कि किसी फरार आरोपी को अनिवार्य जांच का सामना करने से बचाने के लिए।यह देखते हुए कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की शुरुआत मुकदमे की प्रगति को सुगम बनाने और उन गवाहों को कम से कम असुविधा...

देश का सबसे अमीर नगर निगम नागरिकों की सुरक्षा करने में विफल: राज्य मानवाधिकार आयोग ने BMC पर लगाया ₹12 लाख का जुर्मान
देश का सबसे अमीर नगर निगम नागरिकों की सुरक्षा करने में विफल: राज्य मानवाधिकार आयोग ने BMC पर लगाया ₹12 लाख का जुर्मान

महाराष्ट्र राज्य मानवाधिकार आयोग (MSHRC) ने बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) पर 12 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना तब लगाया गया, जब उसे पता चला कि नगर निगम ने अपने एक अस्पताल में मरीजों का इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम करने के लिए 'प्रशिक्षित' चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं की थी।ऐसा करके मानवाधिकार आयोग ने कहा कि किसी वार्ड बॉय या सफाईकर्मी को मरीज का इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ECG) करने की अनुमति देना बुनियादी मानवाधिकारों का स्पष्ट उल्लंघन है।MSHRC के अध्यक्ष जस्टिस (रिटायर) अनंत बदर की...

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम में अनधिकृत निर्माण हटाने का आदेश रद्द किया, मालिकों की सुनवाई के बाद नए सिरे से फैसला सुनाने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम में अनधिकृत निर्माण हटाने का आदेश रद्द किया, मालिकों की सुनवाई के बाद नए सिरे से फैसला सुनाने का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें गुरुग्राम के डीएलएफ सिटी में अनधिकृत और अवैध निर्माणों को हटाने का निर्देश दिया गया था। कोर्ट ने कहा कि मुकदमों में पक्षकार न बनाए गए मालिकों को सुनवाई का अवसर दिए बिना ऐसा व्यापक निर्देश जारी नहीं किया जा सकता।इसके बजाय कोर्ट ने हाईकोर्ट के समक्ष दायर रिट याचिका को बहाल कर दिया और सभी प्रभावित मालिकों को निर्देश दिया कि वे आदेश अपलोड होने की तारीख से दो सप्ताह के भीतर, यानी 11 नवंबर तक कार्यवाही में शामिल होने का...

बैंकों को पहले ही वसूल की जा चुकी राशि पर ब्याज लेना बंद करना चाहिए: किंगफिशर के बकाया कर्ज पर विजय माल्या ने कर्नाटक हाईकोर्ट में कहा
'बैंकों को पहले ही वसूल की जा चुकी राशि पर ब्याज लेना बंद करना चाहिए': किंगफिशर के बकाया कर्ज पर विजय माल्या ने कर्नाटक हाईकोर्ट में कहा

भगोड़े शराब कारोबारी विजय माल्या कर्नाटक हाईकोर्ट में दलील दी है कि बैंकों को पहले ही वसूल की जा चुकी राशि पर ब्याज लेना बंद करना चाहिए। माल्या ने अपने और अपनी पूर्ववर्ती एयरलाइन किंगफिशर (यूनाइटेड ब्रुअरीज होल्डिंग्स लिमिटेड) पर बकाया कर्ज की जानकारी मांगने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।जस्टिस ललिता कन्नेगंती के समक्ष माल्या की ओर से सीनियर वकील साजन पोवैया ने दलील दी कि बैंकों को बकाया राशि पहले ही मिल चुकी है और वे यह रुख नहीं अपना सकते कि कार्यवाही लंबित रहने के कारण की गई वसूली को...