संपादकीय
COVID-19 : मकान मालिकों द्वारा छात्र / श्रमिक वर्ग के किरायेदारों से किराया मांगने से रोकने की MHA की एडवाइजरी लागू करने की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को COVID -19 लॉकडाउन के दौरान मकान मालिकों को परिसर खाली करने और एक महीने के लिए किराया मांगने से रोकने के लिए गृह मंत्रालय के आदेश को लागू करने के लिए केंद्र को निर्देश देने से इनकार कर दिया।जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस एस के कौल और जस्टिस बी आर गवई की पीठ ने यह कहते हुए वकील-याचिकाकर्ताओं पवन प्रकाश पाठक और ए के पाण्डेय की याचिका को खारिज कर दिया कि शीर्ष अदालत सरकार के आदेशों को लागू नहीं कर सकती है।जस्टिस कौल ने कहा, "ये मुश्किल समय हैं और सामान्यीकृत...
प्रवासी मजदूरों को घर भेजने में किराया वसूलने की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई बंद की, कहा, " केंद्र और राज्य कदम उठा रहे हैं"
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को प्रवासी कामगारों के घर वापस लाने के मुद्दे पर दाखिल याचिका का निपटारा कर दिया है। जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस बीआर गवई की पीठ ने कहा कि इस संबंध में केंद्र और राज्यों द्वारा सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।याचिकाकर्ता के लिए वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि केंद्र सरकार को प्रवासी श्रमिकों को लाने- ले जाने के तरीके और साधन उपलब्ध कराने चाहिए। भूषण ने सवाल उठाया, "इन लोगों से लिया गया शुल्क केवल 15 प्रतिशत शुल्क है। यहां तक कि 15 प्रतिशत...
विदेश में फंसे भारतीय नागरिकों की वापसी पर केंद्र सरकार ने लिया फैसला, चरणबद्ध तऱीके से 7 मई से होगी वापसी
भारत सरकार ने सोमवार को कहा कि वह चरणबद्ध तरीके से लॉकडाउन के दौरान विदेश में फंसे भारतीय नागरिकों की वापसी की सुविधा देगी, जिसके लिए विमान और नौसेना के जहाजों द्वारा यात्रा की व्यवस्था की जाएगी। यात्रा 7 मई से चरणबद्ध तरीके से शुरू होगी। गृह मंत्रालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस संबंध में मानक संचालन प्रोटोकॉल (एसओपी) तैयार किया गया है। भारतीय दूतावास और उच्च आयोग फंसे हुए भारतीय नागरिकों की सूची तैयार कर रहे हैं। यह सुविधा भुगतान-आधार पर उपलब्ध कराई जाएगी। हवाई यात्रा के...
धारा 102 (3) सीआरपीसी: जानिए जब्त वाहन को बांड पर छोड़ने की पुलिस की शक्ति क्या है?
अभी हाल ही में मोहम्मद आरिफ जमील बनाम भारत संघ Order on I.A. No. 9/2020 in WP No. 6435/2020 के मामले में कर्नाटक उच्च न्यायालय ने यह आदेश दिया कि COVID-19 लॉकडाउन दिशानिर्देशों के उल्लंघन करने पर पुलिस द्वारा जब्त किए गए सभी वाहनों को वाहन मालिक को लौटाया जा सकेगा और ऐसा करने के लिए पुलिस अधिकारी को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 102 (3) के तहत शक्ति का प्रयोग करने की अनुमति होगी।अपने आदेश में कर्नाटक उच्च न्यायालय ने बीते गुरुवार (30-04-2020) को बेंगलुरु पुलिस को 35,000 वाहनों को छोड़ने की अनुमति...
सुप्रीम कोर्ट ने COVID-19 से मृत शवों को कब्रिस्तान में दफनाने के खिलाफ याचिका पर सुनवाई से इनकार किया, बॉम्बे हाईकोर्ट को 2 हफ्ते में फैसला करने को कहा
सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया जिसमें मुंबई के बांद्रा वेस्ट में बने कब्रिस्तान में COVID-19 के संक्रमण से मृत हुए लोगों के शवों को दफनाने पर रोक का अनुरोध किया गया था।जस्टिस आर एफ नरीमन और जस्टिस इंदिरा बनर्जी की पीठ ने सोमवार को इस मामले को बॉम्बे हाईकोर्ट के पास भेजा और कहा है कि हाईकोर्ट दो सप्ताह के भीतर मामले का निपटारा करे।पीठ ने कहा कि चूंकि बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला अंतरिम था, इसलिए ये उचित होगा कि हाईकोर्ट ही इस मामले की सुनवाई करे। गौरतलब है कि मुंबई निवासी...
सुप्रीम कोर्ट जस्टिस दीपक गुप्ता को वर्चुअल विदाई देगा, 6 मई को सीजेआई की अध्यक्षता में समारोह
लॉकडाउन के मद्देनजर, सुप्रीम कोर्ट ने 6 मई, 2020 को जस्टिस दीपक गुप्ता के लिए वर्चुअल विदाई समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया है। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की कार्यकारी समिति ने सूचित किया है कि यह समारोह बुधवार शाम 4.30 बजे आयोजित किया जाएगा, और इसकी अध्यक्षता मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे करेंगे। यह पहली बार है जब सुप्रीम कोर्ट वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किसी जज को विदाई देगा। पिछले हफ्ते, केरल उच्च न्यायालय ने भी वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से न्यायमूर्ति सीके अब्दुल रहीम को विदाई दी...
शपथ से 15 मिनट पहले कभी दखल नहीं दिया': SC ने कर्नाटक के जिला जज की ' जूनियर जज को हाईकोर्ट जज बनाने के खिलाफ याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक के एक प्रमुख जिला और सेशन जज की उस याचिका को खारिज कर दिया है , जिसमें "जूनियर जज" को कर्नाटक उच्च न्यायालय का अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त करने को चुनौती दी गई थी। ये याचिका शपथग्रहण के 15 मिनट पहले खारिज हुई।जस्टिस दीपक गुप्ता और अनिरुद्ध बोस की दो जजों की पीठ ने 30 अप्रैल के राष्ट्रपति के आदेश को रद्द करने की याचिका पर सोमवार की सुबह सुनवाई की और कहा, जस्टिस दीपक गुप्ता और अनिरुद्ध बोस एससी ने कहा,"आप ग्यारहवें घंटे में देरी से आए हैं ... शपथ ग्रहण में केवल 15...
सुप्रीम कोर्ट रजिस्टार और उससे ऊपर की रैंक के अधिकारी 4 मई से कोर्ट आएंगे, संशोधित आदेश जारी
सुप्रीम कोर्ट के रविवार को जारी एक ताजा कार्यालय आदेश में यह कहा गया है कि डिप्टी रजिस्ट्रार और उससे ऊपर के रैंक के अधिकारी या उनके समकक्ष सभी अधिकारी सोमवार, 4 मई 2020 से कार्यालय में उपस्थित होंगे। सामाजिक दूरी के बारे में सावधानियों और अपेक्षित दिशानिर्देशों के क्रम में इस आदेश में कहा गया है कि शेष कर्मचारी घर से काम करना जारी रखेंगे जब तक कि बहुत आवश्यक नहीं हो। "शेष कर्मचारी ऐसे नियमों और शर्तों पर घर से काम करना जारी रखेंगे, जैसा कि संदर्भ के तहत आदेशों द्वारा अधिसूचित किया गया है,...
धारा 295A आईपीसी: जानिए कब धार्मिक भावनाओं को आहत करना बन जाता है अपराध?
अभी हाल ही में, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने राष्ट्रीय लॉकडाउन के बीच "रामायण" धारावाहिक देखने की खुद की एक तस्वीर को ट्वीट किया था। इस ट्वीट पर वकील प्रशांत भूषण द्वारा ट्विटर पर ही कथित रूप से एक आलोचनात्मक टिपण्णी की गयी थी, जिसके चलते उनके खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की गई थी।दरअसल वकील प्रशांत भूषण ने अपने ट्विटर पर (केन्द्रीय मंत्री की तस्वीर के सम्बन्ध में) लिखा था, "लॉकडाउन के कारण करोड़ों भूखे और सैकड़ों मील घर के लिए चल रहे हैं, हमारे हृदयहीन मंत्री लोगों को रामायण और महाभारत की अफीम का...
लॉकडाउन तीसरा चरण : रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन में इन गतिविधियों की अनुमति/रोक रहेगी, पढ़िए नए दिशा निर्देश
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को देशव्यापी लॉकडाउन के तीसरे चरण के लिए दिशा निर्देशों का एक नया सेट जारी किया। लॉकडाउन का तीसरा चरण 4 मई से अगले दो सप्ताह तक प्रभावी रहेगा। जोखिम रूपरेखा के आधार पर, क्षेत्रों को रेड (हॉटस्पॉट), ग्रीन और ऑरेंज जोन के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा। ग्रीन और ऑरेंज जोन में कुछ मामलों में उल्लेखनीय छूट की अनुमति रहेगी। जोन के लिए मानदंड स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW), भारत सरकार द्वारा जारी 30 अप्रैल, 2020 के पत्र में रेड, ग्रीन और ऑरेंज ज़ोन...
केंद्र सरकार ने दो सप्ताह के लिए लॉकडाउन बढ़ाया, अधिसूचना जारी
केंद्र सरकार ने ग्रीन और ऑरैंज क्षेत्रों में "कुछ राहत" के साथ 4 मई से अगले दो सप्ताह की अवधि के लिए देशव्यापी लॉकडाउन बढ़ा दिया है। गृह मंत्रालय द्वारा लॉकडाउन के दूसरे चरण की समाप्ति के दो दिन पहले यह घोषणा की गई। केंद्र ने 24 मार्च को COVID-19 महामारी के फैलने को नियंत्रित करने के लिए 21-दिन के लॉकडाउन की घोषणा की थी। इसके बाद 14 अप्रैल को केंद्र ने 3 मई तक लॉकडाउन के विस्तार की घोषणा की।
पालघर लिंचिंग : सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से जांच की स्टेटस रिपोर्ट मांगी
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को पालघर में दो साधुओं की लिंचिंग और परिणामस्वरूप मौत की जांच के संबंध में महाराष्ट्र सरकार से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने अदालत की निगरानी में जांच और / या इस मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को हस्तांतरित करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई की, जिसमें आरोप लगाया गया था कि दो संतों की लिंचिंग में पुलिस की मिलीभगत थी।चल रही जांच पर रोक से इनकार करते हुए, अदालत ने याचिकाकर्ता, वकील शशांक शेखर झा को उसकी...
बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा, लॉकडाउन हटने के बाद भी जिन इलाकों में काम पर नहीं आ रहे मजदूर, उनकी मजदूरी काट लें मालिक
बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद पीठ ने गुरुवार को उन इलाकों में, जहां लॉकडाउन खत्म हो चुका है, नियोक्ताओं को उन मजदूरों की मजदूरी काटने की अनुमति दी, जो काम पर नहीं आ सके।गृह मंत्रालय द्वारा 29 मार्च को जारी निर्देंश, जिनमें लॉकडाउन की अवधि में कर्मचारियों को पूरी मजदूरी का भुगतान करने को कहा गया था, में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए जस्टिस आर वी घुगे ने स्पष्ट किया: "यह स्पष्ट किया जाता है कि चूंकि महाराष्ट्र ने आंशिक रूप से राज्य में कुछ औद्योगिक क्षेत्रों में लॉकडाउन खत्म कर दिया है, इसलिए...
सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात में दर्ज FIR पर प्रशांत भूषण को गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण दिया
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को वकील प्रशांत भूषण को गुजरात पुलिस द्वारा उनके खिलाफ दर्ज FIR पर गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की है जिसमें उन पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाया गया है। न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने गुजरात सरकार को नोटिस जारी किया और दो सप्ताह के बाद मामले को सूचीबद्ध किया है। पीठ ने आदेश दिया, "सुनवाई की अगली तारीख तक कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।"सुनवाई के दौरान, न्यायमूर्ति अशोक भूषण ने प्रशांत भूषण के लिए पेश...
ग्रेच्युटी कानून की धारा 4 (5) तभी लागू होती है, जब कर्मचारी पास कानून और अनुबंध के तहत विकल्प हों: सुप्रीम कोर्ट
ग्रेच्युटी कानून के क्षेत्र में एक उल्लेखनीय निर्णय देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट, 1972 की धारा 4 (5) तभी लागू होगी, जब कानून के तहत कर्मचारी के लिए विकल्प हो और अनुबंध की शर्तों के तहत कर्मचारी के साथ हो। कोर्ट ने कहा कि कर्मचारी किसी भी पैकेज को पूरा ले और दोनों विकल्पों के तहत शर्तों का 'समुच्चय' नहीं हो सकता। सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पाणियां बीसीएच इलेक्ट्रिक लिमिटेड बनाम प्रदीप मेहरा के मामले में की है, जस्टिस यूयू ललित और संजीव खन्ना की खंडपीठ ने क्लेम...
सुप्रीम कोर्ट ने शरजील इमाम के खिलाफ देश भर में दायर FIR को एक जगह करने की याचिका पर नोटिस जारी किया
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को शरजील इमाम की देश भर में उनके खिलाफ दायर एफआईआर की जांच एक ही एजेंसी से कराने की याचिका पर नोटिस जारी किया।जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने दिल्ली पुलिस को याचिका का जवाब देने का निर्देश दिया ।मामले को अगले दस दिनों के बाद सूचीबद्ध किया जाएगा।इमाम की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ दवे ने प्रस्तुत किया कि विभिन्न राज्यों द्वारा दर्ज सभी पांच एफआईआर उनके द्वारा दिए गए एक ही भाषण पर आधारित हैं। वकील ने रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी...
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, जिन माता-पिता के पास मुलाकात का हक, लॉकडाउन की अवधि में प्रत्यक्ष मुलाकात के बजाय वीडियो कॉल से करें बच्चों से मुलाकात
राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के कारण तलाक के मामलों में माता या पिता की मुलाकात अपने बच्चों से नहीं हो पा रही है, जिसे ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में इलेक्ट्रॉनिक साधनों का सहारा लिया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मुलाक़ात का अधिकार पा चुके सभी माता-पिता लॉकडाउन की अवधि में प्रत्यक्ष मुलाकातों के बजाय वीडियो कॉल आदि का प्रयोग अप्रत्यक्ष मुलाकातों का लाभ उठा सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिल्ली विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर डॉ तनुज धवन की...
तीन महीने EMI से मोहलत : सुप्रीम कोर्ट ने RBI को देखने को कहा कि लोगों को बैंक ये लाभ दे रहे हैं या नहीं
एक अहम कदम में सुप्रीम कोर्ट ने RBI से यह जांचने के लिए कहा है कि उसकी तीन महीने की EMI की मोहलत की नीति बैंकों द्वारा लागू की गई है या नहीं।जस्टिस एन वी रमना, जस्टिस एस के कौल और जस्टिस बी आर गवई की पीठ ने इस मामले में कहा, " ऐसा प्रतीत होता है कि जिन बैंकों को RBI द्वारा लाभ दिया गया है, वो लाभ लोन लेने वालों तक नहीं बढ़ाया जा रहा है। उचित दिशा-निर्देशों का उपयोग किया जाना चाहिए।"सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि तीन महीने की मोहलत पर RBI के 27 मार्च के नोटिफिकेशन पर दखल देने से इनकार कर...



















