संपादकीय

सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन सिस्टम से मुआवजे के वितरण और मोटर दुर्घटना के दावों के शीघ्र फैसले के संबंध में अतिरिक्त दिशा- निर्देश जारी किए
सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन सिस्टम से मुआवजे के वितरण और मोटर दुर्घटना के दावों के शीघ्र फैसले के संबंध में अतिरिक्त दिशा- निर्देश जारी किए

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को ऑनलाइन सिस्टम से मुआवजे के वितरण और मोटर दुर्घटना के दावों के शीघ्र फैसले के संबंध में कई निर्देश जारी किए।जस्टिस एसके कौल और जस्टिस एमएम सुंदरेश की पीठ ने बीमा कंपनी बजाज आलियांज द्वारा दायर रिट याचिका जिसमें मामले में दिशा-निर्देशों की मांग की थी, सुनवाई करते हुए इससे पहले याचिकाकर्ता को निर्देश दिया था कि वह उच्च न्यायालय के पिछले आदेशों के संदर्भ में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण के समक्ष मामलों में तेज़ी से मुआवजे के वितरण की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के...

कर्मचारी की मृत्यु की तिथि पर प्रचलित अनुकंपा नियुक्ति नीति पर ही विचार किया जाएगा, बाद की नीति पर नहीं : सुप्रीम कोर्ट
कर्मचारी की मृत्यु की तिथि पर प्रचलित अनुकंपा नियुक्ति नीति पर ही विचार किया जाएगा, बाद की नीति पर नहीं : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने दोहराया है कि कर्मचारी की मृत्यु के समय प्रचलित नीति के तहत ही अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति के लिए विचार करने की आवश्यकता होगी।न्यायमूर्ति एमआर शाह और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने कहा, "अनुकंपा नियुक्ति के लिए दावा केवल कर्मचारी के निधन की तारीख पर प्रचलित प्रासंगिक योजना के आधार पर तय किया जाना चाहिए और बाद की योजना पर विचार नहीं किया जा सकता है।"इस मामले में मृतक कर्मचारी (जो कार्यालय सहायक अभियंता, लोक स्वास्थ्य अभियंता, जिला टीकमगढ़, मध्य प्रदेश में चौकीदार के पद पर...

प्रधानमंत्री मोदी का ऐलान, केंद्र सरकार तीन विवादित कृषि कानून निरस्त करेगी
प्रधानमंत्री मोदी का ऐलान, केंद्र सरकार तीन विवादित कृषि कानून निरस्त करेगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार सुबह एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि केंद्र सरकार तीन विवादित कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए कदम उठाएगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "हमने तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने का फैसला किया है। हम आगामी संसद सत्र में कानून को निरस्त करने की प्रक्रिया प्रारंभ करेंगे।"प्रधानमंत्री मोदी ने गुरु नानक जयंती के दिन राष्ट्र के नाम एक विशेष संबोधन में कहा,"हमने तीन कृषि कानूनों को निरस्त करने का फैसला किया है। हम आगामी संसद सत्र में कानून को निरस्त करने की संवैधानिक...

सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई-आईसीएसई छात्रों की कक्षा दसवीं-बारहवीं की परीक्षा के लिए हाइब्रिड ऑप्शन की मांग खारिज की
सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई-आईसीएसई छात्रों की कक्षा दसवीं-बारहवीं की परीक्षा के लिए हाइब्रिड ऑप्शन की मांग खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को छात्रों द्वारा दायर याचिका खारिज की। याचिका में 18 नवंबर, 2021 को होनी वाली सीबीएसई-आईसीएसई छात्रों की कक्षा दसवीं-बारहवीं की परीक्षा हाइब्रिड मोड में आयोजित करने के लिए तत्काल निर्देश देने की मांग की गई थी।न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति सीटी रविकुमार की पीठ ने यह कहते हुए याचिका खारिज की कि सीबीएसई की सत्रीय परीक्षाएं 16 नवंबर से शुरू हो चुकी हैं और कोर्ट इस समय हस्तक्षेप करके प्रक्रिया को बाधित नहीं करेगा।पीठ ने अपने आदेश में यह भी नोट किया कि आईसीएसई की...

टच या शारीरिक संपर्क को केवल स्किन टू स्किन टच तक सीमित करना बेतुका: सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के POCSO फैसले को रद्द किया
'टच' या 'शारीरिक संपर्क' को केवल 'स्किन टू स्किन' टच तक सीमित करना बेतुका: सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के POCSO फैसले को रद्द किया

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट के उस विवादास्पद फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें कहा गया था कि यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत यौन उत्पीड़न के अपराध के लिए 'स्किन टू स्किन' टच आवश्यक है।न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित, न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट और न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी की पीठ ने उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ भारत के महान्यायवादी, राष्ट्रीय महिला आयोग और महाराष्ट्र राज्य द्वारा दायर अपीलों में फैसला सुनाया।सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण टिप्पणियांन्यायमूर्ति बेला...

कानून असहमति को दबाने के लिए पूर्व अफसरों ने यूएपीए के प्रावधानों को चुनौती दी, सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया 
"कानून असहमति को दबाने के लिए" पूर्व अफसरों ने यूएपीए के प्रावधानों को चुनौती दी, सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया 

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को उन याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर एक रिट याचिका पर नोटिस जारी किया - जो सभी पूर्व आईएएस / आईपीएस / आईएफएस अधिकारी रहे हैं - उन्होंने आतंकवाद विरोधी कानून गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम, 1967 के विभिन्न प्रावधानों की वैधता को चुनौती दी है।बुधवार को, भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पीठ ने याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया और निर्देश दिया कि इसे इसी तरह की याचिका के साथ टैग किया जाए।वरिष्ठ अधिवक्ता चंदर उदय...

टीवी डिबेट अधिक प्रदूषण फैला रहे हैं; हर किसी का अपना एजेंडा है: सीजेआई एनवी रमाना
टीवी डिबेट अधिक प्रदूषण फैला रहे हैं; हर किसी का अपना एजेंडा है: सीजेआई एनवी रमाना

भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमाना ने दिल्ली में वायु प्रदूषण से संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान टीवी चैनल की डिबेट के बारे में कुछ आलोचनात्मक टिप्पणी करते हुए कहा कि वे अदालत में कहे गए बयानों को एक एजेंडा के संदर्भ में लेते हैं।सीजेआई ने कहा कि टीवी डिबेट अधिक प्रदूषण फैला रहे हैं।मुख्य न्यायाधीश ने कहा,"टीवी पर होने वाली डिबेट दूसरों ज्यादा प्रदूषण पैदा कर रहे हैं। वे समझ नहीं पाते हैं। बयानों को संदर्भ से बाहर कर दिया जाता है। हर किसी का अपना एजेंडा है।" सीजेआई ने ये टिप्पणी दिल्ली की...

सुप्रीम कोर्ट ने त्रिपुरा पुलिस को यूएपीए के तहत 2 वकीलों और 1 पत्रकार के खिलाफ दर्ज मामले में कठोर कदम नहीं उठाने के निर्देश दिए
सुप्रीम कोर्ट ने त्रिपुरा पुलिस को यूएपीए के तहत 2 वकीलों और 1 पत्रकार के खिलाफ दर्ज मामले में कठोर कदम नहीं उठाने के निर्देश दिए

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को आदेश दिया कि दो वकीलों और एक पत्रकार के खिलाफ कोई कठोर कदम नहीं उठाया जाना चाहिए, जिन पर हाल ही में त्रिपुरा राज्य में हुई सांप्रदायिक हिंसा के मामले में पुलिस द्वारा उनके सोशल मीडिया पोस्ट और रिपोर्ट को लेकर गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामला दर्ज किया गया था।भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमाना, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की खंडपीठ ने दो वकीलों मुकेश और अंसारुल हक अंसार और पत्रकार श्याम मीरा सिंह द्वारा दायर रिट याचिका में...

[दिल्ली प्रदूषण] मीडिया में मेरे खिलाफ गलत बयान चलाया जा रहा कि मैंने पराली जलाने पर कोर्ट को गुमराह किया: सुप्रीम कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल ने बताया
[दिल्ली प्रदूषण] 'मीडिया में मेरे खिलाफ गलत बयान चलाया जा रहा कि मैंने पराली जलाने पर कोर्ट को गुमराह किया': सुप्रीम कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल ने बताया

सुप्रीम कोर्ट में दिल्ली के बिगड़ते वायु प्रदूषण से संबंधित मामले की सुनवाई में भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बुधवार को बताया कि वायु प्रदूषण में पराली जलाने में योगदान के बारे में सोमवार को दिए गए उनके बयान को मीडिया में गलत तरीके से चलाया गया। इस संबंध में उनके खिलाफ "गैर जिम्मेदाराना और भद्दे बयान" दिए गए।मुख्य न्यायाधीश एनवी रमाना के नेतृत्व वाली पीठ से सॉलिसिटर जनरल ने कहा,"मुझे शुरुआत में ही कुछ कहना है। मैंने टेलीविजन मीडिया पर अपने खिलाफ कुछ गैर-जिम्मेदार और भद्दे बयान सुने कि...

मोटर वाहन अधिनियम धारा 163 A:  गैर- कमाऊ सदस्य के लिए प्रति वर्ष 15,000 की काल्पनिक आय निर्धारित करना न्यायसंगत नहीं क्योंकि अनुसूची- II में अभी तक संशोधन नहीं किया गया : सुप्रीम कोर्ट
मोटर वाहन अधिनियम धारा 163 A:  गैर- कमाऊ सदस्य के लिए प्रति वर्ष 15,000 की काल्पनिक आय निर्धारित करना न्यायसंगत नहीं क्योंकि अनुसूची- II में अभी तक संशोधन नहीं किया गया : सुप्रीम कोर्ट

झारखंड उच्च न्यायालय, रांची के फैसले से पीड़ित अपीलकर्ता दावेदारों द्वारा दी गई एक दीवानी अपील से निपटने के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बार-बार निर्देशों के बावजूद, मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की अनुसूची- II में अभी तक संशोधन नहीं किया गया है।न्यायमूर्ति आर सुभाष रेड्डी और न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय की पीठ ने कुर्वान अंसारी उर्फ ​​कुर्वान अली और अन्य बनाम श्याम किशोर मुर्मू और अन्य मामले में सिविल अपील को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए यह कहा कि,"इस मामले में, यह ध्यान दिया जाना है कि दुर्घटना...

अनुशासनात्मक कार्यवाही में वकील या अपनी पसंद के एजेंट द्वारा प्रतिनिधित्व कराने का अधिकार पूर्ण नहीं है: सुप्रीम कोर्ट
अनुशासनात्मक कार्यवाही में वकील या अपनी पसंद के एजेंट द्वारा प्रतिनिधित्व कराने का अधिकार पूर्ण नहीं है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अनुशासनात्मक कार्यवाही में किसी वकील या अपनी पसंद के एजेंट द्वारा प्रतिनिधित्व कराने का अधिकार 'पूर्ण अधिकार' नहीं है।कोर्ट ने कहा कि कानूनी रूप से प्रतिनिधित्व करने का ऐसा अधिकार इस बात पर निर्भर करता है कि नियम इस तरह के प्रतिनिधित्व को कैसे नियंत्रित करते हैं। बेंच ने कहा, हालांकि, यदि आरोप गंभीर और जटिल प्रकृति का है, तो वकील या एजेंट के माध्यम से प्रतिनिधित्व करने के अनुरोध पर विचार किया जाना चाहिए (मामला: अध्यक्ष, भारतीय स्टेट बैंक एवं अन्य बनाम एमजे जेम्स)।इस...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
"जमानत देने के लिए सख्त शर्तें लगाना जमानत से इनकार करने के समान": सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में कहा कि जमानत देने के लिए सख्त शर्तें लगाना जमानत से इनकार करने के समान है।कोर्ट ने कहा, "हमारा विचार है कि जमानत देने के लिए सख्त शर्तें लगाना जमानत से इनकार करने के समान है।" न्यायमूर्ति नागेश्वर राव और न्यायमूर्ति बीआर गवई की खंडपीठ ने उड़ीसा उच्च न्यायालय के आदेश को रद्द करते हुए याचिकाकर्ता को 20 लाख रुपये नकद जमा करने और जमानत के लिए 20 लाख रुपये की अचल संपत्ति को सिक्योरिटी के रूप में रखने पर जमानत देने का निर्देश दिया।याचिकाकर्ता भारतीय दंड संहिता की धारा 467,...

आपराधिक अपील को केवल इसलिए खारिज नहीं किया जा सकता कि अपीलकर्ता ने सजा काट ली है: सुप्रीम कोर्ट
आपराधिक अपील को केवल इसलिए खारिज नहीं किया जा सकता कि अपीलकर्ता ने सजा काट ली है: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दोषसिद्धि के खिलाफ अपील को केवल इसलिए खारिज नहीं किया जा सकता है कि दोषी अपीलकर्ता ने ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई सजा को पूरा कर लिया है।न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की पीठ ने कहा कि अपील को केवल इसलिए खारिज नहीं किया जा सकता है कि दोषी अपीलकर्ता ने सजा काट ली है।इस मामले में अपीलकर्ता-दोषी द्वारा दायर एक नियमित आपराधिक अपील को पंजाब एंड हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा इस आधार पर खारिज कर दिया गया था कि अपीलकर्ता के लिए कोई भी पेश नहीं हुआ था। अदालत...

सुप्रीम कोर्ट, दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता की नियुक्ति को चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज की

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को पंजाब के पुलिस महानिदेशक के रूप में दिनकर गुप्ता की नियुक्ति को बरकरार रखने के पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ दायर विशेष अनुमति याचिकाओं को खारिज कर दिया।जस्टिस एल नागेश्वर राव, जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस बीआर गवई की पीठ ने आईपीएस अधिकारी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय और मोहम्मद मुस्तफा की याचिकाओं को खारिज किया, जिन्होंने 7 फरवरी, 2019 को दिनकर गुप्ता को पंजाब डीजीपी नियुक्त करने के आदेश को चुनौती दी थी।पीठ ने 15 सितंबर,2021 को याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया...

एक स्वीकृत पद पर दो व्यक्तियों की नियुक्ति नहीं की जा सकती क्योंकि इससे राज्य पर गंभीर वित्तीय बोझ पड़ेगा : सुप्रीम कोर्ट
एक स्वीकृत पद पर दो व्यक्तियों की नियुक्ति नहीं की जा सकती क्योंकि इससे राज्य पर गंभीर वित्तीय बोझ पड़ेगा : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार (13 नवंबर) को माना कि एक स्वीकृत पद पर दो व्यक्तियों की नियुक्ति नहीं की जा सकती क्योंकि इससे राज्य पर गंभीर वित्तीय बोझ पड़ेगा।जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस ए एस बोपन्ना ने अपीलकर्ताओं, जजशिप ऑफ मुरादाबाद में तीन स्टेनोग्राफरों द्वारा दायर एक याचिका को खारिज कर दिया, जिनकी नियुक्तियों को शुरू में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के एकल न्यायाधीश द्वारा रद्द कर दिया गया था और बाद में डिवीजन बेंच द्वारा इसकी पुष्टि की गई थी।तथ्यात्मक पृष्ठभूमिमामला 1987 का है जब जजशिप ऑफ मुरादाबाद में...

देश भर में सड़कों पर 15-20 लाख बच्चे, एनसीपीसीआर का अनुमान; सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को तुरंत पहचान प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया
देश भर में सड़कों पर 15-20 लाख बच्चे, एनसीपीसीआर का अनुमान; सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को तुरंत पहचान प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया

देश भर में सड़कों पर 15-20 लाख बच्चे, एनसीपीसीआर का अनुमान; सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को तुरंत पहचान प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के सभी जिलाधिकारियों / कलेक्टरों को सड़कों पर आ गए बच्चों की देखभाल और संरक्षण के लिए एनसीपीसीआर द्वारा 2020 में तैयार की गई मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार कदम उठाने का निर्देश दिया।बेंच वर्तमान में एमिकस क्यूरी गौरव अग्रवाल द्वारा दायर एक आवेदन पर सुनवाई कर रही है, जिसमें उन बच्चों के...

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दिल्ली हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में एडवोकेट सौरभ कृपाल की पदोन्नति की सिफारिश की
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दिल्ली हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में एडवोकेट सौरभ कृपाल की पदोन्नति की सिफारिश की

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 11 नवंबर 2021 को हुई अपनी बैठक दिल्ली हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में एडवोकेट सौरभ कृपाल को पदोन्नत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।इस संबंध में जारी बयान में कहा गया है,"सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 11 नवंबर, 2021 को हुई अपनी बैठक में एडवोकेट सौरभ कृपाल को दिल्ली उच्च न्यायालय में न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।"मीडिया रिपोर्टों के अनुसार अक्टूबर 2017 में दिल्ली हाईकोर्ट कॉलेजियम [मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना और...

सीबीएसई की कक्षा 12 की परीक्षा: सुप्रीम कोर्ट इम्प्रूवमेंट एग्जाम में फेल होने या कम अंक मिलने पर मूल परिणाम बनाए रखने की मांग वाली छात्रों की याचिका पर सुनवाई करेगा
सीबीएसई की कक्षा 12 की परीक्षा: सुप्रीम कोर्ट इम्प्रूवमेंट एग्जाम में फेल होने या कम अंक मिलने पर मूल परिणाम बनाए रखने की मांग वाली छात्रों की याचिका पर सुनवाई करेगा

सुप्रीम कोर्ट ने 12वीं कक्षा के उन छात्रों द्वारा दायर रिट याचिका को आज 22 नवंबर के लिए स्थगित कर दिया, जिन्हें या तो फेल घोषित कर दिया गया था या इम्प्रूवमेंट एग्जाम में बहुत कम अंक दिए गए थे, जिसमें सीबीएसई को निर्देश जारी करने की मांग की गई थी कि वे अपने मूल परिणाम (Original result)को रद्द न करें, जिसमें उन्हें पास घोषित किया गया है।न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति सीटी रविकुमार की पीठ ने छात्रों की ओर से पेश अधिवक्ता ममता शर्मा को सीबीएसई के सरकारी वकील और केंद्रीय मानव संसाधन विकास...