मुख्य सुर्खियां
व्यभिचार में रहने वाली पत्नी घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत पति से भरण-पोषण की हकदार नहीं : कर्नाटक हाईकोर्ट
कर्नाटक हाईकोर्ट ने माना है कि एक पत्नी घरेलू हिंसा अधिनियम की धारा 12 के तहत अपने पति से भरण-पोषण का दावा नहीं कर सकती, जब वह किसी अन्य व्यक्ति के साथ व्यभिचारी संबंध में हो। जस्टिस राजेंद्र बदामीकर की एकल न्यायाधीश पीठ ने सत्र अदालत के आदेश को रद्द करने की मांग करने वाली पत्नी द्वारा दायर पुनरीक्षण याचिका को खारिज कर दिया, जिसने बदले में मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा पत्नी के पक्ष में दिए गए भरण-पोषण के आदेश को रद्द कर दिया था।पीठ ने कहा," पेश किए गए मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्य स्पष्ट रूप से स्थापित...
आपराधिक मामले में बरी होने के बावजूद सार्वजनिक रोजगार के लिए चरित्र की उपयुक्तता निर्धारित करने के लिए सरकार स्वयं जांच कर सकती है: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने कहा कि आपराधिक मामलों में बरी होने के बावजूद, जब सरकार किसी व्यक्ति के चरित्र और पूर्ववृत्त के बारे में राय बनाने में असमर्थ होती है तो वह उम्मीदवार के चरित्र का आकलन करने के लिए स्वतंत्र और अलग जांच कर सकती है।जस्टिस ए.मुहम्मद मुश्ताक और जस्टिस शोबा अन्नम्मा ईपेन की खंडपीठ ने कहा कि सरकार किसी उम्मीदवार को सार्वजनिक सेवा में रोजगार प्राप्त करने के लिए केवल इसलिए अयोग्य नहीं ठहरा सकती, क्योंकि उसके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया। इसमें कहा गया कि सरकार उम्मीदवार के चरित्र और...
वैवाहिक रिश्ते से वंचित करना 'अत्यधिक क्रूरता': दिल्ली हाईकोर्ट ने पति की तलाक लेने की मांग वाली याचिका मंज़ूर की
दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी विवाहित जोड़े को एक-दूसरे के साथ वैवाहिक रिश्ते से वंचित किया जाना अत्यधिक क्रूरता का कार्य है। जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस नीना बंसल कृष्णा की खंडपीठ ने हिंदू विवाह अधिनियम, 1956 की धारा 13 (1) (आईए) के तहत पत्नी द्वारा क्रूरता के आधार पर पति को तलाक देने के पारिवारिक अदालत के आदेश को बरकरार रखा।अदालत ने पत्नी की अपील को खारिज करते हुए कहा कि जिन पक्षकारों ने 2012 में शादी की थी, वे अपनी शादी को कायम रखने में असमर्थ हैं, क्योंकि वे केवल दस महीने ही एक साथ...
केरल हाईकोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा काट रहे दोषी को एलएलबी कोर्स करने की अनुमति दी; ऑनलाइन मोड द्वारा एमडिशन लेने की अनुमति दी
केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार को ओपन जेल और सुधार गृह, चीमेनी, कन्नूर में आजीवन कारावास की सजा काट रहे दोषी के लिए ऑनलाइन मोड में केएमसीटी लॉ कॉलेज के अधिकारियों को 3-वर्षीय एलएलबी प्रोग्राम में एडमिश प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया।जस्टिस डॉ. ए.के. जयशंकरन नांबियार और जस्टिस डॉ. कौसर एडप्पागथ की खंडपीठ ने दोषी की पत्नी को सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ आज दोपहर 12 बजे कॉलेज में उपस्थित होने और फीस जमा करने का निर्देश दिया। न्यायालय ने याचिकाकर्ता को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग लिंकसे उपस्थित होने का...
कर्नाटक हाईकोर्ट ने व्यभिचारी पत्नी को भरण-पोषण देने से किया इनकार, कहा- व्यभिचार में रहने वाली पत्नी घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत पति से भरण-पोषण की हकदार नहीं
कर्नाटक हाईकोर्ट ने माना कि पत्नी घरेलू हिंसा अधिनियम की धारा 12 के तहत अपने पति से भरण-पोषण का दावा नहीं कर सकती, जब वह किसी अन्य व्यक्ति के साथ व्यभिचारी संबंध में हो।जस्टिस राजेंद्र बदामीकर की एकल न्यायाधीश पीठ ने सत्र अदालत का आदेश रद्द करने की मांग करने वाली पत्नी द्वारा दायर पुनर्विचार याचिका खारिज कर दी, जिसने बदले में मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा पत्नी के पक्ष में दिए गए भरण-पोषण के आदेश रद्द कर दिया था।पीठ ने कहा,“मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्य स्पष्ट रूप से स्थापित करते हैं कि याचिकाकर्ता अपने...
सनातन धर्म विवाद: मद्रास हाईकोर्ट में दायर याचिका में उदयनिधि स्टालिन, शेखर बाबू और ए राजा के पद पर बने रहने के अधिकार पर सवाल उठाया, कहा- इन्होंने शपथ का उल्लंघन किया
मद्रास हाईकोर्ट में क्वो वारंटो की प्रकृति में तीन याचिकाएं दायर की गई हैं, जिसमें यह दिखाने की मांग की गई है कि किस अधिकार के तहत खेल मंत्री उदयनिधि स्टालिन, एचआरसीडब्ल्यू मंत्री शेखर बाबू और सांसद ए राजा सनातन धर्म पर अपनी हालिया टिप्पणियों के आलोक में सार्वजनिक पद पर बने हुए हैं। जस्टिस अनिता सुमंत ने याचिकाकर्ताओं को 11 अक्टूबर तक अपने दावों का सबूत पेश करने का निर्देश दिया है। याचिकाएं हिंदू मुन्नानी संगठन के पदाधिकारियों - टी मनोहर, किशोर कुमार और वीपी जयकुमार ने अपनी व्यक्तिगत क्षमता...
पुणे में 2018 सनबर्न फेस्टिवल पर हमला करने के लिए बम बनाने के आरोपी सनातन संस्था के कथित सदस्य वैभव राउत को बॉम्बे हाईकोर्ट ने जमानत दी
बॉम्बे हाईकोर्ट ने हाल ही में नालासोपारा आर्म्स हॉल केस के मुख्य आरोपी वैभव राउत को जमानत दी। उसे 2018 में दक्षिणपंथी समूह सनातन संस्था का सदस्य होने और सनबर्न फेस्टिवल पर क्रूड बम से हमले की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।महाराष्ट्र के आतंकवाद विरोधी दस्ते को राउत के घर में आठ क्रूड बम मिले, जबकि एक गोदाम से 12 क्रूड बम बरामद हुए, साथ ही एक डायरी भी मिली जिसमें क्रूड बमों के लिए उनकी योजना और तैयारी का विवरण था।हालांकि, जस्टिस रेवती मोहिते डेरे और जस्टिस गौरी गोडसे की खंडपीठ ने...
विवाह के समय वैवाहिक पक्षों के बीच पैसे के आदान-प्रदान के लिए दस्तावेजी साक्ष्य की अपेक्षा करना अनुचित: केरल हाईकोर्ट
केरल हाईकोर्ट ने विवाह संबंधी विवाद में पति को विवाह के समय पत्नी के परिजनों की ओर से दिए गए धन को पत्नी को लौटाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने इस तथ्य के बावजूद कि यह आदेश दिया है कि धन के स्रोत या धन सौंपने को साबित करने के लिए कोई दस्तावेजी सबूत नहीं है।जस्टिस अनिल के नरेंद्रन और जस्टिस सोफी थॉमस ने कहा कि वैवाहिक मामलों में, शादी के दौरान हर लेनदेन को साबित करने के लिए दस्तावेजी साक्ष्य पर जोर नहीं दिया जा सकता है। अदालत ने शादी के समय दिए गए धन के संबंध में पत्नी के पिता और भाई द्वारा दी...
न्यूज़क्लिक गिरफ्तारियां: दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रबीर पुरकायस्थ की याचिका पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा, रिमांड आदेश में गड़बड़ बताई
दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को न्यूज़क्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ की ओर से दायर याचिका पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा। प्रबीर ने अपनी याचिका में पोर्टल पर चीन समर्थक प्रचार के लिए धन प्राप्त करने के आरोपों के बाद दर्ज यूएपीए मामले में अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी है।जस्टिस तुषार राव गेडेला ने न्यूज पोर्टल के एचआर हेड अमित चक्रवर्ती की ओर से दायर इसी तरह की याचिका पर दिल्ली पुलिस से भी जवाब मांगा और याचिकाओं को सोमवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।पुरकायस्थ और चक्रवर्ती ने दिल्ली पुलिस की...
बलात्कार के मामलों में एफआईआर दर्ज करने में देरी अगर उचित स्पष्टीकरण दिया जाए तो अभियोजन पक्ष के लिए घातक नहीं होगा : झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने दोहराया है कि बलात्कार के मामलों में जहां परिवार की गरिमा और प्रतिष्ठा खतरे में हो, वहां एफआईआर दर्ज करने में देरी को अभियोजन पक्ष के मामले के लिए घातक नहीं माना जाना चाहिए। जस्टिस सुभाष चंद ने कहा,“वास्तव में, बलात्कार के मामले में जिसमें परिवार की गरिमा और प्रतिष्ठा दांव पर होती है, यह तय करने में भी समय लगता है कि एफआईआर दर्ज की जाए या नहीं। यदि ठोस और भरोसेमंद सबूत हों तो बलात्कार के मामले में एफआईआर दर्ज करने में देरी अभियोजन के लिए घातक नहीं हो सकती।''पीठ 2008 की एक...
'आदिवासी व्यक्ति के लिए मामूली मुद्दों पर आपा खोना असामान्य बात नहीं': उड़ीसा हाईकोर्ट ने आदिवासी व्यक्ति की हत्या की सजा को गैर इरादतन हत्या में बदला
उड़ीसा हाईकोर्ट ने तीर चलाकर एक व्यक्ति की हत्या करने के आरोपी आदिवासी व्यक्ति की सजा को हत्या से गैर इरादतन हत्या में बदल दिया। जस्टिस संगम कुमार साहू और जस्टिस सिबो शंकर मिश्रा की खंडपीठ ने आरोपी-अपीलकर्ता को आंशिक राहत देते हुए कहा,“वास्तव में रिकॉर्ड पर ऐसी कोई सामग्री नहीं है कि अपीलकर्ता और मृतक के बीच किसी भी तरह की पिछली दुश्मनी थी और इसके अलावा ऐसा प्रतीत होता है कि उस दुर्भाग्यपूर्ण दिन अपीलकर्ता और मृतक के बीच अचानक झगड़ा हुआ और जब मृतक अपीलकर्ता को चुनौती दी कि वह उससे क्यों झगड़ा...
[मोटर एक्सीडेंट] व्यस्क बच्चों की निर्भरता मायने नहीं रखती, माता-पिता की मृत्यु पर 'कानूनी प्रतिनिधि' के रूप में मुआवजे का दावा कर सकते हैं: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने एक मोटर दुर्घटना अपील मामले में मृतक के बालिग और विवाहित बच्चों का मुआवजा यह कहते हुए बढ़ा दिया कि वे मृतक के कानूनी प्रतिनिधि हैं और यह मायने नहीं रखता कि वे पूरी तरह से मृतक पर निर्भर थे या नहीं।दावेदार जो बालिग हैं और मृतक के विवाहित बेटे और बेटी हैं, उन्होंने मोटर वाहन दुर्घटना में अपनी मां की मृत्यु के कारण मुआवजे के लिए बीमा कंपनी और अन्य उत्तरदाताओं के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 166 के तहत दावा याचिका दायर की। ट्रिब्यूनल ने मुआवज़ा तो दे दिया लेकिन यह...
विवाह के आश्वासन के बावजूद बिना सहमति के यौन संबंध बनाना बलात्कार माना जाएगा: झारखंड हाईकोर्ट
झारखंड हाईकोर्ट ने उस व्यक्ति को डिस्चार्ज करने से इनकार कर दिया, जिसने कथित तौर पर शादी के बहाने पीड़िता की सहमति ली थी लेकिन उसके साथ जबरन प्रारंभिक यौन संबंध बनाए।जस्टिस सुभाष चंद ने कहा,“शुरू से ही उसे शादी के बहाने पीड़िता की सहमति मिल गई। पीड़िता को शादी का आश्वासन देकर वह पीड़िता के प्रेमजाल में आया और 21.09.2018 को पहली बार उसने पीड़िता के साथ जबरन दुष्कर्म किया। ऐसे में यह स्वीकार नहीं किया जा सकता कि 375 का अपराध जो आईपीसी की धारा 376 के तहत दंडनीय है, याचिकाकर्ता के खिलाफ मामला नहीं...
न्यूज़क्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ, एचआर हेड ने यूएपीए मामले में गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया
न्यूज़क्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ और एचआर हेड अमित चक्रवर्ती ने पोर्टल पर चीन समर्थक प्रचार के लिए धन प्राप्त करने के आरोपों के बाद उनके खिलाफ दर्ज यूएपीए मामले में उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया है। मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस संजीव नरूला की खंडपीठ के समक्ष सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल द्वारा मामले को तत्काल सूचीबद्ध करने के लिए उल्लेख किया गया था।सिब्बल ने कहा कि गिरफ्तारी पूरी तरह से अवैध है। पीठ ने मामले को आज सूचीबद्ध करने की अनुमति दे...
कलकत्ता हाईकोर्ट ने पति की आपराधिक शिकायत खारिज की कहा, पत्नी को दृष्टिबाधित मां के साथ रहने से नहीं रोका जा सकता
कलकत्ता हाईकोर्ट ने एक व्यक्ति द्वारा अपनी पत्नी के खिलाफ दर्ज की गई आपराधिक धमकी की शिकायत को खारिज कर दिया है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि पत्नी ने उसे अपने माता-पिता के घर से बाहर निकाल दिया जहां वे रहते थे और उसकी पिटाई भी की थी। महिला अपनी दृष्टिबाधित मां के साथ रह रही थी, जो उसके कार्यस्थल के नजदीक ही है। न्यायालय ने ऐसे कारकों पर विचार किया जैसे कि वह अकेली कमाने वाली है और उसके ससुराल वाले भी मर चुके हैं।जस्टिस शंपा (दत्त) पॉल की एकल पीठ ने याचिका खारिज करने की अनुमति देते हुए...
हाईकोर्ट का गैंग रेप के आरोपियों को जमानत देने से इनकार, पीड़िता को धमकाने और पुलिस जांच को प्रभावित करने के प्रयासों का हवाला दिया
कलकत्ता हाईकोर्ट ने गैंग रेप के आरोपी याचिकाकर्ताओं को जमानत देने से इनकार कर दिया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि एक आरोपी की जन्मदिन की पार्टी में उस पर हमला किया गया था।पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसे पार्टी में शराब पीने के लिए मजबूर किया गया, जिसके बाद वह बेहोश हो गई और याचिकाकर्ताओं ने उसके साथ जबरदस्ती की।जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस गौरांग कंठ की खंडपीठ ने इससे पहले पीड़िता को परेशान करने में पुलिस की कार्रवाई और याचिकाकर्ता द्वारा चल रही जांच के दौरान उसे प्रभावित करने के प्रयासों पर गंभीर...
एससी/एसटी/ओबीसी आरक्षण 45 दिनों या उससे अधिक दिनों की अस्थायी नियुक्तियों में दिया जाएगा: केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में बताया
सुप्रीम कोर्ट को केंद्र सरकार ने सूचित किया है कि 45 दिन या उससे अधिक समय तक चलने वाली अस्थायी नियुक्तियों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण दिया जाएगा। इसमें आगे कहा गया कि सभी मंत्रालयों और विभागों को अस्थायी पदों पर इस आरक्षण को सख्ती से लागू करने के निर्देश जारी किए गए हैं। केंद्र सरकार ने अस्थायी नौकरियों में एससी/एसटी/ओबीसी आरक्षण की मांग करने वाली एक रिट याचिका का जवाब देते हुए अदालत को दिनांक 21.11.2022 कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग, कार्मिक, लोक शिकायत...
अग्रिम जमानत | POCSO Act अत्याचार अधिनियम पर तभी प्रभावी होता है जब एक्ट के तहत अपराध प्रथम दृष्टया स्थापित हो: बॉम्बे हाईकोर्ट
बॉम्बे हाईकोर्ट ने माना कि POCSO Act में अग्रिम जमानत के प्रावधान एससी और एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम में अपील के प्रावधानों पर लागू नहीं होंगे अगर एक्ट के तहत प्रथम दृष्टया आरोप आरोपी के खिलाफ नहीं बनते हैं।जस्टिस एनजे जमादार ने POCSO Act और अत्याचार अधिनियम दोनों के तहत आरोपी व्यक्ति की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा -"संक्षिप्त संदर्भ के अलावा कि जुलूस में लड़कियां थीं और उनकी वीडियोग्राफी भी की गई थी, कोई अन्य आरोप नहीं है जो प्रथम दृष्टया अधिनियम, 2012 की धारा 12 के दायरे में...
निजी विश्वविद्यालयों की डिग्री, जिसे यूजीसी ने मान्यता नहीं दी है, सरकारी नौकरियों के लिए अमान्य: जेएंडके एंड एल हाईकोर्ट
जम्मू एंड कश्मीर हाईकोर्ट ने दोहराया है कि एक निजी विश्वविद्यालय की ओर से स्टडी सेंटर या ऑफ-कैंपस सेंटर के जरिए जारी की गई डिग्री, जिसे यूजीसी से पूर्व अनुमोदन नहीं दिया है, अमान्य है। इसका उपयोग सरकारी क्षेत्र में रोजगार पाने के नहीं किया जा सकता है। जस्टिस संजय धर ने कहा कि जब याचिकाकर्ता खुद चयन के योग्य नहीं है तो वह अन्य लोगों के चयन को चुनौती नहीं दे सकता।मामले में 5 मई, 2005 को जारी एक विज्ञापन के बाद उत्तरदाताओं ने चार डेटा एंट्री ऑपरेटर पदों के लिए आवेदन किया था। आवेदकों में...
दिल्ली कोर्ट ने न्यूज़क्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ, एचआर हेड को यूएपीए मामले में एफआईआर की कॉपी प्राप्त करने की अनुमति दी
दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को न्यूज़क्लिक के संस्थापक प्रबीर पुरकायस्थ और एचआर हेड अमित चक्रवर्ती द्वारा यूएपीए के तहत उनके खिलाफ दर्ज की गई एफआईआर की कॉपी की मांग करने वाली याचिका को स्वीकार कर लिया।न्यूज़क्लिक पोर्टल पर चीन समर्थक प्रचार के लिए धन प्राप्त करने का आरोप लगाया गया है। पटियाला हाउस कोर्ट अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हरदीप कौर ने आदेश दिया कि पुरकायस्थ और चक्रवर्ती को एफआईआर की प्रति दी जाए।अदालत ने आदेश दिया,“ उपरोक्त निर्देशों के मद्देनजर वर्तमान आवेदन की अनुमति दी जाती है और...











![[मोटर एक्सीडेंट] व्यस्क बच्चों की निर्भरता मायने नहीं रखती, माता-पिता की मृत्यु पर कानूनी प्रतिनिधि के रूप में मुआवजे का दावा कर सकते हैं: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट [मोटर एक्सीडेंट] व्यस्क बच्चों की निर्भरता मायने नहीं रखती, माता-पिता की मृत्यु पर कानूनी प्रतिनिधि के रूप में मुआवजे का दावा कर सकते हैं: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट](https://hindi.livelaw.in/h-upload/2023/07/09/500x300_480347-andhra-pradesh-high-court.jpg)







