लाइवलॉ अपनी "लाइव लॉ प्रैक्टिशनर सीरीज" के तहत एक वेबिनार का आयोजन कर रहा है।
न्यायमूर्ति वी रामकुमार (पूर्व न्यायाधीश, केरल उच्च न्यायालय) सीआरपीसी की धारा 167 (2) के तहत 'निरोध' की अवधारणा- इसका दायरा, सीमा और वैधता पर बोल रहे हैं।
देखिए इसका दूसरा भाग-