JGU का 15वां दीक्षांत समारोह संपन्न, 5,604 छात्रों को मिली डिग्रियां; न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और अभिषेक मनु सिंघवी ने किया संबोधित

Update: 2026-07-29 11:59 GMT

ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी (जेजीयू) का 15वां दीक्षांत समारोह 25 और 26 जुलाई 2026 को दो दिनों तक आयोजित किया गया। इस दौरान 5,604 छात्रों को स्नातक, स्नातकोत्तर और डॉक्टरेट कार्यक्रमों की डिग्रियां प्रदान की गईं।

समारोह में विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलपति प्रो. (डॉ.) सी. राज कुमार, चांसलर नवीन जिंदल, सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा, हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के प्रोफेसर डॉ. तरुण खन्ना, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं राज्यसभा सांसद डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी तथा वर्ल्डवाइड यूनिवर्सिटी नेटवर्क के कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) डॉन फ्रेशवाटर सहित कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।

चांसलर नवीन जिंदल ने स्नातकों को बधाई देते हुए कहा कि भारत आज वैश्विक स्तर पर नई संभावनाओं के दौर में है और युवाओं की जिम्मेदारी केवल करियर बनाने तक सीमित नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की भी है। उन्होंने कहा कि अच्छी शिक्षा समाज को दिया जाने वाला सबसे बड़ा उपहार है।

मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा ने कहा कि आज की चुनौतियां युवाओं से केवल शैक्षणिक योग्यता नहीं, बल्कि संस्थानों की गरिमा बनाए रखने और कानून के शासन को मजबूत करने की अपेक्षा करती हैं। उन्होंने छात्रों से निष्पक्ष और न्यायपूर्ण समाज के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के प्रोफेसर डॉ. तरुण खन्ना ने छात्रों को जिज्ञासा बनाए रखने और असफलताओं से सीखने की सलाह देते हुए कहा कि सफलता की राह निरंतर सीखने और आगे बढ़ते रहने से बनती है।

दूसरे दिन मुख्य अतिथि डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि दीक्षांत समारोह किसी यात्रा का अंत नहीं, बल्कि नई शुरुआत है। उन्होंने कहा कि केवल ज्ञान पर्याप्त नहीं होता, बल्कि चरित्र, नैतिक मूल्य और जिज्ञासा ही व्यक्ति को समाज के प्रति उत्तरदायी बनाते हैं।

संस्थापक कुलपति प्रो. (डॉ.) सी. राज कुमार ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि जेजीयू ने 17 वर्षों में एक स्कूल से बढ़कर 12 स्कूलों वाले बहु-विषयक विश्वविद्यालय का रूप ले लिया है। आज यहां 16,000 से अधिक छात्र, 51 देशों के संकाय सदस्य और 160 से अधिक देशों के विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं। विश्वविद्यालय ने 80 से अधिक देशों के 600 से अधिक संस्थानों के साथ शैक्षणिक सहयोग स्थापित किया है।

दीक्षांत समारोह का समापन विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. दबीरू श्रीधर पटनायक के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

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