HNLU ने बैंकॉक में वैश्विक नवाचार एवं शैक्षणिक सहयोग के लिए बहुपक्षीय समझौता किया, 20 विश्वविद्यालय बने साझेदार
हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (HNLU), रायपुर ने अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को मजबूत करते हुए Association of Universities of Asia and the Pacific (AUAP)–World University Rankings for Innovation (WURI) Impact Summit 2026 के दौरान Global University Innovation and Cooperation पर एक बहुपक्षीय समझौता (MoU) पर हस्ताक्षर किए। यह शिखर सम्मेलन 9–10 जुलाई 2026 को बैंकॉक (थाईलैंड) के ICONSIAM Convention Centre में आयोजित हुआ।
इस समझौते पर दक्षिण एशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के 20 प्रमुख विश्वविद्यालयों ने हस्ताक्षर किए। इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा, नवाचार, अनुसंधान और सतत विकास के क्षेत्र में दीर्घकालिक अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देना है।
एचएनएलयू का प्रतिनिधित्व करते हुए कुलपति प्रो. (डॉ.) वी.सी. विवेकानंदन ने विश्वविद्यालय के Research Hub & Spoke (R-HaS) Model पर आधारित केस स्टडी प्रस्तुत की। उन्होंने विश्वविद्यालय के अंतर्विषयी शोध मॉडल, बाहरी वित्तपोषित अनुसंधान परियोजनाओं और समाज पर प्रभाव डालने वाले शोध कार्यों की जानकारी दी।
प्रो. विवेकानंदन ने कहा कि यह बहुपक्षीय समझौता एचएनएलयू के लिए वैश्विक शैक्षणिक साझेदारियों के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि AUAP के महासचिव प्रो. डॉ. अनूप स्वरूप और कार्यकारी सचिव डॉ. सुपापोर्न चुआंगचिड के साथ संयुक्त सम्मेलन, शोध परियोजनाओं, फैकल्टी एक्सचेंज और अन्य शैक्षणिक कार्यक्रमों पर भी सार्थक चर्चा हुई।
दो दिवसीय सम्मेलन का विषय "University Innovation in Partnership with Government: Policy, Mechanism, and Impact" था। इसमें दुनिया भर के विश्वविद्यालयों के प्रमुख, नीति-निर्माता, शिक्षाविद और नवाचार विशेषज्ञ शामिल हुए।
समझौते के तहत सहभागी विश्वविद्यालय संयुक्त शोध एवं नवाचार परियोजनाओं, शैक्षणिक कार्यक्रमों के विकास, सम्मेलन एवं कार्यशालाओं, फैकल्टी, शोधकर्ताओं और छात्रों के आदान-प्रदान, संस्थागत नीति नवाचार, उद्यमिता, स्टार्टअप सहयोग और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग करेंगे।
एचएनएलयू ने कहा कि यह समझौता विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति को और मजबूत करेगा तथा वैश्विक स्तर पर कानूनी शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में नई साझेदारियों का मार्ग प्रशस्त करेगा।