गुजरात हाईकोर्ट अगले महीने आसाराम की उस अपील पर सुनवाई करेगा, जो उसने गांधीनगर सत्र न्यायालय के उस फैसले के खिलाफ दायर की है, जिसमें उसे 2013 के बलात्कार मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

यह जानकारी मंगलवार (27 अक्टूबर) को आसाराम के वकील ने हाईकोर्ट को दी। उन्होंने बताया कि राजस्थान हाई कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ आसाराम की अपील, जिसमें उसकी दोषसिद्धि और सजा बरकरार रखी गई थी, 17 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में अंतिम सुनवाई के लिए सूचीबद्ध है।

इस दलील को सुनने के बाद जस्टिस इलेश जे. वोरा और जस्टिस प्रणव त्रिवेदी की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा:

"वकील के अनुरोध पर इस मामले को 17 नवंबर के बाद सूचीबद्ध किया जाए, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट में दायर अपील अंतिम सुनवाई के लिए तय की गई।"

अब इस मामले की अगली सुनवाई 30 नवंबर को होगी।

संक्षेप में मामला

गांधीनगर बलात्कार मामले में सेशंस कोर्ट ने आसाराम को दोषी ठहराया। उसे 2001 से 2006 के बीच अहमदाबाद स्थित अपने आश्रम में एक शिष्या के साथ बार-बार बलात्कार करने के आरोप में 2023 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।

वहीं, राजस्थान वाले मामले में आसाराम को 2013 में जोधपुर स्थित अपने आश्रम में नाबालिग पीड़िता के साथ बलात्कार करने का दोषी पाया गया और उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। राजस्थान हाईकोर्ट ने भी इस सजा को बरकरार रखा।

सुप्रीम कोर्ट ने 14 अक्टूबर को कहा कि वह राजस्थान हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ आसाराम की चुनौती पर नवंबर में सुनवाई करेगा, जिसमें उसकी दोषसिद्धि और सजा को सही ठहराया गया।

Case Title : ASHUMAL @ ASHARAM v/s STATE OF GUJARAT & ANR.

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