दिल्ली दंगों की बड़ी साज़िश का मामला: ज़मानत के लिए उमर खालिद ने दी हाईकोर्ट में अर्ज़ी, कल सुनवाई होगी

Update: 2026-07-30 14:16 GMT

उमर खालिद ने दिल्ली हाईकोर्ट में ज़मानत के लिए अर्ज़ी दी। यह मामला 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों में बड़ी साज़िश रचने के आरोप से जुड़ा है, जो UAPA के तहत दर्ज किया गया।

इस मामले की सुनवाई कल (शुक्रवार) जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह और जस्टिस विकास महाजन की डिवीज़न बेंच करेगी।

खालिद ने ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी, जिसमें 4 जुलाई को उनकी ज़मानत अर्ज़ी खारिज कर दी गई।

ट्रायल कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि गुलफिशा फातिमा और सैयद इफ़्तिखार अंद्राबी के मामले में आए फ़ैसले को सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही एक बड़ी बेंच के पास भेज दिया। इसलिए जब तक यह मुद्दा सुलझ नहीं जाता, तब तक खालिद की ज़मानत अर्ज़ी पर किसी भी आधार पर विचार नहीं किया जा सकता।

सह-आरोपी शरजील इमाम की ज़मानत अर्ज़ी खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट ने यह भी कहा था कि उनके पास सुप्रीम कोर्ट के उस फ़ैसले का पालन करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है, जिसमें दोनों की ज़मानत अर्ज़ी खारिज कर दी गई।

कोर्ट ने ध्यान दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि सुरक्षित गवाहों (Protected Witnesses) के बयान दर्ज होने के बाद या उस आदेश की तारीख से एक साल पूरा होने के बाद - जो भी पहले हो - इमाम ज़मानत के लिए फिर से अर्ज़ी दे सकते हैं।

5 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट ने गुलफिशा फातिमा, मीरा हैदर, शिफा-उर-रहमान, मो. सलीम खान और शादाब अहमद को ज़मानत दे दी थी; हालांकि, उमर खालिद और शरजील इमाम की ज़मानत अर्ज़ी खारिज कर दी थी।

इसके बाद जस्टिस बी.वी. नागरत्ना की अध्यक्षता वाली एक डिवीज़न बेंच ने 'गुलफिशा फातिमा बनाम राज्य' मामले में आए फ़ैसले पर सवाल उठाए। बेंच ने कहा कि इसमें 2021 में 'यूनियन ऑफ़ इंडिया बनाम के.ए. नजीब' मामले में तीन जजों की बेंच के फ़ैसले का ठीक से पालन नहीं किया गया। उस फ़ैसले में UAPA के तहत मामलों में ट्रायल में लंबी देरी को ज़मानत का आधार माना गया।

मई में, जस्टिस अरविंद कुमार की अध्यक्षता वाली डिवीज़न बेंच ने खालिद और शरजील की ज़मानत अर्ज़ियां खारिज कर दी थीं। बेंच ने यह भी कहा था कि 'यूनियन ऑफ़ इंडिया बनाम के.ए. नजीब' मामले में तीन जजों की बेंच के फ़ैसले को समझने को लेकर अलग-अलग बेंचों के बीच "मतभेद" है, इसलिए इस मुद्दे को एक बड़ी बेंच के पास भेज दिया गया।

2020 की FIR नंबर 59 की जांच दिल्ली पुलिस का स्पेशल सेल कर रहा है। मामला भारतीय दंड संहिता, 1860 और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 के तहत विभिन्न अपराधों के तहत दर्ज किया गया।

मामले में ताहिर हुसैन, उमर खालिद, खालिद सैफी, इशरत जहां, मीरान हैदर, गुलफिशा फातिमा, शिफा-उर-रहमान, आसिफ इकबाल तन्हा, शादाब अहमद, तस्लीम अहमद, सलीम मलिक, मोहम्मद। सलीम खान, अतहर खान, सफूरा जरगर, शरजील इमाम, फैजान खान और नताशा नरवाल आरोपी हैं।

Title: Umar Khalid v. State

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