Lay's चिप्स के पैकेट में घोषित 15 ग्राम के बजाय केवल 4 ग्राम चिप्स मिलने के मामले में जयपुर जिला उपभोक्ता आयोग-II ने PepsiCo India Holdings Pvt. Ltd. को जिम्मेदार ठहराया है। आयोग ने कंपनी को ₹5 की खरीद कीमत ब्याज सहित लौटाने, मानसिक परेशानी के लिए ₹5,000 का मुआवजा और ₹3,000 मुकदमे का खर्च देने का निर्देश दिया। वहीं, Metro Cash & Carry India Pvt. Ltd. के खिलाफ शिकायत खारिज कर दी।

आयोग के अध्यक्ष अशोक शर्मा और सदस्य अजय कुमार एवं सुप्रिया अग्रवाल की पीठ ने यह आदेश दिया।

क्या है मामला?

शिकायतकर्ता चंद्रमण जालान ने बताया कि उन्होंने 10 नवंबर 2020 को Metro Cash & Carry से अपने घर पर मेहमानों की खातिरदारी के लिए खाद्य पदार्थ खरीदे थे। इनमें PepsiCo द्वारा निर्मित Lay's चिप्स का एक पैकेट भी शामिल था।

शिकायतकर्ता के अनुसार, पैकेट खोलने पर उन्हें वह असामान्य रूप से हल्का लगा। वजन करने पर उसमें केवल 4 ग्राम चिप्स मिले, जबकि पैकेट पर 15 ग्राम वजन घोषित था। उन्होंने इस संबंध में शिकायत की, लेकिन समाधान नहीं मिलने पर 6 अप्रैल 2022 को उपभोक्ता आयोग का रुख किया।

Metro Cash & Carry ने दलील दी कि चिप्स की मात्रा में कमी विनिर्माण प्रक्रिया के दौरान हुई हो सकती है। वहीं, नोटिस मिलने के बावजूद PepsiCo आयोग के समक्ष पेश नहीं हुई और उसके खिलाफ एकपक्षीय कार्यवाही की गई।

आयोग का आदेश

मामले में उपलब्ध साक्ष्यों पर विचार करने के बाद आयोग ने PepsiCo के खिलाफ शिकायत स्वीकार कर ली और Metro Cash & Carry के खिलाफ शिकायत खारिज कर दी।

आयोग ने PepsiCo को एक महीने के भीतर ₹5 की खरीद कीमत 6% वार्षिक ब्याज सहित लौटाने, ₹5,000 का मुआवजा और ₹3,000 मुकदमे का खर्च देने का निर्देश दिया। निर्धारित अवधि में ₹8,000 का भुगतान नहीं करने पर इस राशि पर भी आदेश की तारीख से भुगतान तक 6% वार्षिक ब्याज देना होगा।

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